अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुक्रवार को व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में बुलाई गई ईरान समझौते को लेकर शीर्ष सलाहकारों और अधिकारियों की अहम बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। लगभग दो घंटे तक चली इस चर्चा के बाद भी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया, और राष्ट्रपति ट्रंप बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचे वहां से चले गए। ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति केवल ऐसे समझौते को मंजूरी देंगे जो उनकी तय की गई "रेड लाइन्स" को पूरा करे और ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर प्रभावी रोक लगाए। बैठक से पहले ही ट्रंप ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट कर दिया था कि किसी भी समझौते की प्रमुख शर्तों में होर्मुज स्ट्रेट को इंटरनेशनल शिपिंग के लिए दोबारा खोलना शामिल होगा। उन्होंने यह भी कहा था कि ईरान को यह गारंटी देनी होगी कि वह कभी परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा और अपने संवर्धित यूरेनियम भंडार को अमेरिका के नियंत्रण में देने पर सहमत होगा। हालांकि, ईरान पहले ही इन शर्तों का विरोध कर चुका है, यही वजह है कि दोनों देशों के बीच समझौते की राह अभी भी मुश्किल नजर आ रही है। हाल के दिनों में कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि अमेरिकी और ईरानी वार्ताकार एक शुरुआती समझौते के करीब पहुंच गए हैं, जिसके तहत मौजूदा संघर्षविराम को 60 दिनों के लिए बढ़ाया जा सकता था और इस दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर विस्तृत बातचीत जारी रहती। हालांकि, बातचीत के समानांतर अमेरिका ने सैन्य दबाव भी बनाए रखा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सिंगापुर में शांग्री-ला डायलॉग के दौरान कहा कि अगर समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका दोबारा सैन्य कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह तैयार है, और उसकी सैन्य क्षमता व हथियारों का भंडार इसके लिए पर्याप्त है। हेगसेथ ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप एक "बेहतरीन समझौता" चाहते हैं जो यह सुनिश्चित करे कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। उधर, तेहरान की तरफ से भी अविश्वास का माहौल साफ दिखाई दे रहा है। ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर ग़ालिबाफ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान को अब सिर्फ शब्दों या वादों पर भरोसा नहीं है, और यदि दूसरा पक्ष कोई कदम नहीं उठाता तो वे भी कोई कदम नहीं उठाएंगे, क्योंकि उन्हें रियायतें बातचीत से नहीं, बल्कि मिसाइलों से मिली हैं। पूर्व आईआरजीसी कमांडर मोहसिन रेजाई ने भी ट्रंप की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि अमेरिका अब भी नौसैनिक नाकेबंदी और कठोर शर्तों के जरिए दबाव बनाने की नीति पर चल रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुक्रवार को व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में बुलाई गई ईरान समझौते को लेकर शीर्ष सलाहकारों और अधिकारियों की अहम बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। लगभग दो घंटे तक चली इस चर्चा के बाद भी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया, और राष्ट्रपति ट्रंप बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचे वहां से चले गए। ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति केवल ऐसे समझौते को मंजूरी देंगे जो उनकी तय की गई "रेड लाइन्स" को पूरा करे और ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं पर प्रभावी रोक लगाए। बैठक से पहले ही ट्रंप ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट कर दिया था कि किसी भी समझौते की प्रमुख शर्तों में होर्मुज स्ट्रेट को इंटरनेशनल शिपिंग के लिए दोबारा खोलना शामिल होगा। उन्होंने यह भी कहा था कि ईरान को यह गारंटी देनी होगी कि वह कभी परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा और अपने संवर्धित यूरेनियम भंडार को अमेरिका के नियंत्रण में देने पर सहमत होगा। हालांकि, ईरान पहले ही इन शर्तों का विरोध कर चुका है, यही वजह है कि दोनों देशों के बीच समझौते की राह अभी भी मुश्किल नजर आ रही है। हाल के दिनों में कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि अमेरिकी और ईरानी वार्ताकार एक शुरुआती समझौते के करीब पहुंच गए हैं, जिसके तहत मौजूदा संघर्षविराम को 60 दिनों के लिए बढ़ाया जा सकता था और इस दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर विस्तृत बातचीत जारी रहती। हालांकि, बातचीत के समानांतर अमेरिका ने सैन्य दबाव भी बनाए रखा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सिंगापुर में शांग्री-ला डायलॉग के दौरान कहा कि अगर समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका दोबारा सैन्य कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह तैयार है, और उसकी सैन्य क्षमता व हथियारों का भंडार इसके लिए पर्याप्त है। हेगसेथ ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप एक "बेहतरीन समझौता" चाहते हैं जो यह सुनिश्चित करे कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल न कर सके। उधर, तेहरान की तरफ से भी अविश्वास का माहौल साफ दिखाई दे रहा है। ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर ग़ालिबाफ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान को अब सिर्फ शब्दों या वादों पर भरोसा नहीं है, और यदि दूसरा पक्ष कोई कदम नहीं उठाता तो वे भी कोई कदम नहीं उठाएंगे, क्योंकि उन्हें रियायतें बातचीत से नहीं, बल्कि मिसाइलों से मिली हैं। पूर्व आईआरजीसी कमांडर मोहसिन रेजाई ने भी ट्रंप की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि अमेरिका अब भी नौसैनिक नाकेबंदी और कठोर शर्तों के जरिए दबाव बनाने की नीति पर चल रहा है।
- दिल्ली में MCD वार्ड कमेटी चुनावों को तय प्रक्रिया का पालन किए बिना अगले आदेश तक टाल दिया गया है, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीसरी बार चुनावों से भागने और लोकतंत्र की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। ये चुनाव 29 मई को नामांकन के साथ शुरू होने थे और मतदान 3 जून को निर्धारित था। आरोप है कि DMC एक्ट की धारा 53(2) स्पष्ट रूप से कहती है कि चेयरमैन की मंजूरी के बिना न तो चुनाव की तारीख तय की जा सकती है और न ही उसे टाला जा सकता है। ऐसे में यह सवाल उठाया जा रहा है कि निगम सचिव ने किसके इशारे पर यह फैसला लिया। आरोप है कि BJP को अपने ही पार्षदों की नाराज़गी का डर है, जिससे पार्टी के हाथ से ज़ोन निकल सकते हैं। इसी कारण BJP पर सत्ता के लालच में लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया गया है।1
- एक बच्ची को उसके परिवार से मिलाने के लिए एक वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की जा रही है। लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे इस लड़की को उसके माता-पिता तक पहुंचाने में सहयोग करें।1
- अब सिम कार्ड बंद होने की टेंशन खत्म हो गई है। यूजर्स अपना मोबाइल नंबर मात्र ₹44 के खर्च पर पूरे एक साल तक लगातार चालू रख सकते हैं।1
- अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी का कथित तौर पर 'असली चेहरा' सामने आया है, जहाँ पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं ने रोते हुए यह गंभीर आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी में महिलाओं का सम्मान नहीं होता बल्कि उन्हें अपमानित किया जाता है। इन महिला कार्यकर्ताओं ने अपने आँसुओं के साथ अखिलेश यादव के 'नकली समाजवाद' की पोल खोल दी है, जिससे पार्टी की अंदरूनी स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।1
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- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। इस ऐलान को लेकर अधिक जानकारी प्रतीक्षित है।1
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- महरौली से लगभग 3 किलोमीटर दूर अड़चीनी गांव के समीप आज सुबह 5 से 6 बजे के बीच एक भीषण सड़क दुर्घटना घटित हुई। यहां एक मारुति स्विफ्ट डिजायर और ऑडी गाड़ी के बीच जोरदार टक्कर हो गई, जिससे स्विफ्ट डिजायर का पूरा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है और उसकी हालत देखने लायक नहीं बची। इस हादसे में स्विफ्ट डिजायर चालक की हालत नाजुक बताई जा रही है, और दुर्घटना में शामिल दोनों वाहनों के चालकों सहित सभी लोगों की हालत भी गंभीर बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, टक्कर के वक्त दोनों ड्राइवर और गाड़ी में सवार सभी लोग नशे की हालत में पाए गए थे।1