राजस्थान के पाली शहर में स्थित सूरजपोल चौराहे पर आज एक बेहद गमगीन और आक्रोशित माहौल देखने को मिला, जब सर्व हिंदू समाज सहित विभिन्न दक्षिणपंथी संगठनों के कार्यकर्ता और आमजन कुमकुम को श्रद्धांजलि देने के लिए भारी संख्या में एकत्रित हुए। इस दौरान लोगों ने कुमकुम की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। श्रद्धांजलि सभा में सर्व हिंदू समाज, शिवसेना और दुर्गा वाहिनी सहित कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने इस घटना के प्रति गहरा रोष प्रकट किया। वहां उपस्थित लोगों ने घटना को अंजाम देने वाले दोषियों को "जिहादी तत्व" बताया और प्रशासन से उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की। सभा को संबोधित करते हुए विभिन्न संगठनों के प्रवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि इस तरह के अपराधों को समाज में कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हिंदू समाज और सभी सहयोगी संगठनों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय नहीं मिला और दोषियों को उनके किए की कड़ी सजा नहीं दिलाई गई, तो आगामी दिनों में उग्र आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया जाएगा। इस प्रदर्शन और श्रद्धांजलि कार्यक्रम के मद्देनजर सूरजपोल चौराहे पर स्थानीय पुलिस प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मुस्तैद नजर आया।
राजस्थान के पाली शहर में स्थित सूरजपोल चौराहे पर आज एक बेहद गमगीन और आक्रोशित माहौल देखने को मिला, जब सर्व हिंदू समाज सहित विभिन्न दक्षिणपंथी संगठनों के कार्यकर्ता और आमजन कुमकुम को श्रद्धांजलि देने के लिए भारी संख्या में एकत्रित हुए। इस दौरान लोगों ने कुमकुम की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। श्रद्धांजलि सभा में सर्व हिंदू समाज, शिवसेना और दुर्गा वाहिनी सहित कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने इस घटना के प्रति गहरा रोष प्रकट किया। वहां उपस्थित लोगों ने घटना को अंजाम देने वाले दोषियों को "जिहादी तत्व" बताया और प्रशासन से
उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की। सभा को संबोधित करते हुए विभिन्न संगठनों के प्रवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि इस तरह के अपराधों को समाज में कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हिंदू समाज और सभी सहयोगी संगठनों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय नहीं मिला और दोषियों को उनके किए की कड़ी सजा नहीं दिलाई गई, तो आगामी दिनों में उग्र आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया जाएगा। इस प्रदर्शन और श्रद्धांजलि कार्यक्रम के मद्देनजर सूरजपोल चौराहे पर स्थानीय पुलिस प्रशासन भी सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मुस्तैद नजर आया।
- पाली में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर एक युवती को ब्लैकमेल करने और उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने के मामले में स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। मृतका की आत्मा की शांति और न्याय की मांग को लेकर आज शाम सात बजे सूरजपोल पर सर्व हिंदू समाज और विभिन्न हिंदू संगठनों ने एक भावपूर्ण प्रार्थना सभा का आयोजन किया, जहाँ उपस्थित नागरिकों ने मृतका के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि सभा के बाद सूरजपोल से लेकर पीड़िता के निवास स्थान तक एक विशाल पैदल मार्च निकाला गया। इस मार्च में शामिल युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान युवाओं और संगठनों ने राजस्थान सरकार से मांग की कि आरोपी अरमान उर्फ अरमान कॉमेडियन के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे फांसी की सजा दिलाई जाए, और साथ ही आरोपी के घर पर बुलडोजर का एक्शन लिया जाए। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक पीड़िता को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता, समाज शांत नहीं बैठेगा। पैदल मार्च के समापन के बाद, समाज के प्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और विश्वास दिलाया कि न्याय की इस लड़ाई में पूरा समाज उनके साथ है। इस श्रद्धांजलि सभा और न्याय मार्च में शिवसेना शिंदे गुट से तख्तसिंह सोलंकी व राजू देवासी, बजरंग दल से अनिल चौहान, भीमराज चौधरी, जयसिंह राव गुंदोज, राजेश रांकावत, मदन राव खिवाड़ा, जितेंद्र राव, जसराज राव मुंडारा, बख्तावर राव सादड़ी, इन्दर राव सुमेरपुर सहित महिला शक्ति से हेमा सोलंकी, बाली कंवर, रेखा भाटी, प्रियंका लखारा, परवीना वैष्णव और उदय शेट्टी, मनोज गर्ग, प्रवीण सिंह इंदा, केवल विरास, दीपक पंवार, राहुल सोनी, प्रभु मेवाड़ा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और युवा उपस्थित रहे।3
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- राजस्थान के पाली जिले में, गुड़ा गिर्धारी क्षेत्र गंभीर पानी की समस्या का सामना कर रहा है, जहाँ ग्रामीणों, खासकर महिलाओं और बच्चों को अपनी प्यास बुझाने के लिए गहरे गड्ढों से थोड़ा-थोड़ा पानी निकालने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यह स्थिति पानी की भारी कमी को दर्शाती है जिसके कारण स्थानीय निवासियों को प्रतिदिन संघर्ष करना पड़ता है। इस विकट समस्या को देखते हुए, टैंकर संचालक से बात की गई और एक टूटी हुई पानी की टंकी की मरम्मत के लिए सीमेंट उपलब्ध कराया गया। इन प्रयासों से अब ग्रामीणों को नियमित रूप से पानी मिलने की उम्मीद है। यह कार्य जनसहयोग और सेवा भावना के कारण ही संभव हो पाया, जिससे पानी की किल्लत से जूझ रहे लोगों की मदद की जा सकी।1
- राजस्थान का दाल बाटी चूरमा अपनी लजीज स्वाद के लिए देशभर में प्रसिद्ध है। खाने के शौकीनों को विशेष तौर पर बताया गया है कि वे आऊ, राजस्थान आकर इस मशहूर व्यंजन का आनंद ले सकते हैं। सभी को राजस्थान आकर इस पारंपरिक दाल बाटी चूरमा का स्वाद चखने और अनुभव करने का निमंत्रण दिया गया है।1
- सिरियारी में तेज़ हवाएं चलने के बाद हुई हल्की बारिश के कारण क्षेत्र का सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।1
- राजस्थान के मारवाड़ जंक्शन क्षेत्र में शाम करीब 4:30 बजे तेज हवा, जोरदार बारिश और भीषण तूफान आया। यह प्राकृतिक घटना इतनी प्रचंड थी कि इसका असर विशेष रूप से रेलवे स्टेशन पर भी महसूस किया गया।1
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- पाली शहर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने आम जनता से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को लेकर आज जिला कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर एक विशाल और उग्र प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने केंद्र तथा राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद महामहिम राज्यपाल के नाम जिला कलेक्टर को एक विस्तृत मांग पत्र और ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें विभिन्न मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद हकीम के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में वक्ताओं ने सरकार पर चौतरफा प्रहार करते हुए कहा कि बेतहाशा बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतों में लगातार वृद्धि एवं किल्लत ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है, वहीं दाल, तेल और सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। ज्ञापन में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आसमान छूती कीमतों व किल्लत को तुरंत दूर करने के साथ-साथ उपभोग के अनुसार आपूर्ति बहाल करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इसके अतिरिक्त, नीट (NEET) सहित अन्य भर्ती परीक्षाओं में बार-बार हो रहे पेपर लीक मामलों को लेकर भी सरकार को घेरा गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पेपर लीक से लाखों होनहार छात्रों और नौजवानों का भविष्य अंधकार में डूब रहा है और बेरोजगारी चरम पर पहुँच गई है। प्रदर्शनकारियों ने राजस्थान में लगातार बढ़ रहे अपराधों जैसे हत्या, लूट, चोरी, अपहरण और महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को महंगे दाम पर भी खाद-बीज न मिलने और सिंचाई के गंभीर संकट पर भी आवाज उठाई गई, साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार न मिलने के कारण मजदूरों के बड़े पैमाने पर पलायन का मुद्दा भी उठाया गया। इस प्रदर्शन के दौरान विधायक भीमराज भाटी, महावीर सिंह सुकरलाई, शोभा सोलंकी, मेहबूब टी, प्रकाश सांखला, भैराराम गुर्जर सहित भारी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, अग्रिम संगठनों के कार्यकर्ता, छात्र, किसान और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इन जनहित के मुद्दों और बढ़ती महंगाई पर तुरंत रोक नहीं लगाई, तो कांग्रेस पार्टी जनता के हक के लिए इस आंदोलन को सड़क से लेकर सदन तक और अधिक उग्र करेगी।1
- राजस्थान के डुठारिया में जणवा समाज द्वारा 31 मई 2026 को ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर पुनम उजणवे महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। यह महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता के साथ सम्पन्न हुआ, जिसमें राजस्थान, गुजरात, मुंबई, पुणे सहित विभिन्न क्षेत्रों से हजारों समाजबंधुओं ने भाग लेकर इसे ऐतिहासिक बना दिया। महोत्सव की पूर्व संध्या पर महिला मंडल ने एक भव्य भजन संध्या का आयोजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ हिंगलाज माताजी की आरती के साथ हुआ, जिसके बाद प्रसिद्ध भजन गायक शंकर टांक एंड पार्टी ने भक्तिमय प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को देर रात तक मंत्रमुग्ध रखा। भजन संध्या में संत महापुरुषों की महिमा और जोधाराम महाराज एवं गजानन जी महाराज के प्रेरणादायी प्रसंगों का गुणगान किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण MA Films Live द्वारा किया गया, जिसका संचालन गणेश भाई जणवा आना के नेतृत्व में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ और देश-विदेश में रहने वाले समाजबंधुओं ने भी लाइव प्रसारण के माध्यम से इसका लाभ उठाया। ज्येष्ठ पूर्णिमा की सुबह भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों महिलाओं एवं कन्याओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लिया। धार्मिक जयघोषों और मंगल गीतों के साथ निकली यह यात्रा आकर्षण का केंद्र रही। इसके उपरांत धार्मिक कथा और एक विशाल हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। महोत्सव का मुख्य आकर्षण 150 जोड़ों द्वारा सम्पन्न विशाल वैदिक हवन-यज्ञ रहा, जिसे 41 विद्वान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न करवाया। संपूर्ण यज्ञ एवं धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन पंडित कन्या महाराज अटाटिया के मार्गदर्शन एवं देखरेख में हुआ। श्रद्धालुओं ने परिवार, समाज एवं राष्ट्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली के लिए आहुतियां अर्पित कीं। इस विशाल आयोजन में लगभग 8 से 9 हजार श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। जणवा समाज के 22 गांवों के पंच-पटेल, वरिष्ठजन, महिलाएं, पुरुष, युवा एवं प्रवासी समाजबंधु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। विशेष रूप से गुजरात, मुंबई एवं पुणे से भी हजारों समाजजन कार्यक्रम में शामिल हुए। श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद व भोजन व्यवस्था इंदर कैटर्स लुणावा द्वारा की गई, जबकि किराणा सामग्री की व्यवस्था जोधाराम जणवा (चामुंडा किराणा स्टोर, डुठारिया) ने संभाली। टेंट एवं मंच की व्यवस्था असाराम जी जणवा द्वारा की गई, और विशेष हवन यज्ञ के लिए चुनडी, साफ़ा, गमछा की व्यवस्था मातेश्वरी कलेक्शन राजु सोलंकी डुठारिया ने की। यह विशाल धार्मिक आयोजन परम पूज्य महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 करुणाकरणदासजी महाराज केसूली एवं श्री राघवदासजी महाराज डुठारिया के पावन सानिध्य में सम्पन्न हुआ। संतों ने धर्म, संस्कार, शिक्षा एवं सामाजिक एकता का संदेश देते हुए समाज को संगठित रहने का आह्वान किया। महोत्सव की व्यवस्थाओं में ग्रामवासियों, पुलिस प्रशासन एवं विभिन्न विभागों का सराहनीय सहयोग रहा। सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, पेयजल एवं अन्य व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में सभी का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिससे हजारों लोगों की उपस्थिति के बावजूद कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में समाराम रावलिया, प्रकाश सोलंकी, धर्मेंद्र भाई जणवा, नगाराम रावलिया, जगदीश जणवा, पुनाराम सोलंकी, फुआराम, नगाराम सोलंकी, ओगडराम भीकाजी, मनाराम हकाजी, भगाराम चौधरी, कानाराम चौधरी, नेमाराम दलाजी, समाराम वागाजी, पुराराम वागाजी सहित अनेक समाजसेवियों एवं कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा।2