Shuru
Apke Nagar Ki App…
वैशाली जिले के पिंडौटा खुर्द गाँव के वार्ड नंबर-7 में पानी का जमाव हो गया है। इससे स्थानीय निवासियों को आवागमन और रोजमर्रा के कामों में भारी परेशानी हो रही है।
Raushan kumar
वैशाली जिले के पिंडौटा खुर्द गाँव के वार्ड नंबर-7 में पानी का जमाव हो गया है। इससे स्थानीय निवासियों को आवागमन और रोजमर्रा के कामों में भारी परेशानी हो रही है।
More news from बिहार and nearby areas
- वैशाली जिले के लालगंज-हाजीपुर मुख्य मार्ग के पोझियां में एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और आवागमन बाधित हो गया है।1
- बालेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने भारतीय राजनेताओं को किसानों की बदहाली का असली जिम्मेदार ठहराया है। यह बयान देश भर के किसानों की समस्याओं और राजनीतिक जवाबदेही पर नई बहस छेड़ सकता है।1
- बदलती भू-राजनीति में भारत और रूस की दोस्ती की असल मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं। यह लेख विश्लेषण करता है कि क्या उनका रिश्ता दूध-पानी जैसा है या जर्मनी-जापान जैसे अटूट गठबंधनों की तरह ईंट-सीमेंट जैसा। इस खास विश्लेषण में दुनिया की सबसे चर्चित दोस्तियों का सच सामने आता है।1
- बिहार के प्रमुख नेता तेजस्वी यादव कोरोना काल में नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामले में पटना सिविल कोर्ट में पेश हुए हैं। उन पर राघोपुर में भीड़ जुटाने का आरोप था।1
- पटना जिले के दीनापुर-कम-खगौल स्थित सेखुचक मटिया में नाले की खराब व्यवस्था से स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं। उनका कहना है कि गंदे पानी के जमाव से बीमारियां फैल रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।2
- बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अचानक सीतामढ़ी में सांसद देवेश चंद्र ठाकुर से मिलने पहुंचे। इस अप्रत्याशित मुलाकात ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज़ कर दी हैं।1
- पटना के वार्ड नंबर 32 में पिछले तीन सालों से नाले और सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- बिहार के बगहा में पुलिस अधीक्षक निर्मला देवी ने कस्तूरबा गांधी विद्यालय की एक बच्ची का SP बनने का सपना पूरा किया। इस नेक पहल से छात्रा एक दिन के लिए SP बनी और पुलिस ने सबका दिल जीत लिया।1
- भाजपा के वरिष्ठ नेता व बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की दूसरी पुण्यतिथि पर पटना में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस दौरान नेताओं ने उन्हें बिहार की राजनीति का 'युगपुरुष' बताया और उनके कुशल प्रशासन व जनहित कार्यों को याद किया। वक्ताओं ने उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।1