ललितपुर के जाखलौन थाना पुलिस ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने वाले एक वांछित अभियुक्त देवेन्द्र को गिरफ्तार किया है। जमुनिया ग्राम निवासी 35 वर्षीय देवेन्द्र (पुत्र धन्नालाल अहिरवार) पर धारा 318(4)/336(3)/338/340(2)/61(2) BNS के तहत मामला दर्ज था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया है। यह पूरा मामला तब सामने आया जब कोतवाली ललितपुर के मुहल्ला रावतयाना निवासी समीर ने अपने भाई की जमानत तस्दीक कराने के लिए देवेन्द्र को ₹10,000 दिए थे। लेकिन दस्तावेजों पर संदेह होने के बाद इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ललितपुर द्वारा गुणवत्तापूर्ण विवेचना और वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन हेतु 3 टीमों का गठन किया गया था, जिन्होंने सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी को धर दबोचा। पूछताछ के दौरान देवेन्द्र ने खुलासा किया कि उसकी ललितपुर के कई वकीलों से जान-पहचान है और वह जमानत सत्यापन का काम करता है। अधिक पैसे कमाने के चक्कर में उसने करीब 2 साल पहले थाना जाखलौन, कोतवाली ललितपुर, तहसील सदर और कई ग्राम प्रधानों की फर्जी मोहरें बनवा ली थीं। वह उन अपराधियों से ₹20,000 से ₹25,000 लेकर फर्जी जमानत सत्यापन कराने का ठेका लेता था जिन्हें कोई जामिनदार नहीं मिलता था। इसी क्रम में उसने दिनांक 25.06.2026 को जाखलौन थाने के शमीम खान नाम के अपराधी का जमानत सत्यापन कराने के लिए ₹10,000 नगद लिए थे। उसने न्यायालय के बाबू की मेज से फाइल चुपके से निकालकर फर्जी रिपोर्ट तैयार की और उस पर दारोगा, थाना प्रभारी, लेखपाल और कानूनगो के फर्जी हस्ताक्षर व फर्जी मोहरें लगा दी थीं।
ललितपुर के जाखलौन थाना पुलिस ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने वाले एक वांछित अभियुक्त देवेन्द्र को गिरफ्तार किया है। जमुनिया ग्राम निवासी 35 वर्षीय देवेन्द्र (पुत्र धन्नालाल अहिरवार) पर धारा 318(4)/336(3)/338/340(2)/61(2) BNS के तहत मामला दर्ज था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया है। यह पूरा मामला तब सामने आया जब कोतवाली ललितपुर के मुहल्ला रावतयाना निवासी समीर ने अपने भाई की जमानत तस्दीक कराने के लिए देवेन्द्र को ₹10,000 दिए थे। लेकिन दस्तावेजों पर संदेह होने के बाद इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ललितपुर द्वारा गुणवत्तापूर्ण विवेचना और वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन हेतु 3 टीमों का गठन किया गया था, जिन्होंने सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी को धर दबोचा। पूछताछ के दौरान देवेन्द्र ने खुलासा किया कि उसकी ललितपुर के कई वकीलों से जान-पहचान है और वह जमानत सत्यापन का काम करता है। अधिक पैसे कमाने के चक्कर में उसने करीब 2 साल पहले थाना जाखलौन, कोतवाली ललितपुर, तहसील सदर और कई ग्राम प्रधानों की फर्जी मोहरें बनवा ली थीं। वह उन अपराधियों से ₹20,000 से ₹25,000 लेकर फर्जी जमानत सत्यापन कराने का ठेका लेता था जिन्हें कोई जामिनदार नहीं मिलता था। इसी क्रम में उसने दिनांक 25.06.2026 को जाखलौन थाने के शमीम खान नाम के अपराधी का जमानत सत्यापन कराने के लिए ₹10,000 नगद लिए थे। उसने न्यायालय के बाबू की मेज से फाइल चुपके से निकालकर फर्जी रिपोर्ट तैयार की और उस पर दारोगा, थाना प्रभारी, लेखपाल और कानूनगो के फर्जी हस्ताक्षर व फर्जी मोहरें लगा दी थीं।
- ललितपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र की शिव धाम कॉलोनी में एक निजी मकान के अंदर लगभग 200 बोरी सरकारी मूंगफली बीज किट का स्टॉक बरामद किया गया है, जिसका वजन करीब 20 से 22 कुंतल बताया गया है। सरकार द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के माध्यम से प्रति किसान को फसल के लिए एक कुंटल मूंगफली बीज किट दी जाती है, जिसे यहाँ जमा करके रखा गया था। सूचना मिलने पर कृषि विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मकान में रखी पूरी मूंगफली बीज को अपने कब्जे में ले लिया और उसे सरकारी गोदाम में रखवा दिया है। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सरकारी मूंगफली बीज की कालाबाजारी के इस मामले में ललितपुर के उप कृषि निदेशक अख्तर खान ने जानकारी दी है कि जल्द ही पूरे मामले का अनावरण किया जाएगा और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के पाली में भारतीय जनता पार्टी नशा मुक्ति भारत के लिए संकल्पित हो रही है। देश को नशा मुक्त बनाने की दिशा में भाजपा पूरी तरह से संकल्पबद्ध नजर आ रही है।1
- टीकमगढ़ में गली-गली, मोहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों के क्लिनिक खुले हुए हैं। इन झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई करने के लिए कलेक्टर द्वारा निर्देश भी दिए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। कलेक्टर के आदेश मिलने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा इन झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई न करना विभाग की निष्क्रियता को दर्शाता है।1
- ललितपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र में महिला पत्रकार संजना सिंह चौहान के परिवार पर जानलेवा हमला हुआ है। घर के बाहर वृक्ष लगाने को लेकर हुए विवाद के बाद हुई पत्थरबाजी में पत्रकार की बेटियां गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है। यह पूरी हिंसा सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। हैरान करने वाली बात यह है कि मारपीट की यह घटना पुलिस के सामने ही हुई। पीड़ित महिला पत्रकार द्वारा पहले ही सुरक्षा की गुहार लगाई गई थी, लेकिन इसके बावजूद उन्हें कोई राहत नहीं मिली। फिलहाल सभी घायलों का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। सुरक्षा न मिलने से आहत पीड़ित महिला पत्रकार ने अब प्रशासन से न्याय की मांग की है। वहीं, वारदात के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।3