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उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में करछना क्षेत्र के खेकसा धरवारा के पास एक बड़ा हादसा टल गया। यहाँ ओवरटेक करने के दौरान एक एसपीएस बस में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते पूरी बस धू-धू कर जलने लगी और कुछ ही देर में जलकर खाक हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। राहत की बात यह रही कि चालक की सूझबूझ और स्थानीय लोगों की मदद से बस में सवार सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। फिलहाल पुलिस बस में आग लगने के कारणों की जांच कर रही है। ईश्वर की कृपा से यह बड़ा हादसा होने से बच गया।
Ptrakar Deepak Shukla
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में करछना क्षेत्र के खेकसा धरवारा के पास एक बड़ा हादसा टल गया। यहाँ ओवरटेक करने के दौरान एक एसपीएस बस में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते पूरी बस धू-धू कर जलने लगी और कुछ ही देर में जलकर खाक हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। राहत की बात यह रही कि चालक की सूझबूझ और स्थानीय लोगों की मदद से बस में सवार सभी यात्रियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। फिलहाल पुलिस बस में आग लगने के कारणों की जांच कर रही है। ईश्वर की कृपा से यह बड़ा हादसा होने से बच गया।
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- प्रयागराज की बारा तहसील के चिल्ला गौहानी गांव में मुख्यमंत्री के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान और प्रशासनिक दावों की हकीकत बयां करती तस्वीरें सामने आई हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यहां वृक्षारोपण अभियान सिर्फ कागजों और फोटो खिंचवाने तक ही सीमित रह गया। अधिकारियों द्वारा केवल औपचारिकता पूरी करने के बाद सैकड़ों पौधों को जमीन में रोपने के बजाय खुले में एक ही जगह ढेर बनाकर छोड़ दिया गया, जिससे वे सूखने लगे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर जसरा विकास खंड की ओर से गांव में नीम, पीपल, सागौन और आंवला समेत बड़ी संख्या में पौधे भेजे गए थे। आरोप है कि अभियान के दौरान अधिकारियों ने केवल कुछ पौधे लगाकर अपनी फोटो खिंचवाई और शेष पौधों को बिना गड्ढा खोदे खुले में छोड़ दिया। कई दिनों तक धूप में पड़े रहने के कारण इन पौधों की पत्तियां मुरझा गईं और वे पूरी तरह सूखने की कगार पर पहुंच गए हैं। गांव के लोगों ने प्रशासन के उन दावों पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसमें जिले में 82 लाख के लक्ष्य के मुकाबले 90 लाख से अधिक पौधे लगाने की बात कही गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि पौधारोपण के नाम पर केवल फोटो खिंचवाकर छोड़ देने से सरकारी धन और अभियान दोनों का उद्देश्य विफल हो जाएगा। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिले में हुए पौधारोपण का भौतिक सत्यापन व प्रत्येक पौधे की जियो टैगिंग कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।1
- प्रयागराज में सड़क सुरक्षित नहीं होने की बात कही गई है।1
- प्रयागराज के नैनी स्टेशन रोड पर नगर निगम की लापरवाही के चलते स्ट्रीट लाइट के खंभे में करंट उतरने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। महाकुंभ के दौरान नैनी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य के तहत ये स्ट्रीट लाइट के खंभे लगाए गए थे, जिनमें करंट उतर रहा है। नैनी स्टेशन के सामने स्ट्रीट लाइट के खंभे में करंट आने की खबर और वीडियो वायरल होने के बाद नगर निगम के कर्मचारी मौके पर पहुंचे, लेकिन वे सिर्फ खानापूर्ति करके चले गए। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि सूचना मिलने पर बिजली विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर एहतियात के तौर पर संबंधित खंभे की केबल काटकर विद्युत आपूर्ति बंद कर दी और चले गए। स्थानीय लोगों ने नगर निगम से खंभे में आ रहे करंट की इस समस्या का शीघ्र एवं स्थायी समाधान कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।1
- पूरे उत्तर प्रदेश में डीजीपी के नेतृत्व में साइबर ठगों के खिलाफ एक सघन अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत प्रत्येक जिले में साइबर अपराध से जुड़े मामलों की गहन जांच और कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के अंतर्गत प्रयागराज में भी साइबर क्राइम सेल ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज शिकायतों का संज्ञान लेकर साइबर जालसाजों के खिलाफ यह कड़ा एक्शन लिया है। पुलिस की जांच टीम ने कुल 182 NCRP शिकायतों के आधार पर कार्रवाई करते हुए 16 राज्यों से जुड़े साइबर अपराध के बड़े नेटवर्क को खंगाला है। इस सघन अभियान के दौरान कुल 124 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की गई। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि ये लोग महज कमीशन के लालच में आकर साइबर अपराधियों को अपने बैंक खाते मुहैया कराते थे। इन बैंक खातों का इस्तेमाल धोखाधड़ी के जरिए कमाए गए करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन के लिए किया जाता था। इस व्यापक जांच के दौरान पुलिस ने ऐसे 18 संदिग्ध बैंक खातों को चिन्हित किया है, जिनमें प्राथमिक जांच में करीब 110 करोड़ रुपये के भारी-भरकम लेनदेन का पता चला है। इन खातों की पुष्टि होने के बाद प्रयागराज के विभिन्न थानों जैसे मुट्ठी गंज, पुरामुफ़्ती, धूमन गंज, कोरांव, कीटगंज, सिविल लाइन्स और विशेष साइबर थाने में कुल 18 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस अब इस मामले में मुख्य अपराधियों तक पहुंचने के लिए बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की गहराई से जांच कर रही है और अधिकारियों का मानना है कि आगे की जांच में यह आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता है।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा में पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं, जहां एक पीड़ित किसान की जमीन से जबरन रास्ता दिलाने के लिए लेखपाल और दरोगा पहुंचे थे। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। हालांकि, यह घटना कब की है, इसके बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम को लेकर यह गंभीर सवाल उठाया जा रहा है कि जो कुछ भी हो रहा है, वह आखिर कितना सही है।1