छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के बैकुंठपुर क्षेत्र में लगातार बनी हुई विभिन्न समस्याओं को लेकर स्थानीय नागरिकों में गहरा असंतोष और निराशा देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी अपनी परेशानियाँ कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सामने रख चुके हैं। इसके बावजूद, शिकायतें दर्ज कराने और अधिकारियों से मिलने के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं और अब तक समस्याओं का कोई अपेक्षित समाधान नहीं निकल सका है। लगातार मिल रहे कोरे आश्वासनों से तंग आकर अब नागरिकों ने साफ कर दिया है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उनका मानना है कि अपने अधिकारों के लिए अब लोगों को स्वयं जागरूक होकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठानी होगी। लोगों का कहना है कि यदि पूरा समाज एकजुट होकर अपनी बात रखेगा, तभी व्यवस्था पर सकारात्मक दबाव बनेगा और ठोस कदम उठाए जा सकेंगे। फिलहाल इस पूरे विषय पर संबंधित विभाग या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे लोगों में "समस्याएँ सुनने वाले बहुत, समाधान करने वाले कम" की भावना के साथ नाराजगी और अधिक बढ़ रही है।
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के बैकुंठपुर क्षेत्र में लगातार बनी हुई विभिन्न समस्याओं को लेकर स्थानीय नागरिकों में गहरा असंतोष और निराशा देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी अपनी परेशानियाँ कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सामने रख चुके हैं। इसके बावजूद, शिकायतें दर्ज कराने और अधिकारियों से मिलने के बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं और अब तक समस्याओं का कोई अपेक्षित समाधान नहीं निकल सका है। लगातार मिल रहे कोरे आश्वासनों से तंग आकर अब नागरिकों ने साफ कर दिया है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। उनका मानना है कि अपने अधिकारों के लिए अब लोगों को स्वयं जागरूक होकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठानी होगी। लोगों का कहना है कि यदि पूरा समाज एकजुट होकर अपनी बात रखेगा, तभी व्यवस्था पर सकारात्मक दबाव बनेगा और ठोस कदम उठाए जा सकेंगे। फिलहाल इस पूरे विषय पर संबंधित विभाग या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे लोगों में "समस्याएँ सुनने वाले बहुत, समाधान करने वाले कम" की भावना के साथ नाराजगी और अधिक बढ़ रही है।
- छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले के भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ वनांचल स्थित ग्राम कुदरापा में बुनियादी सुविधाओं की कमी सरकारी दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। आजादी के दशकों बाद भी इस गाँव में प्राथमिक स्कूल नहीं बन सका है, जिसके कारण छोटे-छोटे बच्चों को पढ़ाई के लिए मजबूरन 20 से 25 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। इसके साथ ही गाँव में उपस्वास्थ्य केंद्र भी नहीं है, जिससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भटकना पड़ रहा है। इन बुनियादी माँगों को लेकर अब गाँव के लोग अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।1
- छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही में हमारी और हमारी टीम (BRSN) की ओर से एक नेता को बधाई दी गई है।1
- बलरामपुर के राजपुर में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा मंडी प्रांगण में बूथ, पंचायत एवं मंडल कमेटी स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में टी.एस. सिंहदेव शामिल हुए, जहाँ उन्होंने कांग्रेस परिवार से जुड़े पुराने साथियों की निष्ठा, समर्पण और संघर्ष को नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने जिला कांग्रेस कमेटी बलरामपुर के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेन्द्र तिवारी के निवास पर जाकर उनसे आत्मीय भेंट-मुलाकात भी की। सम्मेलन के दौरान वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के अनुभव को संगठन की सबसे बड़ी ताकत बताया गया। इसके साथ ही युवाओं से विशेष आग्रह किया गया कि वे वरिष्ठ नेताओं के मार्गदर्शन से प्रेरणा लेकर कांग्रेस संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत बनाने के लिए अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। मजबूत संगठन, समर्पित कार्यकर्ता और जनता का विश्वास ही कांग्रेस की सबसे बड़ी पूंजी है और इसी के बल पर संगठन के सशक्तिकरण का संकल्प लिया गया। इसी के साथ, दूसरी तरफ दिल्ली के भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए (NDA) कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया, जिसमें गठबंधन की भविष्य की रणनीति पर गहन मंथन किया गया।1
- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के अंतर्गत आने वाले रक्सगडा में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी द्वारा आषाढ़ माह में पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ महुआ तिहार मनाया गया है। पार्टी ने इस दौरान अपने पूरे रीति-रिवाजों का पालन करते हुए इस तिहार के कार्यक्रम का आयोजन किया।4
- छत्तीसगढ़ विधानसभा में महतारी वंदन योजना से महिलाओं के नाम काटे जाने का मुद्दा उठा है। विपक्ष ने सरकार से सवाल पूछा है कि योजना से कितनी महिलाओं के नाम हटाए गए हैं और इसके पीछे क्या कारण हैं। सरकार ने इसके जवाब में पात्रता के आधार पर जांच और सत्यापन की प्रक्रिया का हवाला दिया है। इस संवेदनशील विषय पर सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच चर्चा भी हुई। हालांकि, इस योजना से कुल कितनी महिलाओं के नाम हटाए गए हैं, इसकी कोई वास्तविक संख्या स्पष्ट नहीं हो सकी है।1
- मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले के चिरमिरी रेंज अंतर्गत दुबछोला गांव में वन विभाग ने अवैध रूप से सेमर प्रजाति की लकड़ी से भरे एक ट्रक को जब्त किया है। जब्त किए गए इस ट्रक का पंजीयन क्रमांक UP-64 HN-9748 बताया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान जब वाहन से संबंधित जरूरी दस्तावेज और लकड़ी के वैध परिवहन से जुड़े कागजात नहीं मिले, तो वन विभाग ने ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया। इस मामले में विभाग द्वारा भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।1
- दिल्ली पुलिस प्रशासन की दादागिरी के खिलाफ तीखा आक्रोश व्यक्त किया गया है। पुलिस प्रशासन के रवैए पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा गया है कि आखिर इस तानाशाही का विरोध कहां दर्ज कराया जाए और इस तरह की दादागिरी का विरोध करने में क्या गलत है।1
- एमसीबी जिले में एनएच-43 पर बिशुनपुर के पास एक तेज रफ्तार अज्ञात पिकअप ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर मारने के बाद पिकअप चालक बाइक को सड़क पर करीब एक किलोमीटर तक घसीटते हुए ले गया और फिर मौके से फरार हो गया। हादसे में घायल दोनों युवक केल्हारी क्षेत्र के रोझी इलाके के रहने वाले बताए जा रहे हैं। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल बैकुंठपुर में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलने के बाद चरचा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस फरार अज्ञात पिकअप और उसके चालक की तलाश में जुटी हुई है, जिसके लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।1