हेडलाइन: गौशालाओं में बनी सोलर पेयजल टंकियों की गुणवत्ता पर सवाल, ग्रामीणों ने जांच की मांग उठाई एंकर इन्ट्रो: महोबा जिले के चरखारी विकासखंड से एक अहम खबर सामने आई है, जहां गौशालाओं में क्षेत्र पंचायत निधि से स्थापित कराई गई सोलर पेयजल टंकियों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने निर्माण कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। देखिए रिपब्लिक रैनैसां ब्यूरो हरी सिंह वर्मा की यह रिपोर्ट। वीओ/रिपोर्ट: महोबा जिले के चरखारी विकासखंड में गौशालाओं के लिए बनाई गई सोलर पेयजल टंकियां अब सवालों के घेरे में हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र पंचायत निधि से लाखों रुपये खर्च कर तैयार कराई गई इन टंकियों की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार विभिन्न गौशालाओं में सोलर आधारित पेयजल टंकियों के निर्माण पर प्रति कार्य लगभग 8 से 10 लाख रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन कई स्थानों पर टंकियों की संरचना कमजोर दिखाई दे रही है। पाइपलाइन, फिटिंग और सोलर पैनलों की स्थापना को लेकर भी स्थानीय लोगों ने गंभीर आपत्ति जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि कई टंकियों में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता कमजोर है, जिससे भविष्य में इनके संचालन और टिकाऊपन पर असर पड़ सकता है। साथ ही कुछ स्थानों पर पाइपलाइन और फिटिंग कार्य अधूरा या मानक से कम बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने कार्यों में पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि निविदा प्रक्रिया, तकनीकी स्वीकृति, गुणवत्ता परीक्षण और भुगतान से जुड़े अभिलेखों की जांच होनी चाहिए। ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों को शिकायत भेजकर तकनीकी टीम से स्थल निरीक्षण कराने और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए और मानक से कम बनी टंकियों का पुनर्निर्माण कराया जाए। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
हेडलाइन: गौशालाओं में बनी सोलर पेयजल टंकियों की गुणवत्ता पर सवाल, ग्रामीणों ने जांच की मांग उठाई एंकर इन्ट्रो: महोबा जिले के चरखारी विकासखंड से एक अहम खबर सामने आई है, जहां गौशालाओं में क्षेत्र पंचायत निधि से स्थापित कराई गई सोलर पेयजल टंकियों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने निर्माण कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। देखिए रिपब्लिक रैनैसां ब्यूरो हरी सिंह वर्मा की यह रिपोर्ट। वीओ/रिपोर्ट: महोबा जिले के चरखारी विकासखंड में गौशालाओं के लिए बनाई गई सोलर पेयजल टंकियां अब सवालों के घेरे में हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र पंचायत निधि से लाखों रुपये खर्च कर तैयार कराई गई इन टंकियों की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार विभिन्न गौशालाओं में सोलर आधारित पेयजल टंकियों के निर्माण पर प्रति कार्य लगभग 8 से 10 लाख रुपये खर्च किए गए हैं, लेकिन कई स्थानों पर टंकियों की संरचना कमजोर दिखाई दे रही है। पाइपलाइन, फिटिंग और सोलर पैनलों की स्थापना को लेकर भी स्थानीय लोगों ने गंभीर आपत्ति जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि कई टंकियों में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता कमजोर है, जिससे भविष्य में इनके संचालन और टिकाऊपन पर असर पड़ सकता है। साथ ही कुछ स्थानों पर पाइपलाइन और फिटिंग कार्य अधूरा या मानक से कम बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने कार्यों में पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि निविदा प्रक्रिया, तकनीकी स्वीकृति, गुणवत्ता परीक्षण और भुगतान से जुड़े अभिलेखों की जांच होनी चाहिए। ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों को शिकायत भेजकर तकनीकी टीम से स्थल निरीक्षण कराने और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए और मानक से कम बनी टंकियों का पुनर्निर्माण कराया जाए। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
- हमीरपुर में PWD की लापरवाही का एक और मामला सामने आया है/, जहां नहदौरा गांव में बनी सड़क पापड़ जैसी हो गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में भारी भ्रष्टाचार हुआ है और बिना झाड़ू लगाए ही डामर बिछा दिया गया है। सड़क की हालत इतनी खराब है कि हाथों से डामर उखड़ रहा है¹ ²। अब देखना यह है कि अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्यवाही होती है या ऐसे ही पल्ला झाड़ दिया जायेगा #hilight1
- ओवरलोड ट्रक की टक्कर से एक स्कूली छात्र की मौत,घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।1
- बांदा। जनपद के जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में इलाज की व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। आरोप है कि यहां आने वाले गरीब मरीजों को मुफ्त इलाज की उम्मीद तो दी जाती है, लेकिन हकीकत में उन्हें बाहर की महंगी दवाएं और इंजेक्शन खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि एक महिला मरीज ज्योति, जो हाई बीपी की समस्या लेकर ट्रामा सेंटर पहुंची थी, उसे डॉक्टर आकाश सिंह द्वारा बाहर से इंजेक्शन खरीदने की पर्ची थमा दी गई। सवाल यह उठता है कि जब सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त दवाएं देने की व्यवस्था है और प्रदेश सरकार द्वारा दवाओं का बजट भी बढ़ाया गया है, तो आखिर मरीजों को बाहर की दवा क्यों लिखी जा रही है? गरीब मरीज जिला अस्पताल इसलिए आते हैं कि उन्हें बिना खर्च के इलाज मिल सके। लेकिन जब डॉक्टर ही बाहर की दवा लिखने लगें, तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है जब प्रदेश सरकार लगातार सरकारी अस्पतालों की सुविधाएं बेहतर होने का दावा कर रही है। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों को यह भी देखना होगा कि कहीं यह व्यवस्था की कमी है, दवाओं की उपलब्धता का संकट है या फिर मरीजों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालने की प्रवृत्ति। यदि अस्पताल में दवाएं उपलब्ध हैं, तो बाहर की दवा लिखना सीधे-सीधे नियमों की अनदेखी माना जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार की सख्त मंशा और आदेशों के बावजूद यदि जिला अस्पतालों में इस तरह की शिकायतें सामने आती हैं, तो यह न केवल व्यवस्था पर सवाल है बल्कि उन गरीब मरीजों के विश्वास पर भी चोट है, जो सरकारी अस्पताल को ही अपना आखिरी सहारा मानते हैं। अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाता है या फिर गरीब मरीजों की यह पीड़ा यूं ही व्यवस्था की भीड़ में दबकर रह जाएगी।1
- हमीरपुर बढ़ती महंगाई और एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि के विरोध में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष मनीष गुप्ता के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कहा कि देश में लगातार बढ़ती महंगाई से आम जनता, गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार काफी परेशान हैं। हाल ही में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में 60 रुपये और कमर्शियल गैस सिलेंडर में 120 रुपये की बढ़ोतरी से छोटे व्यापारियों, होटल-रेस्टोरेंट और स्ट्रीट फूड से जुड़े कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। ज्ञापन में कहा गया कि गैस, पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों से आम जनता पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने मांग की कि घरेलू गैस सिलेंडर की हालिया बढ़ोतरी को तुरंत वापस लिया जाए, पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए पारदर्शी नीति बनाई जाए तथा गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों को रसोई गैस पर विशेष सब्सिडी दी जाए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार से महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग भी की। इस मौके पर जिलाध्यक्ष मनीष गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष अत्री यादव, इमामुद्दीन, रवि शंकर, बलराम, अरविंद, राम प्रकाश, अजीत कुमार, गुलाम मोहम्मद (नगर अध्यक्ष) सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- एक गिट्टी से भरा ट्रक साइकिल सवार बालक को मेरी जोड़ा टक्कर मौके पर हो गई मौत पुलिस प्रशासन ने ट्रक ड्राइवर को ही रस में लेकर विधि कार्रवाई करने के लिए डीएनए देश1
- बांदा । दर्दनाक सड़क हादसे में 16 वर्षीय छात्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका भाई मामूली रूप से घायल हो गया। घटना देहात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पंचायत महोखर में अंध विद्यालय के पास दोपहर करीब 12 बजे की बताई जा रही है। मृतक छात्र की पहचान हिमांशु (16) पुत्र अवधेश के रूप में हुई है, जो कक्षा 8 का छात्र था। बताया जा रहा है कि हिमांशु अपने भाई पुष्पेंद्र के साथ सरस्वती प्रकाश मंदिर से परीक्षा देकर साइकिल से घर लौट रहा था। इसी दौरान बांदा से महोखर की ओर जा रहे गिट्टी से भरे एक ओवरलोड तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से उनकी साइकिल में जोरदार टक्कर मार दी। जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं उसका भाई पुष्पेंद्र इस हादसे में मामूली रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों और परिजनों में आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर दिया और विरोध जताते हुए ट्रक के शीशे भी तोड़ दिए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। सहायक पुलिस अधीक्षक में भी मेवीस टाक ने बताया कि चालक को हिरासत में लिया गया है। मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों के द्वारा दी गई शरीर के आधार पर आयोग पंजीकृत किया गया है। आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- जालौन में महंगाई और एलपीजी गैस सिलेंडर1
- संदिग्ध परिस्थितियों में लगी आग में सिलाई मशीनें और सामान जलकर राख हो गया।1
- आगरा में पूर्व मंत्री उदयभान चौधरी से अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इस दौरान ब्राह्मण बुद्धिजीवियों ने रुनकता ग्राम पंचायत को नगर पंचायत घोषित करने की मांग उठाई। मुलाकात के दौरान पूर्व मंत्री उदयभान चौधरी ने कहा कि रुनकता से उनका पुराना नाता है और इसका विकास उनके दिल के बेहद करीब है। उन्होंने कहा कि इस विषय को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के समक्ष भी उठाने का प्रयास किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि रुनकता ब्रज क्षेत्र की सांस्कृतिक और पौराणिक धरोहरों से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थान है। यहां ऋषि जमदग्नि का आश्रम, रेणुका घाट और ब्रज की चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग से जुड़ी आस्था भी मौजूद है। अगर रुनकता को नगर पंचायत का दर्जा मिलता है तो यहां शुद्ध पेयजल, सीवर व्यवस्था और अन्य विकास कार्यों को गति मिल सकेगी।1