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हाथरस में बकरीद पर्व के मद्देनज़र प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने पुलिस बल के साथ शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों में फ्लैग मार्च किया। अधिकारियों ने मोहल्ला मधुगढ़ी पहुंचकर मस्जिद के इमाम और मुस्लिम समाज के लोगों से संवाद स्थापित किया। उन्होंने सभी से भाईचारे और शांतिपूर्ण माहौल में त्योहार मनाने की अपील की। इस दौरान, जिलाधिकारी ने अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी रखने की बात पर ज़ोर दिया, वहीं पुलिस अधीक्षक ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नागरिकों से सहयोग का आग्रह किया।
Sunil kumar
हाथरस में बकरीद पर्व के मद्देनज़र प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने पुलिस बल के साथ शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों में फ्लैग मार्च किया। अधिकारियों ने मोहल्ला मधुगढ़ी पहुंचकर मस्जिद के इमाम और मुस्लिम समाज के लोगों से संवाद स्थापित किया। उन्होंने सभी से भाईचारे और शांतिपूर्ण माहौल में त्योहार मनाने की अपील की। इस दौरान, जिलाधिकारी ने अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी रखने की बात पर ज़ोर दिया, वहीं पुलिस अधीक्षक ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नागरिकों से सहयोग का आग्रह किया।
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- हाथरस जिले की सादाबाद तहसील में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 27 पुलिस सब-इंस्पेक्टरों (एसआई) को टैबलेट वितरित किए गए। इस अवसर पर सादाबाद विधायक प्रदीप चौधरी उर्फ गुड्डू चौधरी, एसडीम सादाबाद मनीषा चौधरी और सीओ जे.एन. अस्थाना (जयेंद्र नाथ अस्थाना) सहित कई सादाबाद पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। टैबलेट पाने वालों में सादाबाद थाना प्रभारी श्री विजय सिंह (निरीक्षक), सहपऊ थाना प्रभारी श्री मयंक चौधरी (उप निरीक्षक) और चंदपा थाना प्रभारी श्री योगेश कुमार (उप निरीक्षक) जैसे पुलिस अधिकारी शामिल थे। यह पहल पुलिस व्यवस्था को डिजिटल रूप से मजबूत करने और कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।4
- हाथरस जनपद में ईद-उल-अजहा (बकरीद) पर्व के मद्देनजर शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से बुधवार को जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च किया। अधिकारियों ने सदर कोतवाली से माधुगढ़ी मस्जिद तक पैदल मार्च कर जिले में सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों से संवाद किया। उन्होंने सभी से पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और आपसी भाईचारे के साथ मनाने का आवाहन किया। जिलाधिकारी ने नागरिकों से शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और सामाजिक समरसता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की अपील भी की। उन्होंने यह भी बताया कि पर्व को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं। पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि पुलिस पूरी तरह से सतर्क और सक्रिय है, और संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।4
- सलाम इंडिया 24 द्वारा की गई एक पड़ताल में यह गंभीर सवाल उठाया गया है कि आखिर फरियादियों को अपने मामलों के समाधान के लिए थाने से लेकर कप्तान के कार्यालय तक क्यों चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इस पड़ताल में हाथरस पुलिस से जनता की उम्मीदों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसमें यह पूछा गया है कि कब उनके आँसू केवल कैमरे के सामने रुकने के बजाय, वास्तव में थमेंगे और उन्हें न्याय मिलेगा।1
- उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के वीरनगर स्थित शाहपुर कलां गाँव में नाली पिछले पाँच सालों से टूटी हुई है। इस टूटी हुई नाली के कारण गाँव में लगातार गंदगी फैल रही है।1
- आगरा जोन के एडीजी एस. के. भगत ने हाथरस के सासनी कोतवाली का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना तथा पुलिसिंग व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था। इस दौरान उन्होंने थाना परिसर, सभी अभिलेखों, अपराध नियंत्रण व्यवस्था और जनसुनवाई संबंधी प्रणालियों का गहनता से जायजा लिया। इसके अतिरिक्त, एडीजी एस. के. भगत ने गरीब छात्राओं को साइकिलें भी वितरित कीं।1
- हाथरस गेट थाना क्षेत्र के इगलास रोड स्थित गांव जोगिया के पास वर्चस्व को लेकर दो गुटों में खूनी संघर्ष हो गया। एक मामूली कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई, जहाँ दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई और उस्तरे भी चले। इस घटना में एक ही पक्ष के दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया गया है कि यह खूनी भिड़ंत दोनों गुटों के बीच लंबे समय से चले आ रहे पुराने विवाद का परिणाम थी, जिसमें उस्तरे से वार करने का जान से मारने का इरादा था। संघर्ष की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद मौके पर पहुँची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए तुरंत जिला अस्पताल भिजवाया। हालांकि, मामला अस्पताल पहुँचने के बाद भी शांत नहीं हुआ। जिला अस्पताल परिसर में दोनों गुट एक बार फिर आमने-सामने आ गए, जहाँ जमकर खिंचातानी और हंगामा हुआ। अस्पताल में हुई इस मारपीट और हंगामे से वहाँ मौजूद मरीजों और उनके तीमारदारों में दहशत फैल गई। आखिरकार, अस्पताल सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया।1