हरियाणा की राजनीति में हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पंजाबी समाज के मान-सम्मान और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर अरोड़ा विकास मंच ने भिवानी में अपनी आवाज बुलंद की है। मंच के राष्ट्रीय विस्तारक एवं समाजसेवी सुरेश अरोड़ा ने कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि जिस भी राजनीतिक दल ने पंजाबी समाज की उपेक्षा की है, उसे सत्ता से बाहर का रास्ता देखना पड़ा है। सुरेश अरोड़ा ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि हरियाणा में कांग्रेस की सरकार बनाने में पंजाबी समाज का हमेशा बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने वर्ष 1991 का उदाहरण देते हुए बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल के नेतृत्व में पंजाबी समाज के 18 विधायक जीतकर आए थे और उनकी सरकार में 11 पंजाबी मंत्रियों को शामिल कर मजबूत प्रतिनिधित्व दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2005 में कांग्रेस नेतृत्व ने चौधरी भजनलाल के पूर्ण बहुमत की अनदेखी कर भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मुख्यमंत्री बना दिया, जिससे मतदाताओं के विश्वास को ठेस पहुंची और यहीं से कांग्रेस के पतन की शुरुआत हुई। इसके बाद सुनियोजित तरीके से पंजाबी समाज के प्रभावशाली नेताओं को हाशिए पर धकेला गया, जिसमें पानीपत के छह बार के विधायक बलबीर पाल शाह के परिवार के खिलाफ हुआ राजनीतिक षड्यंत्र भी शामिल है, जिससे समाज में गहरा असंतोष फैला। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस से नाराज होकर वर्ष 2014 में पंजाबी समाज ने बड़ी संख्या में भाजपा का समर्थन किया, जिससे भाजपा सत्ता में आई और कांग्रेस कमजोर हो गई। लेकिन अब भाजपा भी पंजाबी समाज की अनदेखी कर रही है। सुरेश अरोड़ा ने भाजपा नेतृत्व को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पार्टी ने पंजाबी समाज को सत्ता और संगठन में उचित सम्मान व प्रतिनिधित्व नहीं दिया, तो उसे भी कांग्रेस जैसी ही राजनीतिक स्थिति का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने साफ किया कि राजनीति में किसी भी समाज को "टेकन फॉर ग्रांटेड" नहीं लिया जा सकता और सभी दलों को समाज के सम्मान व अधिकारों का ध्यान रखना चाहिए।
हरियाणा की राजनीति में हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पंजाबी समाज के मान-सम्मान और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर अरोड़ा विकास मंच ने भिवानी में अपनी आवाज बुलंद की है। मंच के राष्ट्रीय विस्तारक एवं समाजसेवी सुरेश अरोड़ा ने कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि जिस भी राजनीतिक दल ने पंजाबी समाज की उपेक्षा की है, उसे सत्ता से बाहर का रास्ता देखना पड़ा है। सुरेश अरोड़ा ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि हरियाणा में कांग्रेस की सरकार बनाने में पंजाबी समाज का हमेशा बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने वर्ष 1991 का उदाहरण देते हुए बताया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल के नेतृत्व में पंजाबी समाज के 18 विधायक जीतकर आए थे और उनकी सरकार में 11 पंजाबी मंत्रियों को शामिल कर मजबूत प्रतिनिधित्व दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2005 में कांग्रेस नेतृत्व ने चौधरी भजनलाल के पूर्ण बहुमत की अनदेखी कर भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मुख्यमंत्री बना दिया, जिससे मतदाताओं के विश्वास को ठेस पहुंची और यहीं से कांग्रेस के पतन की शुरुआत हुई। इसके बाद सुनियोजित तरीके से पंजाबी समाज के प्रभावशाली नेताओं को हाशिए पर धकेला गया, जिसमें पानीपत के छह बार के विधायक बलबीर पाल शाह के परिवार के खिलाफ हुआ राजनीतिक षड्यंत्र भी शामिल है, जिससे समाज में गहरा असंतोष फैला। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस से नाराज होकर वर्ष 2014 में पंजाबी समाज ने बड़ी संख्या में भाजपा का समर्थन किया, जिससे भाजपा सत्ता में आई और कांग्रेस कमजोर हो गई। लेकिन अब भाजपा भी पंजाबी समाज की अनदेखी कर रही है। सुरेश अरोड़ा ने भाजपा नेतृत्व को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पार्टी ने पंजाबी समाज को सत्ता और संगठन में उचित सम्मान व प्रतिनिधित्व नहीं दिया, तो उसे भी कांग्रेस जैसी ही राजनीतिक स्थिति का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने साफ किया कि राजनीति में किसी भी समाज को "टेकन फॉर ग्रांटेड" नहीं लिया जा सकता और सभी दलों को समाज के सम्मान व अधिकारों का ध्यान रखना चाहिए।
- हरियाणा के पूर्व मंत्री जेपी दलाल ने अपना एक बयान दिया है।1
- हरियाणा के भिवानी में स्वास्थ्य मंत्री आरती राव के सिविल अस्पताल के दौरे के दौरान अस्पताल की खामियां एक बड़ा मुद्दा बन गईं। इस दौरे के दौरान सीएमओ स्वास्थ्य मंत्री के सामने सिविल अस्पताल की कमियां छुपाते नजर आए, लेकिन पत्रकारों ने वहां की जमीनी हकीकत खोलकर रख दी। अस्पताल में कमियों के इस बड़े मुद्दे को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने सीएमओ को तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए हैं।1
- हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने भिवानी के चौधरी बंसीलाल सामान्य अस्पताल को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में मर्ज नहीं किया जाएगा। मंत्री आरती राव ने अपने बयान में जोर दिया कि चौधरी बंसीलाल सामान्य अस्पताल अपनी अलग पहचान बनाए रखेगा। अस्पताल पूर्व की भांति अपनी चिकित्सा सेवाएं पहले की तरह ही प्रदान करना जारी रखेगा।1
- हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के पीड़ित अभ्यर्थियों के समर्थन में प्रदेश के सर्व समाज के अनेक संगठनों की एक संयुक्त मीटिंग 12 जुलाई को कैथल में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में 30 अगस्त को रोहतक में प्रस्तावित 'न्याय महापंचायत' के आयोजन और उसकी भविष्य की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। ओबीसी ब्रिगेड हरियाणा के प्रदेश संगठन प्रमुख रामकुमार प्रजापति ने इस कार्यक्रम की जानकारी दी है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पीड़ित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने के लिए आगे की रूपरेखा तैयार करना है।1
- 11 जुलाई 2026 को हरियाणा से जुड़ी बड़ी खबरों और ताज़ा घटनाक्रमों का सिलसिला जारी है। राज्य भर के दैनिक समाचारों के अंतर्गत आज की 50 प्रमुख खबरों को संकलित किया गया है, जिनमें राजनीति, मौसम और शिक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अपडेट शामिल हैं।1
- रोहतक के पहरावर में खेल मंत्री गौरव गौतम और पार्षद प्रवीण कौशिक पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गौड़ ब्राह्मण संस्थाओं के नए कैंपस और वहां बनने वाले खेल स्टेडियम का औचक निरीक्षण किया।1
- महेंद्रगढ़ शहर में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए विधायक कंवर सिंह यादव ने अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खेल स्टेडियम में स्थित स्विमिंग पूल में पानी भरने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।1
- हरियाणा के भिवानी में पूर्व कृषि मंत्री जेपी दलाल ने एक प्रेस वार्ता के दौरान किसानों को मिलने वाले बीमा क्लेम से जुड़ी जानकारी साझा की है। जेपी दलाल ने इस चर्चा के माध्यम से बीमा क्लेम की प्रक्रिया और किसानों को प्राप्त होने वाली राशि के संदर्भ में अपना पक्ष रखा और इस विषय से जुड़ी बातों को स्पष्ट किया।1