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#बिहार के #सहरसा #सदर #अस्पताल में #प्रभात #खबर #डिजिटल के #पत्रकार के #साथ #मारपीट की #घटना #बेहद #गंभीर और #निंदनीय है। #डॉक्टर जैसे #जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति का भाषा और व्यवहार मर्यादित होना चाहिए। पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच कर तत्काल उचित कार्रवाई होनी चाहिए। कानून सभी के लिए समान है चाहे वह डॉक्टर हो या पत्रकार। #बिहार के #सहरसा #सदर #अस्पताल में #प्रभात #खबर #डिजिटल के #पत्रकार के #साथ #मारपीट की #घटना #बेहद #गंभीर और #निंदनीय है। #डॉक्टर जैसे #जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति का भाषा और व्यवहार मर्यादित होना चाहिए। पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच कर तत्काल उचित कार्रवाई होनी चाहिए। कानून सभी के लिए समान है चाहे वह डॉक्टर हो या पत्रकार।

1 day ago
user_Gulshad khan journalist
Gulshad khan journalist
Local News Reporter उतरौला, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
1 day ago

#बिहार के #सहरसा #सदर #अस्पताल में #प्रभात #खबर #डिजिटल के #पत्रकार के #साथ #मारपीट की #घटना #बेहद #गंभीर और #निंदनीय है। #डॉक्टर जैसे #जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति का भाषा और व्यवहार मर्यादित होना चाहिए। पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच कर तत्काल उचित कार्रवाई होनी चाहिए। कानून सभी के लिए समान है चाहे वह डॉक्टर हो या पत्रकार। #बिहार के #सहरसा #सदर #अस्पताल में #प्रभात #खबर #डिजिटल के #पत्रकार के #साथ #मारपीट की #घटना #बेहद #गंभीर और #निंदनीय है। #डॉक्टर जैसे #जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति का भाषा और व्यवहार मर्यादित होना चाहिए। पत्रकारों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच कर तत्काल उचित कार्रवाई होनी चाहिए। कानून सभी के लिए समान है चाहे वह डॉक्टर हो या पत्रकार।

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  • ब्रेकिंग न्यूज़ जनपद बलरामपुर देवी पाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़ हरैया थाने पर रिश्वतखोरी का गंभीर आरोप, सात दिन बाद भी न्याय के लिए भटक रहा पीड़ित कार्रवाई के नाम पर रकम लेने का आरोप, न्याय न मिलने से परेशान पीड़ित ने आला अधिकारियों से लगाई गुहार विशेष संवाददाता | बस्ती | 16 सितंबर 2026 बस्ती (उत्तर प्रदेश)। जनपद के हरैया थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। एक पीड़ित ने हरैया थाने के कुछ पुलिसकर्मियों पर मामले में कार्रवाई करने और उसे मजबूत करने के नाम पर कथित रूप से रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि रकम देने के बावजूद सात दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उसे अपेक्षित कार्रवाई या न्याय नहीं मिल सका है। पीड़ित के अनुसार, वह अपनी शिकायत लेकर करीब एक सप्ताह पहले हरैया थाने पहुंचा था। उसका आरोप है कि मामले में प्रभावी कार्रवाई कराने तथा आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का भरोसा दिलाया गया। इसी दौरान उससे कथित तौर पर पैसों की मांग की गई। पीड़ित का दावा है कि न्याय मिलने की उम्मीद में उसने संबंधित पुलिसकर्मियों को रकम दे दी, लेकिन इसके बाद भी मामले में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई। शिकायत के बाद भी कार्रवाई का इंतजार पीड़ित का कहना है कि थाने में शिकायत देने के बाद उसे उम्मीद थी कि पुलिस मामले की जांच कर जल्द आवश्यक कार्रवाई करेगी। लेकिन सात दिन गुजर जाने के बाद भी स्थिति में कोई स्पष्ट बदलाव नहीं आया। पीड़ित के मुताबिक, वह लगातार थाने के चक्कर लगा रहा है और अपनी शिकायत पर हुई कार्रवाई की जानकारी मांग रहा है। आरोप है कि हर बार उसे अलग-अलग कारण बताकर वापस भेज दिया जाता है। पीड़ित का कहना है कि शुरुआत में कार्रवाई का भरोसा दिया गया, लेकिन बाद में मामले को लेकर टालमटोल की जाने लगी। इससे वह मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान है। रिश्वत देने के बाद भी न्याय नहीं मिलने का आरोप पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों में सबसे गंभीर बात यह है कि कार्रवाई के नाम पर कथित रूप से रकम लिए जाने के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है और यह स्पष्ट नहीं है कि कथित रकम किस पुलिसकर्मी द्वारा और किस परिस्थिति में ली गई। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि रिश्वत लेने का आरोप जांच में सही पाया जाता है, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई का प्रश्न उठ सकता है। वहीं, यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो वास्तविक स्थिति भी जांच के माध्यम से स्पष्ट हो सकेगी। सात दिनों से अधिकारियों के चक्कर काट रहा पीड़ित पीड़ित का कहना है कि थाना स्तर पर सुनवाई नहीं होने के बाद अब वह उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी में है। उसका कहना है कि उसे उम्मीद है कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायत की निष्पक्ष जांच कराएंगे और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। पीड़ित ने यह भी मांग की है कि उसकी मूल शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और उसे मामले की जांच की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाए। पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली और शिकायतों के निस्तारण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आम नागरिक जब किसी विवाद, अपराध या उत्पीड़न की शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचता है तो उससे निष्पक्ष जांच और कानून के मुताबिक कार्रवाई की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में यदि किसी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई के नाम पर रिश्वत मांगने या लेने का आरोप लगता है, तो मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक हो जाती है। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए भी यह महत्वपूर्ण है कि शिकायत की वास्तविकता सामने लाई जाए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उच्च अधिकारियों के संज्ञान का इंतजार फिलहाल मामले में पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि पीड़ित की शिकायत पर विभागीय स्तर पर कोई जांच शुरू की गई है या नहीं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि क्या पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इस शिकायत का संज्ञान लेकर पूरे प्रकरण की जांच कराते हैं। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि कथित रिश्वतखोरी के आरोपों की सत्यता जांच में क्या सामने आती है और पीड़ित की मूल शिकायत पर नियमानुसार क्या कार्रवाई की जाती है।
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    ब्रेकिंग न्यूज़ जनपद बलरामपुर देवी पाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़
हरैया थाने पर रिश्वतखोरी का गंभीर आरोप, सात दिन बाद भी न्याय के लिए भटक रहा पीड़ित
कार्रवाई के नाम पर रकम लेने का आरोप, न्याय न मिलने से परेशान पीड़ित ने आला अधिकारियों से लगाई गुहार
विशेष संवाददाता | बस्ती | 16 सितंबर 2026
बस्ती (उत्तर प्रदेश)। जनपद के हरैया थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। एक पीड़ित ने हरैया थाने के कुछ पुलिसकर्मियों पर मामले में कार्रवाई करने और उसे मजबूत करने के नाम पर कथित रूप से रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि रकम देने के बावजूद सात दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उसे अपेक्षित कार्रवाई या न्याय नहीं मिल सका है।
पीड़ित के अनुसार, वह अपनी शिकायत लेकर करीब एक सप्ताह पहले हरैया थाने पहुंचा था। उसका आरोप है कि मामले में प्रभावी कार्रवाई कराने तथा आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का भरोसा दिलाया गया। इसी दौरान उससे कथित तौर पर पैसों की मांग की गई। पीड़ित का दावा है कि न्याय मिलने की उम्मीद में उसने संबंधित पुलिसकर्मियों को रकम दे दी, लेकिन इसके बाद भी मामले में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई।
शिकायत के बाद भी कार्रवाई का इंतजार
पीड़ित का कहना है कि थाने में शिकायत देने के बाद उसे उम्मीद थी कि पुलिस मामले की जांच कर जल्द आवश्यक कार्रवाई करेगी। लेकिन सात दिन गुजर जाने के बाद भी स्थिति में कोई स्पष्ट बदलाव नहीं आया। पीड़ित के मुताबिक, वह लगातार थाने के चक्कर लगा रहा है और अपनी शिकायत पर हुई कार्रवाई की जानकारी मांग रहा है।
आरोप है कि हर बार उसे अलग-अलग कारण बताकर वापस भेज दिया जाता है। पीड़ित का कहना है कि शुरुआत में कार्रवाई का भरोसा दिया गया, लेकिन बाद में मामले को लेकर टालमटोल की जाने लगी। इससे वह मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान है।
रिश्वत देने के बाद भी न्याय नहीं मिलने का आरोप
पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों में सबसे गंभीर बात यह है कि कार्रवाई के नाम पर कथित रूप से रकम लिए जाने के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है और यह स्पष्ट नहीं है कि कथित रकम किस पुलिसकर्मी द्वारा और किस परिस्थिति में ली गई।
ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि रिश्वत लेने का आरोप जांच में सही पाया जाता है, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई का प्रश्न उठ सकता है। वहीं, यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो वास्तविक स्थिति भी जांच के माध्यम से स्पष्ट हो सकेगी।
सात दिनों से अधिकारियों के चक्कर काट रहा पीड़ित
पीड़ित का कहना है कि थाना स्तर पर सुनवाई नहीं होने के बाद अब वह उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की तैयारी में है। उसका कहना है कि उसे उम्मीद है कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायत की निष्पक्ष जांच कराएंगे और दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
पीड़ित ने यह भी मांग की है कि उसकी मूल शिकायत पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और उसे मामले की जांच की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जाए।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली और शिकायतों के निस्तारण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आम नागरिक जब किसी विवाद, अपराध या उत्पीड़न की शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचता है तो उससे निष्पक्ष जांच और कानून के मुताबिक कार्रवाई की अपेक्षा की जाती है।
ऐसे में यदि किसी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई के नाम पर रिश्वत मांगने या लेने का आरोप लगता है, तो मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक हो जाती है। पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए भी यह महत्वपूर्ण है कि शिकायत की वास्तविकता सामने लाई जाए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उच्च अधिकारियों के संज्ञान का इंतजार
फिलहाल मामले में पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि पीड़ित की शिकायत पर विभागीय स्तर पर कोई जांच शुरू की गई है या नहीं।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि क्या पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इस शिकायत का संज्ञान लेकर पूरे प्रकरण की जांच कराते हैं। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि कथित रिश्वतखोरी के आरोपों की सत्यता जांच में क्या सामने आती है और पीड़ित की मूल शिकायत पर नियमानुसार क्या कार्रवाई की जाती है।
    user_मानसिकता न्यूज़ देवीपाटन मंडल
    मानसिकता न्यूज़ देवीपाटन मंडल
    Voice of people बलरामपुर, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट का मामला, पूर्व सपा विधायक के भाई साधू पासवान गिरफ्तार फेसबुक अकाउंट से आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने का आरोप, कोतवाली देहात में मुकदमा दर्ज मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट का मामला, पूर्व सपा विधायक के भाई साधू पासवान गिरफ्तार फेसबुक अकाउंट से आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने का आरोप, कोतवाली देहात में मुकदमा दर्ज बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित तौर पर आपत्तिजनक एवं अशोभनीय वीडियो पोस्ट किए जाने के मामले में कोतवाली देहात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए साधू पासवान को गिरफ्तार किया है। साधू पासवान पूर्व सपा विधायक जगराम पासवान के भाई बताए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक, फेसबुक पर ‘साधू पासवान’ नाम से संचालित अकाउंट से मुख्यमंत्री के संबंध में आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई थी। सोशल मीडिया पर वायरल हुई पोस्ट का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। प्रकरण में थाना कोतवाली देहात में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी साधू पासवान को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी। मामले की जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक बलरामपुर ने पुलिस कार्रवाई की पुष्टि की। पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पोस्ट, अकाउंट और प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई साक्ष्यों और जांच के आधार पर की जाएगी।
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    मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट का मामला, पूर्व सपा विधायक के भाई साधू पासवान गिरफ्तार

फेसबुक अकाउंट से आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने का आरोप, कोतवाली देहात में मुकदमा दर्ज

मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट का मामला, पूर्व सपा विधायक के भाई साधू पासवान गिरफ्तार
फेसबुक अकाउंट से आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने का आरोप, कोतवाली देहात में मुकदमा दर्ज
बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित तौर पर आपत्तिजनक एवं अशोभनीय वीडियो पोस्ट किए जाने के मामले में कोतवाली देहात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए साधू पासवान को गिरफ्तार किया है। साधू पासवान पूर्व सपा विधायक जगराम पासवान के भाई बताए जा रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक, फेसबुक पर ‘साधू पासवान’ नाम से संचालित अकाउंट से मुख्यमंत्री के संबंध में आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई थी। सोशल मीडिया पर वायरल हुई पोस्ट का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
प्रकरण में थाना कोतवाली देहात में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी साधू पासवान को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी।
मामले की जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक बलरामपुर ने पुलिस कार्रवाई की पुष्टि की। पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पोस्ट, अकाउंट और प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई साक्ष्यों और जांच के आधार पर की जाएगी।
    user_स्वतंत्र भारतीय न्यूज़
    स्वतंत्र भारतीय न्यूज़
    Local News Reporter तुलसीपुर, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • फेसबुक पोस्ट पर बवाल! मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो, फेसबुक पोस्ट पर बवाल! मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो,
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    फेसबुक पोस्ट पर बवाल! मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो, 
फेसबुक पोस्ट पर बवाल! मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो,
    user_Rahul Ratna
    Rahul Ratna
    रिपोर्टर बलरामपुर, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • सीएम डैशबोर्ड पर विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक सम्पन्न अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करते हुए रैंकिंग सुधारें अधिकारी-डीएम श्रावस्ती । जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग की अध्यक्षता में एवं मुख्य विकास अधिकारी शाहिद अहमद की उपस्थिति में आज कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से प्रदर्शित विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं, कार्यक्रमों एवं निर्माण कार्यों की विभागवार समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।बैठक में अवगत कराया गया कि माह अगस्त में जनपद श्रावस्ती की विकास कार्यों की रैंकिंग 39वीं, राजस्व कार्यो की रैंक 09 एवं संयुक्त रैंक 13 रैंक रही। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जनपद के कुल 85 कार्यक्रमों की समीक्षा में 59 कार्यक्रम ए श्रेणी, 04 कार्यक्रम बी श्रेणी, 04 कार्यक्रम सी श्रेणी, 02 कार्यक्रम डी श्रेणी तथा 16 कार्यक्रम अन्य श्रेणी में रहे। विभागवार समीक्षा के दौरान ग्राम्य विकास/डीआरडीए, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग तथा समाज कल्याण विभाग से संबंधित कार्यक्रमों में अपेक्षित सुधार के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार ग्राम्य विकास/एनआरएलएम, महिला एवं बाल विकास/आईसीडीएस, नियोजन तथा लोक निर्माण विभाग के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में एकल फैमिली आईडी की प्रगति पर भी विशेष रूप से चर्चा की गई। बैठक में सीएमआईएस पोर्टल की भी समीक्षा की गई। पोर्टल पर कुल 432 परियोजनाएं प्रदर्शित हैं, जिनमें 09 परियोजनाएं विलंबित तथा 254 परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा के अंतर्गत प्रगति पर हैं। जिलाधिकारी ने विलंबित परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करते हुए परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में जनपद में मार्क एवं रैंक के संबंध में भी समीक्षा की गई।
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    सीएम डैशबोर्ड पर विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक सम्पन्न
अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करते हुए रैंकिंग सुधारें अधिकारी-डीएम 
श्रावस्ती । जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग की अध्यक्षता में एवं मुख्य विकास अधिकारी शाहिद अहमद की उपस्थिति में आज कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से प्रदर्शित विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं, कार्यक्रमों एवं निर्माण कार्यों की विभागवार समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।बैठक में अवगत कराया गया कि माह अगस्त में जनपद श्रावस्ती की विकास कार्यों की रैंकिंग 39वीं, राजस्व कार्यो की रैंक 09 एवं संयुक्त रैंक 13 रैंक रही। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर जनपद के कुल 85 कार्यक्रमों की समीक्षा में 59 कार्यक्रम ए श्रेणी, 04 कार्यक्रम बी श्रेणी, 04 कार्यक्रम सी श्रेणी, 02 कार्यक्रम डी श्रेणी तथा 16 कार्यक्रम अन्य श्रेणी में रहे। विभागवार समीक्षा के दौरान ग्राम्य विकास/डीआरडीए, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग तथा समाज कल्याण विभाग से संबंधित कार्यक्रमों में अपेक्षित सुधार के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार ग्राम्य विकास/एनआरएलएम, महिला एवं बाल विकास/आईसीडीएस, नियोजन तथा लोक निर्माण विभाग के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में एकल फैमिली आईडी की प्रगति पर भी विशेष रूप से चर्चा की गई। बैठक में सीएमआईएस पोर्टल की भी समीक्षा की गई। पोर्टल पर कुल 432 परियोजनाएं प्रदर्शित हैं, जिनमें 09 परियोजनाएं विलंबित तथा 254 परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा के अंतर्गत प्रगति पर हैं। जिलाधिकारी ने विलंबित परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करते हुए परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में जनपद में मार्क एवं रैंक के संबंध में भी समीक्षा की गई।
    user_Hasmat Husain Khan
    Hasmat Husain Khan
    Lawyer इकौना, श्रावस्ती, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्पाइसजेट की दुबई जाने वाली दो फ़्लाइट्स SG 5111 और SG 5105 के 24 घंटे से अधिक समय तक न उड़ने से 200 से अधिक यात्रियों ने एयरपोर्ट टर्मिनल के अंदर फर्श पर बैठकर एयरलाइन के खिलाफ नारेबाजी की और धरना शुरू कर दिया। यात्रियों का आरोप है कि स्पाइसजेट का ग्राउंड स्टाफ सटीक जानकारी देने के बजाय नदारद हो गया और न ही समय पर रिफ्रेशमेंट या रहने का इंतजाम किया गया। स्पाइसजेट ने विमान ग्राउंडेड होने को देरी की वजह बताते हुए माफी मांगी और वैकल्पिक उड़ानों का आश्वासन दिया। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्पाइसजेट की दुबई जाने वाली दो फ़्लाइट्स SG 5111 और SG 5105 के 24 घंटे से अधिक समय तक न उड़ने से 200 से अधिक यात्रियों ने एयरपोर्ट टर्मिनल के अंदर फर्श पर बैठकर एयरलाइन के खिलाफ नारेबाजी की और धरना शुरू कर दिया। यात्रियों का आरोप है कि स्पाइसजेट का ग्राउंड स्टाफ सटीक जानकारी देने के बजाय नदारद हो गया और न ही समय पर रिफ्रेशमेंट या रहने का इंतजाम किया गया। स्पाइसजेट ने विमान ग्राउंडेड होने को देरी की वजह बताते हुए माफी मांगी और वैकल्पिक उड़ानों का आश्वासन दिया।
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    इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्पाइसजेट की दुबई जाने वाली दो फ़्लाइट्स SG 5111 और SG 5105 के 24 घंटे से अधिक समय तक न उड़ने से 200 से अधिक यात्रियों ने एयरपोर्ट टर्मिनल के अंदर फर्श पर बैठकर एयरलाइन के खिलाफ नारेबाजी की और धरना शुरू कर दिया।

यात्रियों का आरोप है कि स्पाइसजेट का ग्राउंड स्टाफ सटीक जानकारी देने के बजाय नदारद हो गया और न ही समय पर रिफ्रेशमेंट या रहने का इंतजाम किया गया। स्पाइसजेट ने विमान ग्राउंडेड होने को देरी की वजह बताते हुए माफी मांगी और वैकल्पिक उड़ानों का आश्वासन दिया।
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्पाइसजेट की दुबई जाने वाली दो फ़्लाइट्स SG 5111 और SG 5105 के 24 घंटे से अधिक समय तक न उड़ने से 200 से अधिक यात्रियों ने एयरपोर्ट टर्मिनल के अंदर फर्श पर बैठकर एयरलाइन के खिलाफ नारेबाजी की और धरना शुरू कर दिया।
यात्रियों का आरोप है कि स्पाइसजेट का ग्राउंड स्टाफ सटीक जानकारी देने के बजाय नदारद हो गया और न ही समय पर रिफ्रेशमेंट या रहने का इंतजाम किया गया। स्पाइसजेट ने विमान ग्राउंडेड होने को देरी की वजह बताते हुए माफी मांगी और वैकल्पिक उड़ानों का आश्वासन दिया।
    user_Mulayam Singh Yadav
    Mulayam Singh Yadav
    Newspaper publisher शोहरतगढ़, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • कांग्रेस में शामिल होने के बाद हेमंत चौधरी का सिद्धार्थनगर में जोरदार स्वागत सिद्धार्थनगर जिले में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने के बाद अपना दल (एस) युवा मंच के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय जन सरदार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमंत चौधरी के सिद्धार्थनगर प्रथम आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जगह-जगह जोरदार स्वागत किया। बांसी विधानसभा क्षेत्र में लोहरौली बॉर्डर से तिलौली चौराहे तक कई स्थानों पर स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने फूल-माला पहनाकर तथा अंगवस्त्र भेंटकर उनका अभिनंदन किया। तिलौली चौराहे पर आयोजित स्वागत समारोह में कांग्रेस जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। समर्थकों ने उत्साह के साथ हेमंत चौधरी का स्वागत किया और उनके कांग्रेस में शामिल होने पर खुशी जताई। इसके बाद जिला मुख्यालय स्थित कांग्रेस पार्टी कार्यालय पर भी स्वागत समारोह आयोजित किया गया। जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हेमंत चौधरी का फूल-मालाओं से स्वागत किया। इस दौरान पूर्व सांसद मोहम्मद मुकीम, विक्की रिजवी, अभिनव राय, राजन श्रीवास्तव, शतीश चंद त्रिपाठी, पप्पू खान, रंजना मिश्रा, कृष्ण बहादुर सिंह, जाकिर हुसैन, प्रदीप भारती, सौरभ सिंह और सूर्य प्रकाश चौधरी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद रहे। स्वागत कार्यक्रमों के दौरान लालेंद्र चौधरी, संतोष पाठक, जुकुरुउल्लाह, दीनानाथ चौधरी, कल्लू प्रधान, राजेश गब्बर, साधु प्रधान, अर्जुन प्रधान, हरीश उपाध्याय, हरीश पटेल, जय यादव, राजकुमार गौड़, बेचू राजभर, रंजीत चौधरी, नसीम, सीताराम चौधरी, धर्मेंद्र चौधरी, बदल चौधरी, मोनिका राजभर, उदयभान चौधरी, आदर्श चौधरी, फूलचंद चौधरी, फड़ीस चंद्र भट्ट, गोपाल भट्ट सहित सैकड़ों समर्थक मौजूद रहे।
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    कांग्रेस में शामिल होने के बाद हेमंत चौधरी का सिद्धार्थनगर में जोरदार स्वागत

सिद्धार्थनगर जिले में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने के बाद अपना दल (एस) युवा मंच के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय जन सरदार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमंत चौधरी के सिद्धार्थनगर प्रथम आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जगह-जगह जोरदार स्वागत किया। बांसी विधानसभा क्षेत्र में लोहरौली बॉर्डर से तिलौली चौराहे तक कई स्थानों पर स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने फूल-माला पहनाकर तथा अंगवस्त्र भेंटकर उनका अभिनंदन किया। तिलौली चौराहे पर आयोजित स्वागत समारोह में कांग्रेस जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। समर्थकों ने उत्साह के साथ हेमंत चौधरी का स्वागत किया और उनके कांग्रेस में शामिल होने पर खुशी जताई। इसके बाद जिला मुख्यालय स्थित कांग्रेस पार्टी कार्यालय पर भी स्वागत समारोह आयोजित किया गया। जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हेमंत चौधरी का फूल-मालाओं से स्वागत किया। इस दौरान पूर्व सांसद मोहम्मद मुकीम, विक्की रिजवी, अभिनव राय, राजन श्रीवास्तव, शतीश चंद त्रिपाठी, पप्पू खान, रंजना मिश्रा, कृष्ण बहादुर सिंह, जाकिर हुसैन, प्रदीप भारती, सौरभ सिंह और सूर्य प्रकाश चौधरी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद रहे। स्वागत कार्यक्रमों के दौरान लालेंद्र चौधरी, संतोष पाठक, जुकुरुउल्लाह, दीनानाथ चौधरी, कल्लू प्रधान, राजेश गब्बर, साधु प्रधान, अर्जुन प्रधान, हरीश उपाध्याय, हरीश पटेल, जय यादव, राजकुमार गौड़, बेचू राजभर, रंजीत चौधरी, नसीम, सीताराम चौधरी, धर्मेंद्र चौधरी, बदल चौधरी, मोनिका राजभर, उदयभान चौधरी, आदर्श चौधरी, फूलचंद चौधरी, फड़ीस चंद्र भट्ट, गोपाल भट्ट सहित सैकड़ों समर्थक मौजूद रहे।
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    पत्रकारिता
    Local News Reporter बंसी, सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • ब्रेकिंग न्यूज़ जनपद बलरामपुर देवीपाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़ बलरामपुर में सीएम योगी का कथित आपत्तिजनक AI वीडियो पोस्ट करने पर केस, सपा के पूर्व विधायक के भाई से पूछताछ बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संबंधित एक कथित आपत्तिजनक AI-जनरेटेड वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने के मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, वीडियो समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक जगराम पासवान के भाई साधु पासवान के नाम से संचालित फेसबुक आईडी से पोस्ट किया गया था। मामले में पुलिस ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को साधु पासवान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। फेसबुक आईडी से पोस्ट किए जाने का आरोप मामले के अनुसार, सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संबंधित एक ऐसा वीडियो प्रसारित हुआ, जिसे AI तकनीक से तैयार अथवा संपादित किए जाने का दावा किया जा रहा है। वीडियो में मुख्यमंत्री को आपत्तिजनक तरीके से गाना गाते हुए दिखाए जाने की बात सामने आई है। वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद भारतीय जनता पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं और समर्थकों की ओर से आपत्ति जताई गई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वीडियो के स्रोत और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले व्यक्ति की भूमिका की जांच शुरू की। जांच के दौरान कथित तौर पर साधु पासवान के नाम की फेसबुक आईडी से वीडियो पोस्ट किए जाने की बात सामने आई। पुलिस ने हिरासत में लेकर की पूछताछ पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद 15 सितंबर को साधु पासवान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान साधु पासवान ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि यह वीडियो उन्हें समाजवादी पार्टी कार्यालय से मिला था और इसके बाद उन्होंने उसे सोशल मीडिया पर साझा किया। हालांकि, वीडियो वास्तव में कहां तैयार हुआ, इसे किसने बनाया और सोशल मीडिया पर सबसे पहले किस व्यक्ति या अकाउंट से प्रसारित किया गया—इन बिंदुओं की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। इसी वजह से फिलहाल साधु पासवान के बयान को जांच का हिस्सा माना जा रहा है, अंतिम तथ्य नहीं। AI वीडियो की सत्यता और स्रोत की जांच मामले में पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल वीडियो की उत्पत्ति को लेकर है। आधुनिक AI तकनीक के जरिए किसी व्यक्ति के चेहरे, आवाज और बोलने के अंदाज में बदलाव करके वास्तविक प्रतीत होने वाली सामग्री तैयार की जा सकती है। ऐसे में किसी वायरल वीडियो को केवल सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के आधार पर वास्तविक मान लेना उचित नहीं होता। पुलिस की जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा सकता है कि वीडियो किस अकाउंट से सबसे पहले पोस्ट हुआ, इसे तैयार या एडिट करने में किन डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया गया और इसे आगे किन-किन सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किया गया। राजनीतिक विवाद भी हुआ तेज मुख्यमंत्री से संबंधित वीडियो सामने आने के बाद मामला केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक विवाद का रूप लेता दिखाई दिया। भाजपा समर्थकों और कार्यकर्ताओं की ओर से वीडियो को लेकर आपत्ति जताई गई। वहीं, मामले में समाजवादी पार्टी से जुड़े व्यक्ति के नाम का सामने आना राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, किसी व्यक्ति के राजनीतिक संबंध या किसी संगठन से जुड़ाव मात्र से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि संबंधित संगठन या उसके कार्यालय की ओर से वीडियो तैयार या प्रसारित किया गया था। इस संबंध में पुलिस जांच से सामने आने वाले साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे। पुलिस की जांच में सामने आएंगे अहम तथ्य इस पूरे प्रकरण में पुलिस की जांच अब वीडियो के मूल स्रोत, फेसबुक अकाउंट के संचालन, वीडियो तैयार करने वाले व्यक्ति और इसे प्रसारित करने की श्रृंखला पर केंद्रित रहने की संभावना है। साथ ही, पुलिस यह भी जांच करेगी कि वीडियो को किस उद्देश्य से बनाया अथवा साझा किया गया और क्या इसमें किसी तरह की छेड़छाड़ या भ्रामक प्रस्तुति की गई थी। फिलहाल साधु पासवान से पूछताछ की जा चुकी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर होगी। सोशल मीडिया पर AI सामग्री को लेकर बढ़ी चुनौती यह मामला सोशल मीडिया पर AI और एडिटेड वीडियो के बढ़ते इस्तेमाल से जुड़ी चुनौती को भी सामने लाता है। किसी सार्वजनिक व्यक्ति के वास्तविक वीडियो में डिजिटल बदलाव कर उसे अलग संदर्भ में प्रस्तुत करने से लोगों के बीच भ्रम पैदा हो सकता है। ऐसे मामलों में पुलिस और साइबर जांच एजेंसियां वीडियो के डिजिटल स्रोत, मूल पोस्ट, अकाउंट गतिविधियों और प्रसार की कड़ी की जांच करती हैं। बलरामपुर का यह मामला भी इसी तरह की डिजिटल जांच के दायरे में है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। वीडियो की वास्तविक उत्पत्ति, इसे तैयार करने वाले व्यक्ति और इसके प्रसार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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    ब्रेकिंग न्यूज़ जनपद बलरामपुर देवीपाटन मंडल उत्तर प्रदेश मानसिकता न्यूज़
बलरामपुर में सीएम योगी का कथित आपत्तिजनक AI वीडियो पोस्ट करने पर केस, सपा के पूर्व विधायक के भाई से पूछताछ
बलरामपुर। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संबंधित एक कथित आपत्तिजनक AI-जनरेटेड वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने के मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, वीडियो समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक जगराम पासवान के भाई साधु पासवान के नाम से संचालित फेसबुक आईडी से पोस्ट किया गया था। मामले में पुलिस ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को साधु पासवान को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
फेसबुक आईडी से पोस्ट किए जाने का आरोप
मामले के अनुसार, सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संबंधित एक ऐसा वीडियो प्रसारित हुआ, जिसे AI तकनीक से तैयार अथवा संपादित किए जाने का दावा किया जा रहा है। वीडियो में मुख्यमंत्री को आपत्तिजनक तरीके से गाना गाते हुए दिखाए जाने की बात सामने आई है। वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद भारतीय जनता पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं और समर्थकों की ओर से आपत्ति जताई गई।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वीडियो के स्रोत और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वाले व्यक्ति की भूमिका की जांच शुरू की। जांच के दौरान कथित तौर पर साधु पासवान के नाम की फेसबुक आईडी से वीडियो पोस्ट किए जाने की बात सामने आई।
पुलिस ने हिरासत में लेकर की पूछताछ
पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद 15 सितंबर को साधु पासवान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान साधु पासवान ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि यह वीडियो उन्हें समाजवादी पार्टी कार्यालय से मिला था और इसके बाद उन्होंने उसे सोशल मीडिया पर साझा किया।
हालांकि, वीडियो वास्तव में कहां तैयार हुआ, इसे किसने बनाया और सोशल मीडिया पर सबसे पहले किस व्यक्ति या अकाउंट से प्रसारित किया गया—इन बिंदुओं की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। इसी वजह से फिलहाल साधु पासवान के बयान को जांच का हिस्सा माना जा रहा है, अंतिम तथ्य नहीं।
AI वीडियो की सत्यता और स्रोत की जांच
मामले में पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल वीडियो की उत्पत्ति को लेकर है। आधुनिक AI तकनीक के जरिए किसी व्यक्ति के चेहरे, आवाज और बोलने के अंदाज में बदलाव करके वास्तविक प्रतीत होने वाली सामग्री तैयार की जा सकती है। ऐसे में किसी वायरल वीडियो को केवल सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के आधार पर वास्तविक मान लेना उचित नहीं होता।
पुलिस की जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा सकता है कि वीडियो किस अकाउंट से सबसे पहले पोस्ट हुआ, इसे तैयार या एडिट करने में किन डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया गया और इसे आगे किन-किन सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किया गया।
राजनीतिक विवाद भी हुआ तेज
मुख्यमंत्री से संबंधित वीडियो सामने आने के बाद मामला केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक विवाद का रूप लेता दिखाई दिया। भाजपा समर्थकों और कार्यकर्ताओं की ओर से वीडियो को लेकर आपत्ति जताई गई। वहीं, मामले में समाजवादी पार्टी से जुड़े व्यक्ति के नाम का सामने आना राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
हालांकि, किसी व्यक्ति के राजनीतिक संबंध या किसी संगठन से जुड़ाव मात्र से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि संबंधित संगठन या उसके कार्यालय की ओर से वीडियो तैयार या प्रसारित किया गया था। इस संबंध में पुलिस जांच से सामने आने वाले साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे।
पुलिस की जांच में सामने आएंगे अहम तथ्य
इस पूरे प्रकरण में पुलिस की जांच अब वीडियो के मूल स्रोत, फेसबुक अकाउंट के संचालन, वीडियो तैयार करने वाले व्यक्ति और इसे प्रसारित करने की श्रृंखला पर केंद्रित रहने की संभावना है। साथ ही, पुलिस यह भी जांच करेगी कि वीडियो को किस उद्देश्य से बनाया अथवा साझा किया गया और क्या इसमें किसी तरह की छेड़छाड़ या भ्रामक प्रस्तुति की गई थी।
फिलहाल साधु पासवान से पूछताछ की जा चुकी है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर होगी।
सोशल मीडिया पर AI सामग्री को लेकर बढ़ी चुनौती
यह मामला सोशल मीडिया पर AI और एडिटेड वीडियो के बढ़ते इस्तेमाल से जुड़ी चुनौती को भी सामने लाता है। किसी सार्वजनिक व्यक्ति के वास्तविक वीडियो में डिजिटल बदलाव कर उसे अलग संदर्भ में प्रस्तुत करने से लोगों के बीच भ्रम पैदा हो सकता है।
ऐसे मामलों में पुलिस और साइबर जांच एजेंसियां वीडियो के डिजिटल स्रोत, मूल पोस्ट, अकाउंट गतिविधियों और प्रसार की कड़ी की जांच करती हैं। बलरामपुर का यह मामला भी इसी तरह की डिजिटल जांच के दायरे में है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है। वीडियो की वास्तविक उत्पत्ति, इसे तैयार करने वाले व्यक्ति और इसके प्रसार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
    user_मानसिकता न्यूज़ देवीपाटन मंडल
    मानसिकता न्यूज़ देवीपाटन मंडल
    Voice of people बलरामपुर, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • नेपाल में भारत-नेपाल के व्यापारिक संबंध मजबूत करने पर जोर देवखुरी में आयोजित व्यापारिक सम्मेलन एवं शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए भारतीय व्यापारी नेता नेपाल में भारत-नेपाल के व्यापारिक संबंध मजबूत करने पर जोर देवखुरी में आयोजित व्यापारिक सम्मेलन एवं शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए भारतीय व्यापारी नेता ब्यूरो चीफ़ सौरभ कौशल प्रमाणवार्ता प्रूफ बलरामपुर, तुलसीपुर। नेपाल के देवखुरी में आयोजित व्यापारिक सम्मेलन एवं शपथ ग्रहण समारोह में उत्तर प्रदेश के बलरामपुर और श्रावस्ती जिलों के उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने अतिथि के रूप में सहभागिता की। इस दौरान भारत-नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार को बढ़ावा देने तथा दोनों देशों के व्यापारियों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। देवखुरी उद्योग वाणिज्य संघ, लमही के आमंत्रण पर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के श्रावस्ती जिलाध्यक्ष एवं बलरामपुर प्रभारी दीनानाथ गुप्ता, जिला महामंत्री राजेश रस्तोगी, युवा प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार गुप्ता, नगर मंत्री रवि गुप्ता और मीडिया प्रभारी महेंद्र द्विवेदी कार्यक्रम में शामिल हुए। इनके साथ तुलसीपुर व्यापार मंडल के अध्यक्ष रामकुमार कसौधन, उपाध्यक्ष घनश्याम कसौधन, महामंत्री श्याम सुंदर तथा कोषाध्यक्ष हिमांशु जिंदल भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में देवखुरी उद्योग वाणिज्य संघ की 13वीं कार्यकारिणी के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का नेपाल की स्थानीय सांस्कृतिक परंपरा के तहत ताज और मोमेंटो भेंटकर सम्मान किया गया। समारोह के दौरान देवखुरी उद्योग वाणिज्य संघ के वर्तमान एवं निवर्तमान अध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने दोनों देशों के व्यापारियों के बीच आपसी मेलजोल और सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाने तथा व्यापारियों के हितों को प्राथमिकता देने पर भी विचार-विमर्श हुआ। तुलसीपुर व्यापार मंडल के अध्यक्ष रामकुमार कसौधन ने बताया कि कार्यक्रम में भारत और नेपाल के व्यापारियों के हितों से जुड़े विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि नेपाल के व्यापारियों ने भारतीय प्रतिनिधियों का सम्मान करते हुए भारत को बड़े भाई के समान बताया। दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते मजबूत होने से सदियों पुराने ‘रोटी-बेटी’ के संबंध और अधिक प्रगाढ़ होंगे।
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    नेपाल में भारत-नेपाल के व्यापारिक संबंध मजबूत करने पर जोर

देवखुरी में आयोजित व्यापारिक सम्मेलन एवं शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए भारतीय व्यापारी नेता

नेपाल में भारत-नेपाल के व्यापारिक संबंध मजबूत करने पर जोर
देवखुरी में आयोजित व्यापारिक सम्मेलन एवं शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए भारतीय व्यापारी नेता
ब्यूरो चीफ़ सौरभ कौशल 
प्रमाणवार्ता प्रूफ 
बलरामपुर, तुलसीपुर।
नेपाल के देवखुरी में आयोजित व्यापारिक सम्मेलन एवं शपथ ग्रहण समारोह में उत्तर प्रदेश के बलरामपुर और श्रावस्ती जिलों के उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने अतिथि के रूप में सहभागिता की। इस दौरान भारत-नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार को बढ़ावा देने तथा दोनों देशों के व्यापारियों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
देवखुरी उद्योग वाणिज्य संघ, लमही के आमंत्रण पर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के श्रावस्ती जिलाध्यक्ष एवं बलरामपुर प्रभारी दीनानाथ गुप्ता, जिला महामंत्री राजेश रस्तोगी, युवा प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार गुप्ता, नगर मंत्री रवि गुप्ता और मीडिया प्रभारी महेंद्र द्विवेदी कार्यक्रम में शामिल हुए। इनके साथ तुलसीपुर व्यापार मंडल के अध्यक्ष रामकुमार कसौधन, उपाध्यक्ष घनश्याम कसौधन, महामंत्री श्याम सुंदर तथा कोषाध्यक्ष हिमांशु जिंदल भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में देवखुरी उद्योग वाणिज्य संघ की 13वीं कार्यकारिणी के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों का नेपाल की स्थानीय सांस्कृतिक परंपरा के तहत ताज और मोमेंटो भेंटकर सम्मान किया गया।
समारोह के दौरान देवखुरी उद्योग वाणिज्य संघ के वर्तमान एवं निवर्तमान अध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने दोनों देशों के व्यापारियों के बीच आपसी मेलजोल और सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को सुगम बनाने तथा व्यापारियों के हितों को प्राथमिकता देने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
तुलसीपुर व्यापार मंडल के अध्यक्ष रामकुमार कसौधन ने बताया कि कार्यक्रम में भारत और नेपाल के व्यापारियों के हितों से जुड़े विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि नेपाल के व्यापारियों ने भारतीय प्रतिनिधियों का सम्मान करते हुए भारत को बड़े भाई के समान बताया। दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते मजबूत होने से सदियों पुराने ‘रोटी-बेटी’ के संबंध और अधिक प्रगाढ़ होंगे।
    user_स्वतंत्र भारतीय न्यूज़
    स्वतंत्र भारतीय न्यूज़
    Local News Reporter तुलसीपुर, बलरामपुर, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • नवनिर्मित उप निबंधक कार्यालय का हुआ शुभारंभ जमीन की खरीद-फरोख्त संबंधी कार्यों में मिलेगी सुविधा श्रावस्ती। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विगत माह सीताद्वार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उप निबंधक कार्यालय श्रावस्ती का लोकार्पण किया गया था। इसी क्रम में बुधवार को जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने जिला पंचायत कार्यालय के निकट नवनिर्मित उप निबंधक सदर एवं सहायक महानिरीक्षक निबंधन कार्यालय का पूजा-अर्चना एवं फीता काटकर शुभारंभ किया।शुभारंभ के बाद जिलाधिकारी ने नवनिर्मित कार्यालय का भ्रमण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि अभी तक उप निबंधक कार्यालय कलेक्ट्रेट परिसर में संचालित हो रहा था। सीमित स्थान के कारण कार्यालयीन कार्यों में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। नए भवन के निर्माण से कार्यालय में बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध होंगी तथा आमजन को भूमि के क्रय-विक्रय एवं पंजीकरण संबंधी कार्यों में सुविधा मिलेगी।जिलाधिकारी ने इस अवसर पर स्टाम्प कार्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।कार्यक्रम के दौरान उप महानिरीक्षक निबंधन, देवीपाटन मंडल गोण्डा अशोक कटारिया, सहायक महानिरीक्षक निबंधन संत कुमार रावत, उप निबंधक प्रिया सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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    नवनिर्मित उप निबंधक कार्यालय का हुआ शुभारंभ
जमीन की खरीद-फरोख्त संबंधी कार्यों में मिलेगी सुविधा
श्रावस्ती। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विगत माह सीताद्वार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उप निबंधक कार्यालय श्रावस्ती का लोकार्पण किया गया था। इसी क्रम में बुधवार को जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने जिला पंचायत कार्यालय के निकट नवनिर्मित उप निबंधक सदर एवं सहायक महानिरीक्षक निबंधन कार्यालय का पूजा-अर्चना एवं फीता काटकर शुभारंभ किया।शुभारंभ के बाद जिलाधिकारी ने नवनिर्मित कार्यालय का भ्रमण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि अभी तक उप निबंधक कार्यालय कलेक्ट्रेट परिसर में संचालित हो रहा था। सीमित स्थान के कारण कार्यालयीन कार्यों में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। नए भवन के निर्माण से कार्यालय में बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध होंगी तथा आमजन को भूमि के क्रय-विक्रय एवं पंजीकरण संबंधी कार्यों में सुविधा मिलेगी।जिलाधिकारी ने इस अवसर पर स्टाम्प कार्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।कार्यक्रम के दौरान उप महानिरीक्षक निबंधन, देवीपाटन मंडल गोण्डा अशोक कटारिया, सहायक महानिरीक्षक निबंधन संत कुमार रावत, उप निबंधक प्रिया सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
    user_Hasmat Husain Khan
    Hasmat Husain Khan
    Lawyer इकौना, श्रावस्ती, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
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