logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

हीरापुर-मोहना रोड पर जलभराव को लेकर नाला निर्माण विवाद गरमाया, नपत पर उठे सवाल हीरापुर-मोहना रोड पर जलभराव को लेकर नाला निर्माण विवाद गरमाया, नपत पर उठे सवाल संवाद न्यूज एजेंसी। छांयसा। हीरापुर गांव से मोहना जाने वाली मुख्य सड़क पर लंबे समय से बने जलभराव को लेकर प्रस्तावित नाला निर्माण का विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सड़क पर कई फीट तक पानी भरने से यह मार्ग लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसी को लेकर अब स्थानीय निवासी और पीडब्ल्यूडी आमने-सामने आ गए हैं। हीरापुर गांव निवासी धनीराम ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) पर नपत में गड़बड़ी और चयनित स्थानों पर जानबूझकर तोड़फोड़ न करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मोहना रोड पर जलभराव की समस्या के समाधान के लिए जब पीडब्ल्यूडी ने नाला निर्माण से पहले नपत की, तो अधिकांश जगहों पर तोड़फोड़ की गई, लेकिन गांव के खसरा नंबर 95 और 97 को छोड़ दिया गया। जबकि इन दोनों खसरा नंबरों में पहले से ही 8 से 10 फुट तक पीडब्ल्यूडी की सड़क निकलती रही है। धनीराम का आरोप है कि अगर इन दोनों खसरा नंबरों में भी तोड़फोड़ कर नाले का निर्माण किया जाए, तो जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकल सकता है। इसी असंतोष के चलते धनीराम ने सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के समय इस मार्ग पर हालात और भी खराब हो जाते हैं। पानी भरने से सड़क दिखाई नहीं देती, जिससे दोपहिया वाहन चालक और राहगीर अक्सर हादसों का शिकार हो जाते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं इस पूरे मामले पर पीडब्ल्यूडी के एसडीओ रविंद्र का कहना है कि नपत और तोड़फोड़ पूरी तरह नियमों के अनुसार की गई है। उन्होंने बताया कि धनीराम द्वारा सीएम विंडो में की गई शिकायत का विभाग की ओर से जवाब दे दिया गया है। अगर शिकायतकर्ता को अभी भी संदेह है तो वह स्वयं दोबारा नपत करवा सकते हैं। इस दौरान प्रशासन और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौके पर मौजूद रहेंगे, ताकि किसी प्रकार की गलतफहमी न रहे। फिलहाल, हीरापुर-मोहना रोड पर जलभराव की समस्या जस की तस बनी हुई है और नाला निर्माण को लेकर चला आ रहा यह विवाद अब प्रशासनिक स्तर तक पहुंच चुका है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही इसका समाधान निकलकर उन्हें राहत मिलेगी।

16 hrs ago
user_Haryana Khabar Vadi
Haryana Khabar Vadi
Mohna St, Faridabad•
16 hrs ago

हीरापुर-मोहना रोड पर जलभराव को लेकर नाला निर्माण विवाद गरमाया, नपत पर उठे सवाल हीरापुर-मोहना रोड पर जलभराव को लेकर नाला निर्माण विवाद गरमाया, नपत पर उठे सवाल संवाद न्यूज एजेंसी। छांयसा। हीरापुर गांव से मोहना जाने वाली मुख्य सड़क पर लंबे समय से बने जलभराव को लेकर प्रस्तावित नाला निर्माण का विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सड़क पर कई फीट तक पानी भरने से यह मार्ग लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसी को लेकर अब स्थानीय निवासी और पीडब्ल्यूडी आमने-सामने आ गए हैं। हीरापुर गांव निवासी धनीराम ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) पर नपत में गड़बड़ी और चयनित स्थानों पर जानबूझकर तोड़फोड़ न करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मोहना रोड पर जलभराव की समस्या के समाधान के लिए जब पीडब्ल्यूडी ने नाला निर्माण से पहले नपत की, तो अधिकांश जगहों पर तोड़फोड़ की गई, लेकिन गांव के खसरा नंबर 95 और 97 को छोड़ दिया गया। जबकि इन दोनों खसरा नंबरों में पहले से ही 8 से 10 फुट तक पीडब्ल्यूडी की सड़क निकलती रही है। धनीराम का आरोप है कि अगर इन दोनों खसरा नंबरों में भी तोड़फोड़ कर नाले का निर्माण किया जाए, तो जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान निकल सकता है। इसी असंतोष के चलते धनीराम ने सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के समय इस मार्ग पर हालात और भी खराब हो जाते हैं। पानी भरने से सड़क दिखाई नहीं देती, जिससे दोपहिया वाहन चालक और राहगीर अक्सर हादसों का शिकार हो जाते हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं इस पूरे मामले पर पीडब्ल्यूडी के एसडीओ रविंद्र का कहना है कि नपत और तोड़फोड़ पूरी तरह नियमों के अनुसार की गई है। उन्होंने बताया कि धनीराम द्वारा सीएम विंडो में की गई शिकायत का विभाग की ओर से जवाब दे दिया गया है। अगर शिकायतकर्ता को अभी भी संदेह है तो वह स्वयं दोबारा नपत करवा सकते हैं। इस दौरान प्रशासन और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी मौके पर मौजूद रहेंगे, ताकि किसी प्रकार की गलतफहमी न रहे। फिलहाल, हीरापुर-मोहना रोड पर जलभराव की समस्या जस की तस बनी हुई है और नाला निर्माण को लेकर चला आ रहा यह विवाद अब प्रशासनिक स्तर तक पहुंच चुका है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही इसका समाधान निकलकर उन्हें राहत मिलेगी।

More news from हरियाणा and nearby areas
  • यमुना पुल पर मौत का साया! घने कोहरे में गाड़ी बची बाल-बाल
    1
    यमुना पुल पर मौत का साया! घने कोहरे में गाड़ी बची बाल-बाल
    user_Manoj Kumar
    Manoj Kumar
    Journalist पलवल, पलवल, हरियाणा•
    13 hrs ago
  • नोएडा, मजदूर विरोधी चार नए लेबर कोड, निजीकरण, ठेकाकरण और बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी व 26000 हजार रुपया न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा आदि को लेकर ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर 12 फरवरी 2026 को होने वाली देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए सीटू गौतम बुध नगर कमेटी द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत आज भी कई स्थानों पर मीटिंग, जनसंपर्क प्रचार वितरण कर कामगारों से हड़ताल को सफल बनाने की अपील किया। सीटू कार्यालय सेक्टर- 8, नोएडा पर सीटू कार्यकर्ताओं की बैठक बैठक में हड़ताल की समीक्षा कर अभियान को और तेज करने का निर्णय लिया गया। बैठक को सीटू नेता गंगेश्वर दत्त शर्मा, रामसागर, राम स्वारथ, अरुण कुमार बलराम चौधरी प्रभात, रामकिशन, हुकम सिंह आदि ने संबोधित किया। अनमोल इंप्लाइज यूनियन ग्रेटर नोएडा कंपनी के कर्मचारियों ने यूनियन के अध्यक्ष मुकेश कुमार की अध्यक्षता में सूरजपुर ग्रेटर नोएडा पार्क में आम सभा कर 12 फरवरी 2026 की देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने का संकल्प लिया। सभा को संबोधित करते हुए सीटू जिला महासचिव राम स्वारथ ने कहा कि चाहे कारखाना हो या निर्माण मजदूर हो या रेहड़ी-पटरी कामगार या फिर महिला कामगार या गिग श्रमिक अब चार लेबर कोड कानूनों से हमें गुलामी बनाने की तैयारी है, हमें आजाद भारत में सम्मान, गरिमा और मेहनत के सही दाम के लिए बढ़ती महंगाई तथा लगातार जान माल पर हमले के खिलाफ तथा न्यूनतम वेतन, पीएफ, ईएसआई समेत तमाम कानूनी सुविधाएं, सामाजिक सुरक्षा हासिल करने के लिए 12 फरवरी 2026 की हड़ताल को की तैयारी और तेज करनी पड़ेगी और गौतम बुध नगर का के मजदूरों को रोड पर आकर विरोध प्रदर्शन कर गौतम बुध नगर में चक्का जाम करना मजदूरों की मजबूरी बन गई है सीटू जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए बताया कि आजाद भारत में मजदूरों को गुलाम बनाने वाले कानून बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे उनके खिलाफ संगठित क्षेत्र में सामूहिक हड़ताल और एक बड़ी हड़ताल गौतम बुध नगर के मजदूर 12 फरवरी को जरूर करेंगे और सरकार हमारे कानून को वापस नहीं लेती है या उनमें संशोधन नहीं करती है तो आगे भी बड़ी हड़ताल की तैयारी करने का काम गौतम बुद्ध नगर के मजदूर करेंगे।
    2
    नोएडा, मजदूर विरोधी चार नए लेबर कोड, निजीकरण, ठेकाकरण और बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी व 26000 हजार रुपया न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा आदि को लेकर ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आह्वान पर 12 फरवरी 2026 को होने वाली देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए सीटू गौतम बुध नगर कमेटी द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत आज भी कई स्थानों पर मीटिंग, जनसंपर्क प्रचार वितरण कर कामगारों से हड़ताल को सफल बनाने की अपील किया। सीटू कार्यालय सेक्टर- 8, नोएडा पर सीटू कार्यकर्ताओं की बैठक बैठक में हड़ताल की समीक्षा कर अभियान को और तेज करने का निर्णय लिया गया। बैठक को सीटू नेता गंगेश्वर दत्त शर्मा, रामसागर, राम स्वारथ, अरुण कुमार बलराम चौधरी प्रभात, रामकिशन, हुकम सिंह आदि ने संबोधित किया।
अनमोल इंप्लाइज यूनियन ग्रेटर नोएडा कंपनी  के कर्मचारियों ने यूनियन के अध्यक्ष मुकेश कुमार  की अध्यक्षता में सूरजपुर ग्रेटर नोएडा पार्क में आम सभा कर  12 फरवरी 2026 की देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने का संकल्प लिया। 
सभा को संबोधित करते हुए सीटू  जिला महासचिव राम स्वारथ ने कहा कि चाहे कारखाना हो या निर्माण मजदूर हो या रेहड़ी-पटरी कामगार या फिर महिला कामगार या गिग श्रमिक अब चार लेबर कोड कानूनों से हमें गुलामी बनाने की तैयारी है, हमें आजाद भारत में सम्मान, गरिमा और मेहनत के सही दाम के लिए बढ़ती महंगाई तथा लगातार जान माल पर हमले के खिलाफ तथा न्यूनतम वेतन, पीएफ, ईएसआई समेत तमाम कानूनी सुविधाएं, सामाजिक सुरक्षा हासिल करने के लिए 12 फरवरी 2026 की हड़ताल को की तैयारी और तेज करनी पड़ेगी और गौतम बुध नगर का के मजदूरों को रोड पर आकर विरोध प्रदर्शन कर गौतम बुध नगर में चक्का जाम करना  मजदूरों की मजबूरी बन गई है सीटू जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए बताया कि आजाद भारत में मजदूरों को गुलाम बनाने वाले कानून बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे उनके खिलाफ संगठित क्षेत्र में सामूहिक हड़ताल और एक बड़ी हड़ताल गौतम बुध नगर के मजदूर 12 फरवरी को जरूर करेंगे और सरकार हमारे कानून को वापस नहीं लेती है या उनमें संशोधन नहीं करती है तो आगे भी बड़ी हड़ताल की तैयारी करने का काम गौतम बुद्ध नगर के मजदूर करेंगे।
    user_Rahul Kumar Patrakar
    Rahul Kumar Patrakar
    Reporter गौतम बुद्ध नगर, गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • सीतारमण के निर्मल बजट से कौन आहत कौन गदगद, मोदी ने बैंच थपथपा कर की हौसला-अफजाई विपक्ष को समझ में नहीं आया बजट, दुष्यंत की कविता से की तुलना ...देखिए राजपथ न्यूज़ पर ...
    1
    सीतारमण के निर्मल बजट से कौन आहत कौन गदगद, मोदी ने बैंच थपथपा कर की हौसला-अफजाई विपक्ष को समझ में नहीं आया बजट, दुष्यंत की कविता से की तुलना ...देखिए राजपथ न्यूज़ पर ...
    user_Rajpath News
    Rajpath News
    Journalist Faridabad, Haryana•
    18 hrs ago
  • ज्ञापन में कहा गया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने एक नया नियम (समता के संवर्द्धन से संबंधित विनियम, 2026) लागू किया। यह नियम भारत के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों पर लागू होता है और इसका मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति आधारित और अन्य प्रकार के भेदभाव को रोकना है। ज्ञापन में कहा गया कि पिछले वर्षों में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों एससी, ओबीसी समुदाय के अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव, उत्पीडऩ और असमान अवसरों से जुड़े मामलों में वृद्धि देखी गई। इससे न केवल अभ्यर्थियों का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हुआ, बल्कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों पर भी प्रश्नचिह्न लगे। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यूजीसी ने 2026 में यह नया कानून लागू किया। भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था में समानता, समावेशन और भेदभाव मुक्त वातावरण- सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जिसका हम पुरजोर समर्थन करते है। यूजीसी कानून कमेटी को लेकर स्वर्ण समाज के लोग इस कानून का विरोध कर रहे हैं यह कमेटी ओबीसी एससी समाज के अभ्यर्थियों के लिए नौकरी व प्रमोशन में भेदभाव रोकने के लिए बनाई जा रही है इसको लेकर स्वर्ण समाज के लोग मिथ्या प्रचार कर रहे हैं कि इस कमेटी से ओबीसी समाज के लोग स्वर्ण समाज के लोगों को एससी एक्ट की तरह इस्तेमाल करेंगे, जबकि अभी यूजीसी कमेटी में निजी शिकायतों का कोई प्रावधान नहीं है इसीलिए स्वर्ण समाज के लोग यूजीसी कमेटी रद्द करने का प्रयास कर रहे हैं। इस यूजीसी कमेटी की सुरक्षा के लिए लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी पुरजोर समर्थन करती है, और सरकार व राष्ट्रपति महोदय जी से मांग करती है कि इस यूजीसी कमेटी में एससी, एसटी, ओबीसी, और दिव्यांग, महिला व सोशल रिटायर्ड प्रोफेसर या समाजसेवी वर्ग से मेम्बर गठित होने है परन्तु इसमे यह स्पष्ट नहीं है किस वर्ग से कितने कितने मेंबर होंगे प्रधानमंत्री जी यह स्पष्ट कराये । और यह भी मांग करते है इस कमेटी में आधे से ज्यादा एससी, एसटी, ओबीसी और माइनॉरिटी, दिव्यांग वर्ग से मेम्बर शामिल किए जाये हो क्योंकि वर्चस्व यूनिवर्सिटी में स्वर्ण वर्ग के लोगों की संख्या और नेटवर्क ज्यादा है तो फिर जनरल कैटेगरी के साथ अन्याय कैसे हो सकता है। जबकि नियमों का उद्देश्य संस्थानों में भेदभाव मुक्त और जवाबदेह शैक्षणिक वातावरण- सुनिश्चित करना है। इसलिय लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी की मांग है कि (यूजीसी) कमेटी में एससी, एसटी, ओबीसी, और माइनॉरिटी के मेम्बर की संख्या अधिक हो ताकि अभियार्थियो को भेदभाव-मुक्त समानता, पारदर्शिता का बेहतर अकादमिक माहौल मिल सके । इस नियम का पुरजोर समर्थन करते है।
    1
    ज्ञापन में कहा गया कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने एक नया नियम (समता के संवर्द्धन से संबंधित विनियम, 2026) लागू किया। यह नियम भारत के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों पर लागू होता है और इसका मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति आधारित और अन्य प्रकार के भेदभाव को रोकना है। ज्ञापन में कहा गया कि पिछले वर्षों में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों एससी, ओबीसी समुदाय के अभ्यर्थियों के साथ भेदभाव, उत्पीडऩ और असमान अवसरों से जुड़े मामलों में वृद्धि देखी गई। इससे न केवल अभ्यर्थियों का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हुआ, बल्कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों पर भी प्रश्नचिह्न लगे। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यूजीसी ने 2026 में यह नया कानून लागू किया। भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था में समानता, समावेशन और भेदभाव मुक्त वातावरण- सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जिसका हम पुरजोर समर्थन करते है।
यूजीसी कानून कमेटी को लेकर स्वर्ण समाज के लोग इस कानून का विरोध कर रहे हैं यह कमेटी ओबीसी एससी समाज के अभ्यर्थियों के लिए नौकरी व प्रमोशन में भेदभाव रोकने के लिए बनाई जा रही है इसको लेकर स्वर्ण समाज के लोग मिथ्या प्रचार कर रहे हैं कि इस कमेटी से ओबीसी समाज के लोग स्वर्ण समाज के लोगों को एससी एक्ट की तरह इस्तेमाल करेंगे, जबकि अभी यूजीसी कमेटी में निजी शिकायतों का कोई प्रावधान नहीं है इसीलिए स्वर्ण समाज के लोग यूजीसी कमेटी रद्द करने का प्रयास कर रहे हैं। इस यूजीसी कमेटी की सुरक्षा के लिए लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी पुरजोर समर्थन करती है, और सरकार व राष्ट्रपति महोदय जी से मांग करती है कि इस यूजीसी कमेटी में एससी, एसटी, ओबीसी, और दिव्यांग, महिला व सोशल रिटायर्ड प्रोफेसर या समाजसेवी वर्ग से मेम्बर गठित होने है परन्तु इसमे यह स्पष्ट नहीं है किस वर्ग से कितने कितने मेंबर होंगे प्रधानमंत्री जी यह स्पष्ट कराये । और यह भी मांग करते है इस कमेटी में आधे से ज्यादा एससी, एसटी, ओबीसी और माइनॉरिटी, दिव्यांग वर्ग से मेम्बर शामिल किए जाये हो क्योंकि वर्चस्व यूनिवर्सिटी में स्वर्ण वर्ग के लोगों की संख्या और नेटवर्क ज्यादा है तो फिर जनरल कैटेगरी के साथ अन्याय कैसे हो सकता है। जबकि नियमों का उद्देश्य संस्थानों में भेदभाव मुक्त और जवाबदेह शैक्षणिक वातावरण- सुनिश्चित करना है। इसलिय लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी की मांग है कि (यूजीसी) कमेटी में एससी, एसटी, ओबीसी, और माइनॉरिटी के मेम्बर की संख्या अधिक हो ताकि अभियार्थियो को भेदभाव-मुक्त समानता, पारदर्शिता का बेहतर अकादमिक माहौल मिल सके । इस नियम का पुरजोर समर्थन करते है।
    user_Mahipal
    Mahipal
    Journalist पलवल, पलवल, हरियाणा•
    19 hrs ago
  • Ek nazar idhar bhi / ye mera India/ Fashion ke naam par jism ki numaish/ viral video / prastuti by swadesh mandawari
    1
    Ek nazar idhar bhi / ye mera India/ Fashion ke naam par jism ki numaish/ viral video / prastuti by swadesh mandawari
    user_SWADESH MANDAWARI 8929878271
    SWADESH MANDAWARI 8929878271
    Journalist फरीदाबाद, फरीदाबाद, हरियाणा•
    21 hrs ago
  • कड़ाके की ठंड के बीच, नई दिल्ली जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री महेंद्र मंगला जी ने आज AIIMS फ्लाइओवर के पास ज़रूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए। इस पुनीत कार्य के अवसर पर जिला के सभी वरिष्ठ नेता, निगम पार्षदगण और अन्य पदाधिकारीगण भी उपस्थित रहे। उन्होंने जरूरतमंदों को राहत पहुँचाने के कांग्रेस के प्रयासों की सराहना की।
    1
    कड़ाके की ठंड के बीच, नई दिल्ली जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्री महेंद्र मंगला जी ने आज AIIMS फ्लाइओवर के पास ज़रूरतमंद लोगों को कंबल वितरित किए।
इस पुनीत कार्य के अवसर पर जिला के सभी वरिष्ठ नेता, निगम पार्षदगण और अन्य पदाधिकारीगण भी उपस्थित रहे। उन्होंने जरूरतमंदों को राहत पहुँचाने के कांग्रेस के प्रयासों की सराहना की।
    user_Harshikesh Raj
    Harshikesh Raj
    I'm a Reporter हौज खास, दक्षिण दिल्ली, दिल्ली•
    14 hrs ago
  • फरीदाबाद में किसानों की फसल बनी बुज़ुर्गों की पेंशन पर आफ़त फसल बेची, पेंशन गई! Family ID नियमों से परेशान बुज़ुर्ग किसानों की आमदनी दिखाकर बुज़ुर्गों की पेंशन पर रोक
    1
    फरीदाबाद में किसानों की फसल बनी बुज़ुर्गों की पेंशन पर आफ़त
फसल बेची, पेंशन गई! Family ID नियमों से परेशान बुज़ुर्ग
किसानों की आमदनी दिखाकर बुज़ुर्गों की पेंशन पर रोक
    user_Vikrambhardwaj Faridabad
    Vikrambhardwaj Faridabad
    Journalist Faridabad, Haryana•
    1 hr ago
  • घने कोहरे ने छीनी रफ्तार, यमुना पुल के पास टला बड़ा हादसा
    1
    घने कोहरे ने छीनी रफ्तार, यमुना पुल के पास टला बड़ा हादसा
    user_Manoj Kumar
    Manoj Kumar
    Journalist पलवल, पलवल, हरियाणा•
    13 hrs ago
  • सीतारमण के निर्मल बजट से कौन आहत कौन गदगद, मोदी ने बैंच थपथपा कर की हौसला-अफजाई विपक्ष को समझ में नहीं आया बजट, दुष्यंत की कविता से की तुलना ...देखिए राजपथ न्यूज़ पर ...
    1
    सीतारमण के निर्मल बजट से कौन आहत कौन गदगद, मोदी ने बैंच थपथपा कर की हौसला-अफजाई विपक्ष को समझ में नहीं आया बजट, दुष्यंत की कविता से की तुलना ...देखिए राजपथ न्यूज़ पर ...
    user_Rajpath News
    Rajpath News
    Journalist Faridabad, Haryana•
    20 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.