आदिवासी धर्म कोड व ओबीसी जाति कालम शामिल हो जनगणना में • रोजगार-सामाजिक अधिकार अभियान ने पीएम को भेजा पत्रक म्योरपुर, सोनभद्र, 25 अगस्त 2026, देश में जारी जनगणना में आदिवासी धर्म कोड और अन्य पिछड़ा वर्ग के जाति कालम को जोड़ने की मांग पर प्रदेशव्यापी आव्हान पर आज बीडीओ म्योरपुर के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रोजगार-सामाजिक अधिकार अभियान ने ज्ञापन भेजा। म्योरपुर ब्लॉक में विभिन्न आदिवासी संगठनों के उपस्थित प्रतिनिधियों ने कहा कि जनगणना में 1961 से पहले आदिवासी धर्म कोड का प्रावधान था। जिसे समाप्त कर दिया गया। देशभर के आदिवासी संगठनों की तरफ से लगातार उनकी विशिष्ट सामाजिक, सांस्कृतिक स्थितियों के अनुरूप आदिवासी धर्म कोड को जनगणना में शामिल करने की मांग से एकजुटता व्यक्त करते हुए इसे पूरा करने का अनुरोध किया गया। नेताओं ने कहा कि 14 अगस्त 2026 को गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी राजपत्र में बिंदु संख्या 10 पर जाति कालम में अन्य पिछड़ा वर्ग का कालम नहीं जोड़ा गया है, जो गृह मंत्रालय द्वारा देश के संसद में जातिगत जनगणना कराने और उसमें अन्य पिछड़ा वर्ग के कालम को जोड़ने की घोषणा के अनुरूप नहीं है। इसलिए मांग की गई कि तत्काल जारी भारत के राजपत्र में संशोधन कर अन्य पिछड़ा वर्ग के कालम को जोड़ा जाए और उसमें अति पिछड़ा वर्ग की भी आर्थिक-सामाजिक स्थिति की जनगणना कराई जाए। यह भी मांग की गई कि अति पिछड़ों के सामाजिक अधिकार पर बनी जस्टिस रोहिणी कमीशन की रिपोर्ट को संसद के पटल पर रखा जाए और अति पिछड़ा वर्ग के अन्य पिछड़ा वर्ग में से आरक्षण कोटे को अलग किया जाए। कार्यक्रम में आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के जिला संयोजक कृपाशंकर पनिका, आदिवासी वनवासी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद गोंड, पनिका महासभा के तुलसीराम पनिका, मंगरू प्रसाद श्याम, रामविचार गोंड आदि मौजूद रहे।
आदिवासी धर्म कोड व ओबीसी जाति कालम शामिल हो जनगणना में • रोजगार-सामाजिक अधिकार अभियान ने पीएम को भेजा पत्रक म्योरपुर, सोनभद्र, 25 अगस्त 2026, देश में जारी जनगणना में आदिवासी धर्म कोड और अन्य पिछड़ा वर्ग के जाति कालम को जोड़ने की मांग पर प्रदेशव्यापी आव्हान पर आज बीडीओ म्योरपुर के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रोजगार-सामाजिक अधिकार अभियान ने ज्ञापन भेजा। म्योरपुर ब्लॉक में विभिन्न आदिवासी संगठनों के उपस्थित प्रतिनिधियों ने कहा कि जनगणना में 1961 से पहले आदिवासी धर्म कोड का प्रावधान था। जिसे समाप्त कर दिया गया। देशभर के आदिवासी संगठनों की तरफ से लगातार उनकी विशिष्ट सामाजिक, सांस्कृतिक स्थितियों के अनुरूप आदिवासी धर्म कोड को जनगणना में शामिल करने की मांग से एकजुटता व्यक्त करते हुए इसे पूरा करने का अनुरोध किया गया। नेताओं ने कहा कि 14 अगस्त 2026 को गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी राजपत्र में बिंदु संख्या 10 पर जाति कालम में अन्य पिछड़ा वर्ग का कालम नहीं जोड़ा गया है, जो गृह मंत्रालय द्वारा देश के संसद में जातिगत जनगणना कराने और उसमें अन्य पिछड़ा वर्ग के कालम को जोड़ने की घोषणा के अनुरूप नहीं है। इसलिए मांग की गई कि तत्काल जारी भारत के राजपत्र में संशोधन कर अन्य पिछड़ा वर्ग के कालम को जोड़ा जाए और उसमें अति पिछड़ा वर्ग की भी आर्थिक-सामाजिक स्थिति की जनगणना कराई जाए। यह भी मांग की गई कि अति पिछड़ों के सामाजिक अधिकार पर बनी जस्टिस रोहिणी कमीशन की रिपोर्ट को संसद के पटल पर रखा जाए और अति पिछड़ा वर्ग के अन्य पिछड़ा वर्ग में से आरक्षण कोटे को अलग किया जाए। कार्यक्रम में आल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के जिला संयोजक कृपाशंकर पनिका, आदिवासी वनवासी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद गोंड, पनिका महासभा के तुलसीराम पनिका, मंगरू प्रसाद श्याम, रामविचार गोंड आदि मौजूद रहे।
- रक्षाबंधन पर लड़को के लिए एक जरूरी सुचना रक्षाबंधन पर विशेष अपील1
- पठखौली विजयीपुर मार्ग भारी बरसात होने से सड़क टूट गया है। जनपद जौनपुर तहसील केराकत विकास खंड मुफ्तीगंज के गाँव सभा कटहरी के पास, भारी बरसात होने सड़क टूट गया है। आप लोगो को बतादे कि गाँव सभा कटहरी स्थित पठखौली विजयीपुर मार्ग भारी बरसात होने से सड़क टूट गया है। जो स्कूल की बस आवागमन रहता है। इस समय सड़क टूटने से स्कूल की बस आवगमन बाधित हो गया है। वही स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी से सड़क की मरम्मत के संबंध में, गुहार लगाया।2
- नेता सब एक से बढ़ कर, कोई चाचा कोई भईया बोल दिया.. .... जबरदस्त खबर पूरी वीडियो देखने के लिए youtube पर GGS NEWS 24 देखें1
- जौनपुर में जोरदार बारिश से खेतों में भारी पानी मक्का तिलहन की खेती हुई नुकसान जौनपुर में लगातार 24 घंटा से जोरदार बारिश हो रही है1
- इंस्टाग्राम पर ढाई महीने की दोस्ती पहुंची थाने, पंचायत के बाद मंदिर में शादी थाने में समझौते के तहत तीन वर्ष के भीतर बारात ले जाकर सामाजिक रीति-रिवाज से विवाह करने का वादा इंस्टाग्राम पर ढाई महीने की दोस्ती पहुंची थाने, पंचायत के बाद मंदिर में शादी थाने में समझौते के तहत तीन वर्ष के भीतर बारात ले जाकर सामाजिक रीति-रिवाज से विवाह करने का वादा अहरौला। सोशल मीडिया( इंस्टाग्राम) के माध्यम से हुई दोस्ती फिर मुलाकात का मामला थाने तक पहुंच गया, लड़की इंस्टाग्राम प्रेमी से शादी करना चाहती थी लेकिन लड़का शादी से मना कर दिया जिस पर मामला थाने तक पहुंच गया मंगलवार को दोनों पक्षों के बीच घंटों चली पंचायत के बाद समझौता हुआ। दोनों प्रेमी प्रेमिका की शादी अहरौला ब्लॉक के बगल स्थित बाबा पालदास मंदिर में करा दी गई। जानकारी के अनुसार अहरौला थाना क्षेत्र के कोठवा जलालपुर गांव निवासी गरिमा(23) पुत्री हरिकेश की करीब ढाई महीने पहले थाना क्षेत्र के अरूषा गांव निवासी सूरज(25) पुत्र त्रिवेणी से इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई। बातचीत के दौरान दोनों में प्रेम हो गया। इसकी जानकारी जब युवती के परिजनों को हुई तो उन्होंने अहरौला थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। मामले की जानकारी होने पर थाने पर दोनों पक्षों को बुलाकर पंचायत कराई। पंचायत के दौरान दोनों पक्षों शादी को राजी हुए बाबा पालदास मंदिर में दोनों की शादी करा दी गई।युवती गरिमा और उसके पिता ने बताया कि थाने में हुए समझौते के अनुसार शादी के बाद युवती तब तक अपने पति के घर पर रहेगी, जब तक दोनों की कोर्ट मैरिज नहीं हो जाती। कोर्ट मैरिज के बाद वह अपने मायके आ जाएगी। साथ ही लड़का पक्ष द्वारा तीन वर्ष के भीतर बारात लेकर समाज के सामने विधिवत शादी करने का वादा किया गया है।वहीं लड़के के पिता त्रिवेणी ने भी बताया कि कोर्ट मैरिज के बाद तीन वर्ष के भीतर सामाजिक रीति-रिवाज से विवाह कराने पर सहमति बनी है। फिलहाल मंदिर में शादी के बाद युवती अपने पति के साथ अरूषा स्थित ससुराल चली गई है। थानाध्यक्ष मंतोष कुमार सिंह ने बताया मामले में लड़की पक्ष की शिकायत मिली थी जिस पर दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया और दोनों पक्षों के काउंसलिंग कराई गई फिर दोनों पक्ष आपस में शादी के लिए राजी हो गए और शादी एक मंदिर पर संपन्न हो गई है।2
- आग लगाने वाले से सावधान रहें — सतर्कता ही सुरक्षा है आग लगाने जैसी घटनाएँ किसी भी व्यक्ति, परिवार, प्रतिष्ठान और समाज के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। छोटी-सी लापरवाही देखते ही देखते बड़े हादसे का रूप ले सकती है। ऐसे में संदिग्ध गतिविधियों, ज्वलनशील पदार्थों के गलत इस्तेमाल तथा जानबूझकर आग लगाने वाले असामाजिक तत्वों से विशेष सावधानी बरतना बेहद आवश्यक है। जनता से अपील है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी मिलने पर स्वयं कानून हाथ में न लें, बल्कि तत्काल पुलिस एवं संबंधित प्रशासन को सूचित करें। घर, दुकान और कार्यस्थल पर अग्निशमन उपकरण रखें तथा आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित स्थान पर पहुँचने को प्राथमिकता दें। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन की ओर से नागरिकों से अपील की गई है कि जागरूक रहें, अफवाहों से बचें और किसी भी आपात स्थिति में एक-दूसरे की मदद करें। सतर्क नागरिक ही सुरक्षित समाज की मजबूत नींव हैं। रिपोर्टर — सूर्य प्रकाश पाण्डेय मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन1
- जौनपुर में 2 दिन से लगातार बारिश धान फसल को किसानों का खूब हो रहा है फायदा जौनपुर में 24 घंटा से लगातार बारिश होने से जहां कुछ फसलों का नुकसान हो रही है कुछ फसलों की भी फायदा हो रही है जिस गांव क्षेत्र में कुछ लोगों पर पानी भरने से सड़क और खेत में बहुत नुकसान हुई है1
- रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी नेपाल से भयानक तस्वीरें सामने आई हैं। रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। तेज बहाव में कई वाहन, पुल और नदी किनारे की बस्तियां बह गईं। टिमुरे और स्याफ्रुबेसी इलाके में सबसे ज्यादा नुकसान की खबर है। कई लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है। राहत और बचाव के लिए नेपाल सेना, पुलिस और सुरक्षा बलों को लगाया गया है बाढ़ का ऐसा खौफनाक मंजर आपने शायद सिर्फ फिल्मों में देखा होगा। अब नेपाल से आया ये ताजा वीडियो देखिए। रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। कई इलाकों में घर, सड़कें और पुल बह गए हैं। हालात इतने भयावह हैं कि नुकसान का पूरा आकलन अभी तक सामने नहीं आ सका है। बस इन तस्वीरों को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि वहां कितना कुछ तबाह हुआ होगा...2