प्रेस विज्ञप्ति रीवा, दिनांक 31 मार्च 2026 अल्ट्राटेक बेला सीमेंट वर्क्स में 300 ठेका श्रमिकों की छंटनी के विरोध में जारी धरना आंदोलन 30वें दिन भी जारी एटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड हरिद्वार सिंह ने कहा—मजदूरों का संघर्ष अवश्य सफल होगा, न्याय मिलकर रहेगा मध्य प्रदेश के रीवा जिले स्थित अल्ट्राटेक बेला सीमेंट वर्क्स में 300 ठेका श्रमिकों की छंटनी के विरोध में 2 मार्च 2026 से जारी धरना आंदोलन आज 30वें दिन भी निरंतर जारी रहा। धरना स्थल पर मजदूरों के उत्साह को संबल प्रदान करने एवं आंदोलन को गति देने के उद्देश्य से ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रांतीय अध्यक्ष कामरेड हरिद्वार सिंह उपस्थित होकर मजदूरों को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया में ऐसी कोई ताकत नहीं है जो शांतिपूर्ण आंदोलन को दिग्भ्रमित कर सके या मजदूरों की जीत को रोक सके। एटक का एक गौरवशाली इतिहास रहा है। इस संगठन की स्थापना वर्ष 1920 में उस समय हुई थी जब देश अंग्रेजों के शासन में था और मजदूरों के अधिकारों के लिए व्यापक संघर्ष किया गया। वर्ष 1923 में तमिलनाडु के मजदूर नेता कामरेड सिंगार वेल्यू चेट्टियार द्वारा “8 घंटे काम, 8 घंटे आराम और 8 घंटे मनोरंजन” के सिद्धांत को लेकर मद्रास में विशाल रैलियां आयोजित की गईं। इसके उपरांत 1 मई को मजदूर दिवस मनाने का निर्णय लिया गया, जो आज पूरे देश में मनाया जाता है। एटक के संघर्षों के परिणामस्वरूप 1926 में ट्रेड यूनियन एक्ट, 1936 में वेतन अधिनियम तथा 1923 में वर्कमेन कंपनसेशन एक्ट जैसे महत्वपूर्ण श्रम कानून अस्तित्व में आए। कामरेड हरिद्वार सिंह ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि अल्ट्राटेक बेला सीमेंट में आज भी कार्य समय का कोई निश्चित निर्धारण नहीं है। यहां मजदूरों से 20 से 24 घंटे तक लगातार काम लिया जाता है, और जब कोई मजदूर निर्धारित कार्य समय की मांग करता है तो उसे नौकरी से निकाल दिया जाता है। ओवरटाइम का दुगुना भुगतान, जो कि श्रम कानूनों के अंतर्गत उनका अधिकार है, उसका भी पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रम विभाग एवं जिला प्रशासन के अधिकारी कंपनी प्रबंधन के प्रभाव में कार्य कर रहे हैं और मजदूरों के हितों की अनदेखी कर रहे हैं। जहां मजदूरों को प्रशासन से न्याय की अपेक्षा थी, वहीं प्रशासन कंपनी के प्रवक्ता की तरह व्यवहार करता दिखाई दे रहा है। उन्होंने मजदूरों के संघर्ष को सलाम करते हुए कहा कि यह आंदोलन इस बात का प्रमाण है कि लाल झंडे के नौजवानों का जज्बा आज भी जीवित है और यह संघर्ष निश्चित रूप से सफल होगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न मजदूर संगठनों जैसे इंटक, बीएमएस, सीटू और एचएमएस आदि का मूल आधार एटक रहा है, किन्तु इनके अलग-अलग हो जाने से मजदूर आंदोलन कमजोर हुआ है और पूंजीपतियों को लाभ मिला है। कुछ संगठन तो मालिकों एवं प्रशासन के हित में कार्य कर रहे हैं, जिससे मजदूरों का शोषण बढ़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एटक के पदाधिकारी किसी प्रकार की ठेकेदारी या दलाली में संलिप्त नहीं हैं और यदि कोई ऐसा करता पाया जाता है तो उसे संगठन से निष्कासित कर दिया जाएगा। उन्होंने मजदूरों को आश्वस्त किया कि उनकी लड़ाई पूरी तरह न्यायसंगत है और श्रम कानूनों के तहत उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा। केंद्रीय उप श्रम आयुक्त, जबलपुर के समक्ष लंबित प्रकरण से न्याय की उम्मीद व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी प्रबंधन द्वारा निकाले गए 300 श्रमिकों तथा स्थानांतरण के दायरे में आए 16 श्रमिक नेताओं के साथ न्याय होगा। सभी मजदूर पुनः एक साथ कार्य पर लौटेंगे और किसी की सेवा शर्तों में परिवर्तन या स्थानांतरण नहीं होगा। सभा को जिला पंचायत सदस्य लालमणि त्रिपाठी, मध्य प्रदेश किसान सभा के अध्यक्ष गया प्रसाद मिश्रा, भारतीय महिला फाउंडेशन की प्रांतीय महासचिव अरुणा पटेल, सुरभि मिश्रा, नौजवान नेता नीरज कुशवाहा तथा एटक के प्रांतीय उप महासचिव राम सरोज कुशवाहा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का स्वागत भाषण अध्यक्ष कॉमरेड अरुण तिवारी द्वारा दिया गया। इस अवसर पर सुशील सिंह, सूर्यभान साहू, सत्यवान पटेल, अनंत लाल पटेल, बलवंत सिंह, श्रीराम बिंद्रा, मुनीम शर्मा, रणजीत तिवारी, रामवली शुक्ला, पूरन लाल तिवारी, नरेंद्र मिश्रा, रंजन दहिया, कमलेश रजक, विजय गर्ग, अभय राज सिंह, ध्रुव सिंह, शिवकुमार कुशवाहा, दादू रजक, अजय चतुर्वेदी सहित हजारों मजदूर उपस्थित रहे। सभी ने नारेबाजी और तालियों की गड़गड़ाहट के साथ आंदोलन का समर्थन किया। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही कमिश्नर एवं पुलिस अधीक्षक से मिलकर मजदूरों की समस्याओं से अवगत कराया जाएगा। भवदीय लालमणि त्रिपाठी जिला पंचायत सदस्य, रीवा प्रेस विज्ञप्ति रीवा, दिनांक 31 मार्च 2026 अल्ट्राटेक बेला सीमेंट वर्क्स में 300 ठेका श्रमिकों की छंटनी के विरोध में जारी धरना आंदोलन 30वें दिन भी जारी एटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड हरिद्वार सिंह ने कहा—मजदूरों का संघर्ष अवश्य सफल होगा, न्याय मिलकर रहेगा मध्य प्रदेश के रीवा जिले स्थित अल्ट्राटेक बेला सीमेंट वर्क्स में 300 ठेका श्रमिकों की छंटनी के विरोध में 2 मार्च 2026 से जारी धरना आंदोलन आज 30वें दिन भी निरंतर जारी रहा। धरना स्थल पर मजदूरों के उत्साह को संबल प्रदान करने एवं आंदोलन को गति देने के उद्देश्य से ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रांतीय अध्यक्ष कामरेड हरिद्वार सिंह उपस्थित होकर मजदूरों को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया में ऐसी कोई ताकत नहीं है जो शांतिपूर्ण आंदोलन को दिग्भ्रमित कर सके या मजदूरों की जीत को रोक सके। एटक का एक गौरवशाली इतिहास रहा है। इस संगठन की स्थापना वर्ष 1920 में उस समय हुई थी जब देश अंग्रेजों के शासन में था और मजदूरों के अधिकारों के लिए व्यापक संघर्ष किया गया। वर्ष 1923 में तमिलनाडु के मजदूर नेता कामरेड सिंगार वेल्यू चेट्टियार द्वारा “8 घंटे काम, 8 घंटे आराम और 8 घंटे मनोरंजन” के सिद्धांत को लेकर मद्रास में विशाल रैलियां आयोजित की गईं। इसके उपरांत 1 मई को मजदूर दिवस मनाने का निर्णय लिया गया, जो आज पूरे देश में मनाया जाता है। एटक के संघर्षों के परिणामस्वरूप 1926 में ट्रेड यूनियन एक्ट, 1936 में वेतन अधिनियम तथा 1923 में वर्कमेन कंपनसेशन एक्ट जैसे महत्वपूर्ण श्रम कानून अस्तित्व में आए। कामरेड हरिद्वार सिंह ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि अल्ट्राटेक बेला सीमेंट में आज भी कार्य समय का कोई निश्चित निर्धारण नहीं है। यहां मजदूरों से 20 से 24 घंटे तक लगातार काम लिया जाता है, और जब कोई मजदूर निर्धारित कार्य समय की मांग करता है तो उसे नौकरी से निकाल दिया जाता है। ओवरटाइम का दुगुना भुगतान, जो कि श्रम कानूनों के अंतर्गत उनका अधिकार है, उसका भी पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रम विभाग एवं जिला प्रशासन के अधिकारी कंपनी प्रबंधन के प्रभाव में कार्य कर रहे हैं और मजदूरों के हितों की अनदेखी कर रहे हैं। जहां मजदूरों को प्रशासन से न्याय की अपेक्षा थी, वहीं प्रशासन कंपनी के प्रवक्ता की तरह व्यवहार करता दिखाई दे रहा है। उन्होंने मजदूरों के संघर्ष को सलाम करते हुए कहा कि यह आंदोलन इस बात का प्रमाण है कि लाल झंडे के नौजवानों का जज्बा आज भी जीवित है और यह संघर्ष निश्चित रूप से सफल होगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न मजदूर संगठनों जैसे इंटक, बीएमएस, सीटू और एचएमएस आदि का मूल आधार एटक रहा है, किन्तु इनके अलग-अलग हो जाने से मजदूर आंदोलन कमजोर हुआ है और पूंजीपतियों को लाभ मिला है। कुछ संगठन तो मालिकों एवं प्रशासन के हित में कार्य कर रहे हैं, जिससे मजदूरों का शोषण बढ़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एटक के पदाधिकारी किसी प्रकार की ठेकेदारी या दलाली में संलिप्त नहीं हैं और यदि कोई ऐसा करता पाया जाता है तो उसे संगठन से निष्कासित कर दिया जाएगा। उन्होंने मजदूरों को आश्वस्त किया कि उनकी लड़ाई पूरी तरह न्यायसंगत है और श्रम कानूनों के तहत उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा। केंद्रीय उप श्रम आयुक्त, जबलपुर के समक्ष लंबित प्रकरण से न्याय की उम्मीद व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी प्रबंधन द्वारा निकाले गए 300 श्रमिकों तथा स्थानांतरण के दायरे में आए 16 श्रमिक नेताओं के साथ न्याय होगा। सभी मजदूर पुनः एक साथ कार्य पर लौटेंगे और किसी की सेवा शर्तों में परिवर्तन या स्थानांतरण नहीं होगा। सभा को जिला पंचायत सदस्य लालमणि त्रिपाठी, मध्य प्रदेश किसान सभा के अध्यक्ष गया प्रसाद मिश्रा, भारतीय महिला फाउंडेशन की प्रांतीय महासचिव अरुणा पटेल, सुरभि मिश्रा, नौजवान नेता नीरज कुशवाहा तथा एटक के प्रांतीय उप महासचिव राम सरोज कुशवाहा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का स्वागत भाषण अध्यक्ष कॉमरेड अरुण तिवारी द्वारा दिया गया। इस अवसर पर सुशील सिंह, सूर्यभान साहू, सत्यवान पटेल, अनंत लाल पटेल, बलवंत सिंह, श्रीराम बिंद्रा, मुनीम शर्मा, रणजीत तिवारी, रामवली शुक्ला, पूरन लाल तिवारी, नरेंद्र मिश्रा, रंजन दहिया, कमलेश रजक, विजय गर्ग, अभय राज सिंह, ध्रुव सिंह, शिवकुमार कुशवाहा, दादू रजक, अजय चतुर्वेदी सहित हजारों मजदूर उपस्थित रहे। सभी ने नारेबाजी और तालियों की गड़गड़ाहट के साथ आंदोलन का समर्थन किया। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही कमिश्नर एवं पुलिस अधीक्षक से मिलकर मजदूरों की समस्याओं से अवगत कराया जाएगा। भवदीय लालमणि त्रिपाठी जिला पंचायत सदस्य, रीवा
प्रेस विज्ञप्ति रीवा, दिनांक 31 मार्च 2026 अल्ट्राटेक बेला सीमेंट वर्क्स में 300 ठेका श्रमिकों की छंटनी के विरोध में जारी धरना आंदोलन 30वें दिन भी जारी एटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड हरिद्वार सिंह ने कहा—मजदूरों का संघर्ष अवश्य सफल होगा, न्याय मिलकर रहेगा मध्य प्रदेश के रीवा जिले स्थित अल्ट्राटेक बेला सीमेंट वर्क्स में 300 ठेका श्रमिकों की छंटनी के विरोध में 2 मार्च 2026 से जारी धरना आंदोलन आज 30वें दिन भी निरंतर जारी रहा। धरना स्थल पर मजदूरों के उत्साह को संबल प्रदान करने एवं आंदोलन को गति देने के उद्देश्य से ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रांतीय अध्यक्ष कामरेड हरिद्वार सिंह उपस्थित होकर मजदूरों को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया में ऐसी कोई ताकत नहीं है जो शांतिपूर्ण आंदोलन को दिग्भ्रमित कर सके या मजदूरों की जीत को रोक सके। एटक का एक गौरवशाली इतिहास रहा है। इस संगठन की स्थापना वर्ष 1920 में उस समय हुई थी जब देश अंग्रेजों के शासन में था और मजदूरों के अधिकारों के लिए व्यापक संघर्ष किया गया। वर्ष 1923 में तमिलनाडु के मजदूर नेता कामरेड सिंगार वेल्यू चेट्टियार द्वारा “8 घंटे काम, 8 घंटे आराम और 8 घंटे मनोरंजन” के सिद्धांत को लेकर मद्रास में विशाल रैलियां आयोजित की गईं। इसके उपरांत 1 मई को मजदूर दिवस मनाने का निर्णय लिया गया, जो आज पूरे देश में मनाया जाता है। एटक के संघर्षों के परिणामस्वरूप 1926 में ट्रेड यूनियन एक्ट, 1936 में वेतन अधिनियम तथा 1923 में वर्कमेन कंपनसेशन एक्ट जैसे महत्वपूर्ण श्रम कानून अस्तित्व में आए। कामरेड हरिद्वार सिंह ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि अल्ट्राटेक बेला सीमेंट में आज भी कार्य समय का कोई निश्चित निर्धारण नहीं है। यहां मजदूरों से 20 से 24 घंटे तक लगातार काम लिया जाता है, और जब कोई मजदूर निर्धारित कार्य समय की मांग करता है तो उसे नौकरी से निकाल दिया जाता है। ओवरटाइम का दुगुना भुगतान, जो कि श्रम कानूनों के अंतर्गत उनका अधिकार है, उसका भी पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रम विभाग एवं जिला प्रशासन के अधिकारी कंपनी प्रबंधन के प्रभाव में कार्य कर रहे हैं और मजदूरों के हितों की अनदेखी कर रहे हैं। जहां मजदूरों को
प्रशासन से न्याय की अपेक्षा थी, वहीं प्रशासन कंपनी के प्रवक्ता की तरह व्यवहार करता दिखाई दे रहा है। उन्होंने मजदूरों के संघर्ष को सलाम करते हुए कहा कि यह आंदोलन इस बात का प्रमाण है कि लाल झंडे के नौजवानों का जज्बा आज भी जीवित है और यह संघर्ष निश्चित रूप से सफल होगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न मजदूर संगठनों जैसे इंटक, बीएमएस, सीटू और एचएमएस आदि का मूल आधार एटक रहा है, किन्तु इनके अलग-अलग हो जाने से मजदूर आंदोलन कमजोर हुआ है और पूंजीपतियों को लाभ मिला है। कुछ संगठन तो मालिकों एवं प्रशासन के हित में कार्य कर रहे हैं, जिससे मजदूरों का शोषण बढ़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एटक के पदाधिकारी किसी प्रकार की ठेकेदारी या दलाली में संलिप्त नहीं हैं और यदि कोई ऐसा करता पाया जाता है तो उसे संगठन से निष्कासित कर दिया जाएगा। उन्होंने मजदूरों को आश्वस्त किया कि उनकी लड़ाई पूरी तरह न्यायसंगत है और श्रम कानूनों के तहत उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा। केंद्रीय उप श्रम आयुक्त, जबलपुर के समक्ष लंबित प्रकरण से न्याय की उम्मीद व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी प्रबंधन द्वारा निकाले गए 300 श्रमिकों तथा स्थानांतरण के दायरे में आए 16 श्रमिक नेताओं के साथ न्याय होगा। सभी मजदूर पुनः एक साथ कार्य पर लौटेंगे और किसी की सेवा शर्तों में परिवर्तन या स्थानांतरण नहीं होगा। सभा को जिला पंचायत सदस्य लालमणि त्रिपाठी, मध्य प्रदेश किसान सभा के अध्यक्ष गया प्रसाद मिश्रा, भारतीय महिला फाउंडेशन की प्रांतीय महासचिव अरुणा पटेल, सुरभि मिश्रा, नौजवान नेता नीरज कुशवाहा तथा एटक के प्रांतीय उप महासचिव राम सरोज कुशवाहा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का स्वागत भाषण अध्यक्ष कॉमरेड अरुण तिवारी द्वारा दिया गया। इस अवसर पर सुशील सिंह, सूर्यभान साहू, सत्यवान पटेल, अनंत लाल पटेल, बलवंत सिंह, श्रीराम बिंद्रा, मुनीम शर्मा, रणजीत तिवारी, रामवली शुक्ला, पूरन लाल तिवारी, नरेंद्र मिश्रा, रंजन दहिया, कमलेश रजक, विजय गर्ग, अभय राज सिंह, ध्रुव सिंह, शिवकुमार कुशवाहा, दादू रजक, अजय चतुर्वेदी सहित हजारों मजदूर उपस्थित रहे। सभी ने नारेबाजी और तालियों की गड़गड़ाहट के साथ आंदोलन का समर्थन किया। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही कमिश्नर एवं पुलिस अधीक्षक से मिलकर मजदूरों की समस्याओं से अवगत कराया जाएगा। भवदीय लालमणि त्रिपाठी जिला पंचायत सदस्य, रीवा प्रेस
विज्ञप्ति रीवा, दिनांक 31 मार्च 2026 अल्ट्राटेक बेला सीमेंट वर्क्स में 300 ठेका श्रमिकों की छंटनी के विरोध में जारी धरना आंदोलन 30वें दिन भी जारी एटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड हरिद्वार सिंह ने कहा—मजदूरों का संघर्ष अवश्य सफल होगा, न्याय मिलकर रहेगा मध्य प्रदेश के रीवा जिले स्थित अल्ट्राटेक बेला सीमेंट वर्क्स में 300 ठेका श्रमिकों की छंटनी के विरोध में 2 मार्च 2026 से जारी धरना आंदोलन आज 30वें दिन भी निरंतर जारी रहा। धरना स्थल पर मजदूरों के उत्साह को संबल प्रदान करने एवं आंदोलन को गति देने के उद्देश्य से ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रांतीय अध्यक्ष कामरेड हरिद्वार सिंह उपस्थित होकर मजदूरों को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि दुनिया में ऐसी कोई ताकत नहीं है जो शांतिपूर्ण आंदोलन को दिग्भ्रमित कर सके या मजदूरों की जीत को रोक सके। एटक का एक गौरवशाली इतिहास रहा है। इस संगठन की स्थापना वर्ष 1920 में उस समय हुई थी जब देश अंग्रेजों के शासन में था और मजदूरों के अधिकारों के लिए व्यापक संघर्ष किया गया। वर्ष 1923 में तमिलनाडु के मजदूर नेता कामरेड सिंगार वेल्यू चेट्टियार द्वारा “8 घंटे काम, 8 घंटे आराम और 8 घंटे मनोरंजन” के सिद्धांत को लेकर मद्रास में विशाल रैलियां आयोजित की गईं। इसके उपरांत 1 मई को मजदूर दिवस मनाने का निर्णय लिया गया, जो आज पूरे देश में मनाया जाता है। एटक के संघर्षों के परिणामस्वरूप 1926 में ट्रेड यूनियन एक्ट, 1936 में वेतन अधिनियम तथा 1923 में वर्कमेन कंपनसेशन एक्ट जैसे महत्वपूर्ण श्रम कानून अस्तित्व में आए। कामरेड हरिद्वार सिंह ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि अल्ट्राटेक बेला सीमेंट में आज भी कार्य समय का कोई निश्चित निर्धारण नहीं है। यहां मजदूरों से 20 से 24 घंटे तक लगातार काम लिया जाता है, और जब कोई मजदूर निर्धारित कार्य समय की मांग करता है तो उसे नौकरी से निकाल दिया जाता है। ओवरटाइम का दुगुना भुगतान, जो कि श्रम कानूनों के अंतर्गत उनका अधिकार है, उसका भी पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्रम विभाग एवं जिला प्रशासन के अधिकारी कंपनी प्रबंधन के प्रभाव में कार्य कर रहे हैं और मजदूरों के हितों की अनदेखी कर रहे हैं। जहां मजदूरों को प्रशासन
से न्याय की अपेक्षा थी, वहीं प्रशासन कंपनी के प्रवक्ता की तरह व्यवहार करता दिखाई दे रहा है। उन्होंने मजदूरों के संघर्ष को सलाम करते हुए कहा कि यह आंदोलन इस बात का प्रमाण है कि लाल झंडे के नौजवानों का जज्बा आज भी जीवित है और यह संघर्ष निश्चित रूप से सफल होगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न मजदूर संगठनों जैसे इंटक, बीएमएस, सीटू और एचएमएस आदि का मूल आधार एटक रहा है, किन्तु इनके अलग-अलग हो जाने से मजदूर आंदोलन कमजोर हुआ है और पूंजीपतियों को लाभ मिला है। कुछ संगठन तो मालिकों एवं प्रशासन के हित में कार्य कर रहे हैं, जिससे मजदूरों का शोषण बढ़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एटक के पदाधिकारी किसी प्रकार की ठेकेदारी या दलाली में संलिप्त नहीं हैं और यदि कोई ऐसा करता पाया जाता है तो उसे संगठन से निष्कासित कर दिया जाएगा। उन्होंने मजदूरों को आश्वस्त किया कि उनकी लड़ाई पूरी तरह न्यायसंगत है और श्रम कानूनों के तहत उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा। केंद्रीय उप श्रम आयुक्त, जबलपुर के समक्ष लंबित प्रकरण से न्याय की उम्मीद व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी प्रबंधन द्वारा निकाले गए 300 श्रमिकों तथा स्थानांतरण के दायरे में आए 16 श्रमिक नेताओं के साथ न्याय होगा। सभी मजदूर पुनः एक साथ कार्य पर लौटेंगे और किसी की सेवा शर्तों में परिवर्तन या स्थानांतरण नहीं होगा। सभा को जिला पंचायत सदस्य लालमणि त्रिपाठी, मध्य प्रदेश किसान सभा के अध्यक्ष गया प्रसाद मिश्रा, भारतीय महिला फाउंडेशन की प्रांतीय महासचिव अरुणा पटेल, सुरभि मिश्रा, नौजवान नेता नीरज कुशवाहा तथा एटक के प्रांतीय उप महासचिव राम सरोज कुशवाहा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का स्वागत भाषण अध्यक्ष कॉमरेड अरुण तिवारी द्वारा दिया गया। इस अवसर पर सुशील सिंह, सूर्यभान साहू, सत्यवान पटेल, अनंत लाल पटेल, बलवंत सिंह, श्रीराम बिंद्रा, मुनीम शर्मा, रणजीत तिवारी, रामवली शुक्ला, पूरन लाल तिवारी, नरेंद्र मिश्रा, रंजन दहिया, कमलेश रजक, विजय गर्ग, अभय राज सिंह, ध्रुव सिंह, शिवकुमार कुशवाहा, दादू रजक, अजय चतुर्वेदी सहित हजारों मजदूर उपस्थित रहे। सभी ने नारेबाजी और तालियों की गड़गड़ाहट के साथ आंदोलन का समर्थन किया। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही कमिश्नर एवं पुलिस अधीक्षक से मिलकर मजदूरों की समस्याओं से अवगत कराया जाएगा। भवदीय लालमणि त्रिपाठी जिला पंचायत सदस्य, रीवा
- लेकिन आम आदमी की जिंदगी इतनी व्यस्त होती है कि उसे किसी भी चीज का समय ही नहीं मिल पाता1
- न्यू बस स्टैंड रीवा से रतहरा बाईपास तक पूरी जाम की स्थिति निर्मित है कोई प्रशासन न कोई पुलिस कोई भी व्यवस्था में नहीं लगा हुआ है पूरी पब्लिक परेशान हो रही है सब अपने किसी को हॉस्पिटल जाना है किसी को कुछ काम है किसी को कुछ काम है सब अपने-अपने काम में लेट हो रहे हैं प्रशासन क्या कर रहा है कुछ समझ में नहीं आ रहा है कंस्ट्रक्शन का काम जो की रात में करना चाहिए वह शाम के समय कर रहे हैं जिससे आम पब्लिक को काफी परेशानी एवं दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है यह प्रशासन की लापरवाही है जिसे जल्द से जल्द ठीक किया जाए यही पब्लिक की मांग है जो भी परेशानियां चल रही है लोगों की उसको ध्यान में रखते हुए प्रशासन को मुस्तैदी से और फास्ट काम करना चाहिए। जिससे पब्लिक को परेशानियों का सामना न करना पड़े रीवा वासीओ को इन कंस्ट्रक्शन के कामों से पूरी तरह से इनका सभी कार्य पूरी तरह से प्रभावित है और पूरी पब्लिक सभी लोग परेशान हैं।1
- बाबा रामदेव जल्द ही युवाओं को रोजगार देने का की है वादा 15000 से लेकर 1 लाख तक तनख्वाह देने का वादा कर रहे हैं1
- Post by जर्नलिस्ट रिप्पू पाण्डेय4
- जिले के रामपुर बाघेलान विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत आने वाली कोटर तहसील में कांग्रेस के नेताओं ने तहसीलदार की मौजूदगी नहीं होने पर कुत्ते को सौंपा ज्ञापन बोले तहसीलदार भ्रष्टाचार में है लिप्त जिससे ज्ञापन लेने की वजाए तहसील कार्यालय से रहे नदारद जिससे कांग्रेस नेताओं ने कुत्ते को ज्ञापन सौप कर धरना किया समाप्त।1
- *ईरान के भूमिगत "मिसाइल शहर" में भीषण बमबारी*1
- *काली नृत्य करते युवक को आया साइलेंट अटैक, हुई मौत।* रामनवमी के पावन अवसर पर जवारे विसर्जन के दौरान एक दुखद घटना सामने। ग्राम पठारी में पारंपरिक काली नृत्य कर रहे एक युवक की अचानक साइलेंट अटैक आने से मौत हो गई।1
- अभी ससुराल पहुंचे नहीं तो इतनी सारी शर्तें ससुराल पहुंची तो क्या होगा1