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इंदरगढ़/दतिया.... गणतंत्र दिवस समारोह कार्यक्रम में नगर परिषद द्वारा विद्युत विभाग इंदरगढ़ के कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया,एवं नगर परिषद इंदरगढ़ के सीएमओ विजय बहादुर सिंह को राष्ट्रपति सम्मान पुरस्कार मिलने पर उनका पुष्पमाला व साल श्रीफल भेंट कर स्वागत सम्मान किया गया.....
प्रवीण कुमार श्रीवास्तव
इंदरगढ़/दतिया.... गणतंत्र दिवस समारोह कार्यक्रम में नगर परिषद द्वारा विद्युत विभाग इंदरगढ़ के कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया,एवं नगर परिषद इंदरगढ़ के सीएमओ विजय बहादुर सिंह को राष्ट्रपति सम्मान पुरस्कार मिलने पर उनका पुष्पमाला व साल श्रीफल भेंट कर स्वागत सम्मान किया गया.....
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- टहरौली (झांसी)। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा हाल ही में अधिसूचित “Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026” को लेकर विधिक जगत में तीव्र विरोध सामने आया है। बुधवार को तहसील टहरौली के अधिवक्ताओं ने इस नियमावली को असंवैधानिक बताते हुए प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी (एसडीएम) टहरौली गौरव आर्या को सौंपा। यह ज्ञापन एडवोकेट रीतेश मिश्रा ‘राघवेन्द्र’ के आवाहन पर तथा टहरौली बार संघ के पूर्व अध्यक्ष राजीव समाधिया, अश्वनी पटैरिया और नरोत्तम शर्मा के संयुक्त नेतृत्व में दिया गया। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि यूजीसी का नया इक्विटी रेगुलेशन भारतीय संविधान के मूल ढांचे के विरुद्ध है और समानता के अधिकार पर सीधा प्रहार करता है। संविधान के अनुच्छेदों के उल्लंघन का आरोप ज्ञापन में कहा गया कि यह नियम संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 16 के तहत प्रदत्त समानता के अधिकारों का उल्लंघन करता है। अधिवक्ताओं का कहना है कि ‘इक्विटी’ की आड़ में बनाए गए ये प्रावधान वर्ग-विशेष पर आधारित हैं, जिससे समान परिस्थितियों वाले विद्यार्थियों के बीच भेदभाव उत्पन्न होगा। प्रमुख विधिक आपत्तियां अधिवक्ताओं ने सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों का हवाला देते हुए कई आपत्तियां दर्ज कराईं। ई.पी. रॉयप्पा बनाम तमिलनाडु राज्य मामले का उल्लेख करते हुए कहा गया कि कोई भी मनमाना नियम समानता के अधिकार के विपरीत होता है। इसके साथ ही नए नियमों में शिकायत तंत्र को एकपक्षीय बताते हुए Audi Alteram Partem यानी “दूसरे पक्ष को सुनने” के सिद्धांत की अनदेखी का आरोप लगाया गया, जिससे मेधावी छात्रों के करियर और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। अधिवक्ताओं ने इंद्रा साहनी बनाम भारत संघ प्रकरण का हवाला देते हुए कहा कि सामाजिक न्याय के नाम पर विशेष प्रावधान असीमित नहीं हो सकते। वर्तमान नियम मेरिट आधारित शिक्षा प्रणाली को कमजोर करते हैं। साथ ही नियमों की भाषा को अस्पष्ट और विवेकाधीन शक्तियों से युक्त बताते हुए इसे डॉक्ट्रिन ऑफ प्रोपोर्शनालिटी के विरुद्ध बताया गया। अधिवक्ताओं की प्रमुख मांगें अधिवक्ताओं ने मांग की कि “Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026” को तत्काल प्रभाव से निरस्त या वापस लिया जाए। साथ ही शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर कोई भी नियम लागू करने से पहले विधिक विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और सभी वर्गों से व्यापक परामर्श किया जाए तथा समानता के अधिकार और मेरिट आधारित शिक्षा व्यवस्था का पूर्ण संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। बड़ी संख्या में अधिवक्ता रहे मौजूद इस अवसर पर एडवोकेट रीतेश मिश्रा, राजीव समाधिया, अश्वनी पटैरिया, नरोत्तम शर्मा, अमित शर्मा, रजनीश बाजपेयी, संजय शर्मा, नरेश समाधिया, राघवेन्द्र रिछारिया, चन्द्रपाल सिंह बुन्देला, वीरेन्द्र तिवारी, दीपक पस्तोर, अंकित पाण्डेय, रामबाबू वशिष्ठ, आदित्य शुक्ला, ब्रजेन्द्र पटैरिया, अमित खरे, चन्द्रशेखर चतुर्वेदी सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में यूजीसी की इस नियमावली को वापस लेने की मांग की।1
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- झांसी। सड़क सुरक्षा माह भले ही समापन की ओर हो, लेकिन जागरूकता अभियान तब तक जारी रहेंगे जब तक जनपद की शत-प्रतिशत जनता यातायात नियमों का पालन करने न लगे। इसी क्रम में संभागीय परिवहन विभाग एवं यातायात विभाग के संयुक्त तत्वावधान में, शासन के निर्देशानुसार सड़क सुरक्षा माह–2026 के अंतर्गत सीपरी बाजार स्थित आर्य कन्या डिग्री कॉलेज में एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में एआरटीओ डॉ. सुजीत कुमार मुख्य अतिथि रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज की प्राचार्य डॉ. अलका नायक ने की। कार्यक्रम का संयोजन सड़क सुरक्षा समिति की सदस्य एवं ट्रैफिक चीफ वार्डन डॉ. प्रगति शर्मा द्वारा किया गया। विशिष्ट अतिथि के रूप में टी.आई. देवेंद्र शर्मा, परिवहन अधिकारी एस.के. अग्रवाल एवं मॉडल सुश्री पायल शर्मा उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान एनएसएस, एनसीसी एवं रोवर–रेंजर्स की छात्राओं को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति प्रशिक्षित किया गया। छात्राओं को यह जिम्मेदारी सौंपी गई कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करें और सड़कों पर नियमों का उल्लंघन करने वालों को जागरूक करते हुए उन्हें नियम पालन के लिए प्रेरित करें। कार्यशाला में सड़क सुरक्षा से संबंधित तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारियाँ विस्तार से दी गईं। कार्यक्रम के अंत में तीनों विंग्स की मेधावी छात्राओं को शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही उपस्थित अतिथियों द्वारा सभी छात्राओं एवं प्रतिभागियों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर ट्रैफिक वार्डन एवं सड़क सुरक्षा समिति सदस्य दीपशिखा शर्मा, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सपना अरोड़ा, एनसीसी प्रभारी डॉ. शारदा, डॉ. कविता अग्निहोत्री सहित महाविद्यालय की सैकड़ों छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यशाला का संचालन डॉ. प्रगति शर्मा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन कॉलेज की प्राचार्य डॉ. अलका नायक ने व्यक्त किया।1