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- बीना (सागर) के जे.पी. थर्मल पावर प्लांट सिरचौंपी में पावर प्लांट के चेयरमेन गौतम अडाणी के जन्मदिवस के अवसर पर बुधवार, 24 जून 2026 को "रक्त-क्रांति रक्तदान शिविर-76" का सफल आयोजन किया गया। सरदार पटेल स्कूल के सभागार में आयोजित इस शिविर में कुल 305 रक्तदाताओं ने निस्वार्थ भाव से रक्तदान किया, जिससे 305 यूनिट रक्त संग्रहित हुआ। इस शिविर का आयोजन जेपी थर्मल पावर प्लांट प्रबंधन और अडाणी फाउंडेशन द्वारा सिविल अस्पताल बीना, जिला अस्पताल सागर, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर के डॉक्टरों व स्टाफ, स्वास्थ्य सेवा संगठन बीना, समन्वय मंडपम एवं अन्य समाजसेवी संगठनों के सहयोग से किया गया। शिविर का शुभारंभ वाइस प्रेसिडेंट बी के पांडा, पावर प्लांट स्टेशन प्रमुख हरीश पांडे, एचआर प्रमुख प्रवीण कुमार सिन्हा, जिला अस्पताल सागर के आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी डॉ वीरेन्द्र सिंह ठाकुर, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ महेश जैन, डॉ अतुल जैन और स्वास्थ्य सेवा संगठन अध्यक्ष मनीष सिंघई ने मां सरस्वती के पूजन व माल्यार्पण के साथ किया। रक्तदान काउंसलर प्रीती जैन, लैब टेक्नीशियन रवि बोथ, सहायक पुष्पा कोरी, कंपाउंडर राममणि, सत्यजीत ठाकुर, जसवंत डब्बू सेन सहित पैरामेडिकल स्टाफ ने रक्तदाताओं से रक्तदान करवाया। उल्लेखनीय है कि बीना में जून 2018 से हर माह की 1 तारीख को सिविल अस्पताल बीना में "रक्त-क्रांति" रक्तदान शिविर लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। अब तक कुल 76 शिविरों में 2804 यूनिट से अधिक रक्त का रक्तदान किया जा चुका है। इसी अवसर पर आयोजित "रक्त-क्रांति सम्मान अलंकरण-66" कार्यक्रम में मनीष सिंघई को 106वीं बार रक्तदान करने के लिए "रक्त-क्रांति शतक रक्तवीर सम्मान" से सम्मानित किया गया, जबकि पावर प्लांट कर्मचारी आराधना शर्मा को "रक्त-वीरांगना" सम्मान प्रदान किया गया। डॉ वीरेन्द्र सिंह ठाकुर ने सिविल अस्पताल बीना की फीडिंग डेमोंस्ट्रेटर आरिफा बी को "उत्कृष्ट महिला सुरक्षा सम्मान", रक्तदाता कमल स्क्वायर को "उत्कृष्ट सुरक्षा सम्मान" और संस्कृत शिक्षक राहुल फुसकेले जैन को "उत्कृष्ट जीव-रक्षा सम्मान" प्रदान किए। जिला अस्पताल सागर एवं बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर द्वारा अडाणी फाउंडेशन जेपी पावर प्लांट सिरचौंपी बीना को "उत्कृष्ट समाजसेवा सम्मान" दिया गया, जिसे एचआर प्रमुख प्रवीण कुमार सिन्हा एवं कार्यक्रम समन्वयक पुष्पेन्द्र दांगी ठाकुर ने समस्त स्टाफ के साथ ग्रहण किया। शिविर में पावर प्लांट स्टेशन प्रमुख हरीश पांडे, मनीष सिंघई, आराधना शर्मा, राहुल फुसकेले जैन सहित अमित सरकारी, अरूण भास्कर, विवेक खरे, विशाल गौरव, राजा राजपूत, अमरपाल भारद्वाज, पुष्पेन्द्र दांगी, शुभम शुक्ला, कृष्णकांत मौर्या आदि 305 रक्तदाताओं ने अपना योगदान दिया। डॉ वीरेन्द्र सिंह ठाकुर ने सभी योग्य और सक्षम समाजसेवी जनों से अपील की कि वे अपने जन्मदिन, सालगिरह या खुशी के अवसरों पर रक्तदान शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों से रक्तदान करवाएं। उनका कहना था कि यह रक्त खून की कमी वाली गर्भवती माताओं और कुपोषित बच्चों को समय पर मिल सकेगा, जिससे उनकी जान बचाई जा सकेगी। कार्यक्रम के अंत में मानव प्रबंधन प्रमुख प्रवीण कुमार सिन्हा एवं पुष्पेन्द्र दांगी ने सभी राजनेताओं, कार्यकर्ताओं, समाजसेवियों, कर्मचारियों और रक्तदाताओं का हार्दिक आभार व्यक्त किया, "रक्त-क्रांति - सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित भविष्य" के संदेश के साथ।1
- बीना के बारधा गांव के पास शुक्रवार देर रात हुए एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जिसके बाद सिविल अस्पताल में परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर समय पर डॉक्टर उपलब्ध न होने और इलाज में घोर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए। जानकारी के अनुसार, आदर्श उर्फ सुल्तान कुर्मी (25) और माधव लोधी (30) बीना से बाजार कर अपने गांव लौट रहे थे। बारधा गांव के पास शराब दुकान के सामने सड़क किनारे खड़े दोनों युवकों को खुरई की ओर से आए एक तेज रफ्तार अज्ञात डंपर ने टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल बीना सिविल अस्पताल लाया गया, जहाँ इलाज के दौरान आदर्श की मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल माधव को सागर रेफर किया गया है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में ड्यूटी पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था, और यदि समय पर इलाज मिलता तो आदर्श की जान बचाई जा सकती थी। इसी बात पर परिजन और ग्रामीण आक्रोशित होकर अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन करने लगे। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब 108 एम्बुलेंस के आने में करीब डेढ़ घंटे की देरी का पता चला। नाराज भीड़ ने बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल के साथ अभद्रता की और उन पर हमला करने की कोशिश भी की, जिसके बाद डॉ. अग्रवाल को खुद को एक कमरे में बंद करना पड़ा। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अनूप यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और लोगों को समझाकर मामले को शांत कराया। कुछ देर बाद विधायक निर्मला सप्रे और भाजपा के अन्य पदाधिकारी भी अस्पताल पहुँचे, जहाँ उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। विधायक सप्रे ने बीना के अस्पताल को केवल रेफर सेंटर बनकर रह जाने की आलोचना की और बताया कि क्षेत्र में 100 बिस्तरों वाला अस्पताल शुरू कराने के प्रयास जारी हैं। वहीं, बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने अपनी ओर से स्पष्ट किया कि घायल आदर्श की अस्पताल पहुँचने से पहले ही मौत हो चुकी थी। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात डंपर चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।1
- सागर जिले के खिमलासा, बीना में मुहर्रम का पर्व पूरी श्रद्धा और शांति के साथ मनाया गया। हुसैन की शहादत की याद में यह पर्व गम और शोक (मातम) के साथ मनाया गया। इस दौरान सभी वार्डों से ताजिए मुख्य मार्गों से होते हुए नारायणी मंदिर के मुख्य चौराहे पर पहुंचे, जहाँ अखाड़ा प्रेमियों ने अपने हैरतअंगेज करतब पेश किए। इसके बाद सभी छोटे और बड़े ताजिए विसर्जन के लिए रवाना हुए। इस्लाम धर्म के हिजरी कैलेंडर का पहला महीना मुहर्रम, पैगंबर मुहम्मद साहब के नवासे (नाती) इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत की याद में मनाया जाता है, इसे खुशी का त्योहार नहीं माना जाता है। इतिहास के अनुसार, 680 ईस्वी में इराक के कर्बला में हुए युद्ध में इमाम हुसैन ने अत्याचारी शासक यजीद की सत्ता को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। सत्य और न्याय के लिए इमाम हुसैन और उनके 72 समर्थकों ने यजीद की विशाल सेना का डटकर मुकाबला किया और शहीद हो गए, लेकिन उन्होंने जालिम के सामने घुटने नहीं टेके। खिमलासा, बीना, में सभी समुदाय आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाने के लिए जाने जाते हैं, जहाँ हर व्यक्ति अन्य समाज और धर्म का सम्मान करता है, जिससे शांति और सौहार्द की मिसाल कायम रहती है। इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में खिमलासा थाना प्रभारी राधेश्याम पटेल और पुलिस प्रशासन के सभी अधिकारियों की सराहनीय भूमिका रही।2
- अखिल भारतीय कुशवाह महासभा द्वारा सिरोंज में सैकड़ों की संख्या में क्षत्री नाके चौराहा से पैदल रैली निकालकर कलेक्टर महोदय के नाम नायब तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन संजीवनी हॉस्पिटल के संचालक संजीव माथुर द्वारा एक पीड़िता के साथ कथित छेड़छाड़ और अनैतिक कार्यों के विरोध में था। पीड़िता का इलाज 24 जून 2026 से संजीवनी हॉस्पिटल में आयुष्मान कार्ड के माध्यम से लगभग 15 दिनों से चल रहा था, और इस दौरान अस्पताल संचालक पर यह गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले में 24 जून 2026 को सिरोंज थाने में आरोपी डॉ. माथुर के खिलाफ बी.एन.एस. की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। ज्ञापन के माध्यम से कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कई प्रमुख बिंदु उठाए गए। इनमें अस्पताल की जांच कर उसकी मान्यता रद्द करने, तथा आयुष्मान कार्ड की मान्यता भी रद्द करने की मांग शामिल है, क्योंकि पीड़िता का इलाज आयुष्मान के दायरे में नहीं आता था, और आयुष्मान कार्ड से इलाज केवल अस्पताल में भर्ती रहकर किया जाता है। इससे आयुष्मान कार्ड धारियों के इलाज में बड़े घोटाले की आशंका जताई गई है, जिसकी निष्पक्ष जांच और राशि रोकने की मांग की गई है। इसके अतिरिक्त, आरोपी डॉक्टर की डिग्रियों की जांच, अस्पताल की बिल्डिंग की जांच कर अवैध पाए जाने पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई, और डॉक्टर माथुर द्वारा पीड़िता के भाई पर दर्ज कराई गई मारपीट की रिपोर्ट को खारिज करने की मांग भी की गई। साथ ही, डॉक्टर माथुर की ग्राम मुगलसराय स्थित क्लिनिक की भी जांच करने की बात कही गई है। इस ज्ञापन में पिछले वर्ष हेल्ड एंड केयर मल्टी हॉस्पिटल के संचालक शाहिद मोहम्मद और सिद्दीका खातून द्वारा बिना डिग्री के ऑपरेशन करने से प्रसूता कल्पना कुशवाह और उनके नवजात शिशु की हुई मौत का मामला भी उठाया गया। आरोप है कि इस अस्पताल पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कुशवाह महासभा ने इस कथित अवैध अस्पताल की आयुष्मान सुविधा रद्द करने और उस पर भी बुलडोजर चलाने की मांग की है। अखिल भारतीय कुशवाह महासभा ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की जाती है, तो कुशवाह समाज उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। इस दौरान अखिल भारतीय कुशवाह महासभा के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त नारायण सिंह कुशवाह, जिला अध्यक्ष राकेश कुशवाह (जिन्होंने ज्ञापन का वाचन भी किया), मनोज कुशवाह, देवपुर मंदिर समिति अध्यक्ष घनश्याम कुशवाह, तहसील अध्यक्ष बुंदेल सिंह कुशवाह, भाजपा मंडल अध्यक्ष सीताराम कुशवाह, भाजपा वरिष्ठ नेता मुंशीलाल कुशवाह, अशोकनगर अध्यक्ष रामबाबू कुशवाह, लटेरी अध्यक्ष पहलवान कुशवाह, प्रांतीय समाज प्रदेश महामंत्री गोपाल कुशवाह, रेवाराम कुशवाह, विदिशा एडवोकेट सिद्धि कुशवाह, राजकुमार कुशवाह, फूलसिंह कुशवाह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य सरदार सिंह कुशवाह, भाजपा नेता डॉक्टर प्रकाश कुशवाह, मन्नालाल कुशवाह, सरपंच मदन सिंह कुशवाह, भूरा कुशवाह, कमलेश कुशवाह, खेमचंद्र कुशवाह, लक्ष्मीनारायण कुशवाह, पूर्व सरपंच गुमानीलाल कुशवाह, राजाराम कुशवाह, गुलाब सिंह, ज्ञान सिंह, समाजसेवी रामबाबू कुशवाह, एडवोकेट मलखान कुशवाह सहित सैकड़ों की संख्या में कुशवाह समाज के बंधु उपस्थित रहे।2
- गंजबासौदा नगर की बेटी कनक रैकवार, जो पंकज आरती रैकवार की पुत्री हैं, को सागर में 'बुंदेली क्रिएटर्स अवार्ड' से सम्मानित किया गया है। वर्तमान में कनक विदिशा से बीकॉम की पढ़ाई कर रही हैं और पढ़ाई के साथ-साथ एक कंटेंट क्रिएटर के तौर पर भी सक्रिय हैं। वह सोशल मीडिया पर रील्स बनाती हैं और उनके फेसबुक पर 19 हजार तथा इंस्टाग्राम पर 63 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं। कनक को हाल ही में सागर में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में इस प्रतिष्ठित बुंदेली क्रिएटर्स अवार्ड से नवाजा गया। इस सम्मान से गौरवान्वित होने पर उनके परिवारजनों, मित्रों, रिश्तेदारों सहित नगर के अनेक गणमान्य नागरिकों ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं व्यक्त की हैं।1
- एक भावनात्मक संदेश में कहा गया है कि व्यक्ति को मोहब्बत भरे अपने जीवन में कभी भी दिल से पछतावा नहीं करना चाहिए।1
- बीना सिरचौंपी स्थित जेपी थर्मल पावर प्लांट में गौतम अडाणी के जन्मदिवस के अवसर पर एक विशाल रक्तदान शिविर 'रक्त-क्रांति रक्तदान शिविर-76' का आयोजन किया गया। इस शिविर में 305 रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की, जिससे कुल 305 यूनिट रक्त का संग्रह हुआ। यह शिविर जेपी थर्मल पावर प्लांट प्रबंधन और अडाणी फाउंडेशन द्वारा सिविल अस्पताल बीना, जिला अस्पताल सागर, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर, स्वास्थ्य सेवा संगठन बीना एवं अन्य सामाजिक संगठनों के सहयोग से सरदार पटेल स्कूल के सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वाइस प्रेसिडेंट बी.के. पांडा, स्टेशन प्रमुख हरीश पांडे, एचआर प्रमुख प्रवीण कुमार सिन्हा, डॉ. वीरेन्द्र सिंह ठाकुर, डॉ. महेश जैन, डॉ. अतुल जैन और स्वास्थ्य सेवा संगठन के अध्यक्ष मनीष सिंघई ने मां सरस्वती के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। आयोजकों ने जानकारी दी कि जून 2018 से शुरू हुए 'रक्त-क्रांति' अभियान के तहत अब तक कुल 76 रक्तदान शिविर आयोजित किए जा चुके हैं, जिनसे 2804 यूनिट से अधिक रक्त संग्रह किया जा चुका है। इस अवसर पर स्वास्थ्य सेवा संगठन के अध्यक्ष मनीष सिंघई को उनके 106वें रक्तदान के लिए 'रक्त-क्रांति शतक रक्तवीर सम्मान' से सम्मानित किया गया, जबकि आराधना शर्मा को 'रक्त-वीरांगना सम्मान' प्रदान किया गया। इनके अलावा, कई अन्य रक्तदाताओं और समाजसेवियों को भी उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। डॉ. वीरेन्द्र सिंह ठाकुर ने रक्तदान को 'महादान' बताते हुए समाज के सक्षम लोगों से अपने जन्मदिन, सालगिरह और खुशी के अन्य अवसरों पर रक्तदान शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। यह महाअभियान एक बार फिर इस बात को साबित करता है कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं है, और जरूरतमंदों की जिंदगी बचाने का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणा एवं सेवा का संदेश दे रहा है।1
- विदिशा के सिरोंज से सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ एक पिता को अपने 5 साल के मृत बेटे आजम का शव गोद में उठाकर अस्पताल ले जाना पड़ा। विदिशा जिले के सिरोंज क्षेत्र के भगवंतपुर गांव में एक सड़क हादसे में मासूम आजम की मौत हो गई, जिसके बाद परिजन उसे सिरोंज के शासकीय राजीव गांधी अस्पताल लेकर पहुँचे। परिजनों का कहना था कि अस्पताल पहुँचने पर उन्हें न तो एंबुलेंस मिली और न ही स्ट्रेचर उपलब्ध कराया गया। मजबूरन पिता ने अपने बेटे के शव को कपड़ों में लपेटा और पोस्टमार्टम के लिए उसे गोद में उठाकर पोस्टमार्टम रूम तक ले गए। परिजनों को बेटे का शव 3 घंटे इंतजार के बाद मिला और उन्हें अपने मृत बच्चे के शरीर को काले रंग की पॉलिथीन में लपेटकर घर वापस ले जाना पड़ा। पिता ने यह भी बताया कि अस्पताल में सिर्फ एक ही स्ट्रेचर है और वह भी मरीजों के कारण खाली नहीं था, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस घटना के संबंध में मृतक आजम के परिजनों ने यह भी बताया कि उनके 5 साल के बेटे को भगवंतपुर रोड पर एक वाहन ने टक्कर मारकर उड़ा दिया था। उन्होंने स्थानीय थाने में इसकी शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन अभी तक आरोपी को पकड़ा नहीं गया है। परिजनों ने स्थानीय एसडीएम कोर्ट पहुँचकर आरोपी को जल्द से जल्द पकड़ने की गुहार लगाई है, साथ ही सरकारी अस्पताल से कोई सुविधा न मिलने पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है।4