वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने नशे के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत “ऑपरेशन दहन” के अंतर्गत शुक्रवार, 13 जून 2026 को एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के निर्देश पर, 71 मुकदमों से जब्त कुल 698.781 किलोग्राम मादक पदार्थ, जिसकी अनुमानित कीमत ₹3.50 करोड़ रुपये बताई गई है, को नियमानुसार नष्ट कर दिया गया। इस मादक पदार्थ को चंदौली के रामनगर स्थित श्री गणेश प्लाईवुड इंडस्ट्री में एक इंसीनरेटर मशीन के माध्यम से जलाकर भस्म किया गया। नष्ट किए गए मादक पदार्थों में 695.676 किलोग्राम सूखा गांजा, 2.801 किलोग्राम नशीला पाउडर/डायजापाल, 189 ग्राम हेरोइन और 115 ग्राम अल्प्रजोलम शामिल थे। यह कार्रवाई NDPS एक्ट के तहत दर्ज 71 अभियोगों से संबंधित थी, जिसमें रामनगर, आदमपुर, चितईपुर, चेतगंज, मिर्जामुराद, राजातालाब, बड़ागांव, फूलपुर, कपसेठी, चोलापुर, रोहनिया, लोहता और कैंट समेत कुल 13 थानों के मादक पदार्थ शामिल थे। पूरी प्रक्रिया जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी की अध्यक्ष डीसीपी अपराध नीतू काद्यान, सदस्य एडीसीपी अपराध नृपेन्द्र और एसीपी शुभम सिंह की निगरानी में अत्यंत पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। इस दौरान डीसीआरबी प्रभारी मिथिलेश श्रीवास्तव, यूपीपीसीबी से कशिश कन्नौजिया, सिपाही संजय यादव, सिपाही संजीव कुमार सहित संबंधित थानों के हेड मोहर्रिर और कांस्टेबल मोहर्रिर भी मौके पर मौजूद रहे। वाराणसी पुलिस की यह कार्रवाई समाज को नशामुक्त बनाने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, और स्पष्ट किया गया है कि “ऑपरेशन दहन” के तहत मादक पदार्थों के खिलाफ ऐसी सख्ती आगे भी जारी रहेगी।
वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने नशे के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत “ऑपरेशन दहन” के अंतर्गत शुक्रवार, 13 जून 2026 को एक बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के निर्देश पर, 71 मुकदमों से जब्त कुल 698.781 किलोग्राम मादक पदार्थ, जिसकी अनुमानित कीमत ₹3.50 करोड़ रुपये बताई गई है, को नियमानुसार नष्ट कर दिया गया। इस मादक पदार्थ को चंदौली के रामनगर स्थित श्री गणेश प्लाईवुड इंडस्ट्री में एक इंसीनरेटर मशीन के माध्यम से जलाकर भस्म किया गया। नष्ट किए गए मादक पदार्थों में 695.676 किलोग्राम सूखा गांजा, 2.801 किलोग्राम नशीला पाउडर/डायजापाल, 189 ग्राम हेरोइन और 115 ग्राम अल्प्रजोलम शामिल थे। यह कार्रवाई NDPS एक्ट के तहत दर्ज 71 अभियोगों से संबंधित थी, जिसमें रामनगर, आदमपुर, चितईपुर, चेतगंज, मिर्जामुराद, राजातालाब, बड़ागांव, फूलपुर, कपसेठी, चोलापुर, रोहनिया, लोहता और कैंट समेत कुल 13 थानों के मादक पदार्थ शामिल थे। पूरी प्रक्रिया जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी की अध्यक्ष डीसीपी अपराध नीतू काद्यान, सदस्य एडीसीपी अपराध नृपेन्द्र और एसीपी शुभम सिंह की निगरानी में अत्यंत पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई। इस दौरान डीसीआरबी प्रभारी मिथिलेश श्रीवास्तव, यूपीपीसीबी से कशिश कन्नौजिया, सिपाही संजय यादव, सिपाही संजीव कुमार सहित संबंधित थानों के हेड मोहर्रिर और कांस्टेबल मोहर्रिर भी मौके पर मौजूद रहे। वाराणसी पुलिस की यह कार्रवाई समाज को नशामुक्त बनाने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, और स्पष्ट किया गया है कि “ऑपरेशन दहन” के तहत मादक पदार्थों के खिलाफ ऐसी सख्ती आगे भी जारी रहेगी।
- वाराणसी स्टेशन के बाहर पुलिस कमिश्नर द्वारा एक पुलिस बूथ खोले जाने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार देखने को नहीं मिला है। हाल ही में एक वीडियो सामने आया है, जिसमें ऑटो में खुलेआम बियर पीते हुए लोग दिख रहे हैं, जिससे यह प्रतीत होता है कि स्टेशन के बाहर ऑटो एक तरह से बीयर बार बन गए हैं।1
- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र में मासिक शिवरात्रि के अवसर पर, सामाजिक संस्था आशा ट्रस्ट की रचनात्मक पहल पर मार्कंडेय महादेव मंदिर और गंगा-गोमती संगम घाट पर श्रद्धा के साथ स्वच्छता का संदेश भी गूंजा। यह आयोजन मां गंगा को स्वच्छ रखने के उद्देश्य से किया गया था। आशा ट्रस्ट के भन्दहा कला कैथी केंद्र पर चल रही तीन दिवसीय खिलौना निर्माण कार्यशाला के अंतिम दिन प्रतिभागी बच्चों ने गंगा स्वच्छता के लिए एक अनोखा अभियान चलाया। बच्चों ने मार्कंडेय महादेव मंदिर के पास गंगा-गोमती संगम घाट पर मानव श्रृंखला बनाकर स्नान करने आए श्रद्धालुओं से गंगा को साफ रखने की अपील की। इसके अतिरिक्त, लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस से संगम घाट तक एक जन चेतना रैली भी निकाली गई। रैली में शामिल बच्चों के हाथों में "गंगा में गंदगी अब और नहीं", "नदियों को हमेशा करे साफ, तभी बनेगा देश महान", "घाटों पर कपड़ा न छोड़ें" और "मां गंगा को स्वच्छ रखें" जैसे संदेश लिखे पोस्टर थे। बच्चों ने घाट पर "नदी तो बहती रहना" गीत गाकर नदियों को बचाने का आह्वान भी किया। कई श्रद्धालुओं ने बच्चों के इस सराहनीय प्रयास की प्रशंसा की और उनका उत्साह बढ़ाया। इस जागरूकता अभियान में महेश कुमार, दीन दयाल सिंह, अमित कुमार, अभिषेक, सौरभ चन्द्र, प्रदीप सिंह, रमेश प्रसाद, बबिता, सन्नी, पलक और सार्थक सहित कई बच्चों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।1
- काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के स्वतंत्रता भवन में शनिवार को विज्ञान भारती के सातवें राष्ट्रीय अधिवेशन का भव्य शुभारंभ किया गया। इस दो दिवसीय अधिवेशन का उद्घाटन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया, जिसमें देश-विदेश से आए वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षाविद, नीति-निर्माता और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ समेत लगभग 1200 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि विदेशी ताकतों ने भारत को कमजोर किया है।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में सिरौली थाना क्षेत्र के तहत, एक महिला की शिकायत पर बार-बार थाने जाने और अपील करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अटा उर्फ फंदापुर थाना सिरौली में महिला की लगातार गुहार के बावजूद उसकी बात को अनसुना किया जा रहा है।1
- उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र में स्थित जारा-जिबली पोस्ट ऑफिस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में ग्रामीण और डाक कर्मचारियों के बीच हुए विवाद को दिखाया गया है, जहाँ ग्रामीणों ने डाक वितरण न होने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से उनके डाक और पार्सल वितरित नहीं किए जा रहे थे। इसी शिकायत को लेकर जब लोग पोस्ट ऑफिस पहुंचे, तो कर्मचारियों के साथ उनका विवाद हो गया। इस दौरान, एक महिला ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) कर्मी पर ग्रामीणों को धमकी देने और उनके साथ अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया गया है। फिलहाल, इस पूरे मामले पर भारतीय डाक विभाग या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि घटना की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।1
- वाराणसी जिले में आई तेज़ आंधी और बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस मौसमी प्रभाव के चलते कई स्थानों पर पेड़ गिर गए हैं, जिसके कारण रास्ते बाधित हो गए हैं। इसके अतिरिक्त, सोनबरसा बाजार पूरी तरह से कीचड़ में तब्दील हो गया है, जिससे आम लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- वाराणसी में आज तेज हवाएं चलने की संभावना है, साथ ही गरज-चमक और हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी हो सकती है। हालिया मौसम अपडेट के अनुसार, मौसम विभाग ने वाराणसी के लिए तेज हवा और वर्षा का अलर्ट जारी किया है। वर्तमान में शहर में गर्म और उमस भरा मौसम बना हुआ है, जिसमें तापमान 35-37°C के आसपास है। आमतौर पर हवा की गति 10 किमी/घंटा दर्ज की गई है, लेकिन आंधी-तूफान के दौरान हवा के झोंके काफी तेज हो सकते हैं। इसे देखते हुए, बाहर जाने वाले लोगों को ढीली वस्तुओं को सुरक्षित रखने, पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूर रहने, तथा बारिश और बिजली कड़कने की स्थिति में खुले स्थानों से बचने की सलाह दी गई है।3
- चंदौली के चहनियां क्षेत्र में प्रतिष्ठित समाजसेवी और पूर्व ब्लॉक प्रमुख उपेंद्र सिंह गुड्डू (समदपुर) के निजी आवास पर एक भव्य संत समागम और हरिकथा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया, जिसमें चंदौली जनपद सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु, धर्मप्रेमी और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। इस दौरान संतों के प्रेरणादायी प्रवचनों को सुनने के लिए उपस्थित जनसमूह में विशेष उत्साह देखा गया। कार्यक्रम में उपस्थित पूज्य महंतों और संतों ने अपने अमृतमय प्रवचनों के माध्यम से धर्म, संस्कृति, संस्कार और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सत्संग और कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं हैं, बल्कि ये जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक हैं, जिनके बताए मार्ग पर चलकर परिवार, समाज और राष्ट्र समृद्धि की ओर बढ़ सकते हैं। महंतों ने भारतीय संस्कृति और सभ्यता के संरक्षण में देश के मंदिरों और धार्मिक स्थलों की प्रमुख भूमिका पर भी जोर दिया, साथ ही युवाओं से राष्ट्र की उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए धर्म, संस्कार और सेवा भाव को अपनाने का आह्वान किया। संतों की वाणी से हुई आध्यात्मिक अमृतवर्षा से श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए, और उन्होंने पूरे मनोयोग से कथा एवं प्रवचनों का श्रवण कर जीवन में धर्म तथा नैतिक मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख उपेंद्र सिंह गुड्डू ने जीवन में गुरु के स्थान को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन के बिना वास्तविक कल्याण संभव नहीं है। उन्होंने संतों के वचनों को अमूल्य धरोहर बताया, जिन्हें केवल सुनना ही नहीं, बल्कि आचरण में उतारना भी आवश्यक है। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत वातावरण बना रहा, जहाँ संतों के दर्शन और आशीर्वाद के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही। कार्यक्रम के समापन पर प्रसाद वितरण और भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की। क्षेत्रवासियों ने इस आयोजन को आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जागरूकता को बढ़ावा देने वाला एक सफल और प्रेरणादायक कार्यक्रम बताया।1