चैत्र शुक्ल पक्ष त्रयोदशी पर जसोलधाम में उमड़ा अपार श्रद्धा का महासागर, दिनभर गूंजा “जय माँ जसोल” का जयघोष चैत्र शुक्ल पक्ष त्रयोदशी के पावन एवं पुण्यप्रद अवसर पर जसोलधाम में आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्वितीय संगम देखने को मिला। प्रातःकालीन मंगला आरती के साथ ही सम्पूर्ण धाम भक्तिरस में सराबोर हो उठा। सूर्योदय से पूर्व ही हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचने लगे और देखते ही देखते पूरा परिसर श्रद्धालुओं के जनसैलाब से भर गया। भक्तजन अत्यंत अनुशासन एवं श्रद्धा के साथ कतारबद्ध होकर श्री राणीसा भटियाणीसा सहित मंदिर परिसर स्थित समस्त देवी-देवताओं के दर्शन करते रहे। “जय माँ जसोल” के गगनभेदी जयघोष, घंटा-घड़ियाल की मधुर ध्वनि एवं भजन-कीर्तन से सम्पूर्ण वातावरण दिव्य एवं अलौकिक बन गया। इस विशेष अवसर देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु जसोलधाम पहुंचे। अनेक परिवार अपने नवजात शिशुओं का प्रथम दर्शन कराने तथा नवविवाहित जोड़े अपने दांपत्य जीवन के मंगल आशीर्वाद हेतु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। नवदम्पत्तियों ने माँ के श्रीचरणों में शीश नवाकर अखंड सौभाग्य, सुख-समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मंदिर संस्थान द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए व्यापक एवं उच्च स्तरीय व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। दर्शन व्यवस्था को निर्बाध बनाए रखने हेतु बहु-स्तरीय कतार प्रणाली, प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता व्यवस्था तथा सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी गई। पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से श्रद्धालुओं को समय-समय पर आवश्यक सूचनाएं एवं दिशा-निर्देश दिए जाते रहे, जिससे भीड़ के बावजूद व्यवस्था पूर्णतः नियंत्रित एवं सुचारू बनी रही। मंदिर संस्थान द्वारा विशेष रूप से दिव्यांगजन एवं वृद्ध श्रद्धालुओं के लिए सहयोग व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई, जिससे उन्हें सहज रूप से दर्शन लाभ प्राप्त हो सके। इस पावन अवसर पर अन्नपूर्णा प्रसादम् (भोजन प्रसादी) एवं छप्पन भोग का अत्यंत भव्य एवं श्रद्धामय आयोजन सम्पन्न हुआ। इस पुण्य कार्य के लाभार्थी ताजाराम सुपुत्र भैराराम एवं मूलाराम सुपुत्र भोमाराम, निवासी आकड़ली रहे। हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर स्वयं को धन्य किया तथा माँ की कृपा प्राप्त की। परंपरा के अनुरूप कन्या पूजन कार्यक्रम भी अत्यंत श्रद्धा एवं वैदिक विधि-विधान से सम्पन्न किया गया। कन्याओं को माँ का स्वरूप मानकर उनका पूजन, चरण वंदन, भोजन एवं दक्षिणा अर्पित की गई। यह आयोजन भारतीय सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं का जीवंत उदाहरण रहा। सायंकाल में मंदिर परिसर में भव्य भजन संध्या एवं जागरण का आयोजन हुआ, जिसमें भक्ति और लोकसंस्कृति का अनुपम संगम देखने को मिला। गैर नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पुष्कर से आए नगारची कलाकारों ने अपने पारंपरिक नगाड़ा वादन से वातावरण को जोश, ऊर्जा और उत्साह से भर दिया। वहीं हड़वा (बाड़मेर) से आए सुप्रसिद्ध भजन कलाकारों ने मधुर, भावपूर्ण एवं भक्तिरस से ओत-प्रोत भजनों की प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को देर रात तक भक्ति में लीन रखा। स्थानीय दमामी कलाकारों द्वारा ढोल, नगाड़ा एवं थाली की पारंपरिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए, जिससे सम्पूर्ण परिसर लोक-सांस्कृतिक रंग में रंग गया। आधुनिक युग के अनुरूप मंदिर संस्थान द्वारा डिजिटल माध्यमों का भी प्रभावी उपयोग किया गया। लाइव आरती एवं दर्शन प्रसारण के माध्यम से देश-विदेश में विराजमान लाखों श्रद्धालुओं ने घर बैठे ही माँ जसोल के दर्शन किए। इस पहल को श्रद्धालुओं द्वारा अत्यंत सराहना मिली और इसे आस्था एवं तकनीक का सुंदर समन्वय बताया गया। मंदिर परिसर में साफ-सफाई, पार्किंग व्यवस्था, यातायात नियंत्रण तथा स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका भी विशेष रूप से सराहनीय रही। स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस विभाग का भी सहयोग प्राप्त हुआ, जिससे सम्पूर्ण आयोजन पूर्णतः सुरक्षित एवं सफल रहा। मंदिर संस्थान के प्रवक्ता कुंवर हरिशचंद्र सिंह जसोल ने बताया कि जसोलधाम में श्रद्धालुओं की संख्या निरंतर बढ़ रही है, जिसे ध्यान में रखते हुए संस्थान द्वारा भविष्य में और अधिक आधुनिक, सुविधाजनक एवं व्यवस्थित व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं, सेवाभावी कार्यकर्ताओं, प्रशासन एवं सहयोगियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक सहयोग से ही यह भव्य एवं दिव्य आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हो पाया।
चैत्र शुक्ल पक्ष त्रयोदशी पर जसोलधाम में उमड़ा अपार श्रद्धा का महासागर, दिनभर गूंजा “जय माँ जसोल” का जयघोष चैत्र शुक्ल पक्ष त्रयोदशी के पावन एवं पुण्यप्रद अवसर पर जसोलधाम में आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्वितीय संगम देखने को मिला। प्रातःकालीन मंगला आरती के साथ ही सम्पूर्ण धाम भक्तिरस में सराबोर हो उठा। सूर्योदय से पूर्व ही हजारों श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचने लगे और देखते ही देखते पूरा परिसर श्रद्धालुओं के जनसैलाब से भर गया। भक्तजन अत्यंत अनुशासन एवं श्रद्धा के साथ कतारबद्ध होकर श्री राणीसा भटियाणीसा सहित मंदिर परिसर स्थित समस्त देवी-देवताओं के दर्शन करते रहे। “जय माँ जसोल” के गगनभेदी जयघोष, घंटा-घड़ियाल की मधुर ध्वनि एवं भजन-कीर्तन से सम्पूर्ण वातावरण दिव्य एवं अलौकिक बन गया। इस विशेष अवसर देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु जसोलधाम पहुंचे। अनेक परिवार अपने नवजात शिशुओं का प्रथम दर्शन कराने तथा नवविवाहित जोड़े अपने दांपत्य जीवन के मंगल आशीर्वाद हेतु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। नवदम्पत्तियों ने माँ के श्रीचरणों में शीश नवाकर अखंड सौभाग्य, सुख-समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मंदिर संस्थान द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए व्यापक एवं उच्च स्तरीय व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। दर्शन व्यवस्था को निर्बाध बनाए रखने हेतु बहु-स्तरीय कतार प्रणाली, प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छता व्यवस्था तथा सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी गई। पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से श्रद्धालुओं को समय-समय पर आवश्यक सूचनाएं एवं दिशा-निर्देश दिए जाते रहे, जिससे भीड़ के बावजूद व्यवस्था पूर्णतः नियंत्रित एवं सुचारू बनी रही। मंदिर संस्थान द्वारा विशेष रूप से दिव्यांगजन एवं वृद्ध श्रद्धालुओं के लिए सहयोग व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई, जिससे उन्हें सहज रूप से दर्शन लाभ प्राप्त हो सके। इस पावन अवसर पर अन्नपूर्णा प्रसादम् (भोजन प्रसादी) एवं छप्पन भोग का अत्यंत भव्य एवं श्रद्धामय आयोजन सम्पन्न हुआ। इस पुण्य कार्य के लाभार्थी ताजाराम सुपुत्र भैराराम एवं मूलाराम सुपुत्र भोमाराम, निवासी आकड़ली रहे। हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण कर स्वयं को धन्य किया तथा माँ की कृपा प्राप्त की। परंपरा के अनुरूप कन्या पूजन कार्यक्रम भी अत्यंत श्रद्धा एवं वैदिक विधि-विधान से सम्पन्न किया गया। कन्याओं को माँ का स्वरूप मानकर उनका पूजन, चरण वंदन, भोजन एवं दक्षिणा अर्पित की गई। यह आयोजन भारतीय सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं का जीवंत उदाहरण रहा। सायंकाल में मंदिर परिसर में भव्य भजन संध्या एवं जागरण का आयोजन हुआ, जिसमें भक्ति और लोकसंस्कृति का अनुपम संगम देखने को मिला। गैर नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पुष्कर से आए नगारची कलाकारों ने अपने पारंपरिक नगाड़ा वादन से वातावरण को जोश, ऊर्जा और उत्साह से भर दिया। वहीं हड़वा (बाड़मेर) से आए सुप्रसिद्ध भजन कलाकारों ने मधुर, भावपूर्ण एवं भक्तिरस से ओत-प्रोत भजनों की प्रस्तुतियां देकर श्रद्धालुओं को देर रात तक भक्ति में लीन रखा। स्थानीय दमामी कलाकारों द्वारा ढोल, नगाड़ा एवं थाली की पारंपरिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए, जिससे सम्पूर्ण परिसर लोक-सांस्कृतिक रंग में रंग गया। आधुनिक युग के अनुरूप मंदिर संस्थान द्वारा डिजिटल माध्यमों का भी प्रभावी उपयोग किया गया। लाइव आरती एवं दर्शन प्रसारण के माध्यम से देश-विदेश में विराजमान लाखों श्रद्धालुओं ने घर बैठे ही माँ जसोल के दर्शन किए। इस पहल को श्रद्धालुओं द्वारा अत्यंत सराहना मिली और इसे आस्था एवं तकनीक का सुंदर समन्वय बताया गया। मंदिर परिसर में साफ-सफाई, पार्किंग व्यवस्था, यातायात नियंत्रण तथा स्वयंसेवकों की सक्रिय भूमिका भी विशेष रूप से सराहनीय रही। स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस विभाग का भी सहयोग प्राप्त हुआ, जिससे सम्पूर्ण आयोजन पूर्णतः सुरक्षित एवं सफल रहा। मंदिर संस्थान के प्रवक्ता कुंवर हरिशचंद्र सिंह जसोल ने बताया कि जसोलधाम में श्रद्धालुओं की संख्या निरंतर बढ़ रही है, जिसे ध्यान में रखते हुए संस्थान द्वारा भविष्य में और अधिक आधुनिक, सुविधाजनक एवं व्यवस्थित व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं, सेवाभावी कार्यकर्ताओं, प्रशासन एवं सहयोगियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक सहयोग से ही यह भव्य एवं दिव्य आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हो पाया।
- Post by Pukhraj soni2
- अपील🙏(MP41
- #जालौर के V1 रेडियो 90.8 FM की डायरेक्टर मधु शर्मा व अनिल शर्मा का रूमा देवी फाउंडेशन के वाणी उत्सव में हुआ सम्मान...! बाड़मेर जिले के शिव शक्ति धाम जसदेर में वाणी उत्सव 2026 का भव्य आयोजन 29 एवं 30 मार्च 2026 को रूमा देवी फाउंडेशन के तत्वावधान में किया गया, जहां वीणा भजनों का महाकुंभ और दान जी स्मृति मारवाड़ भजनी पुरस्कार वितरण समारोह ने सांस्कृतिक समृद्धि की नई मिसाल पेश की। दो दिवसीय इस आयोजन में लोक संस्कृति, भक्ति संगीत और पारंपरिक वाद्य यंत्रों का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय माहौल में सराबोर कर दिया। कार्यक्रम में जालौर के प्रसिद्ध V1 Radio 90.8 FM की स्टेशन डायरेक्टर श्रीमती मधु शर्मा, जो स्वयं एक ख्यातनाम लोक भजन गायिका हैं, तथा एफएम स्टूडियो के निर्देशक अनिल शर्मा ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इनके साथ ही ग्रामीण विकास एवं चेतना संस्थान के निर्देशक विक्रम सिंह ने पिछले 25 वर्षों से लोकगीत, भजन, गायन, संगीत एवं वाद्य यंत्रों के क्षेत्र में किए गए अपने उल्लेखनीय योगदान को साझा किया, जो कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। इस भव्य आयोजन में क्षेत्र के प्रमुख राजनीतिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और प्रशासनिक व्यक्तित्वों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सैकड़ों कलाकारों ने मंच पर अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया, वहीं महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश दिया कि अब वे भी मुख्यधारा में आकर अपनी प्रतिभा का दमखम दिखा रही हैं। कार्यक्रम के समापन अवसर पर श्रीमती उमा देवी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। पूरे आयोजन का सफल और सुव्यवस्थित संचालन विक्रम सिंह द्वारा किया गया, जिन्होंने दान जी भजनी के जीवन और उनके योगदान पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर जालौर की लोक भजन गायिका मधु शर्मा और अनिल शर्मा को लोक वाद्य यंत्र वीणा भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही जालौर क्षेत्र के प्रसिद्ध भजन गायक जोग भारती और सुरेश लोहार को भी रूमा देवी फाउंडेशन द्वारा सम्मानित कर उनकी कला को सराहा गया। कार्यक्रम को विशेष गरिमा तब प्राप्त हुई जब प्रहलाद सिंह टिपानिया और अनवर खान बहिया जैसे प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों का सानिध्य मिला। उनकी उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक प्रेरणादायक बना दिया। लोक गायिका मधु शर्मा ने बताया कि वाणी उत्सव 2026 ने लोक संस्कृति और भक्ति संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य किया, जहां परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। यह आयोजन न केवल कलाकारों के लिए एक मंच बना, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक धरोहर को संजोने का प्रेरणास्रोत भी साबित हुआ। *ब्यूरो रिपोर्ट मरू पत्रिका न्यूज़ बाड़मेर*4
- गुब्बा खाई वालों के हौसले बुलंद। जोधपुर पुलिस कप्तान शरद कविराज के सख्त सख्त निर्देशों के बावजूद जोधपुर शहर में गुंबा खाई वालों के हौसले बुलंद है जोधपुर शहर के पर कोने में गुब्बा खाई वालों के एडे चल रहे हैं ऐसा नहीं है कि पुलिस हर जगह रेड नहीं दे रही है। लेकिन फिर भी खाईवाल अपनी सेटिंग की बीन बजाई लेते हैं। हमारे समाचार पत्र की टीम ने देखा कि भीतरी शहर के फ़तेसागर के पास जैन मंदिर के पास टैक्सी में गुब्बा खाईवाल अपना जुगाड़ लगा बैठा है वहां के लोगों की शिकायत पर हमारी टीम ने एक स्टिंग कर के वहां का वीडियो बनाया जो यह साफ साबित करता है कि खाईवाल के हौसले कितने बुलंद है। देखिए इस वीडियो में किस प्रकार अपना जुगाड़ लगा बैठा है। हमारे समाचार पत्र के संवाददाता ने पुलिस प्रशासन के संबंधित अधिकारियों को सूचित किया लेकिन किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं श्रीमान पुलिस कप्तान साहब ध्यान दें नियमों के अनु पालना यहां पर भी लागू हो।1
- जिला पुलिसअधीक्षक सतनामसिंह आईपीएस के निर्देशन एवं ब्रजराजसिंह चारण ASP फलौदी के सुपरविजन में श्री नगेंद्र सिंह आरपीएस सीओ लोहावट के निकट सुपरविजन में थाना लोहावट ने सराहनीय कार्यवाही कर लोहावट एसएचओ हरिसिंह राजपुरोहित की मय टीम ने बाइक चोरों का गिरोह पकड़ कर चोरी की 09 बाइक जब्त कर अर्जुन उर्फ पिंटू पुत्र सुरेश कुमार बिश्नोई निवासी रिडमल नगर लोहावट,कालू सिंह पुत्र मुल्तान सिंह राजपूत निवासी टेकरा PS बाप एवं लाला राम पुत्र बाबूराम मेघवाल निवासी ढढ़ू पीएस फलौदी इत्यादि अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। मूलाराम जाखड़ ओसियां जिला ब्यूरो चीफ, जोधपुर (भारत संवाद न्यूज नेटवर्क)1
- चरली त,आहोर जिला जालोर राजस्थान पिछले 2 वर्षों से नालि की गमबिर समस्या कही बार बाइक नालि से निकालते समय बाइक डेमेज कहीं बार बाइक चालक नालि में गिर सूखे कही बार कम्पलेन करने कर भी नालि ठिक नहीं कर रही ग्राम पंचायत1
- Post by शाहजी मोबाइल सर्विस1
- बालोतरा। बालोतरा में आयोजित शोभा यात्रा में उमड़ा जन सैलाब।1