श्योपुर के जाट छात्रावास में 5 जुलाई 2026 को जाट समाज की एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया। समाज के अध्यक्ष श्री बृजराज सिंह (आवदा) की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई इस महापंचायत में जिलेभर से सैकड़ों महिला-पुरुषों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसका मुख्य उद्देश्य समाज में फैली सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करना, अनावश्यक खर्चों पर अंकुश लगाना, सामाजिक एकता को मजबूत करना और समाज को एक नई दिशा देना था। इस दौरान समाज के उपाध्यक्ष श्री रामसिंह इंजी. (राड़ेप), श्री नेमीचन्द (दौलतपुरा), श्री रवीन्द्र सिंह (झिरया), श्री नरेन्द्र सिंह सागवान (श्योपुर), श्री गोपाल सिंह (बनवाड़ा) एवं श्री कन्हैया सिंह (मम्पलिया, राड़ेप), कोषाध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह (आवदा) तथा सचिव श्री बलवीर सिंह (राड़ेप) की उपस्थिति एवं मार्गदर्शन में समाज हित से जुड़े 10 महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। महापंचायत में मृत्यु भोज को केवल परिवार और निकट संबंधियों तक सीमित रखने तथा इसकी छपी हुई चिट्ठियां बांटने की प्रथा को पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया गया। तेरहवीं और श्राद्ध की रस्म भी परिवार एवं निकट संबंधियों द्वारा ही सम्पन्न की जाएगी, जिसके तहत दोपहर 12 बजे के बाद श्रद्धांजलि सभा आयोजित होगी। मृत व्यक्ति की अनावश्यक पहनावनी पर रोक लगाते हुए यह तय किया गया कि आवश्यकता पड़ने पर केवल नारियल भेंट कर श्रद्धांजलि दी जाएगी। विवाह समारोहों में 'छाबड़ा प्रथा' को पूर्णतः बंद किया जाएगा और परंपरानुसार दुल्हन को वस्त्र व आभूषण घर पर ही भेंट किए जाएंगे। सगाई एवं तिलक समारोह में सिर्फ वर-वधू की ही पहनावनी की जाएगी। इसके अतिरिक्त, भात, लग्न और अन्य सामाजिक आयोजनों में पहनावनी के बजाय सामर्थ्य अनुसार लिफाफे में राशि भेंट करने तथा केवल आवश्यक पारिवारिक पहनावनी करने का प्रावधान किया गया है। सर्दी के मौसम में विवाह समारोह दिन के समय आयोजित किए जाएंगे। समाज के सहयोग से दहेज मुक्त और कम खर्च वाले सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित करने का संकल्प लिया गया। विशेष रूप से, आर्थिक रूप से कमजोर, अनाथ और असहाय कन्याओं को चिह्नित कर समाज के सहयोग से निःशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। अंत में, समाज में नशामुक्ति के लिए एक व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का भी निर्णय हुआ। उपस्थित सभी समाजजनों ने इन प्रस्तावों का सर्वसम्मति से समर्थन किया और इन्हें समाज के हित में 'ऐतिहासिक निर्णय' बताया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि इन फैसलों से समाज में व्याप्त फिजूलखर्ची और कुरीतियों पर प्रभावी रोक लगेगी, जिससे सामाजिक एकता और मजबूत होगी तथा आने वाली पीढ़ियों को एक बेहतर सामाजिक वातावरण मिलेगा। यह कार्यक्रम समाज की एकता, संगठन और सामाजिक सुधार के संकल्प के साथ संपन्न हुआ, जहाँ सभी उपस्थित सदस्यों ने इन निर्णयों का पालन करने और इनका संदेश समाज के प्रत्येक परिवार तक पहुँचाने का दृढ़ संकल्प लिया।
श्योपुर के जाट छात्रावास में 5 जुलाई 2026 को जाट समाज की एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया गया। समाज के अध्यक्ष श्री बृजराज सिंह (आवदा) की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई इस महापंचायत में जिलेभर से सैकड़ों महिला-पुरुषों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसका मुख्य उद्देश्य समाज में फैली सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करना, अनावश्यक खर्चों पर अंकुश लगाना, सामाजिक एकता को मजबूत करना और समाज को एक नई दिशा देना था। इस दौरान समाज के उपाध्यक्ष श्री रामसिंह इंजी. (राड़ेप), श्री नेमीचन्द (दौलतपुरा), श्री रवीन्द्र सिंह (झिरया), श्री नरेन्द्र सिंह सागवान (श्योपुर), श्री गोपाल सिंह (बनवाड़ा) एवं श्री कन्हैया सिंह (मम्पलिया, राड़ेप), कोषाध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह (आवदा) तथा सचिव श्री बलवीर सिंह (राड़ेप) की उपस्थिति एवं मार्गदर्शन में समाज हित से जुड़े 10 महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। महापंचायत में मृत्यु भोज को केवल परिवार और निकट संबंधियों तक सीमित रखने तथा इसकी छपी हुई चिट्ठियां बांटने की प्रथा को पूरी तरह बंद करने का निर्णय लिया गया। तेरहवीं और श्राद्ध की रस्म भी परिवार एवं निकट संबंधियों द्वारा ही सम्पन्न की जाएगी, जिसके तहत दोपहर 12 बजे के बाद श्रद्धांजलि सभा आयोजित होगी। मृत व्यक्ति की अनावश्यक पहनावनी पर रोक लगाते हुए यह तय किया गया कि आवश्यकता पड़ने पर केवल नारियल भेंट कर श्रद्धांजलि दी जाएगी। विवाह समारोहों में 'छाबड़ा प्रथा' को पूर्णतः बंद किया जाएगा और परंपरानुसार दुल्हन को वस्त्र व आभूषण घर पर ही भेंट किए जाएंगे। सगाई एवं तिलक समारोह में सिर्फ वर-वधू की ही पहनावनी की जाएगी। इसके अतिरिक्त, भात, लग्न और अन्य सामाजिक आयोजनों में पहनावनी के बजाय सामर्थ्य अनुसार लिफाफे में राशि भेंट करने तथा केवल आवश्यक पारिवारिक पहनावनी करने का प्रावधान किया गया है। सर्दी के मौसम में विवाह समारोह दिन के समय आयोजित किए जाएंगे। समाज के सहयोग से दहेज मुक्त और कम खर्च वाले सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित करने का संकल्प लिया गया। विशेष रूप से, आर्थिक रूप से कमजोर, अनाथ और असहाय कन्याओं को चिह्नित कर समाज के सहयोग से निःशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। अंत में, समाज में नशामुक्ति के लिए एक व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का भी निर्णय हुआ। उपस्थित सभी समाजजनों ने इन प्रस्तावों का सर्वसम्मति से समर्थन किया और इन्हें समाज के हित में 'ऐतिहासिक निर्णय' बताया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि इन फैसलों से समाज में व्याप्त फिजूलखर्ची और कुरीतियों पर प्रभावी रोक लगेगी, जिससे सामाजिक एकता और मजबूत होगी तथा आने वाली पीढ़ियों को एक बेहतर सामाजिक वातावरण मिलेगा। यह कार्यक्रम समाज की एकता, संगठन और सामाजिक सुधार के संकल्प के साथ संपन्न हुआ, जहाँ सभी उपस्थित सदस्यों ने इन निर्णयों का पालन करने और इनका संदेश समाज के प्रत्येक परिवार तक पहुँचाने का दृढ़ संकल्प लिया।
- शिवपुरी में 5 जुलाई 2026 को आयोजित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के एक कार्यक्रम में शामिल हुई महिलाओं और बुजुर्गों ने कई सवाल उठाए हैं, जिसमें उन्हें स्वयं सहायता समूह की बैठक के बहाने बुलाए जाने का दावा प्रमुख है। कार्यक्रम में शामिल कुछ महिलाओं ने दावा किया कि उन्हें पहले से यह जानकारी नहीं दी गई थी कि वे मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का हिस्सा बनने जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कार्यक्रम की प्रकृति और उद्देश्य के बारे में पूरी जानकारी पहले से नहीं दी गई थी। इसी तरह, कुछ बुजुर्ग महिलाओं सहित अन्य प्रतिभागियों ने भी शिकायत की कि उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा, जिसके कारण उन्हें गर्मी, भीड़ और अन्य प्रकार की असुविधाओं का सामना करना पड़ा। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो कार्यक्रम में लोगों को आमंत्रित करने की प्रक्रिया और संबंधित व्यवस्थाओं पर स्वाभाविक रूप से सवाल उठते हैं। मामले की सही स्थिति स्पष्ट करने के लिए प्रशासन और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना आवश्यक बताया गया है।1
- शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ढोढर में साइबर जागरूकता अभियान 2.0 के तहत एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान थाना प्रभारी राकेश शर्मा ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक की पहचान, ओटीपी साझा न करने के महत्व, सोशल मीडिया सुरक्षा और विभिन्न साइबर अपराधों से स्वयं को बचाने के बारे में विस्तृत और महत्वपूर्ण जानकारी दी। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य, सभी शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों से सतर्क रहने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की अपील की गई, ताकि वे साइबर खतरों से बच सकें।1
- चौथ का बरवाड़ा पंचायत समिति के कुस्तला कस्बे में रविवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। कुस्तला तिराहे पर पुलिस द्वारा नाकाबंदी की जा रही थी, तभी पुलिस ने एक बाइक पर सवार पति-पत्नी को रोकने का प्रयास किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाइक कुछ ही कदम आगे बढ़ी थी कि पीछे से तेज रफ्तार ट्रक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में चेनपुरा निवासी बरफा देवी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनके पति राजूलाल गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों पति-पत्नी सवाई माधोपुर में मजदूरी कर अपने गांव लौट रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस द्वारा तिराहे पर वाहन रोकने का तरीका बेहद खतरनाक था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। घटना के बाद मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए और पुलिस के खिलाफ जमकर आक्रोश व्यक्त किया। लोगों ने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस अक्सर राहगीरों और ग्रामीणों को बेवजह परेशान करती है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि हादसे के बाद करीब आधे घंटे तक 108 एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची, जिसके बाद आखिरकार पुलिस ने घायल राजूलाल को अपनी सरकारी जीप से अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है। हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने लालसोट-कोटा मेगा हाईवे पर जाम लगा दिया और मृतका के परिजनों को 50 लाख रुपये के आर्थिक मुआवजे की मांग की। काफी देर तक सड़क पर मृतका का शव पड़ा रहा और ग्रामीणों ने उसे उठाने से इनकार कर दिया। पुलिस ने ट्रक चालक को हिरासत में लेकर ट्रक जब्त कर लिया है। मौके पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं और ग्रामीणों से लगातार समझाइश की जा रही है, हालांकि मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।1
- सवाई माधोपुर हाउसिंग बोर्ड के श्याम वाटिका वार्ड नंबर 21 में पिछले कई महीनों से क्षतिग्रस्त पड़ी एक पुलिया की आखिरकार मरम्मत कर दी गई है। यह कार्रवाई 'सवाई माधोपुर न्यूज़' पर 10 दिन पहले चलाई गई एक खबर के असर के बाद हुई। खबर प्रकाशित होने के उपरांत संबंधित विभाग हरकत में आया और आज, रविवार 5 जुलाई 2026 को क्षतिग्रस्त पुलिया के दुरुस्तीकरण का कार्य पूरा किया गया। इस प्रकार, विभाग ने खबर का संज्ञान लेकर पुलिया को मरम्मत करवाकर उसे ठीक कर दिया।1
- श्योपुर, मध्य प्रदेश स्थित बल्लू टी स्टॉल फेमस ने वीरपुर से आए सभी भाइयों का हार्दिक स्वागत किया। स्टॉल प्रबंधन ने सभी से मिलकर और साथ में चाय की चुस्कियों का आनंद लेकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने ग्राहकों के स्नेह और विश्वास को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताते हुए अनुरोध किया कि वे अपना प्यार और आशीर्वाद इसी तरह बनाए रखें। बल्लू टी स्टॉल फेमस ने यह भी दोहराया कि वे हमेशा सेवा में तत्पर रहेंगे और सभी को हार्दिक शुभकामनाएं दीं, अतिथियों के प्रति 'अतिथि देवो भव' की भावना को दर्शाते हुए।1
- शिवपुरी में पुलिसकर्मियों और बस स्टाफ की सतर्कता एवं तत्परता के कारण एक 8 माह का मासूम बच्चा सुरक्षित रूप से उसके परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। यह घटना तब सामने आई जब बस कंडक्टर नरोत्तम चंदेल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम के लिए बस लेकर आए थे। इसी दौरान, ग्राम झिरी में एक शराब के नशे में धुत युवक 8 माह के बच्चे के साथ बस में सवार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नशे की हालत में युवक ने रास्ते में बच्चे को दो-तीन बार गिरा दिया, जिससे बस स्टाफ और यात्रियों में चिंता उत्पन्न हो गई। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए, बस प्रभारी नरोत्तम चंदेल ने तत्काल बच्चे को अपनी गोद में लिया और पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना प्राप्त होते ही, ड्यूटी पर तैनात एएसआई शैलेंद्र सिंह चौहान, प्रधान आरक्षक रामेश्वर पाल और आरक्षक भीकम सिंह की टीम मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस टीम ने ग्राम झिरी से बच्चे के मामा को मौके पर बुलाकर आवश्यक कार्रवाई पूरी की और मासूम को सुरक्षित उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिजनों ने जानकारी दी कि बच्चे का पिता संदीप पटेल उसे ससुराल झिरी से बिना बताए अपने साथ ले गया था। बच्चे की सुरक्षित वापसी पर परिजनों ने राहत व्यक्त की। पुलिस टीम ने इस पूरे मामले में बस कंडक्टर नरोत्तम चंदेल की सूझबूझ और जिम्मेदारीपूर्ण कार्य की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।1
- सवाई माधोपुर में हुई आज की बारिश ने शहर के नालों की वास्तविक स्थिति को उजागर कर दिया है। इस बारिश ने उन सभी वादों और दावों की पोल खोल दी है, जो पहले किए गए थे। यह स्थिति अतिरिक्त जिला कलक्टर की सख्ती और 26 जून को दिए गए अल्टीमेटम के बाद सामने आई है। पोस्ट में सवाल उठाया गया है कि अतिरिक्त जिला कलक्टर की सख्ती का क्या परिणाम हुआ। वीडियो के माध्यम से लोगों से अपनी राय देने और इसे जिम्मेदार अधिकारियों तक साझा करने की अपील की गई है, ताकि इस मामले पर ध्यान दिया जा सके।1