दिव्यांग कल्याण संघ ने प्रदेश सरकार से मांग उठाई है कि बैकलॉग कोटे की पोस्टों को भर्ती के माध्यम से भरा जाए दिव्यांग कल्याण संघ ने प्रदेश सरकार से मांग उठाई है कि बैकलॉग कोटे की पोस्टों को भर्ती के माध्यम से भरा जाएं, ताकि दिव्यांगजनों को रोजगार मिल सके। साथ ही पिछले तीन वर्षों से दिव्यांग कल्याण बोर्ड का गठन नहीं हुआ है, जल्द से जल्द इसका गठन किया जाए और इसमें पूरे प्रदेश के दिव्यांगजनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए। इससे अलावा कई महीनों से बंद ‘मुख्यमंत्री सहारा योजना’ को तुरंत प्रभाव से पुनः प्रारंभ किया जाए। इन मांगों को लेकर बुधवार को सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। जिसमें दिव्यांग कल्याण संघ के पदाधिकारियों ने अपनी मांगे रखी। संघ की सचिव रचना कुमारी, कोषाध्यक्ष रेणु, सामर्थ्यया हमारी पहचान संस्था के चेयरमैन अधिवक्ता लग्नेश कुमार, जगदीश ठाकुर, विद्या सागर ने कहा कि पंचायत चुनाव रोस्टर में दिव्यांगजनों के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया जाए और दिव्यांगजनों के लिए लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को बिना देरी के भरा जाए। इसके अलावा 100 प्रतिशत दिव्यांगता की शर्त हटाकर सभी दिव्यांगजनों को समान अधिकार एवं पेंशन प्रदान की जाए।
दिव्यांग कल्याण संघ ने प्रदेश सरकार से मांग उठाई है कि बैकलॉग कोटे की पोस्टों को भर्ती के माध्यम से भरा जाए दिव्यांग कल्याण संघ ने प्रदेश सरकार से मांग उठाई है कि बैकलॉग कोटे की पोस्टों को भर्ती के माध्यम से भरा जाएं, ताकि दिव्यांगजनों को रोजगार मिल सके। साथ ही पिछले तीन वर्षों से दिव्यांग कल्याण बोर्ड का गठन नहीं हुआ है, जल्द से जल्द इसका गठन किया जाए और इसमें पूरे प्रदेश के दिव्यांगजनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए। इससे अलावा कई महीनों से बंद ‘मुख्यमंत्री सहारा योजना’ को तुरंत प्रभाव से
पुनः प्रारंभ किया जाए। इन मांगों को लेकर बुधवार को सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता आयोजित की गई। जिसमें दिव्यांग कल्याण संघ के पदाधिकारियों ने अपनी मांगे रखी। संघ की सचिव रचना कुमारी, कोषाध्यक्ष रेणु, सामर्थ्यया हमारी पहचान संस्था के चेयरमैन अधिवक्ता लग्नेश कुमार, जगदीश ठाकुर, विद्या सागर ने कहा कि पंचायत चुनाव रोस्टर में दिव्यांगजनों के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया जाए और दिव्यांगजनों के लिए लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को बिना देरी के भरा जाए। इसके अलावा 100 प्रतिशत दिव्यांगता की शर्त हटाकर सभी दिव्यांगजनों को समान अधिकार एवं पेंशन प्रदान की जाए।