बलरामपुर जिले के पंचायत सहायकों ने अपनी गंभीर आर्थिक कठिनाइयों और असंतोषजनक सेवा शर्तों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन अपर जिला अधिकारी न्यायिक श्री शिव नारायण सिंह को सौंपा। इस अवसर पर समाजसेवी युगल किशोर शुक्ल ने पंचायत सहायकों का मोर्चा संभालते हुए कहा कि प्रदेश की ग्राम पंचायतों में विभिन्न डिजिटल, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का निरंतर निर्वहन करने के बावजूद पंचायत सहायकों को मात्र ₹6000 प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए यह मानदेय अत्यंत कम है, जिससे एक परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक खर्चों का वहन करना बेहद मुश्किल हो गया है। परिणामस्वरूप, पंचायत सहायकों और उनके परिवारों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत सहायकों की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति में सुधार के लिए उन्होंने पांच प्रमुख मांगें रखीं: मानदेय को बढ़ाकर ग्राम पंचायत सचिव के समकक्ष ₹30,000 प्रतिमाह किया जाए या कम से कम उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम कुशल मजदूरी दर लागू की जाए; अनुबंध प्रणाली समाप्त कर स्थायी सेवा नियमावली बनाई जाए; विवाह उपरांत महिला पंचायत सहायकों हेतु स्थानांतरण/समायोजन नीति लागू की जाए; ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारी के रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया में पंचायत सहायकों को 50% आरक्षण प्रदान किया जाए; और पंचायत सहायकों एवं उनके परिवारों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जाए। इस अवसर पर पंचायत सहायक यूनियन के जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार गुप्ता के साथ जिले भर के पंचायत सहायक मौजूद रहे। श्री युगल किशोर शुक्ल ने बेरोजगारी के आलम में इस नौकरी को 'सांप के गले में छछुंदर के समान' बताते हुए कहा कि इसमें होनहार युवा आर्थिक शोषण झेल रहे हैं। पंचायत सहायकों ने विश्वास व्यक्त किया है कि प्रदेश सरकार उनकी समस्याओं का सकारात्मक एवं न्यायोचित समाधान करेगी। हालांकि, उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि यदि निर्धारित समयावधि में उनकी मांगों पर उचित विचार और आवश्यक कार्यवाही नहीं की जाती है, तो समस्त पंचायत सहायक 15 जून 2026 को ईको गार्डेन, लखनऊ में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे।
बलरामपुर जिले के पंचायत सहायकों ने अपनी गंभीर आर्थिक कठिनाइयों और असंतोषजनक सेवा शर्तों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन अपर जिला अधिकारी न्यायिक श्री शिव नारायण सिंह को सौंपा। इस अवसर पर समाजसेवी युगल किशोर शुक्ल ने पंचायत सहायकों का मोर्चा संभालते हुए कहा कि प्रदेश की ग्राम पंचायतों में विभिन्न डिजिटल, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों का निरंतर निर्वहन करने के बावजूद पंचायत सहायकों को मात्र ₹6000 प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए यह मानदेय अत्यंत कम है, जिससे एक परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक खर्चों का वहन करना बेहद मुश्किल हो गया है। परिणामस्वरूप, पंचायत सहायकों और उनके परिवारों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत सहायकों की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति में सुधार के लिए उन्होंने पांच प्रमुख मांगें रखीं: मानदेय को बढ़ाकर ग्राम पंचायत सचिव के समकक्ष ₹30,000 प्रतिमाह किया जाए या कम से कम उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम कुशल मजदूरी दर लागू की जाए; अनुबंध प्रणाली समाप्त कर स्थायी सेवा नियमावली बनाई जाए; विवाह उपरांत महिला पंचायत सहायकों हेतु स्थानांतरण/समायोजन नीति लागू की जाए; ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारी के रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया में पंचायत सहायकों को 50% आरक्षण प्रदान किया जाए; और पंचायत सहायकों एवं उनके परिवारों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जाए। इस अवसर पर पंचायत सहायक यूनियन के जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार गुप्ता के साथ जिले भर के पंचायत सहायक मौजूद रहे। श्री युगल किशोर शुक्ल ने बेरोजगारी के आलम में इस नौकरी को 'सांप के गले में छछुंदर के समान' बताते हुए कहा कि इसमें होनहार युवा आर्थिक शोषण झेल रहे हैं। पंचायत सहायकों ने विश्वास व्यक्त किया है कि प्रदेश सरकार उनकी समस्याओं का सकारात्मक एवं न्यायोचित समाधान करेगी। हालांकि, उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि यदि निर्धारित समयावधि में उनकी मांगों पर उचित विचार और आवश्यक कार्यवाही नहीं की जाती है, तो समस्त पंचायत सहायक 15 जून 2026 को ईको गार्डेन, लखनऊ में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे।
- बहराइच जिले के सचौली गांव में प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। उपजिलाधिकारी (एसडीएम) की मौजूदगी में ग्राम समाज की भूमि पर बने कुल नौ अवैध मकानों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। प्रशासन की इस सख्ती के चलते ग्राम समाज की भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया।1
- श्रावस्ती के इकौना विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मलौना खसियारी में 14 मई 2026 को राप्ती नदी में डूबने से दो युवकों की असामयिक मृत्यु के बाद, उनके परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। इस दुखद घटना के कारण पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी। इकौना तहसील में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, दिवंगत शिवांश यादव पुत्र विजय बहादुर यादव और विकास यादव पुत्र सत्यनारायण यादव के परिजनों को माननीय मुख्यमंत्री राहत कोष से 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि के चेक सौंपे गए। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि शासन पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है और हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की गई और ईश्वर से कामना की गई कि वे दोनों को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा शोकाकुल परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। मुख्यमंत्री राहत कोष से मिली इस आर्थिक सहायता से पीड़ित परिवारों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।2
- Post by Tajuddin khan1
- सिद्धार्थनगर के बांसी निबंधन कार्यालय को लेकर एक गंभीर आरोप सामने आया है। इस आरोप के अनुसार, कार्यालय में यदि किसी को अपना काम तत्काल करवाना हो तो उसके लिए 'हाथ में माल' यानी रिश्वत देना अनिवार्य है। इस स्थिति को बांसी निबंधन कार्यालय के कामकाज की कड़वी सच्चाई के रूप में प्रस्तुत किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सिद्धार्थनगर जिले के विकास भवन स्थित अंबेडकर सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह में 18 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में हाईस्कूल के आठ और इंटरमीडिएट के दस छात्र-छात्राओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रशस्ति पत्र और सांकेतिक चेक प्रदान किए गए, साथ ही उनकी सराहना भी की गई। मुख्य अतिथि सांसद जगदंबिका पाल और जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने इन मेधावियों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सांसद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में असफलताएं भी आती हैं, लेकिन उनसे सीख लेकर आगे बढ़ने से ही सफलता मिलती है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन के अनुभवों को साझा करते हुए लक्ष्य के प्रति समर्पण बनाए रखने का महत्व बताया, जिससे न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन होता है। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने छात्रों की उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए उन्हें निरंतर मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी, यह रेखांकित करते हुए कि शिक्षा ही सफलता का सबसे मजबूत आधार है। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक मौर्य, जिला विद्यालय निरीक्षक सहित विभिन्न अधिकारी, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। समारोह का उद्देश्य मेधावियों का उत्साहवर्धन करना और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करना था।2
- सिद्धार्थनगर जिले की महादेवा रोड कई सालों से खराब पड़ी है, जिसके कारण स्थानीय लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत है कि इस सड़क का निर्माण अभी तक नहीं हुआ है और प्रधान इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। लोगों ने अधिकारियों से अनुरोध किया है कि जल्द से जल्द इस सड़क का निर्माण कराया जाए।2
- इमरान प्रतापगढ़ी ने संसद के भीतर कई कड़े सवाल उठाए हैं।1
- आजमगढ़ के शहर कोतवाली क्षेत्र के हाफिजपुर में जनगणना ड्यूटी पर तैनात एक महिला कर्मचारी के साथ मारपीट और अभद्रता का गंभीर मामला सामने आया है। जनगणना कार्य के दौरान हुई इस घटना को लेकर शिक्षा विभाग के कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। पीड़िता उर्फी फातमा, जो उच्च प्राथमिक विद्यालय हाफिजपुर में अनुचर हैं और वर्तमान में मकान सूचीकरण कार्य में प्रगणक के रूप में तैनात थीं, जनगणना सर्वे के लिए मकान संख्या 102 पर पहुंची थीं। आरोप है कि वहाँ किराएदार ओंकार नाथ यादव ने उनके साथ अभद्रता और गाली-गलौज की। उर्फी फातमा के विरोध करने पर आरोपी ने कथित तौर पर उन्हें लात-घूसों से पीटा और सीढ़ियों से धक्का देकर नीचे गिरा दिया। पीड़िता उर्फी फातमा ने स्वयं बताया कि वह जनगणना के मकान सूचीकरण कार्य के लिए गई थीं और इसी दौरान आरोपी ने उनके साथ अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट करते हुए सीढ़ियों से धक्का दे दिया। इस घटना के बाद शिक्षा विभाग में व्यापक रोष व्याप्त है। शिक्षकों ने तत्काल कोतवाली पहुंचकर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की। इस दौरान बीईओ दिनेश कुमार वर्मा और शिक्षक संघ पदाधिकारी भी पुलिस थाने पहुंचे। पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा और मारपीट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। आजमगढ़ के सीओ सिटी शुभम तोदी ने बताया कि "पीड़िता की तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है तथा आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।" पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश में जुट गई है।1
- श्रावस्ती में जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने प्रतिदिन की तरह सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित अपने कक्ष में जनता दर्शन का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने फरियादियों की समस्याओं को सुना और उनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी को विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 14 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिन पर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने पर अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। इसके साथ ही, उन्होंने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने कार्यालय में सभी कार्य दिवसों पर सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक स्वयं जनसुनवाई करें और प्राप्त समस्याओं का समय सीमा के अंदर निस्तारण सुनिश्चित करें।1