झारखंड के निरसा में सीआईएसएफ और ईसीएल सिक्योरिटी की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 65 टन अवैध कोयला जब्त किया है। यह छापेमारी रविवार की अल सुबह बिरसिंहपुर गांव में पुराने काली मंदिर के पास स्थित एक मैदान में गुप्त सूचना के आधार पर की गई। कोयला तस्करों ने मैदान में भारी मात्रा में बोरियों में भरकर कोयला जमा कर रखा था, जिसे रात के अंधेरे में स्कूटर, मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर और पिकअप वैन के जरिए स्थानीय ईंट-भट्ठों और अन्य स्थानों पर भेजने की तैयारी थी। छापेमारी की भनक लगते ही तस्कर मौके से भाग खड़े हुए। इस दौरान एक ट्रैक्टर चालक अवैध कोयला बीच सड़क पर ही गिराकर ट्रैक्टर लेकर फरार हो गया। जब्त किए गए कोयले को ईसीएल के सेंट्रल पुल स्थित रेलवे साइडिंग में जमा करा दिया गया है। इस संयुक्त अभियान का नेतृत्व सीआईएसएफ शीतलपुर कैंप के कमांडेंट राहुल सिंह ने किया। बताया जा रहा है कि एमएमडीआर (MMDR) अधिनियम में संशोधन के बाद से अवैध खनन और कोयला चोरी के खिलाफ सीआईएसएफ की कार्रवाई काफी सख्त और प्रभावी हुई है। लगातार हो रहे इन छापों के कारण क्षेत्र के अवैध कोयला कारोबारियों और कोयला चोरों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
झारखंड के निरसा में सीआईएसएफ और ईसीएल सिक्योरिटी की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 65 टन अवैध कोयला जब्त किया है। यह छापेमारी रविवार की अल
सुबह बिरसिंहपुर गांव में पुराने काली मंदिर के पास स्थित एक मैदान में गुप्त सूचना के आधार पर की गई। कोयला तस्करों ने मैदान में भारी मात्रा में बोरियों
में भरकर कोयला जमा कर रखा था, जिसे रात के अंधेरे में स्कूटर, मोटरसाइकिल, ट्रैक्टर और पिकअप वैन के जरिए स्थानीय ईंट-भट्ठों और अन्य स्थानों पर भेजने की तैयारी
थी। छापेमारी की भनक लगते ही तस्कर मौके से भाग खड़े हुए। इस दौरान एक ट्रैक्टर चालक अवैध कोयला बीच सड़क पर ही गिराकर ट्रैक्टर लेकर फरार हो गया।
जब्त किए गए कोयले को ईसीएल के सेंट्रल पुल स्थित रेलवे साइडिंग में जमा करा दिया गया है। इस संयुक्त अभियान का नेतृत्व सीआईएसएफ शीतलपुर कैंप के कमांडेंट राहुल सिंह
ने किया। बताया जा रहा है कि एमएमडीआर (MMDR) अधिनियम में संशोधन के बाद से अवैध खनन और कोयला चोरी के खिलाफ सीआईएसएफ की कार्रवाई काफी सख्त और प्रभावी
हुई है। लगातार हो रहे इन छापों के कारण क्षेत्र के अवैध कोयला कारोबारियों और कोयला चोरों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन और संसद घेराव के पूर्ण समर्थन में धनबाद जिले के निरसा विधानसभा क्षेत्र में भाकपा माले लिबरेशन की ओर से एक आक्रोश रैली निकाली गई। यह रैली गुरुदास भवन पार्टी कार्यालय से शुरू होकर निरसा सिनेमा मोड़ होते हुए निरसा चौक पहुंची, जहां पहुंचकर यह एक सभा में तब्दील हो गई। रैली में शामिल नेताओं और कार्यकर्ताओं ने देश में लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया। सभा को संबोधित करते हुए निरसा विधानसभा संयोजक कॉमरेड आगम राम ने कहा कि वर्तमान में आयोजित होने वाली तमाम परीक्षाओं के पेपर लगातार लीक हो रहे हैं। इस धांधली के कारण देश के लाखों छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है और उनमें गहरा आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार को हर मोर्चे पर पूरी तरह विफल बताते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी और निराशा के चलते कई छात्र आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं। इसके साथ ही, भाकपा माले ने छात्र आंदोलन के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठे प्रख्यात वैज्ञानिक व पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक के साथ सरकार के अमानवीय व्यवहार और आयशा नेत्री नेहा बोरा व अन्य साथी छात्रों के साथ की गई जबरदस्ती की कड़ी निंदा की है। भाकपा माले ने देश के सभी लोकतंत्र पसंद और न्यायप्रिय नागरिकों से इस छात्र आंदोलन का समर्थन करने की अपील की है। इस रैली में मुख्य रूप से विधानसभा संयोजक कॉमरेड आगम राम, निरसा प्रखंड सचिव टूटून मुखर्जी, एग्यारकुंड प्रखंड सचिव सह जिला परिषद सदस्य बादल बाऊरी, श्रीकांत सिंह, संतू चटर्जी, कल्याण राय, हरेंद्र सिंह, कृष्णा सिंह, रामजी यादव, रोशन मिश्रा, मन्नू सिंह, बी के सिंह, लक्ष्मण प्रसाद, अभय सिंह, मुमताज अंसारी, निरंजन गोराई, अमाल खान, अंजली पासवान और आशा कर्मकार सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।4
- जामताड़ा के गांधी मैदान में आयोजित कथा पंडाल में श्रद्धालु राधा-कृष्ण के जयकारों पर झूम उठे। पूरा परिसर 'राधे-राधे' के उद्घोष से गूंज उठा और भक्तगण भजनों पर भाव-विभोर होकर भक्ति रस में पूरी तरह सराबोर नजर आए।1
- धनबाद के नवाडीह और विनोद बिहारी चौक के बीच स्थित करोड़ों की लागत से बनी 8 लेन मुख्य सड़क पहली ही बारिश में बदहाल हो गई है। जगह-जगह जलभराव और गड्ढों के कारण यह मार्ग पूरी तरह से जानलेवा बन चुका है, जिससे राहगीरों और वाहन चालक दुर्घटना की आशंका से डरे हुए हैं। नवाडीह और विनोद बिहारी चौक से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर सड़क पर बरसात के बाद भारी जलजमाव हो गया है। सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहनों के बीच यह जलभराव कभी भी किसी बड़े हादसे का सबब बन सकता है। स्थानीय लोगों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और इसके रखरखाव पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग और प्रशासन को इस गंभीर समस्या के बारे में कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि कोई बड़ा हादसा न हो।1
- धनबाद के समग्र विकास की मांगों को लेकर धनबाद विकास मंच की एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई है। इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी 22 जुलाई 2026 को धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना आयोजित किया जाएगा। धनबाद विकास मंच ने स्पष्ट किया है कि यह एक पूर्णतः गैर-राजनीतिक मंच है और यह आंदोलन किसी दल विशेष का नहीं, बल्कि पूरे धनबाद के विकास का एक जनआंदोलन है। इस आंदोलन में शामिल होने के लिए सभी राजनीतिक दलों, सामाजिक संस्थाओं, व्यापारिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, युवाओं, महिलाओं और आम नागरिकों को खुला आमंत्रण दिया गया है। इस महाआंदोलन के तहत क्षेत्र के विकास के लिए कई प्रमुख मांगें उठाई गई हैं। रेलवे सुविधाओं के विस्तार के लिए धनबाद-मुंबई और रांची-धनबाद-कटिहार के लिए दैनिक ट्रेन सेवा शुरू करने, धनबाद-पटना एवं धनबाद-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने के साथ-साथ सिलीगुड़ी, बेंगलुरु, दिल्ली और चेन्नई के लिए भी ट्रेनें देने की मांग की गई है। स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में तोपचांची क्षेत्र में धनबाद एयरपोर्ट का शीघ्र निर्माण कराने, एम्स की तर्ज पर आधुनिक अस्पताल और अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर की स्थापना करने, सेंट्रल हॉस्पिटल को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनाने तथा सदर अस्पताल को मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित करने की मांग रखी गई है। रोजगार, उद्योग और शहरी विकास को लेकर भी मंच ने विस्तृत मांगें प्रस्तुत की हैं। इनमें हाईटेक स्किल सेंटर और कपड़ा उद्योग की स्थापना, आईटी पार्क को तुरंत चालू करने, कोयला आधारित उद्योगों के संरक्षण, आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा कृत्रिम पहाड़ों का समतलीकरण कराने और धनबाद में सोलर प्लांट स्थापित करने की मांग शामिल है। इसके अलावा IIT-ISM के एक्सटेंशन कार्य में तेजी लाने, धनबाद में अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम बनाने, रिंग रोड परियोजना का अविलंब समाधान व निर्माण कराने और टीसीएस द्वारा तैयार Comprehensive Mobility Plan को तत्काल लागू करने की मांग की गई है। मंच का स्पष्ट संदेश है कि देश की ऊर्जा राजधानी धनबाद को अब विकास की नई पहचान मिलनी चाहिए और "कोयले की राजधानी अब बने विकास की राजधानी" के नारे के साथ लोगों से इस धरने में जुड़कर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील की गई है।1
- धनबाद के फुसबंगला गुलजार मुहल्ला में नगर निगम अब 'नरक निगम' बन चुका है। KCNTVINDIA की ग्राउंड रिपोर्टिंग के अनुसार, इस इलाके में हालात बेहद खराब हैं और नगर निगम पूरी तरह से नरक में तब्दील हो गया है।1
- धनबाद के निरसा में सांसद प्रतिनिधि के भाई बजेंद्र गोस्वामी पर हमला हुआ है। हमलावरों द्वारा पीछा किए जाने के बाद बजेंद्र गोस्वामी ने भागकर किसी तरह एक दुकान में घुसकर अपनी जान बचाई। निरसा से मनोज कुमार सिंह के अनुसार, यदि बजेंद्र समय रहते दुकान के भीतर नहीं घुस पाते, तो उनकी जान भी जा सकती थी।1