राजस्थान के थांवला में “हरियालो राजस्थान” अभियान के अंतर्गत मरुस्थली क्षेत्र को हरा-भरा और समृद्ध बनाने के लिए एक विशेष नवाचार की शुरुआत की गई है। स्थानीय विद्यालय के व्याख्याता श्री नरसी लाल के खेत पर आयोजित इस कार्यक्रम में जंगली पौधों को उन्नत और बहुमूल्य किस्मों में बदलने की आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। बीकानेर से आए कृषि विशेषज्ञ श्री रामेश्वर लाल खीचड़ ने उपस्थित किसानों, ग्रामीण महिलाओं और विद्यार्थियों को 'छाल लेपन' और 'कलम बंधन' जैसी वैज्ञानिक विधियों का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार झड़ बेरी, देसी बेर और खेजड़ी जैसे सामान्य पौधों को उच्च गुणवत्ता वाली फसलों में परिवर्तित किया जा सकता है। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय थांवला के प्रधानाचार्य श्री हरि कृष्ण साहरण के नेतृत्व में कृषि संकाय के विद्यार्थियों को देसी बेर पर थाई एप्पल किस्म, देसी आंवले पर चकिया आंवला और खेजड़ी पर उन्नत धार शोभा किस्म विकसित करने का व्यावहारिक ज्ञान दिया गया। इस अवसर पर श्री नरसी लाल, वीरेंद्र कुमार, कल्पना, रूपचंद कुमावत, गौतम दत्त शर्मा, कार्तिक कुमार, कन्हैयालाल, जेठू सिंह चारण, राधेश्याम कुमावत और मनोज कुमार जांगिड़ सहित अनेक शिक्षक व ग्रामीण उपस्थित थे। यह पहल न केवल मरुस्थली धरती को हरित बनाने की दिशा में एक उम्मीद है, बल्कि किसानों की आय में वृद्धि के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
राजस्थान के थांवला में “हरियालो राजस्थान” अभियान के अंतर्गत मरुस्थली क्षेत्र को हरा-भरा और समृद्ध बनाने के लिए एक विशेष नवाचार की शुरुआत की गई है। स्थानीय विद्यालय के व्याख्याता श्री नरसी लाल के खेत पर आयोजित इस कार्यक्रम में जंगली पौधों को उन्नत और बहुमूल्य किस्मों में बदलने की आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। बीकानेर से आए कृषि विशेषज्ञ श्री रामेश्वर लाल खीचड़ ने उपस्थित किसानों, ग्रामीण महिलाओं और विद्यार्थियों को 'छाल लेपन' और 'कलम बंधन' जैसी वैज्ञानिक विधियों का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार झड़ बेरी, देसी बेर और खेजड़ी जैसे सामान्य पौधों को उच्च गुणवत्ता वाली फसलों में परिवर्तित किया जा सकता है।
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय थांवला के प्रधानाचार्य श्री हरि कृष्ण साहरण के नेतृत्व में कृषि संकाय के विद्यार्थियों को देसी बेर पर थाई एप्पल किस्म, देसी आंवले पर चकिया आंवला और खेजड़ी पर उन्नत धार शोभा किस्म विकसित करने का व्यावहारिक ज्ञान दिया गया। इस अवसर पर श्री नरसी लाल, वीरेंद्र कुमार, कल्पना, रूपचंद कुमावत, गौतम दत्त शर्मा, कार्तिक कुमार, कन्हैयालाल, जेठू सिंह चारण, राधेश्याम कुमावत और मनोज कुमार जांगिड़ सहित अनेक शिक्षक व ग्रामीण उपस्थित थे। यह पहल न केवल मरुस्थली धरती को हरित बनाने की दिशा में एक उम्मीद है, बल्कि किसानों की आय में वृद्धि के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
- नागौर जिले के रियांबड़ी में शिक्षा विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रदीप भाटी (माली) ने अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (एसीबीईओ) के रूप में अपना पदभार ग्रहण किया है। उनके साथ सुरेन्द्र सिंह ने भी संदर्भ व्यक्ति के तौर पर कार्यभार संभाला। इस अवसर पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों द्वारा आयोजित समारोह में नवपदस्थापित अधिकारियों का स्वागत किया गया और उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दी गईं। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रहलाद राम तानाण ने स्वागत करते हुए टीम भावना के साथ काम करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, विद्यालयों की नियमित निगरानी और नवाचारों को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी लाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में मदन लाल भदाल, संजीव पुरोहित, दीपक पाराशर, जयप्रकाश पादूकलां, सलीमुद्दीन चौहान, भावेश सारस्वत और पुरुषोत्तम पुरोहित सहित क्षेत्र के कई व्याख्याता और शिक्षक मौजूद रहे। उपस्थित शिक्षकों ने माल्यार्पण कर अभिनंदन किया और विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विद्यार्थियों के हित में बेहतर कार्य करने के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।1
- अजमेर के पीसांगन में चित्तौड़गढ़ से ट्रांसफर होकर आए पुष्पेंद्र मेघवंशी ने नए अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी द्वितीय (ACBEO II) के रूप में अपना पदभार संभाल लिया है। उन्होंने पूर्व अधिकारी नरोत्तम गुर्जर का ट्रांसफर होने के बाद खाली हुए इस पद पर कार्यभार ग्रहण किया है। पुष्पेंद्र मेघवंशी के कार्यभार संभालने पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) वीना अग्रावत और कार्यालय के स्टाफ महेंद्र, प्रेमचंद, लक्ष्मण, राजकुमार, नरेंद्र और दामोदर ने गुलदस्ता भेंट कर और मुंह मीठा करवाकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। माना जा रहा है कि इस प्रशासनिक बदलाव से पीसांगन ब्लॉक की शिक्षा व्यवस्था, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक कार्यों को और अधिक मजबूती मिलेगी।2
- पुष्कर से पीसांगन को जोड़ने वाली नई सड़क पर वाटर वर्क्स के पास आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग इस मार्ग पर आने-जाने में हो रही दिक्कतों को लेकर खासे परेशान हैं, क्योंकि इस मार्ग के अलावा आवागमन के लिए कोई अन्य वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध नहीं है। आम जनता की इन समस्याओं को देखते हुए प्रशासन से मांग की गई है कि इस सड़क निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि राहगीरों को राहत मिल सके।1
- राजस्थान के केकड़ी को ₹880 करोड़ की एक बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यहाँ विकास कार्यों का शिलान्यास किया है। विकास कार्यों की इस बड़ी सौगात के साथ ही मुख्यमंत्री का जोरदार अभिनंदन भी किया गया।1
- राजस्थान के अजमेर जिले के विकास को नई गति देते हुए आज करीब ₹880 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इन परियोजनाओं में 'देवली-नसीराबाद फोरलेन सड़क परियोजना' के प्रथम चरण का शिलान्यास भी शामिल है। पिछले ढाई वर्षों में हमारी सरकार प्रदेश में विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना के निर्माण को अभूतपूर्व गति देते हुए 'विकसित राजस्थान' के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।1
- अजमेर में नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो गई है। हड़ताल खत्म होने के साथ ही शहर की सफाई व्यवस्था एक बार फिर पटरी पर लौट आई है।1
- राजस्थान के जयपुर में एलएलबी छात्रा आयुषी शर्मा से जुड़ा मामला लगातार नए मोड़ ले रहा है। अपनी मां की हत्या के मामले में घिरी आयुषी के पिता विजय शर्मा की मौत पर भी अब पुलिस को हत्या का गहरा शक है। पुलिस ने पिता की मौत की दोबारा जांच शुरू कर दी है और मामले की पुरानी फाइल फिर से खोल दी है। आरोप है कि सरकारी नौकरी और संपत्ति हासिल करने के लिए यह कथित साजिश रची गई थी। इस मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस अब आयुषी की मानसिक स्थिति का आकलन कराएगी, जिसके लिए मनोवैज्ञानिकों की मदद ली जाएगी। इसके साथ ही, मामले में एक और हैरान करने वाला दावा सामने आया है कि मां की हत्या करने से पहले कथित तौर पर टोना-टोटका भी कराया गया था।1
- नागौर जिले के रियान बड़ी क्षेत्र के टेहला में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और लंबित प्रकरणों के निस्तारण के लिए एक ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में 22 विभागों के अधिकारियों को एक ही स्थान पर तैनात किया गया था ताकि ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके। संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने शिविर का निरीक्षण किया, स्टॉलों का अवलोकन किया और अधिकारियों को समस्याओं के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। शिविर में राजस्व विभाग ने सक्रियता दिखाते हुए मौके पर ही 10 जमीनी बंटवारे, 25 शुद्धिकरण, 25 नामांतरण, 30 जाति प्रमाण पत्र और 22 मूल निवास प्रमाण पत्र जारी किए। हालांकि, अन्य विभागों के प्रदर्शन पर सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकांश विभागों का कार्य नगण्य रहा और दोपहर 3 बजे के बाद कई अधिकारी व कर्मचारी शिविर से अनुपस्थित मिले। साथ ही, शिविर में आमजन की उपस्थिति भी काफी कम रही। इस शिविर में तहसीलदार अशोक कुमार, नायब तहसीलदार रामचंद्र भंवरिया, विकास अधिकारी भंवरलाल सिंगाड़िया, भू-अभिलेख निरीक्षक यशवंत उपाध्याय, पटवारी राकेश गुर्जर, रिछपाल, नेमाराम, छोटूराम गोदारा, सूचना सहायक हेमाराम माली, विद्युत विभाग से योगेंद्र रेवड़ियां एवं रीना, ग्राम विकास अधिकारी रामस्वरूप पुनिया, आयुर्वेद विभाग से डॉ. राहुल चौधरी, विमला देवी, प्रतिबाला, पशु चिकित्सालय से अरविंद सिंह एवं अनिल दीपावत, चिकित्सा विभाग से माया, होम्योपैथिक विभाग से डॉ. राहुल शर्मा एवं दयाल, तथा महिला एवं बाल विकास विभाग से लीला चौधरी सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी मौजूद थे। ग्रामीणों का स्पष्ट मानना है कि ऐसे शिविर तभी सार्थक होंगे जब सभी विभाग पूरी अवधि तक उपस्थित रहकर समस्याओं का प्रभावी समाधान करें।1