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आजादी के 75 साल बाद भी 'नर्क' जैसी जिंदगी: रीवा के गाढ़ा गांव में सड़क नहीं, इसलिए अस्पताल पहुँचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं मासूम ​ रीवा जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो 'डिजिटल इंडिया' और 'विकास' के दावों की पोल खोलती है। जिले के अतरैला क्षेत्र के पास स्थित गाढ़ा गांव (138) के निवासियों के लिए आज भी पक्की सड़क एक लग्जरी बनी हुई है। आलम यह है कि यहाँ के लोग सड़क के लिए पिछले कई दशकों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। ​चार महीने का 'स्वैच्छिक कारावास' ​गाढ़ा गांव के लोगों के लिए मानसून की पहली फुहार खुशियों के बजाय डर लेकर आती है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि बारिश के चार महीनों में गांव टापू बन जाता है। मुख्य मार्ग से संपर्क पूरी तरह टूट जाता है, जिसके कारण बच्चों का स्कूल जाना बंद हो जाता है। बीमारों को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस तो दूर, पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। ​सड़क के अभाव में उजड़ रही हैं गोदें ​गांव का दर्द सिर्फ आवाजाही तक सीमित नहीं है। यहाँ की एक महिला, फूलमती ने नम आंखों से अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि उनकी बहू को प्रसव पीड़ा के दौरान अस्पताल ले जाना था, लेकिन रास्ता न होने के कारण मुख्य मार्ग तक पहुँचने में ही इतनी देरी हो गई कि अस्पताल पहुँचने से पहले ही बच्चे की मौत हो गई। गांव के युवाओं का कहना है कि सड़क न होने के कारण अब इस गांव में कोई अपनी बेटी की शादी करने को तैयार नहीं है, जिससे कई घरों के चिराग बुझने की कगार पर हैं। ​ आजादी के 75 साल बाद भी 'नर्क' जैसी जिंदगी: रीवा के गाढ़ा गांव में सड़क नहीं, इसलिए अस्पताल पहुँचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं मासूम ​ रीवा जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो 'डिजिटल इंडिया' और 'विकास' के दावों की पोल खोलती है। जिले के अतरैला क्षेत्र के पास स्थित गाढ़ा गांव (138) के निवासियों के लिए आज भी पक्की सड़क एक लग्जरी बनी हुई है। आलम यह है कि यहाँ के लोग सड़क के लिए पिछले कई दशकों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। ​चार महीने का 'स्वैच्छिक कारावास' ​गाढ़ा गांव के लोगों के लिए मानसून की पहली फुहार खुशियों के बजाय डर लेकर आती है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि बारिश के चार महीनों में गांव टापू बन जाता है। मुख्य मार्ग से संपर्क पूरी तरह टूट जाता है, जिसके कारण बच्चों का स्कूल जाना बंद हो जाता है। बीमारों को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस तो दूर, पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। ​सड़क के अभाव में उजड़ रही हैं गोदें ​गांव का दर्द सिर्फ आवाजाही तक सीमित नहीं है। यहाँ की एक महिला, फूलमती ने नम आंखों से अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि उनकी बहू को प्रसव पीड़ा के दौरान अस्पताल ले जाना था, लेकिन रास्ता न होने के कारण मुख्य मार्ग तक पहुँचने में ही इतनी देरी हो गई कि अस्पताल पहुँचने से पहले ही बच्चे की मौत हो गई। गांव के युवाओं का कहना है कि सड़क न होने के कारण अब इस गांव में कोई अपनी बेटी की शादी करने को तैयार नहीं है, जिससे कई घरों के चिराग बुझने की कगार पर हैं। ​

20 hrs ago
user_हरित प्रवाह न्यूज़
हरित प्रवाह न्यूज़
हुजूर नगर, रीवा, मध्य प्रदेश•
20 hrs ago

आजादी के 75 साल बाद भी 'नर्क' जैसी जिंदगी: रीवा के गाढ़ा गांव में सड़क नहीं, इसलिए अस्पताल पहुँचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं मासूम ​ रीवा जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो 'डिजिटल इंडिया' और 'विकास' के दावों की पोल खोलती है। जिले के अतरैला क्षेत्र के पास स्थित गाढ़ा गांव (138) के निवासियों के लिए आज भी पक्की सड़क एक लग्जरी बनी हुई है। आलम यह है कि यहाँ के लोग सड़क के लिए पिछले कई दशकों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। ​चार महीने का 'स्वैच्छिक कारावास' ​गाढ़ा गांव के लोगों के लिए मानसून की पहली फुहार खुशियों के बजाय डर लेकर आती है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि बारिश के चार महीनों में गांव टापू बन जाता है। मुख्य मार्ग से संपर्क पूरी तरह टूट जाता है, जिसके कारण बच्चों का स्कूल जाना बंद हो जाता है। बीमारों को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस तो दूर, पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। ​सड़क के अभाव में उजड़ रही हैं गोदें ​गांव का दर्द सिर्फ आवाजाही तक सीमित नहीं है। यहाँ की एक महिला, फूलमती ने नम आंखों से अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि उनकी बहू को प्रसव पीड़ा के दौरान अस्पताल ले जाना था, लेकिन रास्ता न होने के कारण मुख्य मार्ग तक पहुँचने में ही इतनी देरी हो गई कि अस्पताल पहुँचने से पहले ही बच्चे की मौत हो गई। गांव के युवाओं का कहना है कि सड़क न होने के कारण अब इस गांव में कोई अपनी बेटी की शादी करने को तैयार नहीं है, जिससे कई घरों के चिराग बुझने की कगार पर हैं। ​ आजादी के 75 साल बाद भी 'नर्क' जैसी जिंदगी: रीवा के गाढ़ा गांव में सड़क नहीं, इसलिए अस्पताल पहुँचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं मासूम ​ रीवा जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो 'डिजिटल इंडिया' और 'विकास' के दावों की पोल खोलती है। जिले के अतरैला क्षेत्र के पास स्थित गाढ़ा गांव (138) के निवासियों के लिए आज भी पक्की सड़क एक लग्जरी बनी हुई है। आलम यह है कि यहाँ के लोग सड़क के लिए पिछले कई दशकों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। ​चार महीने का 'स्वैच्छिक कारावास' ​गाढ़ा गांव के लोगों के लिए मानसून की पहली फुहार खुशियों के बजाय डर लेकर आती है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि बारिश के चार महीनों में गांव टापू बन जाता है। मुख्य मार्ग से संपर्क पूरी तरह टूट जाता है, जिसके कारण बच्चों का स्कूल जाना बंद हो जाता है। बीमारों को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस तो दूर, पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। ​सड़क के अभाव में उजड़ रही हैं गोदें ​गांव का दर्द सिर्फ आवाजाही तक सीमित नहीं है। यहाँ की एक महिला, फूलमती ने नम आंखों से अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि उनकी बहू को प्रसव पीड़ा के दौरान अस्पताल ले जाना था, लेकिन रास्ता न होने के कारण मुख्य मार्ग तक पहुँचने में ही इतनी देरी हो गई कि अस्पताल पहुँचने से पहले ही बच्चे की मौत हो गई। गांव के युवाओं का कहना है कि सड़क न होने के कारण अब इस गांव में कोई अपनी बेटी की शादी करने को तैयार नहीं है, जिससे कई घरों के चिराग बुझने की कगार पर हैं। ​

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  • Post by Sanskar mishra
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    Post by Sanskar mishra
    user_Sanskar mishra
    Sanskar mishra
    Court reporter हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    33 min ago
  • चिरहुला मंदिर रीवा के सौंदर्य करण एवं कॉरिडोर बनाने के लिए यह अतिक्रमण हटाया जा रहा है
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    चिरहुला मंदिर रीवा के सौंदर्य करण एवं कॉरिडोर बनाने के लिए यह अतिक्रमण हटाया जा रहा है
    user_Deepesh Pandey Dist Chief Director ACFI Rewa
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  • किसान की फसल बर्बाद हो गई वह नहीं दिखाई देती है
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    किसान की फसल बर्बाद हो गई वह नहीं दिखाई देती है
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Huzur, Rewa•
    5 hrs ago
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    Post by Bolti Divare
    user_Bolti Divare
    Bolti Divare
    Voice of people हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बीहड़ नदी पुल पर संकट के बदल सवालों के घेरे में प्रशासन
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    बीहड़ नदी पुल पर संकट के बदल सवालों के घेरे में प्रशासन
    user_Prime 24 News
    Prime 24 News
    हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    17 hrs ago
  • रीवा कलेक्टर कार्यालय में कल होगी टीएल बैठक सिरमौर सहित जिले भर के एसडीएम होंगे उपस्थित रीवा . कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में टीएल बैठक सुबह 11.30 बजे से आयोजित की गई है। बैठक में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सभी एसडीएम, विभागीय जिला अधिकारियों, जनपद सीईओ, बीएमओ, बीईओ, सीडीपीओ तथा बीरसीसी को अनिवार्य रूप से उपस्थिति के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा है कि सभी अधिकारी विभागीय प्रगति रिपोर्ट के साथ उपस्थित रहेंगे और कोई भी अधिकारी बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। कलेक्टर ने कहा है कि दोपहर 12 बजे से एचपीवी वैक्सीनेशन की समीक्षा की जाएगी। सीएमचओ अपनी टीम के साथ पूरी जानकारी सहित बैठक में उपस्थित रहें।
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    रीवा  कलेक्टर  कार्यालय में कल होगी टीएल बैठक सिरमौर  सहित जिले भर के एसडीएम होंगे उपस्थित
रीवा . कलेक्ट्रेट के मोहन सभागार में टीएल बैठक सुबह 11.30 बजे से आयोजित की गई है। बैठक में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सभी एसडीएम, विभागीय जिला अधिकारियों, जनपद सीईओ, बीएमओ, बीईओ, सीडीपीओ तथा  बीरसीसी को अनिवार्य रूप से उपस्थिति के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा है कि सभी अधिकारी विभागीय प्रगति रिपोर्ट के साथ उपस्थित रहेंगे और कोई भी अधिकारी बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। कलेक्टर ने कहा है कि दोपहर 12 बजे से एचपीवी वैक्सीनेशन की समीक्षा की जाएगी। सीएमचओ अपनी टीम के साथ पूरी जानकारी सहित बैठक में उपस्थित रहें।
    user_हरित प्रवाह न्यूज़
    हरित प्रवाह न्यूज़
    हुजूर नगर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • ✍️रीवा ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय✍️ #रीवा मध्यप्रदेश जिला रीवा का रहने वाला बताया जा रहा युवक शुभम सेन सोशल मीडिया पर ब्राह्मण और ठाकुर समाज के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए नजर आ रहा है भद्दी भद्दी गालियां देते हुए वीडियो वायरल किया जिसमें खुल्लेआम मारने काटने को कह रहा है। ऐसी हरकतें समाज में जहर घोलने का काम करती हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जरूरत है कि ऐसे लोगों को कानून के दायरे में लाकर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि यह एक मिसाल बने और आगे कोई भी इस तरह समाज की भावनाओं से खिलवाड़ करने की हिम्मत न करे। बहुत जल्दी एफआईआर इस के खिलाफ होगी
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    ✍️रीवा ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय✍️
#रीवा 
मध्यप्रदेश जिला रीवा 
का रहने वाला बताया जा रहा युवक शुभम सेन सोशल मीडिया पर ब्राह्मण और ठाकुर समाज के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग करते हुए नजर आ रहा है 
भद्दी भद्दी गालियां देते हुए वीडियो वायरल किया  जिसमें खुल्लेआम मारने काटने को कह रहा है। 
ऐसी हरकतें समाज में जहर घोलने का काम करती हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जरूरत है कि ऐसे लोगों को कानून के दायरे में लाकर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि यह एक मिसाल बने और आगे कोई भी इस तरह समाज की भावनाओं से खिलवाड़ करने की हिम्मत न करे। बहुत जल्दी एफआईआर  इस के खिलाफ होगी
    user_जर्नलिस्ट रिप्पू पाण्डेय
    जर्नलिस्ट रिप्पू पाण्डेय
    Court reporter हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • ग्रामीण वासियों को कहना है कि पैसा चढ़ाने पर ही आवास मिलता है
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    ग्रामीण वासियों को कहना है कि पैसा चढ़ाने पर ही आवास मिलता है
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Huzur, Rewa•
    5 hrs ago
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