#ड्यूटी की सख़्ती से जश्न की मस्ती तक #छतरपुर #पुलिस का सतरंगी #जश्न... गुरुवार को जब छतरपुर की सड़कों पर शांति सुनिश्चित हो गई, तब थानों का मंजर पूरी तरह बदल गया, डीजे की धुन पर जब इन थके हुए पैरों ने थिरकना शुरू किया, तो मानो तीन दिनों का मानसिक तनाव एक पल में काफूर हो गया। यह जश्न महज एक त्योहार नहीं, बल्कि उस ‘सुकून’ की जीत है जो फर्ज की कठोरता के बाद नसीब होता है। छतरपुर पुलिस का सिटी कोतवाली, सिविल लाइन और ओरछा रोड थाने में उड़ा यह गुलाल समाज को संदेश दे रहा है कि सुरक्षा करने वाले हाथ भी खुशियों के उतने ही हकदार हैं... क्योंकि जब पूरा छतरपुर रंगों की मस्ती में डूबा था, तब कुछ आंखें सड़कों पर पहरा दे रही थीं। जब आप अपनों के साथ गुलाल उड़ा रहे थे, तब खाकी के कंधे सुरक्षा की जिम्मेदारी से लदे थे। 72 घंटों की बेमिसाल मुस्तैदी, नींद को ताक पर रखकर संवेदनशील गलियों का पहरा और हर मोड़ पर उपद्रवियों के हौसले पस्त करती वो पैनी नजर...यह पुलिस की उस सकारात्मक छवि का प्रमाण है जो बताती है कि वर्दी के भीतर भी एक कोमल हृदय धड़कता है, जो अपनों के साथ दो पल की हंसी के लिए लालायित रहता है। #viralvideochallenge
#ड्यूटी की सख़्ती से जश्न की मस्ती तक #छतरपुर #पुलिस का सतरंगी #जश्न... गुरुवार को जब छतरपुर की सड़कों पर शांति सुनिश्चित हो गई, तब थानों का मंजर पूरी तरह बदल गया, डीजे की धुन पर जब इन थके हुए पैरों ने थिरकना शुरू किया, तो मानो तीन दिनों का मानसिक तनाव एक पल में काफूर हो गया। यह जश्न महज एक त्योहार नहीं, बल्कि उस ‘सुकून’ की जीत है जो फर्ज की कठोरता के बाद नसीब होता है। छतरपुर पुलिस का सिटी कोतवाली, सिविल लाइन और ओरछा रोड थाने में उड़ा यह गुलाल समाज को संदेश दे रहा है कि सुरक्षा करने वाले हाथ भी खुशियों के उतने ही हकदार हैं... क्योंकि जब पूरा छतरपुर रंगों की मस्ती में डूबा था, तब कुछ आंखें सड़कों पर पहरा दे रही थीं। जब आप अपनों के साथ गुलाल उड़ा रहे थे, तब खाकी के कंधे सुरक्षा की जिम्मेदारी से लदे थे। 72 घंटों की बेमिसाल मुस्तैदी, नींद को ताक पर रखकर संवेदनशील गलियों का पहरा और हर मोड़ पर उपद्रवियों के हौसले पस्त करती वो पैनी नजर...यह पुलिस की उस सकारात्मक छवि का प्रमाण है जो बताती है कि वर्दी के भीतर भी एक कोमल हृदय धड़कता है, जो अपनों के साथ दो पल की हंसी के लिए लालायित रहता है। #viralvideochallenge
- Post by Roshani shivhare1
- छतरपुर जिले के महराजपुर थाना क्षेत्र के पुरमऊ गांव में तालाब में डूबने से एक 7 वर्षीय मासूम की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसकी बहन की हालत गंभीर बनी हुई है। जानकारी के अनुसार मृतक बच्चे की मां शकुंतला रैकवार ने बताया कि उनका बेटा अमित रैकवार और बेटी नैंसी रैकवार अपनी मौसी के घर गए हुए थे। इसी दौरान दोनों भाई-बहन गांव के तालाब में नहाने चले गए, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटे। परिजनों को जब शक हुआ तो वे तालाब के पास पहुंचे, जहां लड़की नैंसी पानी में तैरती हुई दिखाई दी, लेकिन 7 वर्षीय अमित कहीं नजर नहीं आया। इसके बाद ग्रामीणों और परिजनों की मदद से दोनों बच्चों को तालाब से बाहर निकाला गया और तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद 7 वर्षीय अमित रैकवार को मृत घोषित कर दिया, जबकि 9 वर्षीय नैंसी रैकवार को गंभीर हालत में आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि मृतक का परिवार श्रीनगर थाना क्षेत्र के पवा गांव का रहने वाला है और त्योहार के मौके पर बच्चे अपनी मां के साथ मौसी के घर आए हुए थे।3
- अस्पताल में हंगामा, डॉक्टर पर लापरवाही के लगाए आरोप* छतरपुर। जिला अस्पताल में शनिवार को इलाज के दौरान एक नाबालिग किशोरी की मौत हो जाने से माहौल तनावपूर्ण हो गया। परिजनों ने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मृतका ज्योति वंशकार निवासी लाखेरी थाना राजनगर बताई जा रही है, जो अपने तीन भाइयों में इकलौती बहन थी। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। जानकारी के अनुसार चार दिन पहले ज्योति को बुखार और हाथ-पैर में सूजन की शिकायत पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे चतुर्थ तल स्थित टीबी वार्ड में रखा गया था, जहां तीन दिन से इलाज चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन और चार गोलियां देने के बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। भाई रूपेश वंशकार का कहना है कि हालत गंभीर होने पर स्टाफ को कई बार बुलाया गया, लेकिन कोई समय पर नहीं पहुंचा। इलाज न मिलने से किशोरी ने दम तोड़ दिया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की। प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है।।।।1
- *जल गंगा संवर्धन अभियान विकास का आधार और भावी पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने का प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव* *अभियान में ग्राम स्तर तक जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना आवश्यक* *जल संरचनाओं के जलग्रहण क्षेत्र पर अतिक्रमण के विरूद्ध की जाए कार्यवाही* *नदियों के उद्गम स्थलों को व्यवस्थित रूप से किया जाए विकसित* *सार्वजनिक स्थलों पर सुगमता से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना व्यक्तिगत और सामाजिक दायित्व हो* *मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 के संबंध में दिए निर्देश* ------- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल गंगा संवर्धन अभियान केवल पर्यावरण नहीं, विकास का आधार भी है। यह भावी पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने का भी एक प्रयास है। अभियान अंतर्गत संचालित हर गतिविधि में राज्य से ग्राम स्तर तक जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। भू-जल स्त्रोतों के दोहन से गिरते भू-जल स्तर, प्राचीन जल संग्रहण संरचनाओं के क्षरण और नदियों के कम होते प्रवाह का प्रभाव सभी पर पड़ रहा है। इस स्थिति में सुधार के लिए भी सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। प्रदेश में पिछले जल गंगा संवर्धन अभियान के सुखद परिणाम प्राप्त हुए हैं। वर्ष-2026 के अभियान में भी हमें जन-जन की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए अभियान को प्रभावी और परिणामूलक बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में गुरूवार को आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अशोक बर्णवाल, संजय दुबे, नीरज मंडलोई, दीपाली रस्तोगी, शिवशेखर शुक्ला एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। छतरपुर जिले के एनआईसी कक्ष कलेक्ट्रेट से कलेक्टर पार्थ जैसवाल, जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया सहित जनपद सीईओ, नगरीय निकाय के सीएमओ सहित अन्य जिलाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में वर्ष 2025 के जल गंगा संवर्धन अभियान की प्रमुख उपलब्धियों और वर्ष-2026 की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संरचनाओं के जलग्रहण क्षेत्र पर अतिक्रमण केविरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसी गतिविधियों पर सतत् रूप से निगरानी रखने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश से निकलने वाली नदियों के उद्गम स्थलों को व्यवस्थित रूप से विकसित किया जाएगा और उनके आस-पास सघन पौधरोपण किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में व्यक्तिगत पहल तथा सामुदायिक सहभागिता से प्याऊ लगाने की व्यवस्था को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने प्लास्टिक की बोतल के उपयोग को हतोत्साहित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सार्वजनिक स्थलों पर सुगमता से स्वच्छ शीतल पेयजल उपलब्ध कराने को सामाजिक दायित्व के रूप में समाज में स्थापित करने की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जिन जिलों में बेहतर नवाचार हुए हैं, वे अपने यह प्रयास अन्य जिलों से साझा करें तथा जिले परस्पर इस तरह के नवाचारों का आदान-प्रदान करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रभारी मंत्री जिला स्तर पर जल गंगा संवर्धन अभियान को नेतृत्व प्रदान करें। सांसद, विधायक, पंचायत, नगरीयनिकाय के सभी प्रतिनिधि सक्रियता से अभियान में सहभागिता करें। मैदानी स्तर पर कार्य कर रहे स्वयंसेवी संस्थाओं और सीएसआर संगठनों को भी जनसहभागिता संबंधी गतिविधियों में जोड़ा जाए। जिला कलेक्टर नोडल अधिकारी के रूप में कार्यों के क्रियान्वयन की प्रभावी मॉनीटरिंग सुनिश्चित करें। अभियान में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग नोडल और नगरीय प्रशासन एवं विकास सह नोडल विभाग होगा। राजस्व, जल संसाधन, उद्यानिकी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नर्मदा घाटी विकास, वन, जन अभियान परिषद, उद्योग एवं एमएसएमई, पर्यावरण, संस्कृत, महिला एवं बाल विकास, स्कूल शिक्षा तथा कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग सहभागिता करेंगे। बैठक में अभियान के अंतर्गत वर्ष-2025 की प्रमुख उपलब्धियों का प्रस्तुतिकरण भी किया गया। *19 मार्च से प्रारंभ होगा राज्य स्तरीय अभियान* बैठक में बताया गया कि जल गंगा संवर्धन अभियान वर्ष प्रतिपदा 19 मार्च से एक साथ आरंभ किया जाएगा। प्रदेश के सभी जिलों में विक्रम संवत् और पर्यावरण, जलीय संरचनाओं के संरक्षण व संवर्धन पर गतिविधियां संचालित होंगी। अभियान के अंतर्गत 23 से 24 मई तक भोपाल में अंतर्राष्ट्रीय जल सम्मेलन का आयोजन होगा, 25 से 26 मई तक शिप्रा परिक्रमा यात्रा, 26 मई को गंगा दशहरा के अवसर पर शिप्रा तट उज्जैन में महादेव नदी कथा, 30 मई से 7 जून तक भारत भवन भोपाल में सदानीरा समागम होगा। इसमें प्रदेश की कृषि भूमि के सैटेलाइट मैपिंग का लोकार्पण किया जाएगा। अभियान के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा अभियान अंतर्गत कार्य प्रस्तावित किये गये। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, वाटरशेड विकास 2.0 के अंतर्गत जल संरक्षण और संवर्धन के 170 करोड़ रूपए लागत के 2200 कार्यों का क्रियान्वयन किया जाएगा। वर्ष 2025 में आरंभ 2500 करोड़ रूपए की लागत के 86 हजार 360 खेत-तालाब और 553 अमृत सरोवरों के कार्यों को पूर्ण किया जाएगा। विभाग जल जीवन मिशन की सिंगल विलेज स्कीम के कार्य क्षेत्रों में भू-जल संवर्धन के कार्य और प्राचीन परम्परागत जल संग्रहण संरचनाओं के जीर्णोद्धार का कार्य भी करेगा। अभियान के अंतर्गत मां नर्मदा परिक्रमा पथ, गंगोत्री हरित परियोजना तथा एक बगिया माँ के नाम परियोजना के अंतर्गत गतिविधियां संचालित की जाएंगी। बेतवा, क्षिप्रा और गंभीर नदियों की पुर्नउत्थान की योजना तैयार होगी। नगरीय विकास विभाग नगरीयनिकायों में 120 जल संग्रहण संरचनाओं का संवर्धन और 50 हरित क्षेत्रों का विकास करेगा। युवाओं की भागीदारी के लिए उन्हें अमृत मित्र बनाकर 'माय भारत पोर्टल' पर पंजीयन किया जाएगा। अभियान में 4 हजार 130 रेनवॉटर हार्वेस्टिंग प्रणाली स्थापित करने का लक्ष्य है। नदियों में मिलने वाले 20 नालों की शोधन प्रक्रिया का क्रियान्वयन किया जाएगा। नगरीयनिकायों द्वारा नदी, तालाब, बावड़ी का संवर्धन, नालों की सफाई, बड़े पैमाने पर पौधरोपण भी किया जाएगा। वातावरण निर्माण के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं, जागरूकता रैली और शालाओं में आईईसी गतिविधियां संचालित होंगी। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा एकल ग्राम नल-जल योजनाओं के भूजल स्त्रोतों के रिचार्ज, पेयजल स्त्रोतों के आस-पास साफ-सफाई और रख-रखाव के लिए गतिविधियां संचालित की जाएंगी। वन विभाग द्वारा अविरल निर्मल नर्मदा अंतर्गत भूजल संवर्धन के कार्य तथा वर्षा ऋतु में 28 लाख पौधों के रोपण की योजना है। वन्य जीवों को पानी की उपलब्धता के लिए 25 करोड़ 10 लाख रूपए की लागत से 400 से अधिक जल संग्रहण संरचनाओं का निर्माण और 189 तालाबों का गहरीकरण किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग आंगनवाड़ी केन्द्रों में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग स्थापित करने, जल संरक्षण के ग्राम स्तर पर अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करने और आंगनवाड़ी केन्द्रों को जल एवं पोषण मॉडल केन्द्र के रूप में विकसित कर समुदाय को प्रेरित करने जैसी गतिविधियां संचालित करेगा। प्रत्येक आंगनवाड़ी केन्द्र में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग के लिए 16 हजार रूपए और पोषण वाटिका के लिए 10 हजार रूपए स्वीकृत हैं।4
- *कटनी ब्रेकिंग* - सूअरमार बम से 8 से 10 लोगों पर हमला - सभी घायलों को जिला अस्पताल लाया गया - घायलों में बच्चे भी शामिल - बम के धमाके से सभी झुलसे - माधवनगर थाना क्षेत्र बंगला लाइन इलाके की घटना - पुरानी रंजिश के चलते किया गया हमला3
- Post by राम सिंह यादव जिला ब्यूरो चीफ टीकमगढ़1
- Post by Roshani shivhare1
- छतरपुर शहर में सफाई व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। जेल के पास नए मोहल्ले में कई दिनों से कचरे का ढेर लगा हुआ है। आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि नगर पालिका यहां से कचरा उठाने नहीं आती। हमने मौके पर जाकर ग्राउंड रिपोर्ट की और देखा कि गाय भी कचरे में खाना ढूंढ रही हैं, जिससे बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ रहा है। क्या नगर पालिका इस पर ध्यान देगी? देखिए पूरी ग्राउंड रिपोर्ट।1
- // पुरानी रंजिश में दबंगों का हमला: युवक के साथ मारपीट, चार पर केस दर्ज // ईशानगर थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते दबंगों द्वारा मारपीट करने का मामला सामने आया है। फरियादी वीरन पिता दलपत कुशवाहा ने थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई कि गांव के ही कुछ लोगों ने विवाद के चलते उसे घेर लिया और गाली-गलौज करते हुए मारपीट कर दी। फरियादी के अनुसार आरोपियों ने उसे धमकाते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद पीड़ित ने थाने पहुंचकर पुलिस से न्याय की गुहार लगाई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर रामस्वरूप कुशवाहा, रमेश कुशवाहा, कल्लू कुशवाहा और राहुल कुशवाहा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बताया जा रहा है कि पुरानी रंजिश के चलते विवाद हुआ जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। फिलहाल पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही4