मध्य प्रदेश के सागर जिले में खिमलासा थाना अंतर्गत गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे 11 गौ सेवकों पर एफआईआर दर्ज की गई है। इस कार्रवाई के विरोध में क्षेत्र के समस्त हिंदू संगठनों और गौ सेवकों में भारी आक्रोश है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गौ माता को न्याय दिलाने और गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए पिछले 3 साल में कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदारों को लगभग 166 (पाठ में 164 भी उल्लेखित) आवेदन और ज्ञापन दिए गए। अधिकारियों की उदासीन कार्यप्रणाली और लगातार मिल रहे केवल आश्वासनों से हताश होकर गौ सेवकों ने 30 जून 2026 को बीना और खुरई तहसील में लिखित सूचना देने के बाद सड़क पर चक्का जाम किया था। इसके बावजूद, पुलिस ने गौ सेवक हरकिशन सेन खिमलासा को रात भर थाने में बिठाकर जेल भेजने की कार्रवाई की और कुल 11 गौ सेवकों पर मामला दर्ज कर लिया, जो कि सरासर अनुचित है। इस दमनकारी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए हिंदू संगठनों ने 'एक देश में दो कानून' चलने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि चक्का जाम के दौरान गौ सेवकों ने किसी भी एम्बुलेंस, छात्र या बीमार व्यक्ति को परेशान नहीं किया, बल्कि उन्हें सुरक्षा के साथ निकलने में पूरा सहयोग दिया। इसके ठीक विपरीत, अगले ही दिन सागर बीएमसी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों और स्टाफ द्वारा अति संवेदनशील सड़क पर चक्का जाम किया गया, जिससे एम्बुलेंस और मरीज परेशान रहे और सांप के काटे एक व्यक्ति समेत कई बीमार लोग इलाज को तरसते रहे, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। संगठनों की मांग है कि या तो गौ सेवकों पर की गई कार्रवाई को तत्काल निरस्त किया जाए या फिर चक्का जाम करने वाले मेडिकल स्टाफ पर भी वैसी ही कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार का ध्यान मुख्यमंत्री महोदय की घोषणा क्रमांक O D003 की ओर खींचा है, जिसमें साफ कहा गया है कि गोचर व शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया जाए और देवल ग्राम (बीना विधानसभा) में 3614 एकड़ की गो अभ्यारण्य भूमि को सुचारू किया जाए। इसके बावजूद गायें सड़कों पर मरने को मजबूर हैं और अधिकारी अपनी नाकामी छुपाने के लिए गौ सेवकों पर जबरन कार्रवाई कर रहे हैं। गौ सेवकों ने सिवनी मालवा में हाल ही में 14 गौ सेवकों को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा का भी जिक्र किया। उन्होंने भगवावादी हिंदुत्व सरकार से इस गलत कार्रवाई को तुरंत वापस लेने का निवेदन किया है और चेतावनी दी है कि यदि यह एफआईआर निरस्त नहीं की गई, तो सभी हिंदू संगठन और गौ सेवक सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
मध्य प्रदेश के सागर जिले में खिमलासा थाना अंतर्गत गोचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे 11 गौ सेवकों पर एफआईआर दर्ज की गई है। इस कार्रवाई के विरोध में क्षेत्र के समस्त हिंदू संगठनों और गौ सेवकों में भारी आक्रोश है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि गौ माता को न्याय दिलाने और गोचर भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए पिछले 3 साल में कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदारों को लगभग 166 (पाठ में 164 भी उल्लेखित) आवेदन और ज्ञापन दिए गए। अधिकारियों की उदासीन कार्यप्रणाली और लगातार मिल रहे केवल आश्वासनों से हताश होकर गौ सेवकों ने 30 जून 2026 को बीना
और खुरई तहसील में लिखित सूचना देने के बाद सड़क पर चक्का जाम किया था। इसके बावजूद, पुलिस ने गौ सेवक हरकिशन सेन खिमलासा को रात भर थाने में बिठाकर जेल भेजने की कार्रवाई की और कुल 11 गौ सेवकों पर मामला दर्ज कर लिया, जो कि सरासर अनुचित है। इस दमनकारी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए हिंदू संगठनों ने 'एक देश में दो कानून' चलने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि चक्का जाम के दौरान गौ सेवकों ने किसी भी एम्बुलेंस, छात्र या बीमार व्यक्ति को परेशान नहीं किया, बल्कि उन्हें सुरक्षा के साथ निकलने में पूरा सहयोग दिया। इसके ठीक विपरीत, अगले ही दिन सागर
बीएमसी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों और स्टाफ द्वारा अति संवेदनशील सड़क पर चक्का जाम किया गया, जिससे एम्बुलेंस और मरीज परेशान रहे और सांप के काटे एक व्यक्ति समेत कई बीमार लोग इलाज को तरसते रहे, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। संगठनों की मांग है कि या तो गौ सेवकों पर की गई कार्रवाई को तत्काल निरस्त किया जाए या फिर चक्का जाम करने वाले मेडिकल स्टाफ पर भी वैसी ही कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार का ध्यान मुख्यमंत्री महोदय की घोषणा क्रमांक O D003 की ओर खींचा है, जिसमें साफ कहा गया है कि गोचर व शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया जाए और देवल
ग्राम (बीना विधानसभा) में 3614 एकड़ की गो अभ्यारण्य भूमि को सुचारू किया जाए। इसके बावजूद गायें सड़कों पर मरने को मजबूर हैं और अधिकारी अपनी नाकामी छुपाने के लिए गौ सेवकों पर जबरन कार्रवाई कर रहे हैं। गौ सेवकों ने सिवनी मालवा में हाल ही में 14 गौ सेवकों को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा का भी जिक्र किया। उन्होंने भगवावादी हिंदुत्व सरकार से इस गलत कार्रवाई को तुरंत वापस लेने का निवेदन किया है और चेतावनी दी है कि यदि यह एफआईआर निरस्त नहीं की गई, तो सभी हिंदू संगठन और गौ सेवक सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
- मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल और विदिशा पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशन में चलाए जा रहे "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के तहत विदिशा के शासकीय आदर्श महाविद्यालय जाफरखेड़ी में एक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। 21 जुलाई 2026 को "प्रशासनिक अधिकारी कैसे बनें" विषय पर आयोजित इस कार्यशाला के दौरान युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया, जिसमें लगभग 250 से 300 छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों और स्टाफ ने सहभागिता की। कार्यक्रम में पुलिस मुख्यालय (SCRB) भोपाल में पदस्थ निरीक्षक श्रीमती दीपिका गौतम ने अपने प्रेरक अनुभव साझा किए। 29 मई 2026 को अफ्रीका की 5,895 मीटर ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर सफलतापूर्वक आरोहण कर मध्य प्रदेश पुलिस का गौरव बढ़ाने वाली दीपिका गौतम इस अंतरराष्ट्रीय अभियान में भारत की एकमात्र प्रतिभागी थीं। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में अनुशासन, लक्ष्य के प्रति समर्पण और स्वस्थ जीवनशैली ही सफलता की कुंजी है। नशा व्यक्ति के भविष्य, स्वास्थ्य और परिवार को प्रभावित करता है, इसलिए प्रत्येक युवा को नशे से दूर रहकर अपने सपनों को साकार करने का संकल्प लेना चाहिए। इस अवसर पर थाना यातायात विदिशा की सूबेदार मेघा शर्मा, समर्थ संस्था के डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेटर सुमित राय और महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ब्रह्मदीप अलूने भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी विद्यार्थियों और स्टाफ को नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु शपथ दिलाई गई तथा स्वयं जागरूक रहने के साथ-साथ दूसरों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करने का आह्वान किया गया।4
- ललितपुर के मड़ावरा थाना पुलिस ने छिनैती के मामले में वांछित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से दो मोबाइल फोन, 8,800 रुपये नकद और घटना में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के अनुसार पीड़ित व्यक्ति से मोबाइल व नकदी छीनने की शिकायत मिलने पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा। गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे न्यायालय में पेश कर दिया गया।1
- मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का एक सार्वजनिक बयान इस समय राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर भारी चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने अपने बेहद बेबाक अंदाज में मंच से कुछ ऐसा कह दिया जिसे सुनकर वहां मौजूद हर कोई चौंक गया। विजयवर्गीय ने साफ तौर पर कहा, "मैं जो भी करता हूं, मुंह पर करता हूं, पीठ पीछे नहीं। जो गलत है, वो गलत है और जो सही है, वो सही।" अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने मुस्कुराकर कहा, "70 साल का हो गया हूं, यूं ही सठिया गया हूं… किसी को बुरा लगे तो लगे, अपने को क्या फर्क पड़ता है।" मंच से निकले इन अप्रत्याशित शब्दों ने सबको हैरान कर दिया है और अब उनका यह अंदाज और बयान चारों तरफ चर्चा बटोर रहा है।1
- मध्य प्रदेश के भोपाल में आशा मॉल के एक स्टोर की फटी हुई छत से पानी निकलने के कारण पूरा स्टोर पानी-पानी हो गया। छत से पानी रिसने और फैलने की वजह से पूरे स्टोर में पानी भर गया, जिसके चलते स्टोर को बंद करना पड़ा है। इस स्थिति के कारण ऑनलाइन स्टोर को भी पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।1
- विदिशा जिले के कुरवाई में नाले पर अवैध कब्जे, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और राजस्व अभिलेखों में कथित अनियमितताओं के मामलों में संबंधित अधिकारियों पर निष्पक्ष कार्रवाई न करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। किसी भी जमीनी विवाद की निष्पक्ष जांच करने के बजाय उसे जातिगत विवाद का रूप देकर एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। इस तरह के रवैये से न्याय व्यवस्था पर आम लोगों का विश्वास डगमगा रहा है। एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में निष्पक्ष जांच और कानून का समान रूप से पालन होना बेहद जरूरी है। यदि पीड़ित व्यक्ति को लंबे समय तक न्याय नहीं मिलता, तो समाज में निराशा, आक्रोश और पूरी प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति अविश्वास की भावना पैदा होती है। समाज में कानून के प्रति सम्मान और शांति बनाए रखने के लिए समय पर, निष्पक्ष और पूरी तरह से साक्ष्य-आधारित न्याय मिलना अत्यंत आवश्यक है।2
- राजनगर के शासकीय महाविद्यालय में स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी हो चुकी है। महाविद्यालय का पुरुष प्रसाधन बीते कई दिनों से साफ नहीं किया गया है, जिसके चलते वहां गंदगी का भारी अंबार लगा हुआ है। इस बदबूदार और अस्वच्छ वातावरण के कारण यहाँ आने वाले छात्रों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। आश्चर्य की बात यह है कि महाविद्यालय परिसर में गुटखा और तंबाकू का सेवन पूरी तरह से प्रतिबंधित है और नियम तोड़ने पर 500 रुपये जुर्माने का भी प्रावधान है। इसके बावजूद, पूरा परिसर और पुरुष प्रसाधन गुटखे की पीक से लाल हो चुके हैं, जिससे स्पष्ट है कि प्रशासन नियमों का पालन कराने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। इस बदहाली पर बुंदेलखंड छात्र शक्ति संगठन के अध्यक्ष सत्येंद्र शर्मा ने महाविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित नहीं की गई और गुटखा खाने वालों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो छात्र संगठन उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन की होगी।4
- विदिशा जिले के ग्यारसपुर स्थित एसडीएम कार्यालय में मंगलवार को संदीपनी स्कूल के ग्राम धुरैरा निवासी छात्र-छात्राएं जनसुनवाई के दौरान पहुंचे और बस संचालन को लेकर शिकायत दर्ज कराई। विद्यार्थियों का कहना है कि स्कूल बस गांव के भीतर न आकर करीब एक किलोमीटर बाहर ही खड़ी कर दी जाती है, जिससे उन्हें रोजाना पैदल चलना पड़ता है। विशेषकर छोटे बच्चों को और बारिश के मौसम में इस वजह से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों ने मांग की है कि बस को गांव के भीतर या घरों के नजदीक तय स्थान पर रोका जाए। बच्चों ने प्राचार्य पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि परेशानी जताने पर उनसे कहा जाता है कि ज्यादा दिक्कत हो तो स्कूल से टीसी कटवा लो और एक जोड़ी कपड़ा साथ लाया करो। आवेदन देने के बाद विद्यार्थी 'हम हमारा हक मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते' के नारे लगाते हुए पैदल ही स्कूल की ओर चले गए। इस मुद्दे पर जनपद उपाध्यक्ष प्रीति शर्मा ने कहा कि यदि प्राचार्य बच्चों से इस तरह की बात कह रहे हैं तो स्कूल बंद कर दिया जाना चाहिए। वहीं, संदीपनी स्कूल के प्राचार्य ज्योति प्रकाश ने बताया कि गांव की गलियां और रास्ते बस चलने के लिए उपयुक्त नहीं हैं, इसलिए बस को गांव के मुख्य चौराहे पर रोका जाता है और सभी बच्चे वहीं एकत्र होकर बस में बैठते हैं। बस हर बच्चे के घर के सामने नहीं जा सकती। एसडीएम कार्यालय में विद्यार्थियों का आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच कराने और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया गया है।2
- मध्य प्रदेश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू होने की दिशा में कदम बढ़ने के दावों के बीच बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा का एक बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि देश में "बहुत जिन्ना पैदा हो गए" हैं। रामेश्वर शर्मा ने दावा किया कि राज्य में हलाला और एक से अधिक शादी जैसी प्रथाओं पर कानून पूरी सख्ती से काम करेगा। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि "एक ही शादी रहमान करेगा, एक ही शादी राम करेगा, नहीं तो कानून का डंडा चलेगा।" उनके इस सार्वजनिक बयान के बाद "एक शादी... वरना जेल?" को लेकर चर्चाएं तेज हैं। हालांकि, ध्यान रहे कि किसी भी कानूनी बदलाव को प्रभावी बनाने के लिए सरकार द्वारा विधिवत कानून लागू किया जाना आवश्यक होता है।1
- मड़ावरा थाना क्षेत्र के ग्राम रनगांव में पूर्व ब्लॉक प्रमुख के घर के पास मंगलवार देर शाम एक तेज रफ्तार कार ने सामने से आ रही मोटरसाइकिल में जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक चालक, उसके दो बच्चे और एक परिजन घायल हो गए। दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय मोहल्लावासियों की मदद से 108 एंबुलेंस के जरिए सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। अस्पताल में भर्ती मदनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम अमौदा निवासी 30 वर्षीय ऊदल सिंह पुत्र मुन्नासिंह ने बताया कि वह अपने रिश्तेदार भागीरथ के साथ बाइक से दो बच्चों के इलाज के लिए मध्य प्रदेश के बरायठा कस्बा गया था। शाम को लौटते समय गिरता तिराहे के पास सामने से आ रही तेज रफ्तार कार ने सड़क के नीचे आकर उनकी बाइक में सीधी टक्कर मार दी। इस हादसे में ऊदल का दाहिना पैर पिंडली के आसपास बुरी तरह टूट गया, जबकि भागीरथ और दोनों बच्चे भी चोटिल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद ऊदल को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। टक्कर मारने के बाद भाग रही कार को मोती महाराज मंदिर के पास कुछ ग्रामीणों ने पकड़ लिया, लेकिन कार चालक चकमा देकर मौके से फरार होने में कामयाब रहा।3