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दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो का संज्ञान लेने और उसकी निष्पक्ष जांच कराने का विनम्र निवेदन किया गया है। यह आग्रह किया गया है कि वीडियो की सत्यता और उसके स्थान की पुष्टि कर सच्चाई को जनता के सामने लाया जाए। मांग की गई है कि यदि जांच में कोई भी पुलिसकर्मी नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त और उचित कार्रवाई की जाए। इसका उद्देश्य कानून और मानवाधिकार दोनों की रक्षा सुनिश्चित करना है, इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है।
BHARAT TODAY NEWS
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो का संज्ञान लेने और उसकी निष्पक्ष जांच कराने का विनम्र निवेदन किया गया है। यह आग्रह किया गया है कि वीडियो की सत्यता और उसके स्थान की पुष्टि कर सच्चाई को जनता के सामने लाया जाए। मांग की गई है कि यदि जांच में कोई भी पुलिसकर्मी नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त और उचित कार्रवाई की जाए। इसका उद्देश्य कानून और मानवाधिकार दोनों की रक्षा सुनिश्चित करना है, इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है।
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- दिल्ली में बिजली बिलों को लेकर जनता की बढ़ती शिकायतों के बीच, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिजली बिल व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई करने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि बिजली बिल अब लोगों तक समय पर और सुविधाजनक तरीके से पहुंचाए जाएंगे। उन्होंने बिल वितरण में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की जांच के आदेश भी जारी किए हैं। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार का दावा है कि इस महत्वपूर्ण फैसले से बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी और पूरी व्यवस्था में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।1
- जगत न्यूज़ 24 ने देश और दुनिया की 10 बड़ी खबरें देखने के लिए दर्शकों को आमंत्रित किया है।1
- गाजियाबाद के राम भैया भगत जी ने एक सवाल उठाया है। उन्होंने जानना चाहा है कि बालाजी महाराज का प्रसाद घर लाना उचित है या नहीं।1
- भारतीय जन क्रान्ति सेना ने सभी नागरिकों से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने और राष्ट्र धर्म निभाने की अपील की है। संगठन ने लोगों से अपने नेतृत्व से जुड़ने और सदस्य बनने का आह्वान किया है। जो भी इच्छुक व्यक्ति भारतीय जन क्रान्ति सेना से जुड़ना चाहते हैं, वे 9335966755 नंबर पर 'Join' लिखकर व्हाट्सएप कर सकते हैं।1
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- अयोध्या में राम जन्मभूमि क्षेत्र के श्री राम हॉस्पिटल के सामने रेलवे स्टेशन रोड पर नगर निगम की घोर लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। बरसात के दौरान नाले के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण बड़ी मात्रा में गंदा पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे पूरे मार्ग पर जलभराव की स्थिति बन गई है। इस कारण स्थानीय लोगों, श्रद्धालुओं और यात्रियों को आवागमन में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। राम जन्मभूमि आने-जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए यह मार्ग अत्यंत महत्वपूर्ण है, और सड़क पर लगातार बह रहे पानी के चलते फिसलन तथा जलभराव से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम से इस समस्या के तत्काल और स्थायी समाधान की मांग की है। उनकी अपील है कि नाले की मरम्मत शीघ्र की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके और किसी भी अप्रिय दुर्घटना को रोका जा सके।1
- इंडिया न्यूज़ 9लाइव इन्वेस्टिगेशन रिसर्च सेल द्वारा जारी एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया पर ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतोलला अली खामेनेई की शवयात्रा को लेकर किए जा रहे सनसनीखेज दावों और "पूरा भारत हैरान, सऊदी में हड़कंप" जैसी क्लिकबैट हेडलाइंस के विपरीत, वास्तविक कूटनीतिक हकीकत कहीं अधिक जटिल है। जुलाई 2026 में चल रही अली खामेनेई की इस शवयात्रा में, जिनकी मृत्यु फरवरी 2026 में एक हवाई हमले में हुई थी और युद्ध के चलते अंतिम संस्कार में देरी हुई, उनका ताबूत ईरान से इराक के पवित्र शहरों नजफ और करबला ले जाया गया है, जिसके बाद उन्हें मश्हद में दफनाया जाएगा। "ताबूत पर बड़ा खेल" की सोशल मीडिया वाली बातें निराधार हैं, क्योंकि कूटनीतिक गलियारों में असली रहस्य ताबूत को लेकर नहीं, बल्कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता आयतोलला मुजतबा खामेनेई की स्थिति को लेकर है। अली खामेनेई की मृत्यु के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता चुना गया था, लेकिन अपने पिता और अपनी पत्नी के इस ऐतिहासिक अंतिम संस्कार में भी वे कहीं दिखाई नहीं दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, मुजतबा खामेनेई फरवरी के उसी हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और पिछले 120 दिनों से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं, जिसके कारण ईरान के भविष्य और सत्ता संघर्ष को लेकर वैश्विक स्तर पर अटकलों का बाजार गर्म है, जिसे ही सोशल मीडिया पर "बड़ा खेल" कहा जा रहा है। इसी तरह, सऊदी अरब में किसी प्रकार की अफ़रातफ़री नहीं है, लेकिन रियाद इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नज़र बनाए हुए है। सऊदी अरब ने ईरान में अपने प्रतिनिधिमंडल को सम्मान प्रकट करने के लिए भेजा है, लेकिन उसकी मुख्य चिंता क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर है। सऊदी को आशंका है कि यदि नए ईरानी नेतृत्व, खासकर मुजतबा खामेनेई की सेहत बहुत खराब है या ईरान के भीतर कोई अंदरूनी सत्ता संघर्ष शुरू होता है, तो मिडिल ईस्ट में चल रही सीज़फायर वार्ताएं और शांति प्रक्रिया खटाई में पड़ सकती हैं। इसके अलावा, ईरान और अमेरिका/इजरायल के बीच तनाव के कारण स्ट्रैट ऑफ होर्मुज का व्यापारिक मार्ग हमेशा संवेदनशील रहता है, जो सऊदी अरब सहित पूरे विश्व के तेल बाजार को प्रभावित करता है। भारत इस मुद्दे पर हैरान नहीं, बल्कि अत्यंत सतर्क और गंभीर है। भारत की कूटनीति किसी देश के आंतरिक मामलों में दखल न देने की रही है, लेकिन ईरान में स्थिरता उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत ने ईरान के चाबहार बंदरगाह में भारी निवेश किया है, जो मध्य एशिया और रूस तक उसके व्यापार का मुख्य जरिया है, और ईरान में कोई भी बड़ा राजनीतिक वैक्यूम इस परियोजना को प्रभावित कर सकता है। साथ ही, भारत हमेशा से पश्चिम एशिया में शांति का पक्षधर रहा है ताकि तेल की कीमतें स्थिर रहें और वहां रह रहे लाखों भारतीय नागरिक सुरक्षित रहें। भारत का विदेश मंत्रालय इस बात पर ध्यान दे रहा है कि खामेनेई के बाद ईरान का नया प्रशासन भारत के साथ संबंधों को किस दिशा में ले जाता है। निष्कर्षतः, सोशल मीडिया पर दिखाए जा रहे वीडियो और थंबनेल ईरान में उमड़ी लाखों की भीड़ और कड़े सुरक्षा घेरे में चल रही शवयात्रा के हैं। "ताबूत का खेल" कोई अलौकिक या जादुई घटना नहीं, बल्कि ईरान की सत्ता के शीर्ष पर चल रहा एक बेहद जटिल कूटनीतिक और राजनीतिक घटनाक्रम है, जिसका असर भारत, सऊदी अरब और पूरी दुनिया पर पड़ना तय है। यह रिपोर्ट वैश्विक समाचार एजेंसियों और आधिकारिक कूटनीतिक बयानों के आधार पर तैयार की गई है।1
- धौलपुर के कैलाशपुरा गांव में देर रात तेज बारिश के कारण एक दो मंजिला मकान अचानक ढह गया। इस हादसे में मकान में सो रहे परिवार के 6 सदस्य घायल हो गए, जिनमें से एक व्यक्ति को गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर किया गया है। यह घटना जिले के मनियां थाना क्षेत्र के कैलाशपुरा गांव में हुई, जहां परिवार के सदस्य मकान की दूसरी मंजिल पर सो रहे थे और मकान गिरने से मलबे में दब गए। मकान ढहने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। सूचना मिलने पर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। सभी घायल सदस्यों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने एक घायल की स्थिति गंभीर देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया, जबकि अन्य 5 घायलों का इलाज जिला चिकित्सालय में जारी है। बताया जा रहा है कि लगातार बारिश के कारण मकान कमजोर हो गया था, जिसके चलते यह हादसा हुआ। घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। प्रशासन भी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और प्रभावित परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास कर रहा है।1