शहडोल जिले के गोहपारू विकासखंड के ग्राम सगरा में 30 मई 2026 को मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और रासायनिक उपयोग कम करने के उद्देश्य से एक दिवसीय मेला सह संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत हरी खाद के प्रति जागरूकता लाने के लिए हुए इस कार्यक्रम में 250 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। सहायक संचालक कृषि श्री अनुराग पटेल ने बताया कि राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन और परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत जिले में जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन योजनाओं से अब तक 4081 किसान प्राकृतिक और जैविक खेती से जुड़ चुके हैं, जिसमें गोहपारू विकासखंड के लगभग 1000 किसान भी शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरी खाद की खेती से खेत में जीवांश कार्बनिक पदार्थ, मिट्टी की उर्वरता शक्ति और जलधारण क्षमता बढ़ती है। श्री पटेल ने किसानों को ई-विकास प्रणाली अंतर्गत उर्वरक वितरण तथा कृषि विभाग की अन्य योजनाओं की जानकारी देते हुए जैविक खेती की नवीन तकनीकों और प्रौद्योगिकी का उपयोग करके खेती के टिकाऊ एवं सतत विकास मॉडल को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि हरी खाद न केवल मिट्टी के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, बल्कि यह किसानों के लिए कम लागत में अधिक मुनाफे का मार्ग भी खोलती है, इसे 'मिट्टी का वरदान' बताया। उन्होंने उपस्थित कृषकों को ढैंचा, सनई और मूंग जैसी फसलों को हरी खाद के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया। संगोष्ठी में कृषि वैज्ञानिक डॉ. नितिन सिंघाई ने हरी खाद के प्रयोग की वैज्ञानिक बारीकियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को ढैंचा, सनई और मूंग को हरी खाद के रूप में उपयोग करने की विधियां सिखाईं और बताया कि इसके इस्तेमाल से रासायनिक उर्वरकों जैसे यूरिया और डीएपी पर निर्भरता कम होती है, जिससे खेती की लागत घटती है। डॉ. सिंघाई ने सलाह दी कि हरी खाद की बुवाई के 40 से 45 दिन बाद उसे खेत में पलट देना चाहिए और उसके 8 से 10 दिन बाद खेत में रोपाई या बुवाई का कार्य करना चाहिए। इस कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग ने जनप्रतिनिधियों के हाथों किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले हरी खाद के मिनीकिट (बीज) निःशुल्क वितरित किए। कार्यक्रम में ग्राम सगरा की सरपंच जयमंती सिंह, उप सरपंच लालसिंह, पंच भवानी सिंह, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी प्रदीप कुशवाहा एवं चंद्रभान सिंह, ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी पंकज चौधरी, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी कमलेश्वर सिंह एवं वी.एस. मंडावी के साथ-साथ स्वास्थ्य और अन्य विभागों के अधिकारीगण तथा अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। यह रिपोर्ट ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता द्वारा दी गई है।
शहडोल जिले के गोहपारू विकासखंड के ग्राम सगरा में 30 मई 2026 को मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और रासायनिक उपयोग कम करने के उद्देश्य से एक दिवसीय मेला सह संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत हरी खाद के प्रति जागरूकता लाने के लिए हुए इस कार्यक्रम में 250 प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। सहायक संचालक कृषि श्री अनुराग पटेल ने बताया कि राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन और परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत जिले में जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन योजनाओं से अब तक 4081 किसान प्राकृतिक और जैविक खेती से जुड़ चुके हैं, जिसमें गोहपारू विकासखंड के लगभग 1000 किसान भी शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरी खाद की खेती से खेत में जीवांश कार्बनिक पदार्थ, मिट्टी की उर्वरता शक्ति और जलधारण क्षमता बढ़ती है। श्री पटेल ने किसानों को ई-विकास प्रणाली अंतर्गत उर्वरक वितरण तथा कृषि विभाग की अन्य योजनाओं की जानकारी देते हुए जैविक खेती की नवीन तकनीकों और प्रौद्योगिकी का उपयोग करके खेती के टिकाऊ एवं सतत विकास मॉडल को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि हरी खाद न केवल मिट्टी के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, बल्कि यह किसानों के लिए कम लागत में अधिक मुनाफे का मार्ग भी खोलती है, इसे 'मिट्टी का वरदान' बताया। उन्होंने उपस्थित कृषकों को ढैंचा, सनई और मूंग जैसी फसलों को हरी खाद के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित किया। संगोष्ठी में कृषि वैज्ञानिक डॉ. नितिन सिंघाई ने हरी खाद के प्रयोग की वैज्ञानिक बारीकियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों को ढैंचा, सनई और मूंग को हरी खाद के रूप में उपयोग करने की विधियां सिखाईं और बताया कि इसके इस्तेमाल से रासायनिक उर्वरकों जैसे यूरिया और डीएपी पर निर्भरता कम होती है, जिससे खेती की लागत घटती है। डॉ. सिंघाई ने सलाह दी कि हरी खाद की बुवाई के 40 से 45 दिन बाद उसे खेत में पलट देना चाहिए और उसके 8 से 10 दिन बाद खेत में रोपाई या बुवाई का कार्य करना चाहिए। इस कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग ने जनप्रतिनिधियों के हाथों किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले हरी खाद के मिनीकिट (बीज) निःशुल्क वितरित किए। कार्यक्रम में ग्राम सगरा की सरपंच जयमंती सिंह, उप सरपंच लालसिंह, पंच भवानी सिंह, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी प्रदीप कुशवाहा एवं चंद्रभान सिंह, ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी पंकज चौधरी, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी कमलेश्वर सिंह एवं वी.एस. मंडावी के साथ-साथ स्वास्थ्य और अन्य विभागों के अधिकारीगण तथा अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। यह रिपोर्ट ब्यौहारी से दुर्गेश कुमार गुप्ता द्वारा दी गई है।
- उमरिया जिले के मानपुर जनपद पंचायत के ग्राम माला में 'जनता के द्वार, प्रशासन तैयार' की भावना के साथ एक रात्रि जन चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल में कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों के साथ आत्मीय संवाद स्थापित किया। उन्होंने सभी की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुना और उनके त्वरित समाधान का भरोसा दिलाया।3
- रीवा पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर की जा रही विवादित पोस्टों पर पैनी नजर रख रही है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री पर तत्काल ध्यान दिया जाए।1
- जैतपुर क्षेत्र में गांजा कारोबार से जुड़े तीन युवकों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद शहडोल जिले की पुलिस नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त अभियान चला रही है। इसी कड़ी में, जयसिंहनगर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिससे गांजा तस्करों के नेटवर्क पर दबाव बढ़ रहा है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर निवासी राहुल कुमार चर्मकार को गिरफ्तार किया है और उसके कब्जे से लगभग 350 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। आरोपी इस गांजे की बड़ी खेप ओडिशा से लेकर मध्य प्रदेश के रास्ते उत्तर प्रदेश ले जा रहा था। मुखबिर की सूचना पर जयसिंहनगर थाना पुलिस ने चंदेला मार्ग पर घेराबंदी कर वाहन को रोका और तलाशी के दौरान यह भारी मात्रा में गांजा जब्त किया। इस कार्रवाई में तस्करी के लिए इस्तेमाल की जा रही एक लग्जरी इनोवा और एक स्विफ्ट कार भी जब्त की गई, जिसकी कुल कीमत बरामद गांजे के साथ ₹30 लाख से अधिक आंकी गई है। हालांकि, पुलिस की दबिश के दौरान गिरोह से जुड़े तीन अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए, जिनकी पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह गिरोह ओडिशा से गांजा लाकर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में इसकी सप्लाई करता था। पुलिस अब जब्त किए गए मोबाइल फोन और अन्य सबूतों के आधार पर पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही है, जिससे कई और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। गौरतलब है कि शहडोल पुलिस पिछले कुछ महीनों से गांजा तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है, जिसमें सड़क मार्ग, रेल मार्ग और निजी वाहनों के जरिए होने वाली तस्करी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और तस्करों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1