लखनऊ में आयोजित ‘जन आक्रोश महिला पद यात्रा’ ने आज एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले लिया। लखनऊ में आयोजित ‘जन आक्रोश महिला पद यात्रा’ ने आज एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले लिया। इस पद यात्रा में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath, प्रदेश अध्यक्ष Pankaj Chaudhary और संगठन महामंत्री Dharampal Singh के नेतृत्व में भारी जनसमूह ने भाग लिया। कार्यक्रम में महिलाओं का अभूतपूर्व जनसैलाब देखने को मिला, जिसने साफ कर दिया कि अब नारी शक्ति अपने अधिकारों और सम्मान को लेकर पूरी तरह जागरूक हो चुकी है। यह पद यात्रा विपक्ष की कथित महिला विरोधी सोच और दोहरे चरित्र के खिलाफ एक सशक्त जनआवाज़ बनकर उभरी। हर कदम पर महिलाओं ने अपने अधिकार, सुरक्षा और सम्मान के लिए आवाज बुलंद की। नारी सशक्तिकरण और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराते हुए यह संदेश दिया गया कि यह जनआंदोलन आगे भी इसी तरह मजबूती से जारी रहेगा। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak समेत कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
लखनऊ में आयोजित ‘जन आक्रोश महिला पद यात्रा’ ने आज एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले लिया। लखनऊ में आयोजित ‘जन आक्रोश महिला पद यात्रा’ ने आज एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले लिया। इस पद यात्रा में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath,
प्रदेश अध्यक्ष Pankaj Chaudhary और संगठन महामंत्री Dharampal Singh के नेतृत्व में भारी जनसमूह ने भाग लिया। कार्यक्रम में महिलाओं का अभूतपूर्व जनसैलाब देखने को मिला, जिसने साफ कर दिया कि अब नारी शक्ति अपने अधिकारों और सम्मान को लेकर
पूरी तरह जागरूक हो चुकी है। यह पद यात्रा विपक्ष की कथित महिला विरोधी सोच और दोहरे चरित्र के खिलाफ एक सशक्त जनआवाज़ बनकर उभरी। हर कदम पर महिलाओं ने अपने अधिकार, सुरक्षा और सम्मान के लिए आवाज बुलंद की। नारी सशक्तिकरण
और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराते हुए यह संदेश दिया गया कि यह जनआंदोलन आगे भी इसी तरह मजबूती से जारी रहेगा। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak समेत कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- छतरपुर के नारायणपुरा रोड स्थित एक मकान में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते घर का काफी सामान जलकर खाक हो गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना की सूचना देने के बावजूद दमकल वाहन करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंचा, जिससे मोहल्लेवासियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। आग लगने के बाद घर के लोग और आसपास के निवासी छोटे पानी के पाइपों से आग बुझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया। दमकल के देर से पहुंचने को लेकर लोगों ने प्रशासन के प्रति आक्रोश जताया और समय पर सहायता न मिलने पर सवाल उठाए हैं। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है।1
- लखनऊ... जन आक्रोश रैली में पुलिस रही हाई अलर्ट 🚨।। लखनऊ में आयोजित जन आक्रोश रैली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। रैली को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। विशेष रूप से एसीपी गाज़ीपुर एक्टिव मोड में दिखाई दिए, जो लगातार मौके पर मौजूद रहकर हालात का जायजा लेते रहे और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखा। रैली के दौरान कहीं भी अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस बल तैनात रहा और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी गई। समीर नक़वी ✍️1
- लखनऊ | राजनीतिक बयानबाज़ी तेज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस हो या समाजवादी पार्टी, इनका चेहरा अलोकतांत्रिक है और इनके कृत्य महिला विरोधी हैं।” मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ये दल केवल वोट बैंक की राजनीति करते हैं और महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान के मुद्दों पर गंभीर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रही है। इस बयान के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। विपक्षी दलों की ओर से भी इस पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज हो सकती है।1
- Post by Sanjay Lal1
- डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जन्म जयंती के उपलक्ष्य में पूर्वी विधानसभा में "सम्मान अभियान- 2026" के अंतर्गत संगोष्ठी का आयोजन - वरिष्ठ भाजपा नेता नीरज सिंह जी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे उपस्थित - समाज में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अनुसूचित जाति वर्ग के पांच प्रमुख लोगों का किया गया सम्मान - विधायक ने शिक्षा का महत्व बताते हुए पढ़ा शेर -“क ख ग घ को पहचानो, अलिफ़ को पढ़ना सीखो, अ आ इ ई को हथियार, बनाकर लड़ना सीखो!” लखनऊ। 18 अप्रैल 2026 संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में “सम्मान अभियान 2026” के अंतर्गत लखनऊ पूर्वी विधानसभा के सी ब्लॉक स्थित दत्त भवन में एक भव्य एवं गरिमामयी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम मंडल तीन, मैथिलीशरण गुप्त वार्ड के अंतर्गत संपन्न हुआ, जिसमें क्षेत्रीय विधायक श्री ओपी श्रीवास्तव जी का प्रभावशाली मुख्य उद्बोधन रहा। अपने उद्बोधन में विधायक श्री ओपी श्रीवास्तव जी ने कहा कि 14 अप्रैल केवल एक तिथि नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और अधिकारों की चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “डॉ. अंबेडकर का जीवन हमें सिखाता है कि अधिकारों की रक्षा तभी संभव है, जब हम अपने कर्तव्यों का पूर्ण निष्ठा से पालन करें। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।” विधायक जी ने अपने संबोधन में प्रख्यात जनकवि सफदर हाशमी जी की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए युवाओं को प्रेरित किया— “क ख ग घ को पहचानो, अलिफ़ को पढ़ना सीखो, अ आ इ ई को हथियार, बनाकर लड़ना सीखो!” उन्होंने आगे कहा कि बाबा साहब ने जिस समतामूलक समाज की परिकल्पना की थी, उसे साकार करने के लिए आज केंद्र में नरेंद्र मोदी जी और प्रदेश में योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में सरकार निरंतर कार्य कर रही है। समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही वास्तविक सामाजिक न्याय है। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षा, संघर्ष और संकल्प के मार्ग पर चलकर ही बाबा साहब के विचारों को सशक्त बनाया जा सकता है। समाज में व्याप्त भेदभाव और असमानता को समाप्त करने के लिए प्रत्येक नागरिक को जागरूक और जिम्मेदार बनना होगा। कार्यक्रम वरिष्ठ भाजपा नेता नीरज सिंह जी ने संगठन की एकजुटता और सामाजिक समरसता को मजबूत करने पर बल दिया। उन्होंने कहा बाबा साहब के विचार आज भी राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं और उनके आदर्शों पर चलकर ही समरस समाज की स्थापना संभव है।1
- उद्घाटन के दूसरे दिन ही धूल फांक रहा शाहाबाद का नवनिर्मित रोडवेज बस अड्डा बाउंड्री बाल की अधूरी पुताई,अधूरी फर्श,अधूरी इंटरलॉकिंग,बिना बोर्ड के ही शुभारंभ हो गया रोडवेज बस स्टाफ, कमरों में ताला,कोई कर्मचारी भी नहीं, शाहाबाद,हरदोई। बड़े जोर-शोर और राजनीतिक उत्साह के बीच उद्घाटन हुआ शाहाबाद का नवनिर्मित रोडवेज बस अड्डा महज एक दिन बाद ही अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रहा है। जिस बस अड्डे को क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था की रीढ़ बताया जा रहा था, वहां दूसरे ही दिन सन्नाटा पसरा है। बताया जा रहा है कि परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कल ही फीता काटकर बस अड्डे का उद्घाटन किया था। उद्घाटन के दौरान बड़े-बड़े दावे किए गए—बेहतर सुविधा, नियमित बस संचालन और यात्रियों को राहत की बात कही गई। लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। बस अड्डे पर न तो कोई बस खड़ी दिखाई दे रही है और न ही यात्रियों की आवाजाही। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि बस अड्डे के कई कमरों पर ताले लटके हुए हैं। न कर्मचारी मौजूद हैं और न ही किसी प्रकार की संचालन व्यवस्था दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आधा-अधूरा निर्माण होने के बावजूद जल्दबाजी में उद्घाटन कर दिया गया। कई जगह निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, साफ-सफाई का अभाव है और बुनियादी सुविधाएं भी पूरी तरह से विकसित नहीं की गई हैं। यह स्थिति कई सवाल खड़े करती है— क्या सिर्फ राजनीतिक दिखावे के लिए अधूरे प्रोजेक्ट का उद्घाटन कर दिया गया? क्या आम जनता की सुविधाओं से ज्यादा प्राथमिकता फोटो सेशन को दी जा रही है? क्षेत्रवासियों में इसको लेकर नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि बस अड्डे का संचालन शुरू ही नहीं करना था तो उद्घाटन की इतनी जल्दबाजी क्यों की गई। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इस पर कब तक संज्ञान लेता है और कब तक यह बस अड्डा वास्तव में यात्रियों के लिए उपयोगी बन पाता है। फिलहाल, उद्घाटन के अगले ही दिन धूल फांकता यह बस अड्डा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।4
- *"बडा खाना" आयोजन पुलिस लाइन सुलतानपुरः-*1
- Post by Sanjay Lal1