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मनरेगा पर कांग्रेस की प्रेस वार्ता: केंद्र की भाजपा सरकार पर मजदूर विरोधी फैसलों का आरोप, नेताओं ने दिए तीखे बयान: मनेन्द्रगढ़/एमसीबी: मनरेगा कानून में केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा किए गए बदलावों के विरोध में आज जिले में कांग्रेस पार्टी द्वारा एक संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में जिले के कार्यक्रम प्रभारी एवं पूर्व मंत्री नोबेल वर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, पूर्व विधायक गुलाब कमरों, विधायक प्रत्याशी रमेश सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल तथा जिला कांग्रेस प्रवक्ता सौरव मिश्रा ने अलग-अलग वक्तव्यों के माध्यम से केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। *पूर्व मंत्री नोबेल वर्मा ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि गरीबों को मिला संवैधानिक अधिकार था। मोदी सरकार ने इसमें बदलाव कर इस अधिकार की आत्मा को ही खत्म कर दिया है। केंद्र द्वारा अपनी हिस्सेदारी घटाकर राज्यों पर आर्थिक बोझ डालना मनरेगा को धीरे-धीरे बंद करने की साजिश है। यह फैसला पूरी तरह मजदूर विरोधी है। *जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा सरकार 100 दिन रोजगार का दावा कर जनता को गुमराह कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि पिछले 11 वर्षों में औसतन 38 दिनों से अधिक रोजगार नहीं मिला। छत्तीसगढ़ के अधिकांश गांवों में महीनों से मनरेगा कार्य बंद पड़े हैं और ग्रामीण परिवार बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। *पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने कहा कि पिछले दो दशकों से मनरेगा ने करोड़ों ग्रामीण परिवारों को सम्मान के साथ जीवन जीने का आधार दिया है। कोविड जैसी महामारी में भी यही योजना गरीबों की सबसे बड़ी ढाल बनी थी, लेकिन भाजपा सरकार अब यही सुरक्षा छीन रही है। यह सामाजिक न्याय पर सीधा हमला है। *विधायक प्रत्याशी रमेश सिंह ने कहा कि नए प्रावधानों के तहत अब सरकार तय करेगी कि किसे काम मिलेगा और किसे नहीं। पंचायतों की भूमिका लगभग समाप्त कर दी गई है, जिससे गांवों का विकास ठप हो गया है। फसल कटाई के समय काम न देने का प्रावधान गरीबों को जानबूझकर भूखा रखने जैसा है। *पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल ने कहा कि भाजपा सरकार भगवान राम के नाम पर योजनाओं का नामकरण कर जनता को भ्रमित कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि गरीबों के रोजगार और मजदूरी के अधिकार छीने जा रहे हैं। इसका सबसे अधिक असर महिला मजदूरों पर पड़ेगा। *जिला कांग्रेस प्रवक्ता सौरव मिश्रा ने कहा कि पहले मनरेगा की मजदूरी का पूरा भुगतान केंद्र सरकार द्वारा किया जाता था, जिससे कार्य निर्बाध चलता था। अब 40 प्रतिशत राशि राज्यों पर डालकर केंद्र सरकार चाहती है कि राज्य खर्च बचाने के लिए काम ही न दें। यह फैसला संघीय ढांचे और गरीब मजदूरों दोनों के खिलाफ है। प्रेस वार्ता में सभी कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में कहा कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा और गरीब मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी और आवश्यकता पड़ी तो व्यापक जनआंदोलन भी किया जाएगा। इस अवसर पर महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष रूमा चटर्जी, निर्मला चतुर्वेदी, पूनम सिंह, रामनरेश पटेल सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

9 hrs ago
user_M.D. KASIM
M.D. KASIM
Journalist Manendragarh, Manendragarh Chirimiri Bharatpur•
9 hrs ago
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मनरेगा पर कांग्रेस की प्रेस वार्ता: केंद्र की भाजपा सरकार पर मजदूर विरोधी फैसलों का आरोप, नेताओं ने दिए तीखे बयान: मनेन्द्रगढ़/एमसीबी: मनरेगा कानून में केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा किए गए बदलावों के विरोध में आज जिले में कांग्रेस पार्टी द्वारा एक संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में जिले के कार्यक्रम प्रभारी एवं पूर्व मंत्री नोबेल वर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, पूर्व विधायक गुलाब कमरों, विधायक प्रत्याशी रमेश सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल तथा जिला कांग्रेस प्रवक्ता सौरव मिश्रा ने अलग-अलग वक्तव्यों के माध्यम से केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। *पूर्व मंत्री नोबेल वर्मा ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि गरीबों को मिला संवैधानिक अधिकार था। मोदी सरकार ने इसमें बदलाव कर इस अधिकार की आत्मा को ही खत्म कर दिया है। केंद्र द्वारा अपनी हिस्सेदारी घटाकर राज्यों पर आर्थिक बोझ डालना मनरेगा को धीरे-धीरे बंद करने की साजिश है। यह फैसला पूरी तरह मजदूर विरोधी है। *जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा सरकार 100 दिन रोजगार का दावा कर जनता को गुमराह कर रही है, जबकि वास्तविकता यह है कि पिछले 11 वर्षों में औसतन 38 दिनों से अधिक रोजगार नहीं मिला। छत्तीसगढ़ के अधिकांश गांवों में महीनों से मनरेगा कार्य बंद पड़े हैं और ग्रामीण परिवार बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। *पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने कहा कि पिछले दो दशकों से मनरेगा ने करोड़ों ग्रामीण परिवारों को सम्मान के साथ जीवन जीने का आधार दिया है। कोविड जैसी महामारी में भी यही

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योजना गरीबों की सबसे बड़ी ढाल बनी थी, लेकिन भाजपा सरकार अब यही सुरक्षा छीन रही है। यह सामाजिक न्याय पर सीधा हमला है। *विधायक प्रत्याशी रमेश सिंह ने कहा कि नए प्रावधानों के तहत अब सरकार तय करेगी कि किसे काम मिलेगा और किसे नहीं। पंचायतों की भूमिका लगभग समाप्त कर दी गई है, जिससे गांवों का विकास ठप हो गया है। फसल कटाई के समय काम न देने का प्रावधान गरीबों को जानबूझकर भूखा रखने जैसा है। *पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल ने कहा कि भाजपा सरकार भगवान राम के नाम पर योजनाओं का नामकरण कर जनता को भ्रमित कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि गरीबों के रोजगार और मजदूरी के अधिकार छीने जा रहे हैं। इसका सबसे अधिक असर महिला मजदूरों पर पड़ेगा। *जिला कांग्रेस प्रवक्ता सौरव मिश्रा ने कहा कि पहले मनरेगा की मजदूरी का पूरा भुगतान केंद्र सरकार द्वारा किया जाता था, जिससे कार्य निर्बाध चलता था। अब 40 प्रतिशत राशि राज्यों पर डालकर केंद्र सरकार चाहती है कि राज्य खर्च बचाने के लिए काम ही न दें। यह फैसला संघीय ढांचे और गरीब मजदूरों दोनों के खिलाफ है। प्रेस वार्ता में सभी कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में कहा कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा और गरीब मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी और आवश्यकता पड़ी तो व्यापक जनआंदोलन भी किया जाएगा। इस अवसर पर महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष रूमा चटर्जी, निर्मला चतुर्वेदी, पूनम सिंह, रामनरेश पटेल सहित अन्य कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

  • user_Mehtab Khan
    Mehtab Khan
    कोटमा, अनूपपुर, मध्य प्रदेश
    👏
    8 hrs ago
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • Post by Ramji Kol
    1
    Post by Ramji Kol
    user_Ramji Kol
    Ramji Kol
    सिंगरौली, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • https://shuru.co.in/dl/H6NwMT Singrauli राजस्व प्रकरणों में लापरवाही पर कलेक्टर का एक्शन.. तहसीलदार सरई पर एससीएन, रीडर निलंबित.. अपने क्षेत्र की सभी वायरल विडियोज के लिए डाउनलोड करें शुरू ऐप (Shuru App) 👇🏻
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    https://shuru.co.in/dl/H6NwMT
Singrauli राजस्व प्रकरणों में लापरवाही पर कलेक्टर का एक्शन..
तहसीलदार सरई पर एससीएन, रीडर निलंबित..
अपने क्षेत्र की सभी वायरल विडियोज के लिए डाउनलोड करें शुरू ऐप (Shuru App) 👇🏻
    user_Saud pathan patrakar
    Saud pathan patrakar
    Reporter सिंगरौली, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • बहरी में मुख्यमंत्री मोहन यादव के आगमन पर झूम उठे भाजपा सांसद विधायक।
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    बहरी में मुख्यमंत्री मोहन यादव के आगमन पर झूम उठे भाजपा सांसद विधायक।
    user_Devendra Journalist_Singrauli
    Devendra Journalist_Singrauli
    Journalist Singrauli, Madhya Pradesh•
    23 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ सरकार की बड़ी घोषणा: राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि, अब केंद्र के समान 58% होगा DA रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के शासकीय सेवकों को एक बड़ी सौगात देते हुए महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के आठवें प्रदेश अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश के कर्मचारियों को अब केंद्र सरकार के समान ही भत्ता प्रदान किया जाएगा। इस निर्णय के तहत राज्य में महंगाई भत्ते को 55% से बढ़ाकर 58% करने का ऐलान किया गया है, जिससे प्रदेश के लाखों अधिकारी-कर्मचारियों को सीधा वित्तीय लाभ प्राप्त होगा। अधिवेशन के दौरान कर्मचारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कर्मचारी संघ द्वारा प्रस्तुत मांग पत्र का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संघ की ओर से पांच प्रमुख बिंदुओं पर आधारित मांगें रखी गई हैं, जिनमें से एक महत्वपूर्ण मांग ‘महंगाई भत्ते’ को तत्काल प्रभाव से पूरा करने की घोषणा की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उनकी शेष अन्य मांगें भी पूरी तरह से जायज हैं और सरकार उन पर गंभीर है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इन शेष मांगों को भी चरणबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए शासन स्तर पर हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य के विकास की गति को बनाए रखने में शासकीय कर्मचारियों का योगदान अतुलनीय है, और सरकार उनके हितों के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है
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    छत्तीसगढ़ सरकार की बड़ी घोषणा: राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि, अब केंद्र के समान 58% होगा DA
रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के शासकीय सेवकों को एक बड़ी सौगात देते हुए महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के आठवें प्रदेश अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश के कर्मचारियों को अब केंद्र सरकार के समान ही भत्ता प्रदान किया जाएगा। इस निर्णय के तहत राज्य में महंगाई भत्ते को 55% से बढ़ाकर 58% करने का ऐलान किया गया है, जिससे प्रदेश के लाखों अधिकारी-कर्मचारियों को सीधा वित्तीय लाभ प्राप्त होगा।
अधिवेशन के दौरान कर्मचारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कर्मचारी संघ द्वारा प्रस्तुत मांग पत्र का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संघ की ओर से पांच प्रमुख बिंदुओं पर आधारित मांगें रखी गई हैं, जिनमें से एक महत्वपूर्ण मांग ‘महंगाई भत्ते’ को तत्काल प्रभाव से पूरा करने की घोषणा की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उनकी शेष अन्य मांगें भी पूरी तरह से जायज हैं और सरकार उन पर गंभीर है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि इन शेष मांगों को भी चरणबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए शासन स्तर पर हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य के विकास की गति को बनाए रखने में शासकीय कर्मचारियों का योगदान अतुलनीय है, और सरकार उनके हितों के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    Journalist सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    11 min ago
  • सोशल मीडिया पर एक बच्चे का मज़ेदार वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उसके एक्सप्रेशन पर यूज़र्स ने लिखा, अब होगी पूरी फैमिली की फील्डिंग सेट।वीडियो को ह्यूमर और रिएक्शन मीम के तौर पर खूब शेयर किया जा रहा है। #Viral #TrendingReels #InternetBuzz #FunnyVideo #MemeCulture #Reels
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    सोशल मीडिया पर एक बच्चे का मज़ेदार वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उसके एक्सप्रेशन पर यूज़र्स ने लिखा, अब होगी पूरी फैमिली की फील्डिंग सेट।वीडियो को ह्यूमर और रिएक्शन मीम के तौर पर खूब शेयर किया जा रहा है।
#Viral #TrendingReels #InternetBuzz #FunnyVideo #MemeCulture #Reels
    user_द संक्षेप
    द संक्षेप
    Media company Bilaspur, Chhattisgarh•
    35 min ago
  • Post by Santosh Sao
    1
    Post by Santosh Sao
    user_Santosh Sao
    Santosh Sao
    पेंटर बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • कंपनी मांग के हिसाब से काम नहीं करेगी तो कंपनी बंद करा देंगे_ भास्कर मिश्रा कल आवेदन देंगे कलेक्टर गौरव बैंनल को
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    कंपनी मांग के हिसाब से काम नहीं करेगी तो कंपनी बंद करा देंगे_ भास्कर मिश्रा
कल आवेदन देंगे कलेक्टर गौरव बैंनल को
    user_Devendra Journalist_Singrauli
    Devendra Journalist_Singrauli
    Journalist Singrauli, Madhya Pradesh•
    23 hrs ago
  • Post by Santosh Sao
    1
    Post by Santosh Sao
    user_Santosh Sao
    Santosh Sao
    पेंटर बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • धोखे से ‘गोद’ लिया या ममता का सौदा ? मैनपाट के मजदूर दंपति ने पड़ोसी व कोलकाता के अग्रवाल परिवार पर लगाया बच्चा छीनने का आरोप, सरगुजा एसपी से शिकायत… ₹100 के स्टांप पर दस्तखत कराकर 2 माह के मासूम को ले जाने का दावा; 1 लाख रुपये के लेनदेन की भी चर्चा सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र के जामढ़ोढ़ी निवासी एक मजदूर दंपत्ति ने पुलिस अधीक्षक (SP) और पुलिस महानिरीक्षक (IG) को लिखित शिकायत सौंपकर अपने दो माह के मासूम बच्चे को साज़िश के तहत ‘गायब’ करने का संगीन आरोप लगाया है। पीड़ितों का दावा है कि उनकी गरीबी और अशिक्षा का लाभ उठाकर पड़ोसी और कोलकाता के एक दंपत्ति ने मिलकर उनके बच्चे को उनसे दूर कर दिया है। हालांकि, सच्चाई क्या है यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। शिकायत के अनुसार: भविष्य का झांसा देकर विश्वास में लिया प्रार्थी विजय कुमार और उनकी पत्नी बसंती मरावी ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वे मजदूरी कर अपने पांच बच्चों का भरण-पोषण करते हैं। उनके पड़ोसी दालू ने उन्हें विश्वास दिलाया कि कोलकाता निवासी गौतम कुमार अग्रवाल और उनकी पत्नी श्वेता दीवान बहुत संपन्न परिवार से हैं। प्रार्थी का आरोप है कि पड़ोसी ने उन्हें लालच दिया कि यदि वे अपने सबसे छोटे बच्चे ‘अयांश’ को उक्त दंपत्ति को सौंप देते हैं, तो वे उसका पालन-पोषण अपने पुत्र की तरह करेंगे। बच्चे के बेहतर भविष्य की उम्मीद में माता-पिता इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार हो गए। न्यायालय परिसर में गोदनामे का खेल शिकायती पत्र में यह उल्लेख किया गया है कि 28 दिसंबर 2025 को आरोपियों ने पीड़ित दंपत्ति को अम्बिकापुर जिला न्यायालय परिसर बुलाया। यहाँ स्टाम्प वेंडर से 100 रुपए का स्टाम्प प्राप्त कर एक दस्तावेज तैयार कराया गया। पीड़ितों का आरोप है कि नोटरी के समक्ष उन पर विधि विरुद्ध तरीके से दबाव डाला गया और उनकी अनपढ़ता का फायदा उठाकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान ले लिए गए। शिकायत के मुताबिक, इसी दौरान जच्चा-बच्चा कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र भी आरोपियों ने अपने कब्जे में ले लिए। 1 लाख रुपये के लेनदेन का आरोप और मानव तस्करी की आशंका पीड़िता बसंती मरावी ने आवेदन में दावा किया है कि आरोपी गौतम कुमार अग्रवाल और श्वेता दीवान ने इस कथित समझौते के एवज में पड़ोसी दालू को 1,00,000/- (एक लाख) रुपये का भुगतान किया है। प्रार्थी ने इसे मानव तस्करी से जोड़ते हुए आशंका जताई है कि उनके बच्चे को कहीं और विक्रय कर दिया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि अब उन्हें बच्चे से मिलने भी नहीं दिया जा रहा है और डराया-धमकाया जा रहा है। मामले में राउरकेला निवासी एक महिला पुष्पा अग्रवाल की भूमिका पर भी संदेह जताया गया है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगी हकीकत कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि गोद लेने की प्रक्रिया केवल ‘कारा’ (CARA) के नियमों के तहत ही मान्य होती है, स्टाम्प पेपर पर ऐसा कोई भी समझौता विधिक रूप से शून्य है। फिलहाल, यह पूरा मामला केवल पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों और प्रस्तुत किए गए ₹100 के स्टांप पर हुए कथित गोदनामा पर आधारित है। सच्चाई की पुष्टि के लिए पुलिस को आरोपियों का पक्ष और दस्तावेजों की प्रमाणिकता की जांच करनी होगी। पीड़ित परिवार ने तत्काल FIR दर्ज करने और बच्चे की सुरक्षित बरामदगी की मांग की है। स्टाम्प पर बच्चा गोद लेना या देना ‘सफेद झूठ’ और दंडनीय अपराध ​ इस मामले में ₹100 के स्टाम्प पर जिस ‘गोदनामा’ की बात सामने आई है, कानूनन उसकी कोई मान्यता नहीं है। देश में बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया बेहद सख्त है: ​CARA ही एकमात्र रास्ता: भारत में बच्चा गोद लेने के लिए ‘सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी’ (CARA) के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण और अदालती आदेश अनिवार्य है। ​जेजे एक्ट का उल्लंघन: जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (JJ Act), 2015 के अनुसार, बिना कानूनी प्रक्रिया के बच्चे का हस्तांतरण करना ‘चाइल्ड ट्रैफिकिंग’ (मानव तस्करी) की श्रेणी में आ सकता है। इसमें दोषी को कड़ी जेल और जुर्माने का प्रावधान है। ​नोटरी की सीमा: कोई भी नोटरी या स्टाम्प वेंडर बच्चा गोद लेने का दस्तावेज प्रमाणित करने के लिए अधिकृत नहीं है। यदि ऐसा किया गया है, तो उनकी भूमिका भी जांच के दायरे में आती है। ​क्यों है यह अवैध?: बच्चे कोई वस्तु नहीं हैं जिनका सौदा स्टाम्प पेपर पर किया जा सके। बिना जिला बाल संरक्षण इकाई और सीडब्ल्यूसी (CWC) की जांच के किसी को भी बच्चा सौंपना बच्चे के जीवन को खतरे में डालना माना जाता है।
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    धोखे से ‘गोद’ लिया या ममता का सौदा ? मैनपाट के मजदूर दंपति ने पड़ोसी व कोलकाता के अग्रवाल परिवार पर लगाया बच्चा छीनने का आरोप, सरगुजा एसपी से शिकायत…
₹100 के स्टांप पर दस्तखत कराकर 2 माह के मासूम को ले जाने का दावा; 1 लाख रुपये के लेनदेन की भी चर्चा
सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र के जामढ़ोढ़ी निवासी एक मजदूर दंपत्ति ने पुलिस अधीक्षक (SP) और पुलिस महानिरीक्षक (IG) को लिखित शिकायत सौंपकर अपने दो माह के मासूम बच्चे को साज़िश के तहत ‘गायब’ करने का संगीन आरोप लगाया है। पीड़ितों का दावा है कि उनकी गरीबी और अशिक्षा का लाभ उठाकर पड़ोसी और कोलकाता के एक दंपत्ति ने मिलकर उनके बच्चे को उनसे दूर कर दिया है। हालांकि, सच्चाई क्या है यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
शिकायत के अनुसार: भविष्य का झांसा देकर विश्वास में लिया
प्रार्थी विजय कुमार और उनकी पत्नी बसंती मरावी ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वे मजदूरी कर अपने पांच बच्चों का भरण-पोषण करते हैं। उनके पड़ोसी दालू ने उन्हें विश्वास दिलाया कि कोलकाता निवासी गौतम कुमार अग्रवाल और उनकी पत्नी श्वेता दीवान बहुत संपन्न परिवार से हैं। प्रार्थी का आरोप है कि पड़ोसी ने उन्हें लालच दिया कि यदि वे अपने सबसे छोटे बच्चे ‘अयांश’ को उक्त दंपत्ति को सौंप देते हैं, तो वे उसका पालन-पोषण अपने पुत्र की तरह करेंगे। बच्चे के बेहतर भविष्य की उम्मीद में माता-पिता इस प्रस्ताव पर चर्चा के लिए तैयार हो गए।
न्यायालय परिसर में गोदनामे का खेल
शिकायती पत्र में यह उल्लेख किया गया है कि 28 दिसंबर 2025 को आरोपियों ने पीड़ित दंपत्ति को अम्बिकापुर जिला न्यायालय परिसर बुलाया। यहाँ स्टाम्प वेंडर से 100 रुपए का स्टाम्प प्राप्त कर एक दस्तावेज तैयार कराया गया। पीड़ितों का आरोप है कि नोटरी के समक्ष उन पर विधि विरुद्ध तरीके से दबाव डाला गया और उनकी अनपढ़ता का फायदा उठाकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान ले लिए गए। शिकायत के मुताबिक, इसी दौरान जच्चा-बच्चा कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र भी आरोपियों ने अपने कब्जे में ले लिए।
1 लाख रुपये के लेनदेन का आरोप और मानव तस्करी की आशंका
पीड़िता बसंती मरावी ने आवेदन में दावा किया है कि आरोपी गौतम कुमार अग्रवाल और श्वेता दीवान ने इस कथित समझौते के एवज में पड़ोसी दालू को 1,00,000/- (एक लाख) रुपये का भुगतान किया है। प्रार्थी ने इसे मानव तस्करी से जोड़ते हुए आशंका जताई है कि उनके बच्चे को कहीं और विक्रय कर दिया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि अब उन्हें बच्चे से मिलने भी नहीं दिया जा रहा है और डराया-धमकाया जा रहा है। मामले में राउरकेला निवासी एक महिला पुष्पा अग्रवाल की भूमिका पर भी संदेह जताया गया है।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी हकीकत
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि गोद लेने की प्रक्रिया केवल ‘कारा’ (CARA) के नियमों के तहत ही मान्य होती है, स्टाम्प पेपर पर ऐसा कोई भी समझौता विधिक रूप से शून्य है। फिलहाल, यह पूरा मामला केवल पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों और प्रस्तुत किए गए ₹100 के स्टांप पर हुए कथित गोदनामा पर आधारित है। सच्चाई की पुष्टि के लिए पुलिस को आरोपियों का पक्ष और दस्तावेजों की प्रमाणिकता की जांच करनी होगी। पीड़ित परिवार ने तत्काल FIR दर्ज करने और बच्चे की सुरक्षित बरामदगी की मांग की है।
स्टाम्प पर बच्चा गोद लेना या देना ‘सफेद झूठ’ और दंडनीय अपराध
​ इस मामले में ₹100 के स्टाम्प पर जिस ‘गोदनामा’ की बात सामने आई है, कानूनन उसकी कोई मान्यता नहीं है। देश में बच्चा गोद लेने की प्रक्रिया बेहद सख्त है:
​CARA ही एकमात्र रास्ता: भारत में बच्चा गोद लेने के लिए ‘सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी’ (CARA) के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण और अदालती आदेश अनिवार्य है।
​जेजे एक्ट का उल्लंघन: जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (JJ Act), 2015 के अनुसार, बिना कानूनी प्रक्रिया के बच्चे का हस्तांतरण करना ‘चाइल्ड ट्रैफिकिंग’ (मानव तस्करी) की श्रेणी में आ सकता है। इसमें दोषी को कड़ी जेल और जुर्माने का प्रावधान है।
​नोटरी की सीमा: कोई भी नोटरी या स्टाम्प वेंडर बच्चा गोद लेने का दस्तावेज प्रमाणित करने के लिए अधिकृत नहीं है। यदि ऐसा किया गया है, तो उनकी भूमिका भी जांच के दायरे में आती है।
​क्यों है यह अवैध?: बच्चे कोई वस्तु नहीं हैं जिनका सौदा स्टाम्प पेपर पर किया जा सके। बिना जिला बाल संरक्षण इकाई और सीडब्ल्यूसी (CWC) की जांच के किसी को भी बच्चा सौंपना बच्चे के जीवन को खतरे में डालना माना जाता है।
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    Journalist सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    23 hrs ago
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