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केरल के वायनाड से एक भयावह भूस्खलन का दृश्य सामने आया है, जिसे किसी हॉरर फिल्म के डरावने सीन जैसा बताया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, भूस्खलन का मलबा किसी विशालकाय दानव की तरह तेजी से आया, जिसके कारण लोग अपनी जान बचाकर भागने लगे। इस भीषण प्राकृतिक आपदा में, बड़े-बड़े व्यावसायिक वाहन खिलौनों की तरह बिखर गए। इस घटना से जान-माल के बड़े पैमाने पर नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
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केरल के वायनाड से एक भयावह भूस्खलन का दृश्य सामने आया है, जिसे किसी हॉरर फिल्म के डरावने सीन जैसा बताया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, भूस्खलन का मलबा किसी विशालकाय दानव की तरह तेजी से आया, जिसके कारण लोग अपनी जान बचाकर भागने लगे। इस भीषण प्राकृतिक आपदा में, बड़े-बड़े व्यावसायिक वाहन खिलौनों की तरह बिखर गए। इस घटना से जान-माल के बड़े पैमाने पर नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
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- यह वीडियो रोगों के प्रसार की प्रक्रिया को समझाता है, विशेष रूप से यह बताता है कि एक व्यक्ति से रोग दूसरे व्यक्ति तक किस माध्यम और तरीके से पहुँचता है। यह सामग्री बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं के जीव विज्ञान विषय के अध्याय 8 'मानव स्वास्थ्य एवं रोग' (Human Health and Disease) का हिस्सा है।1
- बेतिया नगर निगम द्वारा नागरिकों को उनके घर तक सभी सुविधाएँ पहुँचाने के उद्देश्य से 'सहयोग शिविर' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 7 जुलाई, 2026 को चलाए गए इस शिविर का मुख्य लक्ष्य वार्ड संख्या 8 से 14 तक के नागरिकों को एक ही छत के नीचे समस्त आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराना है।1
- बेतिया शहर स्थित डॉ. हिद्यातुल्लाह के क्लीनिक में मरीज के ऑपरेशन में देरी को लेकर एक गंभीर विवाद सामने आया है, जिसके बाद क्लीनिक के डॉक्टर और स्टाफ पर मरीज व उसके परिजनों के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। पीड़ित परिवार ने दावा किया है कि मनुआपुल थाना क्षेत्र के रायधुरवा निवासी पुष्कर कुमार राय के पुत्र शुभम राज को इलाज के लिए क्लीनिक में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के लिए परिजनों से ₹10,000 अग्रिम जमा कराए गए और उन्हें सुबह 7 बजे बुलाया गया था। आरोपों के मुताबिक, दोपहर करीब 2 बजे तक भी ऑपरेशन नहीं किया गया, जिसके बाद परिजनों ने देरी का कारण पूछा तो विवाद बढ़ गया। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान क्लीनिक स्टाफ ने मरीज और उसके साथ आए लोगों के साथ मारपीट की। इस कथित मारपीट में मरीज की कलाई घड़ी तोड़ दी गई और उसके अभिभावक का कॉलर पकड़कर उन्हें घसीटते हुए नीचे ले जाया गया। एक प्रत्यक्षदर्शी ने भी आरोप लगाया कि विवाद के दौरान कई लोग डंडे-लाठियों के साथ पहुंचे और मारपीट की। इस घटना का एक वायरल वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पीड़ित पक्ष क्लीनिक परिसर में हुए इस विवाद और मारपीट का दावा करता नजर आ रहा है; हालांकि, हमारा चैनल इस वायरल वीडियो या इसमें किए गए दावों की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। पीड़ित परिवार का कहना है कि क्लीनिक प्रबंधन ने बाद में जमा की गई ₹10,000 की अग्रिम राशि तो वापस कर दी, लेकिन टूटी हुई कलाई घड़ी उन्हें अब तक वापस नहीं मिली है।1
- पडरौना, कुशीनगर में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा आमजन में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से पडरौना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ओम प्रकाश तिवारी ने मंगलवार को पुलिस बल के साथ नगर क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया। इस दौरान पुलिस टीम ने नगर के प्रमुख बाजारों, चौराहों एवं संवेदनशील क्षेत्रों का भ्रमण किया। फ्लैग मार्च के दौरान लोगों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान न देने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ओम प्रकाश तिवारी ने इस बात पर जोर दिया कि नगर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि असामाजिक एवं शरारती तत्वों पर पुलिस की कड़ी नजर है और शांति व्यवस्था भंग करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस फ्लैग मार्च में पुलिस अधिकारियों एवं जवानों की मौजूदगी रही।3
- प्रधानमंत्री मोदी के इंडोनेशिया पहुँचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया, जहाँ पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ गर्मजोशी से उनका अभिनंदन किया गया। इस विशेष समारोह को सिर्फ एक स्वागत कार्यक्रम के तौर पर नहीं, बल्कि भारत और इंडोनेशिया के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों और इंडो-पैसिफिक पार्टनरशिप की महत्वपूर्ण झलक के रूप में देखा गया।1
- गोपालगंज में जिला प्रशासन द्वारा निर्वाचन ईवीएम बेयर हाउस का निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण प्रक्रिया के दौरान सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।1
- नगर पड़रौना के व्यस्त कोतवाली तिराहे पर मंगलवार को बिजली के एक पोल में अचानक शॉर्ट सर्किट होने से भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और दहशत का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बिजली के तारों से अचानक चिंगारियां निकलने लगी थीं और कुछ ही देर में आग की ऊंची लपटें उठने लगीं। राहगीरों और दुकानदारों ने तुरंत बिजली विभाग और संबंधित अधिकारियों को घटना की सूचना दी। सूचना मिलने के बाद विद्युत आपूर्ति बंद कराई गई, जिसके उपरांत आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है, हालांकि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो एक बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग से मांग की है कि जर्जर तारों और बिजली के पोलों की समय रहते जांच कर आवश्यक मरम्मत कराई जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1