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मोरवड़ा में शॉर्ट सर्किट से गेहूं की फसल जली, किसान को लाखों का नुकसान रेवदर उपखण्ड के मोरवड़ा गांव में शनिवार दोपहर बिजली लाइन में हुए शॉर्ट सर्किट से एक किसान की खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। इस घटना में किसान को लगभग 2.5 लाख रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। यह घटना शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे मोरवड़ा गांव के पास स्थित खेत में हुई। खेत के बीच से गुजर रही बिजली लाइन में शॉर्ट सर्किट होने के कारण चिंगारी गिरी, जिससे आग तेजी से फैल गई। किसान नानजीराम पुत्र लखमाराम की लगभग 6 बीघा जमीन पर खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह से जल गई। आग इतनी भीषण थी कि किसान को अपनी फसल बचाने का कोई अवसर नहीं मिला। फसल जलने से किसान को करीब 2 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त, खेत में लगी प्लास्टिक की सिंचाई पाइप भी जलकर नष्ट हो गई, जिससे लगभग 50 हज़ार रुपये का अतिरिक्त नुकसान हुआ। कुल मिलाकर, किसान को लगभग 2.5 लाख रुपये का नुकसान झेलना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही पटवारी और बिजली विभाग के फीडर इंचार्ज मौके पर पहुंचे और मौका रिपोर्ट तैयार की। पीड़ित किसान और ग्रामीणों ने प्रशासन से बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण हुए इस नुकसान के लिए उचित मुआवजे की मांग की है।

2 hrs ago
user_जितेन्द्र संत
जितेन्द्र संत
पत्रकार रेवदर, सिरोही, राजस्थान•
2 hrs ago

मोरवड़ा में शॉर्ट सर्किट से गेहूं की फसल जली, किसान को लाखों का नुकसान रेवदर उपखण्ड के मोरवड़ा गांव में शनिवार दोपहर बिजली लाइन में हुए शॉर्ट सर्किट से एक किसान की खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। इस घटना में किसान को लगभग 2.5 लाख रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। यह घटना शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे मोरवड़ा गांव के पास स्थित खेत में हुई। खेत के बीच से गुजर रही बिजली लाइन में शॉर्ट सर्किट होने के कारण चिंगारी गिरी, जिससे आग तेजी से फैल गई। किसान नानजीराम पुत्र लखमाराम की लगभग 6 बीघा जमीन पर खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह से जल गई। आग इतनी भीषण थी कि किसान को अपनी फसल बचाने का कोई अवसर नहीं मिला। फसल जलने से किसान को करीब 2 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त, खेत में लगी प्लास्टिक की सिंचाई पाइप भी जलकर नष्ट हो गई, जिससे लगभग 50 हज़ार रुपये का अतिरिक्त नुकसान हुआ। कुल मिलाकर, किसान को लगभग 2.5 लाख रुपये का नुकसान झेलना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही पटवारी और बिजली विभाग के फीडर इंचार्ज मौके पर पहुंचे और मौका रिपोर्ट तैयार की। पीड़ित किसान और ग्रामीणों ने प्रशासन से बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण हुए इस नुकसान के लिए उचित मुआवजे की मांग की है।

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  • रेवदर के मंडार में आयोजित जिला स्तरीय पशु मेले के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान पिण्डवाड़ा-आबू विधायक समाराम गरासिया नाराज होकर कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर रवाना हो गए। बैनर में फोटो नहीं होने और स्वागत प्रोटोकॉल को लेकर उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की। पशुपालन विभाग की ओर से आयोजित जिला स्तरीय पशु मेले के उद्घाटन समारोह में विधायक समाराम गरासिया अतिथि के रूप में पहुंचे थे। कार्यक्रम में राज्यमंत्री ओटाराम देवासी, जिला कलक्टर अल्पा चौधरी, जिला प्रमुख अर्जुनराम पुरोहित, एसडीएम राजन लोहिया, ईओ संजय कुमार सहित कई अतिथि भी मौजूद थे। कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए बैनर में उनका फोटो नहीं होने और स्वागत व्यवस्था को लेकर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के समय भी वे विधायक थे, लेकिन उस समय इतनी उपेक्षा नहीं हुई जितनी अब अपनी ही सरकार में देखने को मिल रही है। चार बार से जीत रहे विधायक का मंच संचालक ने नाम तक नहीं लिया। विधायक ने आपत्ति जताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों के सम्मान और प्रोटोकॉल का पालन होना चाहिए, लेकिन यहां इसकी अनदेखी की गई है। पशु मेले में पशु और पशुपालक दोनों ही नहीं है, कैसा कार्यक्रम है ये सारे फर्जी है। विधायक ने जाते समय आयोजकों की शिकायत मुख्यमंत्री और गोपालन मंत्री से करने की बात भी कही। गौरतलब है कि जिला स्तरीय पशु मेला विवादों में ही रहा है । पहले निमंत्रण पत्र में स्थानीय विधायक का नाम नहीं था, कांग्रेस की आपत्ति के बाद कार्ड बदला गया । अब भाजपा के विधायक कार्यक्रम से गुस्सा होकर निकल गए । इधर, कांग्रेस ने भी जमकर हमला बोला । जिला उपाध्यक्ष हिमपाल सिंह देवल ने कहा कि पशु मेले की हालत बेहद शर्मनाक देखने को मिली। मेले में आए पशुओं के लिए पानी पीने की कोई व्यवस्था नहीं थी और न ही चारे की कोई उचित व्यवस्था की गई थी। एक गौ माता को खंभे से बांधकर रखा गया, लेकिन उसके लिए भी पानी तक उपलब्ध नहीं था। यदि पशुओं के लिए बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं करवाई जा रही हैं तो यह साफ तौर पर भ्रष्टाचार और लापरवाही को दर्शाता है।
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    रेवदर के मंडार में आयोजित जिला स्तरीय पशु मेले के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान पिण्डवाड़ा-आबू विधायक समाराम गरासिया नाराज होकर कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर रवाना हो गए। बैनर में फोटो नहीं होने और स्वागत प्रोटोकॉल को लेकर उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की।
पशुपालन विभाग की ओर से आयोजित जिला स्तरीय पशु मेले के उद्घाटन समारोह में विधायक समाराम गरासिया अतिथि के रूप में पहुंचे थे। कार्यक्रम में राज्यमंत्री ओटाराम देवासी, जिला कलक्टर अल्पा चौधरी, जिला प्रमुख अर्जुनराम पुरोहित, एसडीएम राजन लोहिया, ईओ संजय कुमार सहित कई अतिथि भी मौजूद थे।
कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए बैनर में उनका फोटो नहीं होने और स्वागत व्यवस्था को लेकर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार के समय भी वे विधायक थे, लेकिन उस समय इतनी उपेक्षा नहीं हुई जितनी अब अपनी ही सरकार में देखने को मिल रही है। चार बार से जीत रहे विधायक का मंच संचालक ने नाम तक नहीं लिया।
विधायक ने आपत्ति जताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों के सम्मान और प्रोटोकॉल का पालन होना चाहिए, लेकिन यहां इसकी अनदेखी की गई है। पशु मेले में पशु और पशुपालक दोनों ही नहीं है, कैसा कार्यक्रम है ये सारे फर्जी है। विधायक ने जाते समय आयोजकों की शिकायत मुख्यमंत्री और गोपालन मंत्री से करने की बात भी कही। 
गौरतलब है कि जिला स्तरीय पशु मेला विवादों में ही रहा है । पहले निमंत्रण पत्र में स्थानीय विधायक का नाम नहीं था, कांग्रेस की आपत्ति के बाद कार्ड बदला गया । अब भाजपा के विधायक कार्यक्रम से गुस्सा होकर निकल गए । 
इधर, कांग्रेस ने भी जमकर हमला बोला । जिला उपाध्यक्ष हिमपाल सिंह देवल ने कहा कि पशु मेले की हालत बेहद शर्मनाक देखने को मिली। मेले में आए पशुओं के लिए पानी पीने की कोई व्यवस्था नहीं थी और न ही चारे की कोई उचित व्यवस्था की गई थी। एक गौ माता को खंभे से बांधकर रखा गया, लेकिन उसके लिए भी पानी तक उपलब्ध नहीं था। यदि पशुओं के लिए बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं करवाई जा रही हैं तो यह साफ तौर पर भ्रष्टाचार और लापरवाही को दर्शाता है।
    user_जितेन्द्र संत
    जितेन्द्र संत
    पत्रकार रेवदर, सिरोही, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • टीईटी अनिवार्य विषय पर सरकार शीघ्र दायर करे पुनर्विचार याचिका : शिक्षक संघ राष्ट्रीय। शिक्षकों के स्थानांतरण और पदोन्नतियां हो शीघ्र : पुष्करणा। ग्रीष्मावकाश अवधि घटाने का विचार प्रदेश के लिए अव्यवहारिक : लखारा। अपने बच्चों को राजकीय विद्यालयों में पढ़ाने और समाज को नशा मुक्त बनाने में भागीदारी का संकल्प। आबूरोड। राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय ने प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संघों के शिक्षा मंत्री मदन लाल दिलावर के साथ वार्ता में शिक्षा और शिक्षकों के हित कई सुझाव और मांगे रखकर सरकार से शीघ्र यथोचित निर्णय लेने को कहा। संगठन की ओर से इस वार्ता में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा और प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने भाग लिया। संगठन के प्रदेश महामंत्री लखारा ने बताया कि संगठन की और से लगातार सरकार से बातचीत करते हुए शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण किए गए है। शिक्षा मंत्री मदन लाल दिलावर के साथ शिक्षक संघों की वार्ता में भी संगठन ने शिक्षा और शिक्षकों के हित में पुरजोर तरीके से आवाज उठाई। इस अवसर पर संगठन ने बताया कि निदेशालय स्तर से आगामी सत्र 2026-27 के लिए शिक्षकों के ग्रीष्मावकाश की अवधि को वर्तमान 45 दिन से घटाकर 36 दिन करने के शासन स्तर पर विचाराधीन प्रस्ताव का अनुमोदन नहीं करने, उच्चतम न्यायालय द्वारा अध्यापक पात्रता परीक्षा के संबंध में पुनर्विचार याचिका दायर कर राहत दिलाने, प्रदेश में कार्यरत संविदा शिक्षकों के शीघ्र स्थायीकरण करने, स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल और महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम राजकीय विद्यालयों में रिक्त पदों को भरने, स्टाफिंग पैटर्न शीघ्र करते हुए प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में सवा लाख से अधिक पदों को स्वीकृत करने और सेवारत शिक्षकों के इंटर्नशिप अवधि के वेतन वसूली नहीं करने के वित्त विभाग के प्रस्ताव का अनुमोदन कर हजारों शिक्षकों को राहत दिलाने की मांग की। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने कहा कि संगठन ने सभी संवर्गो की पदोन्नतियां शीघ्र करते हुए तृतीय श्रेणी शिक्षकों के पदोन्नति के लिए उच्चतम न्यायालय में सरकार की और शीघ्र निस्तारण के लिए एएजी लगाकर वर्षों से लंबित पदोन्नतियां पूरी करने, सभी संवर्गो के स्थानांतरण ग्रीष्मावकाश में ही करने, टी एस पी से नॉन टी एस पी में नियुक्त शिक्षकों को गृह जिले में लगाने, समसा के सभी पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने, मुख्यमंत्री जनसहभागिता योजना पर रोक हटाने और विद्यालयों को मिलने वाली समस्त ग्रांट राशि समय पर जारी करने की मांग की।साथ ही संगठन ने प्रत्येक विद्यालय को बिजली बिल से मुक्त करने के लिए सोलर लगवाने और सभी जिला मुख्यालयों पर शिक्षक भवन बनवाने का सुझाव सरकार को दिया। वार्ता में शिक्षा मंत्री दिलावर के आग्रह पर सभी शिक्षक संघों के प्रतिनिधियों ने अध्यापकों के बच्चों को राजकीय विद्यालयों में पढ़ाने और समाज को नशा मुक्त बनाने में भागीदारी का संकल्प लिया। इस अवसर पर राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश सभाध्यक्ष संपत सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य, अतिरिक्त प्रदेश महामंत्री बसंत जिंदल, शैतान सिंह राठौड़, संभाग संगठन मंत्री सतीश शर्मा, जिला अध्यक्ष सिरोही विजय प्रकाश गौतम, जिला मंत्री डूंगर सिंह देवड़ा सहित प्रदेश एवं जिला कार्यकारिणी के समस्त पदाधिकारियों ने संगठन के प्रयासों को शिक्षकों के लिए कल्याणकारी बताया।
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    टीईटी अनिवार्य विषय पर सरकार शीघ्र दायर करे पुनर्विचार याचिका : शिक्षक संघ राष्ट्रीय।
शिक्षकों के स्थानांतरण और पदोन्नतियां हो शीघ्र : पुष्करणा।
ग्रीष्मावकाश अवधि घटाने का विचार प्रदेश के लिए अव्यवहारिक : लखारा।
अपने बच्चों को राजकीय विद्यालयों में पढ़ाने और समाज को नशा मुक्त बनाने में भागीदारी का संकल्प।
आबूरोड। राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय ने प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संघों के शिक्षा मंत्री मदन लाल दिलावर के साथ वार्ता में शिक्षा और शिक्षकों के हित कई सुझाव और मांगे रखकर सरकार से शीघ्र यथोचित निर्णय लेने को कहा।
संगठन की ओर से इस वार्ता में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा और प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने भाग लिया।
संगठन के प्रदेश महामंत्री लखारा ने बताया कि संगठन की और से लगातार सरकार से बातचीत करते हुए शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण किए गए है। शिक्षा मंत्री मदन लाल दिलावर के साथ शिक्षक संघों की वार्ता में भी संगठन ने शिक्षा और शिक्षकों के हित में पुरजोर तरीके से आवाज उठाई।
इस अवसर पर संगठन ने बताया कि निदेशालय स्तर से आगामी सत्र 2026-27 के लिए शिक्षकों के ग्रीष्मावकाश की अवधि को वर्तमान 45 दिन से घटाकर 36 दिन करने के शासन स्तर पर विचाराधीन प्रस्ताव का अनुमोदन नहीं करने, उच्चतम न्यायालय द्वारा अध्यापक पात्रता परीक्षा के संबंध में पुनर्विचार याचिका दायर कर राहत दिलाने, प्रदेश में कार्यरत संविदा शिक्षकों के शीघ्र स्थायीकरण करने, स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल और महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम राजकीय विद्यालयों में रिक्त पदों को भरने, स्टाफिंग पैटर्न शीघ्र करते हुए प्रदेश के विभिन्न विद्यालयों में सवा लाख से अधिक पदों को स्वीकृत करने और सेवारत शिक्षकों के इंटर्नशिप अवधि के वेतन वसूली नहीं करने के वित्त विभाग के प्रस्ताव का अनुमोदन कर हजारों शिक्षकों को राहत दिलाने की मांग की।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने कहा कि संगठन ने सभी संवर्गो की पदोन्नतियां शीघ्र करते हुए तृतीय श्रेणी शिक्षकों के पदोन्नति के लिए उच्चतम न्यायालय में सरकार की और शीघ्र निस्तारण के लिए एएजी लगाकर वर्षों से लंबित पदोन्नतियां पूरी करने, सभी संवर्गो के स्थानांतरण ग्रीष्मावकाश में ही करने, टी एस पी से नॉन टी एस पी में नियुक्त शिक्षकों को गृह जिले में लगाने, समसा के सभी पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने, मुख्यमंत्री जनसहभागिता योजना पर रोक हटाने और विद्यालयों को मिलने वाली समस्त ग्रांट राशि समय पर जारी करने की मांग की।साथ ही संगठन ने प्रत्येक विद्यालय को बिजली बिल से मुक्त करने के लिए सोलर लगवाने और सभी जिला मुख्यालयों पर शिक्षक भवन बनवाने का सुझाव सरकार को दिया। वार्ता में शिक्षा मंत्री दिलावर के आग्रह पर सभी शिक्षक संघों के प्रतिनिधियों ने अध्यापकों के बच्चों को राजकीय विद्यालयों में पढ़ाने और समाज को नशा मुक्त बनाने में भागीदारी का संकल्प लिया।
इस अवसर पर राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के प्रदेश सभाध्यक्ष संपत सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रवि आचार्य, अतिरिक्त प्रदेश महामंत्री बसंत जिंदल, शैतान सिंह राठौड़, संभाग संगठन मंत्री सतीश शर्मा, जिला अध्यक्ष सिरोही विजय प्रकाश गौतम, जिला मंत्री डूंगर सिंह देवड़ा सहित प्रदेश एवं जिला कार्यकारिणी के समस्त पदाधिकारियों ने संगठन के प्रयासों को शिक्षकों के लिए कल्याणकारी बताया।
    user_Lokesh Soni
    Lokesh Soni
    आबू रोड, सिरोही, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • Post by Reporter Rajesh pahadiya
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    Post by Reporter Rajesh pahadiya
    user_Reporter Rajesh pahadiya
    Reporter Rajesh pahadiya
    Local News Reporter रानीवाड़ा, जालोर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • सरूपगंज कस्बे में मारू प्रजापत ग्यारह गांव धर्मशाला में 29 अप्रैल को श्री सरियादे माता प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के निमित्त आयोजित तीन दिवसीय चढ़ावों के कार्यक्रम में आसपास के ग्यारह गांवों से समाज बंधु, माताएं और बहनों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में चढ़ावा अर्पित कर पूजा-अर्चना की और परिवार व समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा।तीन दिवसीय महोत्सव के तहत भजन संध्या का भी आयोजन किया गया, जिसमें भजन गायकों ने माताजी के भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। भजनों को सुनकर श्रद्धालु भक्तिरस में सराबोर हो गए और पूरा माहौल भक्ति से गुंजायमान हो उठा।श्री सरियादे मारू प्रजापत ग्यारह गांव सेवा संस्था के अध्यक्ष गोपाल कुमावत, सचिव दिनेश कुमार (किशोर), कोषाध्यक्ष माधुराम प्रजापत एवं सेवा संस्था के कार्यकर्ताओं ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के उपलक्ष्य में तीनों दिन विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में समाज के लोगों का चढ़ावों में अच्छा सहयोग मिला।इसके साथ ही तीनों दिन दोपहर के समय समाज बंधुओं के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था भी की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।
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    सरूपगंज कस्बे में मारू प्रजापत ग्यारह गांव धर्मशाला में 29 अप्रैल को श्री सरियादे माता प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के निमित्त आयोजित तीन दिवसीय चढ़ावों के कार्यक्रम में आसपास के ग्यारह गांवों से समाज बंधु, माताएं और बहनों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में चढ़ावा अर्पित कर पूजा-अर्चना की और परिवार व समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा।तीन दिवसीय महोत्सव के तहत भजन संध्या का भी आयोजन किया गया, जिसमें भजन गायकों ने माताजी के भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। भजनों को सुनकर श्रद्धालु भक्तिरस में सराबोर हो गए और पूरा माहौल भक्ति से गुंजायमान हो उठा।श्री सरियादे मारू प्रजापत ग्यारह गांव सेवा संस्था के अध्यक्ष गोपाल कुमावत, सचिव दिनेश कुमार (किशोर), कोषाध्यक्ष माधुराम प्रजापत एवं सेवा संस्था के कार्यकर्ताओं ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के उपलक्ष्य में तीनों दिन विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में समाज के लोगों का चढ़ावों में अच्छा सहयोग मिला।इसके साथ ही तीनों दिन दोपहर के समय समाज बंधुओं के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था भी की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।
    user_Narendra Singh Bhati
    Narendra Singh Bhati
    पत्रकार Sirohi, Rajasthan•
    3 hrs ago
  • Post by SIROHI TODAY NEWS
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    Post by SIROHI TODAY NEWS
    user_SIROHI TODAY NEWS
    SIROHI TODAY NEWS
    Court reporter पिंडवाड़ा, सिरोही, राजस्थान•
    1 hr ago
  • सिंचाई के मुद्दे पर विधानसभा में गरजे भीनमाल विधायक डॉ. समरजीत सिंह, बोले—18 साल में जहां सिंचाई हुई हो रिकॉर्ड दिखा दें, राजनीति से ले लूंगा संन्यास भीनमाल (विक्रम राठी) क्षेत्र में सिंचाई पानी की समस्या को लेकर भीनमाल विधायक डॉ. समरजीत सिंह ने विधानसभा में जोरदार आवाज उठाते हुए सरकार और अधिकारियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पिछले 18 वर्षों से वे लगातार क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन आज तक जमीनी स्तर पर किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान विधायक डॉ. समरजीत सिंह ने कहा कि यदि कोई यह साबित कर दे कि पिछले 18 वर्षों में क्षेत्र के गांवों में नियमित रूप से सिंचाई का पानी पहुंचा है, तो वे राजनीति से संन्यास लेने को भी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ कागजों में योजनाएं दिखाकर और झूठी रिपोर्ट देकर किसानों को गुमराह किया जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने सदन में कहा कि अधिकारियों द्वारा अक्सर यह बताया जाता है कि क्षेत्र में सिंचाई की व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है, लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। किसानों को खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा है और कई स्थानों पर वर्षों से सिंचाई की स्थिति जस की तस बनी हुई है। विधायक ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि इस मामले में केवल कागजी रिपोर्टों पर भरोसा करने के बजाय एक स्वतंत्र टीम गठित कर वास्तविक स्थिति की जांच करवाई जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर जवाब देना सही नहीं है, बल्कि मौके पर जाकर यह देखा जाए कि वास्तव में किसानों के खेतों तक पानी पहुंच रहा है या नहीं। डॉ. समरजीत सिंह ने कहा कि कई स्थानों पर ऐसी स्थिति है कि जहां किसानों के लिए सिंचाई की व्यवस्था की गई थी, वहां 18 साल से पानी नहीं पहुंचा है। वहीं दूसरी ओर जहां बांध या नहर का निर्माण किया गया, वहां भी पानी रुकने से न तो संबंधित किसानों को फायदा हुआ और न ही जिन क्षेत्रों के लिए व्यवस्था बनाई गई थी, वहां तक पानी पहुंच पाया। उन्होंने झूठी जानकारी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। विधायक ने कहा कि किसानों के मुद्दे पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। विधानसभा में दिए गए इस बयान के बाद सिंचाई व्यवस्था को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया है। किसानों को उम्मीद है कि विधायक द्वारा मुद्दा जोरदार तरीके से उठाने के बाद सरकार इस दिशा में गंभीरता से कदम उठाएगी और क्षेत्र के किसानों को जल्द राहत मिलेगी।
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    सिंचाई के मुद्दे पर विधानसभा में गरजे भीनमाल विधायक डॉ. समरजीत सिंह, बोले—18 साल में जहां सिंचाई हुई हो रिकॉर्ड दिखा दें, राजनीति से ले लूंगा संन्यास
भीनमाल (विक्रम राठी) क्षेत्र में सिंचाई पानी की समस्या को लेकर भीनमाल विधायक डॉ. समरजीत सिंह ने विधानसभा में जोरदार आवाज उठाते हुए सरकार और अधिकारियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पिछले 18 वर्षों से वे लगातार क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन आज तक जमीनी स्तर पर किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है।
विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान विधायक डॉ. समरजीत सिंह ने कहा कि यदि कोई यह साबित कर दे कि पिछले 18 वर्षों में क्षेत्र के गांवों में नियमित रूप से सिंचाई का पानी पहुंचा है, तो वे राजनीति से संन्यास लेने को भी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सिर्फ कागजों में योजनाएं दिखाकर और झूठी रिपोर्ट देकर किसानों को गुमराह किया जा रहा है, जो बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने सदन में कहा कि अधिकारियों द्वारा अक्सर यह बताया जाता है कि क्षेत्र में सिंचाई की व्यवस्था सुचारू रूप से चल रही है, लेकिन वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। किसानों को खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा है और कई स्थानों पर वर्षों से सिंचाई की स्थिति जस की तस बनी हुई है।
विधायक ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि इस मामले में केवल कागजी रिपोर्टों पर भरोसा करने के बजाय एक स्वतंत्र टीम गठित कर वास्तविक स्थिति की जांच करवाई जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर जवाब देना सही नहीं है, बल्कि मौके पर जाकर यह देखा जाए कि वास्तव में किसानों के खेतों तक पानी पहुंच रहा है या नहीं।
डॉ. समरजीत सिंह ने कहा कि कई स्थानों पर ऐसी स्थिति है कि जहां किसानों के लिए सिंचाई की व्यवस्था की गई थी, वहां 18 साल से पानी नहीं पहुंचा है। वहीं दूसरी ओर जहां बांध या नहर का निर्माण किया गया, वहां भी पानी रुकने से न तो संबंधित किसानों को फायदा हुआ और न ही जिन क्षेत्रों के लिए व्यवस्था बनाई गई थी, वहां तक पानी पहुंच पाया।
उन्होंने झूठी जानकारी देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। विधायक ने कहा कि किसानों के मुद्दे पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
विधानसभा में दिए गए इस बयान के बाद सिंचाई व्यवस्था को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया है। किसानों को उम्मीद है कि विधायक द्वारा मुद्दा जोरदार तरीके से उठाने के बाद सरकार इस दिशा में गंभीरता से कदम उठाएगी और क्षेत्र के किसानों को जल्द राहत मिलेगी।
    user_V Rathi
    V Rathi
    Insurance Agent भीनमाल, जालोर, राजस्थान•
    23 hrs ago
  • प्रभात आरती
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    प्रभात आरती
    user_Bhuvaji Bhana Ram Dewasi
    Bhuvaji Bhana Ram Dewasi
    Social worker Sanchore, Jalore•
    13 hrs ago
  • रेवदर उपखण्ड के मोरवड़ा गांव में शनिवार दोपहर बिजली लाइन में हुए शॉर्ट सर्किट से एक किसान की खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। इस घटना में किसान को लगभग 2.5 लाख रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। यह घटना शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे मोरवड़ा गांव के पास स्थित खेत में हुई। खेत के बीच से गुजर रही बिजली लाइन में शॉर्ट सर्किट होने के कारण चिंगारी गिरी, जिससे आग तेजी से फैल गई। किसान नानजीराम पुत्र लखमाराम की लगभग 6 बीघा जमीन पर खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह से जल गई। आग इतनी भीषण थी कि किसान को अपनी फसल बचाने का कोई अवसर नहीं मिला। फसल जलने से किसान को करीब 2 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त, खेत में लगी प्लास्टिक की सिंचाई पाइप भी जलकर नष्ट हो गई, जिससे लगभग 50 हज़ार रुपये का अतिरिक्त नुकसान हुआ। कुल मिलाकर, किसान को लगभग 2.5 लाख रुपये का नुकसान झेलना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही पटवारी और बिजली विभाग के फीडर इंचार्ज मौके पर पहुंचे और मौका रिपोर्ट तैयार की। पीड़ित किसान और ग्रामीणों ने प्रशासन से बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण हुए इस नुकसान के लिए उचित मुआवजे की मांग की है।
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    रेवदर उपखण्ड के मोरवड़ा गांव में शनिवार दोपहर बिजली लाइन में हुए शॉर्ट सर्किट से एक किसान की खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। इस घटना में किसान को लगभग 2.5 लाख रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
यह घटना शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे मोरवड़ा गांव के पास स्थित खेत में हुई। खेत के बीच से गुजर रही बिजली लाइन में शॉर्ट सर्किट होने के कारण चिंगारी गिरी, जिससे आग तेजी से फैल गई।
किसान नानजीराम पुत्र लखमाराम की लगभग 6 बीघा जमीन पर खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह से जल गई। आग इतनी भीषण थी कि किसान को अपनी फसल बचाने का कोई अवसर नहीं मिला।
फसल जलने से किसान को करीब 2 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त, खेत में लगी प्लास्टिक की सिंचाई पाइप भी जलकर नष्ट हो गई, जिससे लगभग 50 हज़ार रुपये का अतिरिक्त नुकसान हुआ। कुल मिलाकर, किसान को लगभग 2.5 लाख रुपये का नुकसान झेलना पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही पटवारी और बिजली विभाग के फीडर इंचार्ज मौके पर पहुंचे और मौका रिपोर्ट तैयार की। पीड़ित किसान और ग्रामीणों ने प्रशासन से बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण हुए इस नुकसान के लिए उचित मुआवजे की मांग की है।
    user_जितेन्द्र संत
    जितेन्द्र संत
    पत्रकार रेवदर, सिरोही, राजस्थान•
    2 hrs ago
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