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थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने नाबालिग बालिकाओं को बहला-फुसलाकर विभिन्न राज्यों में बेचने वाले एक गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर सोनभद्र, श्री रणधीर मिश्रा ने जानकारी दी।
Nitesh Kumar
थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने नाबालिग बालिकाओं को बहला-फुसलाकर विभिन्न राज्यों में बेचने वाले एक गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर सोनभद्र, श्री रणधीर मिश्रा ने जानकारी दी।
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- गढ़वा पुलिस ने एक त्वरित कार्रवाई करते हुए अपहरण किए गए एक युवक को महज पाँच घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया।1
- गढ़वा जिले के डंडई थाना क्षेत्र के रारो गांव में गुरुवार को 25 वर्षीय मधु कुमारी नामक विवाहित महिला का शव उसके मायके स्थित घर में साड़ी के फंदे से लटका हुआ मिला। इस घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में सनसनी फैल गई और महिला के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मिली जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर मधु कुमारी ने अपनी मां सुबसीया कुंवर और बच्चे के साथ भोजन किया था। इसके बाद उसकी मां पड़ोस में काम करने चली गई। कुछ घंटों बाद जब मां घर लौटी, तो अपनी बेटी को फंदे से झूलता देखकर स्तब्ध रह गई। मां के शोर मचाने पर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने इस घटना की सूचना स्थानीय प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही डंडई पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। बताया गया है कि मृतका एक अत्यंत गरीब परिवार से थी और उसकी एक बच्ची भी है। उसकी ससुराल जिले के ही एक गांव में है। परिजनों के कथनानुसार, यह उसकी तीसरी शादी थी। महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका वास्तविक खुलासा पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। इस दुखद घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हालिया फेरबदल के बाद, सोनभद्र जिले की कमान नवनियुक्त राज्य मंत्री/MLC हंसराज विश्वकर्मा को सौंपी गई है, जिन्होंने 5 जून, 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर जिले का अपना पहला आधिकारिक दौरा किया। पूर्व प्रभारी मंत्री रविंद्र जायसवाल के स्थान पर आए विश्वकर्मा जी की कलेक्ट्रेट सभागार में हुई स्वागत सह समीक्षा बैठक में जिला अधिकारी, पुलिस अधीक्षक और ओबरा के विधायक व राज्य मंत्री संजीव सिंह गौड़ सहित पूरा प्रशासनिक व राजनीतिक अमला उपस्थित था। हालांकि, इस प्रथम प्रवास के दौरान सत्ता पक्ष के ही मंच से खनिज संपदा को लेकर दिए गए वक्तव्यों ने जिले की प्रशासनिक व्यवस्था और विभागीय रिपोर्टिंग पर कई स्वाभाविक एवं गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। काशी क्षेत्र के वरिष्ठ सांगठनिक चेहरे और मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले हंसराज विश्वकर्मा के इस पहले दौरे पर, स्वागत मंच से ही व्यवस्था के व्यावहारिक पहलुओं पर तीखा विमर्श सामने आया। पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार कुशवाहा ने खनिज संपदा से जुड़ी समस्याओं को प्रखरता से उठाया। बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर 2004 में मिर्जापुर से सांसद रहे और फिर 2023 में भारतीय जानी पार्टी में शामिल हुए कुशवाहा ने, जिला अधिकारी और पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में बिना किसी विशिष्ट पट्टा धारक या खदान का नाम लिए "बाहरी तत्वों के हस्तक्षेप" और "सुरक्षा के गंभीर संकट" का जिक्र किया। यह वक्तव्य तत्कालीन 'भूमिधरि नियमावली' के तहत स्थानीय किसानों को मिलने वाले छोटे पट्टों की आसान व्यवस्था से हटकर, वर्तमान ई-टेंडरिंग प्रणाली की वैश्विक प्रतिस्पर्धा के चलते स्थानीय काश्तकारों को आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों को रेखांकित करता है, जिसमें कानूनी रॉयल्टी दर ₹160 प्रति घन मीटर से शुरू होती है। इस पूरी प्रशासनिक बैठक का सबसे गंभीर पहलू यह है कि प्रदेश में भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग सीधे मुख्यमंत्री के अधीन आता है। एक ओर जहां मुख्यमंत्री राज्य से "माफिया राज" और "गुंडागर्दी" के खात्मे की बात करते हैं, वहीं उनके जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले, उनके करीबी प्रभारी मंत्री के सामने सार्वजनिक रूप से व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए, और इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होना कई विधिक और प्रशासनिक यक्ष प्रश्न खड़े करता है। पहला प्रश्न यह है कि यदि खनन राजस्व का महत्वपूर्ण स्तंभ है और सरकार की ई-टेंडरिंग नीति पारदर्शी है, तो बिना प्रामाणिक साक्ष्य के सार्वजनिक आरोप वैध व्यवसायियों की सुरक्षा और साख को क्यों प्रभावित कर रहे हैं? दूसरा, 15 नवंबर 2025 के उस भीषण खदान हादसे में, जिसमें एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन के ऑन-रिकॉर्ड आंकड़ों के अनुसार 7 मौतें दर्ज थीं, शिकायतों में मृतकों की संख्या 10-12 बताई गई, जिससे जिला प्रशासन की राहत कार्यवाहियों और विभागीय रिपोर्टिंग की विश्वसनीयता पर सवाल उठे; इसी कारण जिम्मेदार आला अधिकारी (DM-SP) मौन रहे। तीसरा और सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब सत्ता पक्ष के वरिष्ठ नेता स्वयं सुरक्षा खतरों का जिक्र करते हैं, तो वे विशिष्ट खदानों या विसंगतियों का नाम स्पष्ट रूप से सामने क्यों नहीं रखते? निष्कर्षतः, सोनभद्र जैसे आदिवासी बहुल जिले की खनिज संपदा पूरे प्रदेश को आर्थिक मजबूती देती है, लेकिन यहां का स्थानीय समाज आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षित रोजगार जैसी प्राथमिक आवश्यकताओं के लिए संघर्षरत है, जिसके कारण कभी-कभी स्थानीय सामाजिक परिवेश में आक्रामकता देखने को मिलती है। प्रभारी मंत्री हंसराज विश्वकर्मा के प्रथम प्रवास में सामने आए इन सांगठनिक अंतर्विरोधों और बयानों को शासन को "जमीनी फीडबैक" के रूप में देखना चाहिए। यह आवश्यक है कि खनन से प्राप्त राजस्व का एक निश्चित हिस्सा जिला खनिज कोष (DMF) के माध्यम से सोनभद्र के मूल आदिवासियों के विकास पर पारदर्शी तरीके से खर्च किया जाए, ताकि यह समृद्ध जिला आर्थिक मजबूती के साथ-साथ सामाजिक शांति भी बनाए रख सके।1
- सोनभद्र जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चोपन पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस मुठभेड़ और मादक पदार्थ बरामदगी से जुड़े एक मामले में फरार चल रहे एक अभियुक्त सहित कुल तीन वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से एक देशी तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देश और अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय अनिल कुमार तथा क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर कुमार मिश्रा के पर्यवेक्षण में थाना चोपन पुलिस द्वारा की गई है। यह प्रकरण थाना चोपन में दर्ज मुकदमा संख्या 212/2026 से संबंधित है, जिसमें एनडीपीएस एक्ट, बीएनएस और आर्म्स एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस के अनुसार, 1 जून 2026 को थाना चोपन, थाना रॉबर्ट्सगंज और एसओजी टीम की संयुक्त कार्रवाई के दौरान मादक पदार्थ तस्करों के साथ मुठभेड़ हुई थी। इस दौरान प्रिंस सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन उसका साथी रोहित सिंह अंधेरे और पहाड़ी क्षेत्र का फायदा उठाकर फरार हो गया था। पुलिस लगातार उसकी तलाश में थी। 3 जून को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने मारकुंडी बस स्टैंड के पास घेराबंदी कर फरार अभियुक्त रोहित सिंह पुत्र गजै सिंह निवासी लुधियाना, पंजाब को गिरफ्तार कर लिया। विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर इस मामले में संलिप्त पिंटू यादव निवासी पलामू, झारखंड और सतपाल सिंह खरवार को भी गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में रोहित सिंह ने बताया कि वह अपने साथी प्रिंस सिंह के साथ झारखंड के डाल्टेनगंज क्षेत्र से डोडा और अफीम लेकर पंजाब ले जा रहा था। उसने यह भी बताया कि पुलिस द्वारा पीछा किए जाने पर दोनों ने भागने का प्रयास किया था और पुलिस टीम पर फायरिंग भी की थी। रोहित ने स्वीकार किया कि पिंटू यादव और सतपाल सिंह खरवार ही उन्हें मादक पदार्थ उपलब्ध कराते थे। वहीं, पिंटू यादव और सतपाल सिंह खरवार ने भी पूछताछ में स्वीकार किया कि वे किसानों से डोडा और अफीम खरीदकर उसका संग्रह करते थे तथा विभिन्न राज्यों में इसकी सप्लाई कर आर्थिक लाभ कमाते थे। सतपाल ने यह भी बताया कि वह स्वयं अवैध रूप से डोडा और अफीम की खेती कराता था और किसानों से खरीदकर तस्करों को बेचता था। अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने जानकारी दी कि 1 जून को हुई कार्रवाई में पुलिस ने 1 कुंतल 15 किलोग्राम डोडा और 3 किलोग्राम अफीम बरामद की थी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ जल्द ही गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी और उनकी अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को भी चिन्हित कर जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस मामले की आगे की विवेचना कर रही है और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।1
- सोनभद्र के विंढमगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत जोरुखाड़ गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में एक 25 वर्षीय युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पतरियहा निवासी रजनीकांत नामक इस युवक का शव झाड़ियों में पड़ा मिला, जिसकी गर्दन पर धारदार हथियार के निशान स्पष्ट दिखाई दे रहे थे। इन निशानों के चलते यह मामला हत्या का होने की प्रबल आशंका जताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। रजनीकांत अपने परिवार का एकमात्र सहारा थे और उनकी असामयिक मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच में जुटी हुई है।1
- सोनभद्र जिले के विंढमगंज थाना क्षेत्र के जोरूखाड़ टोला बगबियानी में गुरुवार सुबह सड़क किनारे झाड़ियों में एक युवक का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान पतरिहा निवासी स्वर्गीय अश्विनी कुमार के 25 वर्षीय पुत्र रजनि कांत के रूप में की गई है। ग्रामीणों ने शव को देखने के बाद तत्काल विंढमगंज पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी। प्रथम दृष्टया यह मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है, क्योंकि मृतक के सिर के पिछले हिस्से और गर्दन पर धारदार हथियार से गंभीर वार किए गए थे। इन गंभीर चोटों को ही उसकी मौत का संभावित कारण माना जा रहा है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की चर्चाएं हो रही हैं। मृतक रजनि कांत ने पॉलिटेक्निक की पढ़ाई की थी और वह अपने दो भाइयों में सबसे बड़ा था। लगभग एक वर्ष पहले उसके पिता अश्विनी कुमार का बीमारी के कारण निधन हो गया था, जिसके बाद परिवार की सारी जिम्मेदारी रजनि कांत के कंधों पर आ गई थी। युवक की इस असामयिक मौत से उसके परिजन रो-रोकर बेहाल हैं।1
- एक गोलीकांड के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे जेल भेज दिया गया है। इस घटना का मुख्य आधार आरोपी द्वारा अपनी साली का फोटो वायरल करना बताया जा रहा है।1
- सोनभद्र जिले के बभनी थाना क्षेत्र में सोमवार को रेंज ऑफिस के पास एक दर्दनाक सड़क हादसे में 55 वर्षीय राम राज कुशवाहा की मौके पर ही मौत हो गई। बभनी निवासी राम राज कुशवाहा, जो मंगरू राज के पुत्र थे, अपने पाटीदार के यहां एक 'पोखरा' कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम से लौटते समय जब वे सड़क पार कर रहे थे, तभी विपरीत दिशा से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि उनकी घटनास्थल पर ही जान चली गई। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। राहगीरों ने तत्काल घटना की सूचना मृतक के परिजनों और स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही बभनी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। इस घटना से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और हादसे को अंजाम देने वाले ट्रक तथा उसके चालक की तलाश में जुटी हुई है।1