सेंदड़ा (ब्यावर) नशा मुक्त ब्यावर हेतु प्रशासन सजग, मानस हेल्पलाइन 1933 से मिली सूचनाओं पर दो स्थानों पर सार्थक कार्यवाही शीतल कुमारी प्रजापत ब्यावर जिले को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूर्णतः सजग एवं सक्रिय है। आज आयोजित समीक्षा बैठक *जिला कलेक्टर श्री कमल राम मीना* की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्मलाल जाट, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेन्द्र जी, सीएमएचओ डॉ. संजय गहलोत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मादक पदार्थों की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण हेतु व्यापक रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन “मानस–1933” के अधिकतम प्रचार-प्रसार पर विशेष बल देते हुए आमजन से अपील की गई कि नशे से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना इस हेल्पलाइन पर साझा करें। मानस हेल्पलाइन 1933 के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर प्रशासन एवं संबंधित एजेंसियों द्वारा जिले में दो स्थानों पर प्रभावी कार्यवाही की गई है। यह कार्यवाही प्रशासन और जनसहयोग से हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का प्रमाण है। आमजन से अपेक्षा की गई कि वे नशा उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। वर्ष 2026 में सख्त कार्यवाही के परिणाम जिला ब्यावर में वर्ष 2026 के दौरान नशे के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। जनवरी माह में पुलिस विभाग द्वारा एनडीपीएस एक्ट के तहत 11 प्रकरण दर्ज कर 352.480 किग्रा डोडा, 22 ग्राम स्मैक, 102 ग्राम अफीम एवं 5.22 किग्रा गांजा जब्त किया गया। वहीं फरवरी माह में 6 प्रकरण दर्ज कर 468.5 किग्रा डोडा व 1.03 किग्रा अफीम सहित अन्य मादक पदार्थ जब्त किए गए। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण कार्यालय अजमेर द्वारा जनवरी में 12 तथा फरवरी में 17 मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण कर कई को नोटिस एवं निलंबन आदेश जारी किए गए। साथ ही पाली कार्यालय द्वारा फरवरी माह में 5 मेडिकल फर्मों की जांच कर 4 को निलंबित किया गया। वर्ष 2026 में अब तक कुल 19 प्रकरण दर्ज कर 24 आरोपियों (3 महिला सहित) की गिरफ्तारी की गई है। साथ ही 9 वाहन जब्त किए गए तथा 820.985 किग्रा डोडा पोस्त, 54 ग्राम 03 मिलीग्राम स्मैक, 5.72 किग्रा गांजा एवं 1.132 किग्रा अफीम जब्त की गई है। गौरतलब है कि दिनांक 08.07.2024 को Narcotics Coordination Centre (NCORD) की राज्य स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग की अध्यक्षता में आयोजित हुई थी, जिसमें नशा तस्करी की रोकथाम हेतु महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। उन्हीं निर्देशों की अनुपालना में जिले में सतत कार्यवाही की जा रही है। बैठक में निम्न बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया— • शिक्षण संस्थानों, लाइब्रेरी एवं बस स्टैंड के आसपास स्थित पान-चाय की दुकानों पर मादक पदार्थों के बेचान/सेवन एवं ई-सिगरेट पर औचक निरीक्षण। • डार्क नेट के माध्यम से ड्रग्स तस्करी पर रोक हेतु साइबर पेट्रोलिंग में वृद्धि तथा साइबर थाने द्वारा विशेष निगरानी। • अभियांत्रिकी कॉलेजों/विश्वविद्यालयों के शिक्षकों व विद्यार्थियों को “पुलिस मित्र” बनाकर जनजागरूकता एवं सूचना तंत्र को सुदृढ़ करना। • संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध प्रयोगशालाओं पर अंकुश हेतु API केमिकल मूवमेंट की निगरानी एवं पुलिस कार्मिकों का प्रशिक्षण। • अफीम एवं गांजे की अवैध खेती की निगरानी तथा डायवर्जन पर सख्ती। • मेडिकल स्टोरों पर प्रतिबंधित एवं सायकोट्रोपिक दवाओं (जैसे ट्रामाडोल व कोडीन आधारित कफ सिरप) की अवैध बिक्री पर संयुक्त निरीक्षण। • भांग के वैध ठेकों पर संचालित अवैध गतिविधियों की रोकथाम। • युवाओं एवं महिलाओं की सहभागिता से जागरूकता अभियान चलाना। • विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नशीले पदार्थों की तस्करी एवं अवैध गतिविधियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी। नशा मुक्त समाज के निर्माण हेतु जनसहयोग अत्यंत आवश्यक है। अपील: यदि कहीं भी नशीले पदार्थों का अवैध क्रय-विक्रय, सेवन या तस्करी की जानकारी हो तो तुरंत राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन मानस–1933 पर सूचित करें। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
सेंदड़ा (ब्यावर) नशा मुक्त ब्यावर हेतु प्रशासन सजग, मानस हेल्पलाइन 1933 से मिली सूचनाओं पर दो स्थानों पर सार्थक कार्यवाही शीतल कुमारी प्रजापत ब्यावर जिले को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूर्णतः सजग एवं सक्रिय है। आज आयोजित समीक्षा बैठक *जिला कलेक्टर श्री कमल राम मीना* की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्मलाल जाट, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेन्द्र जी, सीएमएचओ डॉ. संजय गहलोत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मादक पदार्थों की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण हेतु व्यापक रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन “मानस–1933” के अधिकतम प्रचार-प्रसार पर विशेष बल देते हुए आमजन से अपील की गई कि नशे से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना इस हेल्पलाइन पर साझा करें। मानस हेल्पलाइन 1933 के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर प्रशासन एवं संबंधित एजेंसियों द्वारा जिले में दो स्थानों पर प्रभावी कार्यवाही की गई है। यह कार्यवाही प्रशासन और जनसहयोग से हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का प्रमाण है। आमजन से अपेक्षा की गई कि वे नशा उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। वर्ष 2026 में सख्त कार्यवाही के परिणाम जिला ब्यावर में वर्ष 2026 के दौरान नशे के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। जनवरी माह में पुलिस विभाग
द्वारा एनडीपीएस एक्ट के तहत 11 प्रकरण दर्ज कर 352.480 किग्रा डोडा, 22 ग्राम स्मैक, 102 ग्राम अफीम एवं 5.22 किग्रा गांजा जब्त किया गया। वहीं फरवरी माह में 6 प्रकरण दर्ज कर 468.5 किग्रा डोडा व 1.03 किग्रा अफीम सहित अन्य मादक पदार्थ जब्त किए गए। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण कार्यालय अजमेर द्वारा जनवरी में 12 तथा फरवरी में 17 मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण कर कई को नोटिस एवं निलंबन आदेश जारी किए गए। साथ ही पाली कार्यालय द्वारा फरवरी माह में 5 मेडिकल फर्मों की जांच कर 4 को निलंबित किया गया। वर्ष 2026 में अब तक कुल 19 प्रकरण दर्ज कर 24 आरोपियों (3 महिला सहित) की गिरफ्तारी की गई है। साथ ही 9 वाहन जब्त किए गए तथा 820.985 किग्रा डोडा पोस्त, 54 ग्राम 03 मिलीग्राम स्मैक, 5.72 किग्रा गांजा एवं 1.132 किग्रा अफीम जब्त की गई है। गौरतलब है कि दिनांक 08.07.2024 को Narcotics Coordination Centre (NCORD) की राज्य स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग की अध्यक्षता में आयोजित हुई थी, जिसमें नशा तस्करी की रोकथाम हेतु महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। उन्हीं निर्देशों की अनुपालना में जिले में सतत कार्यवाही की जा रही है। बैठक में निम्न बिंदुओं पर विशेष जोर दिया
गया— • शिक्षण संस्थानों, लाइब्रेरी एवं बस स्टैंड के आसपास स्थित पान-चाय की दुकानों पर मादक पदार्थों के बेचान/सेवन एवं ई-सिगरेट पर औचक निरीक्षण। • डार्क नेट के माध्यम से ड्रग्स तस्करी पर रोक हेतु साइबर पेट्रोलिंग में वृद्धि तथा साइबर थाने द्वारा विशेष निगरानी। • अभियांत्रिकी कॉलेजों/विश्वविद्यालयों के शिक्षकों व विद्यार्थियों को “पुलिस मित्र” बनाकर जनजागरूकता एवं सूचना तंत्र को सुदृढ़ करना। • संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध प्रयोगशालाओं पर अंकुश हेतु API केमिकल मूवमेंट की निगरानी एवं पुलिस कार्मिकों का प्रशिक्षण। • अफीम एवं गांजे की अवैध खेती की निगरानी तथा डायवर्जन पर सख्ती। • मेडिकल स्टोरों पर प्रतिबंधित एवं सायकोट्रोपिक दवाओं (जैसे ट्रामाडोल व कोडीन आधारित कफ सिरप) की अवैध बिक्री पर संयुक्त निरीक्षण। • भांग के वैध ठेकों पर संचालित अवैध गतिविधियों की रोकथाम। • युवाओं एवं महिलाओं की सहभागिता से जागरूकता अभियान चलाना। • विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नशीले पदार्थों की तस्करी एवं अवैध गतिविधियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी। नशा मुक्त समाज के निर्माण हेतु जनसहयोग अत्यंत आवश्यक है। अपील: यदि कहीं भी नशीले पदार्थों का अवैध क्रय-विक्रय, सेवन या तस्करी की जानकारी हो तो तुरंत राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन मानस–1933 पर सूचित करें। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
- Post by जगदीश माली पत्रका र1
- सेंदड़ा (ब्यावर) नशा मुक्त ब्यावर हेतु प्रशासन सजग, मानस हेल्पलाइन 1933 से मिली सूचनाओं पर दो स्थानों पर सार्थक कार्यवाही शीतल कुमारी प्रजापत ब्यावर जिले को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूर्णतः सजग एवं सक्रिय है। आज आयोजित समीक्षा बैठक *जिला कलेक्टर श्री कमल राम मीना* की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्मलाल जाट, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेन्द्र जी, सीएमएचओ डॉ. संजय गहलोत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मादक पदार्थों की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण हेतु व्यापक रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन “मानस–1933” के अधिकतम प्रचार-प्रसार पर विशेष बल देते हुए आमजन से अपील की गई कि नशे से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना इस हेल्पलाइन पर साझा करें। मानस हेल्पलाइन 1933 के माध्यम से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर प्रशासन एवं संबंधित एजेंसियों द्वारा जिले में दो स्थानों पर प्रभावी कार्यवाही की गई है। यह कार्यवाही प्रशासन और जनसहयोग से हो रहे सकारात्मक परिवर्तन का प्रमाण है। आमजन से अपेक्षा की गई कि वे नशा उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं। वर्ष 2026 में सख्त कार्यवाही के परिणाम जिला ब्यावर में वर्ष 2026 के दौरान नशे के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। जनवरी माह में पुलिस विभाग द्वारा एनडीपीएस एक्ट के तहत 11 प्रकरण दर्ज कर 352.480 किग्रा डोडा, 22 ग्राम स्मैक, 102 ग्राम अफीम एवं 5.22 किग्रा गांजा जब्त किया गया। वहीं फरवरी माह में 6 प्रकरण दर्ज कर 468.5 किग्रा डोडा व 1.03 किग्रा अफीम सहित अन्य मादक पदार्थ जब्त किए गए। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण कार्यालय अजमेर द्वारा जनवरी में 12 तथा फरवरी में 17 मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण कर कई को नोटिस एवं निलंबन आदेश जारी किए गए। साथ ही पाली कार्यालय द्वारा फरवरी माह में 5 मेडिकल फर्मों की जांच कर 4 को निलंबित किया गया। वर्ष 2026 में अब तक कुल 19 प्रकरण दर्ज कर 24 आरोपियों (3 महिला सहित) की गिरफ्तारी की गई है। साथ ही 9 वाहन जब्त किए गए तथा 820.985 किग्रा डोडा पोस्त, 54 ग्राम 03 मिलीग्राम स्मैक, 5.72 किग्रा गांजा एवं 1.132 किग्रा अफीम जब्त की गई है। गौरतलब है कि दिनांक 08.07.2024 को Narcotics Coordination Centre (NCORD) की राज्य स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग की अध्यक्षता में आयोजित हुई थी, जिसमें नशा तस्करी की रोकथाम हेतु महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। उन्हीं निर्देशों की अनुपालना में जिले में सतत कार्यवाही की जा रही है। बैठक में निम्न बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया— • शिक्षण संस्थानों, लाइब्रेरी एवं बस स्टैंड के आसपास स्थित पान-चाय की दुकानों पर मादक पदार्थों के बेचान/सेवन एवं ई-सिगरेट पर औचक निरीक्षण। • डार्क नेट के माध्यम से ड्रग्स तस्करी पर रोक हेतु साइबर पेट्रोलिंग में वृद्धि तथा साइबर थाने द्वारा विशेष निगरानी। • अभियांत्रिकी कॉलेजों/विश्वविद्यालयों के शिक्षकों व विद्यार्थियों को “पुलिस मित्र” बनाकर जनजागरूकता एवं सूचना तंत्र को सुदृढ़ करना। • संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध प्रयोगशालाओं पर अंकुश हेतु API केमिकल मूवमेंट की निगरानी एवं पुलिस कार्मिकों का प्रशिक्षण। • अफीम एवं गांजे की अवैध खेती की निगरानी तथा डायवर्जन पर सख्ती। • मेडिकल स्टोरों पर प्रतिबंधित एवं सायकोट्रोपिक दवाओं (जैसे ट्रामाडोल व कोडीन आधारित कफ सिरप) की अवैध बिक्री पर संयुक्त निरीक्षण। • भांग के वैध ठेकों पर संचालित अवैध गतिविधियों की रोकथाम। • युवाओं एवं महिलाओं की सहभागिता से जागरूकता अभियान चलाना। • विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नशीले पदार्थों की तस्करी एवं अवैध गतिविधियों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी। नशा मुक्त समाज के निर्माण हेतु जनसहयोग अत्यंत आवश्यक है। अपील: यदि कहीं भी नशीले पदार्थों का अवैध क्रय-विक्रय, सेवन या तस्करी की जानकारी हो तो तुरंत राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन मानस–1933 पर सूचित करें। आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।4
- रायपुर (ब्यावर) मिनी गाड़ी अज्ञात कारणों से अनियंत्रित होकर हाईवे पर पलटी बर के समीप नेशनल हाईवे 162 पर कपड़े से भरी टाटा 407 मिनी गाड़ी पाली की तरफ जाते समय अचानक अज्ञात कारणों से अनियंत्रित होकर पलट गई । जिससे पिकअप में भरे कपड़े सड़क किनारे बिखर गए और हाइवे पर गाड़ी पलट गई । जिससे कुछ देर यातायात भी बाधित हो गया। वही हादसे में चालक को मामूली चोट आई । घटना की सूचना पुलिस व टोल प्लाजा पर मिलने पर रायपुर टोल प्लाजा से कार्मिक मौके पर पहुंचे और क्रेन की सहायता से पलटी गाड़ी को सीधा कर यातायात सुचारू किया गया ।1
- राजस्थान में 9 साल की छात्रा को हार्ट अटैक, मौत: स्कूल ग्राउंड में खेलते समय गिरी..!!1
- 🚨 जैतारण के पास बड़ा हादसा टला निमाज–सागावास के बीच ओवरलोड पिकअप का टायर फटने से गाड़ी असंतुलित होकर नीम के पेड़ से टकरा गई। हादसे में एक मजदूर घायल हुआ, जबकि ड्राइवर सुरक्षित है। ग्रामीणों की मदद से घायलों को बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। — @राजू आपकी आवाज News Code: AVA/RJ/BAR/260221/01see more... #राजू_आपकी_आवाज #जैतारण #निमाज #सागावास #ब्रेकिंग_न्यूज़ #राजस्थान_न्यूज़ #सड़क_हादसा #पब्लिक_ऐप1
- नवी मुंबई महाराष्ट्र CBD बेलापुर मे जागरण क्या गया भागवान श्रीं देव नारायण मंदीर पर गायक कृष्णा वीर गुर्जर ब्यवार जिला राजस्थान सुपरहिट प्रोगम हुआ सोसल मीडिया पर दावा हो रहा यह गायक ऐसा हैं कई सिंगरो की अवाजो मै गाने गाते है जय श्री राम 🚩🙏1
- जवाजा। जानकारी अनुसार बड़कोचरा रोड स्थित जवाजा पंचायत समिति के सामने लंबे समय से कीचड़ और कचरे की समस्या बनी हुई थी। बरसात हो या सामान्य दिन, चौराहे पर हमेशा कीचड़ फैला रहने से राहगीरों और दुकानदारों को भारी परेशानी उठानी पड़ती थी। कई बार शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर आखिरकार स्थानीय दुकानदारों ने स्वयं पहल कर उदाहरण पेश किया। दुकानदारों ने आपसी सहयोग से पहले पूरे क्षेत्र की साफ-सफाई करवाई और कीचड़ दोबारा न फैले इसके लिए नाले का निर्माण कर गंदे पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था की। इससे चौराहे पर फैलने वाली गंदगी पर रोक लग गई है और अब आमजन को राहत मिली है। दुकानदार देवेन्द्र सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत और पंचायत समिति स्तर पर कई बार शिकायत दी गई, लेकिन वर्षों से कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई। मजबूरन सभी व्यापारियों ने मिलकर स्वयं इस समस्या का समाधान करने का निर्णय लिया। इस पहल में भूपेंद्र, देवेंद्र, दिनेश, मान सिंह, बंटी राजपूत, शाहरुख और प्रवीण सहित अन्य दुकानदारों ने सक्रिय सहयोग दिया। स्थानीय लोगों ने दुकानदारों की इस जनहित पहल की सराहना करते हुए इसे सामाजिक जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण बताया।1
- Post by जगदीश माली पत्रका र1