दादा ने देखा था क्रिकेटर बनने का सपना, पिता ने अभावों में पाला; अब गूंज रहा हिमांशु के बल्ले का शोर दादा ने देखा था क्रिकेटर बनने का सपना, पिता ने अभावों में पाला; अब गूंज रहा हिमांशु के बल्ले का शोर अमेठी के खरेथु गांव से निकले हिमांशु सिंह ने यूपी टी-20 लीग में शानदार पारियों से बनाई पहचान *लखनऊ।* एक पिता कंस्ट्रक्शन साइट पर गार्ड की नौकरी करते रहे, परिवार सीमित संसाधनों में आगे बढ़ता रहा और एक दादा ने करीब 15 साल पहले अपने पोते की आंखों में छिपे क्रिकेट के सपने को पहचान लिया। तब शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि अमेठी के एक छोटे से गांव की गलियों से शुरू हुआ यह सफर एक दिन भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम की फ्लडलाइट्स तक पहुंचेगा। आज वही सपना यूपी टी20 लीग मे 2026 में लखनऊ फाल्कन्स के युवा बल्लेबाज हिमांशु सिंह के बल्ले से आकार ले रहा है। भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की कप्तानी वाली लखनऊ फाल्कन्स के लिए खेल रहे हिमांशु ने लगातार प्रभावशाली पारियां खेलकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। काशी रुद्रास के खिलाफ उन्होंने महज 41 गेंदों में 64 रन की मैच जिताऊ पारी खेलकर इकाना में मौजूद दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके बाद भी उनके बल्ले की धार जारी रही और हिमांशु ने लगातार दूसरे मैच में भी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। यह सिर्फ दो शानदार पारियों की कहानी नहीं है। इसके पीछे अमेठी के ब्लॉक संग्रामपुर के ग्राम खरेथु से निकलकर पेशेवर क्रिकेट तक पहुंचने वाले एक ऐसे परिवार की कहानी है, जिसने सीमित साधनों के बावजूद अपने बेटे के सपने को कभी छोटा नहीं होने दिया। *दादा ने 2011 में पहचाना था हुनर* हिमांशु के स्वर्गीय दादा भारत सिंह (गांधी) ने वर्ष 2011 में उनके भीतर छिपी क्रिकेट प्रतिभा को पहचान लिया था। पोते को बड़ा क्रिकेटर बनाने का सपना उन्होंने तभी देख लिया था। इसी सपने को पूरा करने के लिए हिमांशु को पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ पेशेवर क्रिकेट प्रशिक्षण की ओर बढ़ाया गया। परिवार के लिए यह आसान फैसला नहीं था। हिमांशु के पिता हरिकेश सिंह कंस्ट्रक्शन साइट पर गार्ड की नौकरी करते हैं। सीमित आमदनी और तमाम पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच भी उन्होंने बेटे के क्रिकेट के रास्ते में संसाधनों की कमी को बाधा नहीं बनने दिया। दादा का सपना और पिता की मेहनत धीरे-धीरे हिमांशु की क्रिकेट यात्रा की नींव बनते गए। परिवार में मेहनत और देशसेवा की इसी परंपरा की एक और मिसाल हिमांशु के भाई प्रियांशु सिंह हैं, जो भारतीय वायुसेना में सेवा दे रहे हैं। एक ओर भाई देश की सेवा कर रहे हैं, तो दूसरी ओर हिमांशु क्रिकेट के मैदान पर परिवार का नाम रोशन करने की कोशिश में जुटे हैं। *यूपीटी20 ने बड़े मंच पर खुद को साबित करने का मौका* हिमांशु की कहानी इस बात का उदाहरण भी है कि किस तरह यूपी टी20 लीग प्रदेश के छोटे शहरों और गांवों से निकलने वाले खिलाड़ियों को बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दे रही है। यूपी टी20 लीग की गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन डॉ. संजय कपूर ने हिमांशु की सफलता को लीग के उद्देश्य से जोड़ते हुए कहा कि ग्रामीण अंचलों के उन खिलाड़ियों को मंच देना लीग की प्राथमिकता रही है, जिनके पास संसाधनों और सुविधाओं की कमी होती है। उन्होंने कहा कि जब हिमांशु सिंह, शक्ति वर्मा, शुभम गौतम और कृष्णा सरोज जैसे युवा खिलाड़ी इकाना जैसे बड़े मंच पर मैच जिताऊ प्रदर्शन करते हैं तो लीग शुरू करने का सपना साकार होता दिखाई देता है। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश से कई ऐसे खिलाड़ी निकल सकते हैं जो IPL और भारतीय टीम तक पहुंचें। *पंकज सिंह और प्रशांत वीर की विरासत में नया नाम* क्रिकेट के लिहाज से अमेठी के लिए हिमांशु का उभरना इसलिए भी खास है क्योंकि इस क्षेत्र ने पहले भी प्रतिभाशाली क्रिकेटर दिए हैं। पंकज सिंह अमेठी से निकलने वाले प्रमुख अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों में रहे हैं और राजस्थान रॉयल्स के साथ-साथ भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इसके बाद प्रशांत वीर ने यूपी टी20 लीग में में शानदार प्रदर्शन के दम पर अपनी पहचान बनाई और आईपीएल ऑक्शन में चेन्नई सुपर किंग्स से जुड़े। अब हिमांशु सिंह इसी क्रिकेट परंपरा में अपना नाम जोड़ने की दिशा में बढ़ रहे हैं। खरेथु गांव से निकलकर इकाना की रोशनी में अपनी बल्लेबाजी का जलवा दिखाने वाले हिमांशु ने फिलहाल सिर्फ शुरुआत की है, लेकिन उनके प्रदर्शन ने अमेठी के क्रिकेट प्रेमियों की उम्मीदें जरूर बढ़ा दी हैं। *शांभवी सिंह ने भी दी बधाई* हिमांशु की सफलता पर अमेठी में भी खुशी का माहौल है। अमेठी राजपरिवार से ताल्लुक रखने वालीं और पूर्व विधायक गरिमा सिंह की बहू समाजसेवी शांभवी सिंह ने सोशल मीडिया पर हिमांशु की तस्वीर साझा कर उन्हें और उनके परिवार को बधाई दी। उन्होंने हिमांशु को खरेथु और पूरे अमेठी का गौरव बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। *मामा बोले- आज ग्रामीण खिलाड़ियों के लिए रास्ते खुले हैं* हिमांशु के मामा शौर्य प्रताप सिंह भी उनकी सफलता को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि एक समय वह खुद क्रिकेट खेलते थे, लेकिन उस दौर में उत्तर प्रदेश के ग्रामीण खिलाड़ियों को इस स्तर का एक्सपोजर और सुविधाएं नहीं मिलती थीं। उनके मुताबिक आईपीएल और खास तौर पर यूपी टी20 लीग के आने के बाद तस्वीर बदली है। अब गांवों से आने वाले खिलाड़ियों को बड़े मंच पर खुद को साबित करने का मौका मिल रहा है और उनके लिए IPL तथा भारतीय टीम तक पहुंचने के रास्ते खुल रहे हैं। खरेथु की मिट्टी से इकाना की फ्लडलाइट्स तक हिमांशु सिंह का सफर अभी लंबा है। लेकिन जिस दादा ने वर्षों पहले अपने पोते में क्रिकेटर देखा था, जिस पिता ने अभावों के बावजूद उसके सपने को जिंदा रखा और जिस परिवार ने हर मुश्किल में उसका साथ दिया, उनकी मेहनत का जवाब अब हिमांशु का बल्ला दे रहा है।
दादा ने देखा था क्रिकेटर बनने का सपना, पिता ने अभावों में पाला; अब गूंज रहा हिमांशु के बल्ले का शोर दादा ने देखा था क्रिकेटर बनने का सपना, पिता ने अभावों में पाला; अब गूंज रहा हिमांशु के बल्ले का शोर अमेठी के खरेथु गांव से निकले हिमांशु सिंह ने यूपी टी-20 लीग में शानदार पारियों से बनाई पहचान *लखनऊ।* एक पिता कंस्ट्रक्शन साइट पर गार्ड की नौकरी करते रहे, परिवार सीमित संसाधनों में आगे बढ़ता रहा और एक दादा ने करीब 15 साल पहले अपने पोते की आंखों में छिपे क्रिकेट के सपने को पहचान लिया। तब शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि अमेठी के एक छोटे से गांव की गलियों से शुरू हुआ यह सफर एक दिन भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम की फ्लडलाइट्स तक पहुंचेगा। आज वही सपना यूपी टी20 लीग मे 2026 में लखनऊ फाल्कन्स के युवा बल्लेबाज हिमांशु सिंह के बल्ले से आकार ले रहा है। भारतीय तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की कप्तानी वाली लखनऊ फाल्कन्स के लिए खेल रहे हिमांशु ने लगातार प्रभावशाली पारियां खेलकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। काशी रुद्रास के खिलाफ उन्होंने महज 41 गेंदों में 64 रन की मैच जिताऊ पारी खेलकर इकाना में मौजूद दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके बाद भी उनके बल्ले की धार जारी रही और हिमांशु ने लगातार दूसरे मैच में भी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। यह सिर्फ दो शानदार पारियों की कहानी नहीं है।
इसके पीछे अमेठी के ब्लॉक संग्रामपुर के ग्राम खरेथु से निकलकर पेशेवर क्रिकेट तक पहुंचने वाले एक ऐसे परिवार की कहानी है, जिसने सीमित साधनों के बावजूद अपने बेटे के सपने को कभी छोटा नहीं होने दिया। *दादा ने 2011 में पहचाना था हुनर* हिमांशु के स्वर्गीय दादा भारत सिंह (गांधी) ने वर्ष 2011 में उनके भीतर छिपी क्रिकेट प्रतिभा को पहचान लिया था। पोते को बड़ा क्रिकेटर बनाने का सपना उन्होंने तभी देख लिया था। इसी सपने को पूरा करने के लिए हिमांशु को पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ पेशेवर क्रिकेट प्रशिक्षण की ओर बढ़ाया गया। परिवार के लिए यह आसान फैसला नहीं था। हिमांशु के पिता हरिकेश सिंह कंस्ट्रक्शन साइट पर गार्ड की नौकरी करते हैं। सीमित आमदनी और तमाम पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच भी उन्होंने बेटे के क्रिकेट के रास्ते में संसाधनों की कमी को बाधा नहीं बनने दिया। दादा का सपना और पिता की मेहनत धीरे-धीरे हिमांशु की क्रिकेट यात्रा की नींव बनते गए। परिवार में मेहनत और देशसेवा की इसी परंपरा की एक और मिसाल हिमांशु के भाई प्रियांशु सिंह हैं, जो भारतीय वायुसेना में सेवा दे रहे हैं। एक ओर भाई देश की सेवा कर रहे हैं, तो दूसरी ओर हिमांशु क्रिकेट के मैदान पर परिवार का नाम रोशन करने की कोशिश में जुटे हैं। *यूपीटी20 ने बड़े मंच पर खुद को साबित करने का मौका* हिमांशु की कहानी इस बात का उदाहरण भी है कि किस तरह यूपी टी20 लीग प्रदेश के छोटे शहरों और गांवों
से निकलने वाले खिलाड़ियों को बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दे रही है। यूपी टी20 लीग की गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन डॉ. संजय कपूर ने हिमांशु की सफलता को लीग के उद्देश्य से जोड़ते हुए कहा कि ग्रामीण अंचलों के उन खिलाड़ियों को मंच देना लीग की प्राथमिकता रही है, जिनके पास संसाधनों और सुविधाओं की कमी होती है। उन्होंने कहा कि जब हिमांशु सिंह, शक्ति वर्मा, शुभम गौतम और कृष्णा सरोज जैसे युवा खिलाड़ी इकाना जैसे बड़े मंच पर मैच जिताऊ प्रदर्शन करते हैं तो लीग शुरू करने का सपना साकार होता दिखाई देता है। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश से कई ऐसे खिलाड़ी निकल सकते हैं जो IPL और भारतीय टीम तक पहुंचें। *पंकज सिंह और प्रशांत वीर की विरासत में नया नाम* क्रिकेट के लिहाज से अमेठी के लिए हिमांशु का उभरना इसलिए भी खास है क्योंकि इस क्षेत्र ने पहले भी प्रतिभाशाली क्रिकेटर दिए हैं। पंकज सिंह अमेठी से निकलने वाले प्रमुख अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों में रहे हैं और राजस्थान रॉयल्स के साथ-साथ भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इसके बाद प्रशांत वीर ने यूपी टी20 लीग में में शानदार प्रदर्शन के दम पर अपनी पहचान बनाई और आईपीएल ऑक्शन में चेन्नई सुपर किंग्स से जुड़े। अब हिमांशु सिंह इसी क्रिकेट परंपरा में अपना नाम जोड़ने की दिशा में बढ़ रहे हैं। खरेथु गांव से निकलकर इकाना की रोशनी में अपनी बल्लेबाजी का जलवा दिखाने वाले हिमांशु ने फिलहाल सिर्फ शुरुआत की है,
लेकिन उनके प्रदर्शन ने अमेठी के क्रिकेट प्रेमियों की उम्मीदें जरूर बढ़ा दी हैं। *शांभवी सिंह ने भी दी बधाई* हिमांशु की सफलता पर अमेठी में भी खुशी का माहौल है। अमेठी राजपरिवार से ताल्लुक रखने वालीं और पूर्व विधायक गरिमा सिंह की बहू समाजसेवी शांभवी सिंह ने सोशल मीडिया पर हिमांशु की तस्वीर साझा कर उन्हें और उनके परिवार को बधाई दी। उन्होंने हिमांशु को खरेथु और पूरे अमेठी का गौरव बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। *मामा बोले- आज ग्रामीण खिलाड़ियों के लिए रास्ते खुले हैं* हिमांशु के मामा शौर्य प्रताप सिंह भी उनकी सफलता को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि एक समय वह खुद क्रिकेट खेलते थे, लेकिन उस दौर में उत्तर प्रदेश के ग्रामीण खिलाड़ियों को इस स्तर का एक्सपोजर और सुविधाएं नहीं मिलती थीं। उनके मुताबिक आईपीएल और खास तौर पर यूपी टी20 लीग के आने के बाद तस्वीर बदली है। अब गांवों से आने वाले खिलाड़ियों को बड़े मंच पर खुद को साबित करने का मौका मिल रहा है और उनके लिए IPL तथा भारतीय टीम तक पहुंचने के रास्ते खुल रहे हैं। खरेथु की मिट्टी से इकाना की फ्लडलाइट्स तक हिमांशु सिंह का सफर अभी लंबा है। लेकिन जिस दादा ने वर्षों पहले अपने पोते में क्रिकेटर देखा था, जिस पिता ने अभावों के बावजूद उसके सपने को जिंदा रखा और जिस परिवार ने हर मुश्किल में उसका साथ दिया, उनकी मेहनत का जवाब अब हिमांशु का बल्ला दे रहा है।
- लखनऊ में राजू दास के खिलाफ जलवंशी महासभा का जोरदार प्रदर्शन। हजरतगंज चौराहे पर महंत राजू दास का पुतला फूंका राजू दास के खिलाफ FIR दर्ज करने की उठी मांग कश्यप-निषाद समाज के अपमान पर सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता लाइव डिबेट में अभद्र भाषा के आरोप पर भड़का जलवंशी समाज राजू दास के खिलाफ जमकर नारेबाजी, कार्रवाई की मांग जलवंशी महासभा ने कहा- समाज के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे हजरतगंज में प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल रहा तैनात कुंवर सिंह निषाद के साथ अभद्रता का आरोप, विरोध तेज महंत राजू दास पर कार्रवाई की मांग को लेकर लखनऊ में प्रदर्शन।1
- लखनऊ ब्रेकिंग | 4 साल की बच्ची मिली, परिजनों की तलाश...... 🚨 लखनऊ ब्रेकिंग | 4 साल की बच्ची मिली, परिजनों की तलाश थाना गाजीपुर क्षेत्र के लवकुश नगर पुरानी बस्ती में मुन्नी देवी स्कूल के पास करीब 4 वर्ष की बच्ची अकेली घूमती हुई मिली है। बच्ची फिलहाल गाजीपुर पुलिस की सुरक्षित अभिरक्षा में है। कम उम्र होने के कारण बच्ची अपना नाम-पता और माता-पिता के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं बता पा रही है। यदि कोई व्यक्ति बच्ची को पहचानता हो या उसके परिजनों के बारे में जानकारी रखता हो तो तत्काल संपर्क करें। 📞 प्रभारी निरीक्षक, थाना गाजीपुर: 9454403848 📞 चौकी प्रभारी, सर्वोदय नगर: 7839861329 कृपया इस सूचना को अधिक से अधिक शेयर करें, ताकि बच्ची जल्द अपने परिजनों तक पहुंच सके। — समीर नक़वी | ग्राउंड रिपोर्ट1
- चंद मिनटों की बारिश में ही जलमग्न हो गया फैजुल्लागंज लेकिन यह स्मार्ट सिटी कही जाने वाली राजधानी लखनऊ के फैजुल्लागंज इलाके की सच्चाई लखनऊ..चंद मिनटों की बारिश में ही जलमग्न हो गया फैजुल्लागंज.. इन तस्वीरों को देखकर ऐसा लगता है मानो यह कोई नदी, तालाब या गांव हो लेकिन यह स्मार्ट सिटी कही जाने वाली राजधानी लखनऊ के फैजुल्लागंज इलाके की सच्चाई है।यहाँ थोड़ी सी बारिश में ही सड़कें स्विमिंग पूल में तब्दील हो जाती हैं1
- इंदिरा नगर में सड़क धंसने से मचा हड़कंप, रात में जेसीबी से मरम्मत कार्य जारी लखनऊ इंदिरा नगर में सड़क धंसने से मचा हड़कंप, रात में जेसीबी से मरम्मत कार्य जारी लखनऊ के इंदिरा नगर क्षेत्र के पिकनिक स्पॉट फरीदी नगर में सड़क धंसने के बाद हड़कंप मच गया। सड़क के बीचों-बीच बड़ा हिस्सा धंसने से आवागमन प्रभावित होने की आशंका है। इंदिरा नगर क्षेत्र में पहले भी सड़क धंसने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सड़क धंसते ही जिम्मेदार विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी के माध्यम से रात में ही कार्य शुरू कर दिया गया। मौके पर मरम्मत का काम जारी है। बताया जा रहा है कि सड़क को पूरी तरह दुरुस्त करने में लगभग 2 से 3 दिन का समय लग सकता है। ऐसे में हजारों लोगों को आवागमन के लिए अपना रास्ता बदलना पड़ सकता है। यदि आप थाना इंदिरा नगर से मुंशी पुलिया की तरफ जा रहे हैं तो फिलहाल इस मार्ग से बचें और वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल करें। सड़क निर्माण कार्य के चलते इंदिरा नगर और मुंशी पुलिया आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।1
- इस Video को देखकर नेपाल के रसुवा जिले में तबाही का अंदाजा लगाइए भोटेकोशी नदी में अचानक सैलाब आया इस Video को देखकर नेपाल के रसुवा जिले में तबाही का अंदाजा लगाइए भोटेकोशी नदी में अचानक सैलाब आया मकान–दुकान, गाड़ियों और भाग रहे लोगों सबको बहा ले गया1
- लखनऊ के गुड़ंबा इलाके से पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाने वाला मामला सामने आया है।** आरोप है कि **सृष्टि अपार्टमेंट के पास राजकिशोर से ₹30 हजार की लूट** की गई। पीड़ित ने अपने साथियों की मदद से कथित लुटेरे को पकड़ लिया और **112 पर सूचना देकर पुलिस के हवाले** किया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी को सौंपे जाने के बावजूद **न मुकदमा दर्ज हुआ और न ही आगे कार्रवाई की गई।** अगर पीड़ित की शिकायत सही है, तो सवाल यह है कि मौके पर पकड़े गए आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? पूरे मामले की पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। 📍 **गुड़ंबा, लखनऊ लखनऊ के गुड़ंबा इलाके से पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाने वाला मामला सामने आया है।** आरोप है कि **सृष्टि अपार्टमेंट के पास राजकिशोर से ₹30 हजार की लूट** की गई। पीड़ित ने अपने साथियों की मदद से कथित लुटेरे को पकड़ लिया और **112 पर सूचना देकर पुलिस के हवाले** किया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी को सौंपे जाने के बावजूद **न मुकदमा दर्ज हुआ और न ही आगे कार्रवाई की गई।** अगर पीड़ित की शिकायत सही है, तो सवाल यह है कि मौके पर पकड़े गए आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? पूरे मामले की पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। 📍 **गुड़ंबा, लखनऊ1
- लखनऊ राजधानी लखनऊ में आया फिर मामला एक सामने एक घर के सामने जल भराव की समस्या परिवार काफी दिनों से कर रहा है जल भराव का सामना नगर निगम की बड़ी लापरवाही बादल खेड़ा लोधी मार्केट के सामने गली में लगातार जल भराव की रहती है समस्या लगता है कि क्षेत्री पार्षद कई बार कहने पर भी नहीं नाली की सुविधा नहीं रोड बनाने की सुविधा क्या लोगों को क्षेत्री पार्षद के द्वारा ऐसे ही दिया जाता है आश्वासन परिवार पानी से बारिश के दिनों में घर के सामने पानी से होकर गुजरता आया नजर देखने वाली बात यह होगी कि इस पर नगर निगम व क्षेत्रीय पार्षद क्या लेते हैं एक्शन पीड़ित परिवार मजबूरन पानी से निकलने में मजबूर वीडियो में साफ तौर से दिख रहा है गंगाराम सिटी लोधी मार्केट के सामने वार्ड नंबर 9 जून 6 लखनऊ1
- *मां ने 2 बेटों को रॉड से पीटकर मार डाला:* गाजीपुर में मुंह में कपड़ा ठूसा, तेज आवाज में म्यूजिक बजायी; 9 साल की बेटी ने खोला राज उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के बहलाइचा रजहटी गांव में एक मां द्वारा अपने ही दो सगे बेटों की लोहे की रॉड से पीटकर बेरहमी से हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतकों की पहचान 14 वर्षीय करन और 12 वर्षीय आर्यन के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी मां पूजा राजभर को हिरासत में ले लिया है।घटना का विवरणसाजिश: चीख-पुकार बाहर न सुनाई दे, इसके लिए आरोपी महिला ने मंगलवार की रात करीब 11 बजे कमरे में तेज आवाज में भक्ति गाना (म्यूजिक) बजा दिया।क्रूरता: महिला ने पहले बड़े बेटे करन के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और सिर पर लोहे की रॉड से वार कर उसकी हत्या कर दी। जब छोटा बेटा आर्यन जान बचाकर भागने लगा, तो उसे भी जमीन पर गिराकर मुंह में कपड़ा ठूंसा और रॉड से उसका सिर कूच दिया।बेटी ने बचाया जीवन: इस दौरान 9 वर्षीय बेटी प्रतिभा किसी तरह अपनी जान बचाकर कमरे से बाहर भागी और दादी के पास जाकर छिप गई।राजफाश: बच्ची ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी मां को लोहे की रॉड छत से पीछे खेत में फेंकते हुए देख लिया था ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा लखनऊ दैनिक समाचार पत्र1