राजधानी लखनऊ में अयोध्या के बीजेपी नेता शिवम सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि सिगरेट मांगने को लेकर हुए विवाद में इस वारदात को अंजाम दिया गया था। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों में से दो का आपराधिक इतिहास भी बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, यह घटना लखनऊ के विभूति खंड इलाके में हुई थी, जहां बीजेपी युवा मोर्चा के नेता शिवम सिंह अपने दोस्तों के साथ पार्टी करने अयोध्या से आए थे। ज्वाला क्लब के सामने शिवम अपने दोस्तों के साथ शराब पी रहे थे, तभी आरोपियों ने उनसे सिगरेट मांगी। शिवम ने सिगरेट दी, लेकिन वह नीचे गिर गई। इसके बाद आरोपियों ने शिवम से गिरी हुई सिगरेट उठाकर देने को कहा, जिस पर शिवम ने मना कर दिया। पुलिस ने आगे बताया कि शिवम ने अपनी कार में बैठकर आरोपियों को गाली भी दी थी। इसके बाद नाइके पर सवार तीनों आरोपियों ने शिवम की कार का पीछा किया और कठौता चौराहे के पास उस पर हमला कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप शिवम सिंह की हत्या हुई।
राजधानी लखनऊ में अयोध्या के बीजेपी नेता शिवम सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि सिगरेट मांगने को लेकर हुए विवाद में इस वारदात को अंजाम दिया गया था। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों में से दो का आपराधिक इतिहास भी बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, यह घटना लखनऊ के विभूति खंड इलाके में हुई थी, जहां बीजेपी युवा मोर्चा के नेता शिवम सिंह अपने दोस्तों के साथ पार्टी करने अयोध्या से आए थे। ज्वाला क्लब के सामने शिवम अपने दोस्तों के साथ शराब पी रहे थे, तभी आरोपियों ने उनसे सिगरेट मांगी। शिवम ने सिगरेट दी, लेकिन वह नीचे गिर गई। इसके बाद आरोपियों ने शिवम से गिरी हुई सिगरेट उठाकर देने को कहा, जिस पर शिवम ने मना कर दिया। पुलिस ने आगे बताया कि शिवम ने अपनी कार में बैठकर आरोपियों को गाली भी दी थी। इसके बाद नाइके पर सवार तीनों आरोपियों ने शिवम की कार का पीछा किया और कठौता चौराहे के पास उस पर हमला कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप शिवम सिंह की हत्या हुई।
- अयोध्या के रामनगर धौरहरा निवासी भाजपा कार्यकर्ता शिवम सिंह की दिनदहाड़े पीट-पीटकर की गई हत्या के मामले में लखनऊ की विभूतिखंड पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में शांतनु रावत उर्फ अंकित रावत, हरि तिवारी और विवेक सिंह नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, इन गिरफ्तार आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। मामले में एडीसीपी ईस्ट डॉ. अमोल मुरकूट ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए विस्तृत जानकारी भी दी। हालांकि, इस हत्याकांड का एक चौथा आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिस पर इनाम भी घोषित किया गया है। इन गिरफ्तारियों के बावजूद, पूरे अयोध्या और आसपास के क्षेत्रों में अब एक गंभीर सवाल चर्चा का विषय बन गया है: क्या कानून का पैमाना सबके लिए एक समान है? अयोध्या के सपा नेता अनूप सिंह ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कई चर्चित मामलों में अपराधियों के खिलाफ एनकाउंटर, बुलडोजर और अन्य कठोर कार्रवाई देखने को मिली है। लेकिन भाजपा कार्यकर्ता शिवम सिंह की निर्मम हत्या के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई केवल गिरफ्तारी और जेल भेजने तक ही क्यों सीमित रही? जनता के बीच भी यह सवाल उठ रहा है कि जब अन्य गंभीर अपराधों में आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलता है और पुलिस सख्त संदेश देने के लिए एनकाउंटर जैसी कार्रवाई करती है, तो आखिर इस मामले में ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं हुई। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि शिवम सिंह की सार्वजनिक रूप से पीट-पीटकर की गई हत्या कोई सामान्य घटना नहीं थी। ऐसे में, जनता का एक वर्ग उम्मीद कर रहा था कि सरकार की "जीरो टॉलरेंस" नीति इसी मामले में भी उतनी ही कठोरता से दिखाई देगी, जितनी अन्य चर्चित मामलों में देखने को मिलती है। इसके अलावा, मामले का चौथा आरोपी अब तक फरार क्यों है, जबकि तीन आरोपी अपना जुर्म कबूल कर चुके हैं, यह भी एक बड़ा सवाल है जिस पर जनता पुलिस की कार्रवाई पर प्रश्नचिह्न लगा रही है। सामूहिक रूप से कई बड़े सवाल उठ रहे हैं: क्या भाजपा कार्यकर्ता की हत्या का मामला कम गंभीर माना जा रहा है? क्या अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई का पैमाना अलग-अलग है? जब अन्य मामलों में बुलडोजर और एनकाउंटर की चर्चा होती है, तो इस मामले में कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक ही क्यों सीमित रही? और फरार आरोपी को पकड़ने में देरी क्यों हो रही है? शिवम सिंह हत्याकांड में हुई गिरफ्तारियों के बावजूद इन सवालों ने प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर नई बहस छेड़ दी है। अब लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी कब होती है और क्या इस मामले में आगे कोई और कठोर कार्रवाई देखने को मिलेगी।1
- अयोध्या के इनायतनगर थाना क्षेत्र के हैरिंग्टनगंज चौकी अंतर्गत उरूवा वैश्य पूरे जमोजिया गांव में एक हृदयविदारक सड़क हादसे में 25 वर्षीय उमेश तिवारी की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि उनकी 65 वर्षीय वृद्ध मां मनभावता गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। जानकारी के अनुसार, उमेश तिवारी अपने पिता स्वर्गीय गोपीनाथ की स्मृति में और अपनी मां मनभावता तथा गांव के अन्य लोगों के साथ पूर्णिमा स्नान के साथ-साथ प्रभु श्रीरामलला एवं हनुमान जी के दर्शन के लिए अयोध्या गए थे। दर्शन-पूजन के बाद रविवार सुबह लगभग 7:00 बजे जब वे रायबरेली-प्रभात नगर मार्ग से लौट रहे थे, तभी पीछे से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने से बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा भिड़ी, जिससे मां-बेटा दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। पीछे से आ रहे ग्रामीणों ने तत्काल दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उमेश को मृत घोषित कर दिया। वहीं, उमेश की मां मनभावता के सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं और उनका उपचार जारी है। सूचना मिलने पर पुलिस ने उमेश के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शाम 3:30 बजे जब उनका शव गांव पहुंचा, तो परिजनों में कोहराम मच गया। तीन भाइयों में सबसे छोटे उमेश का विवाह दो वर्ष पूर्व ही हुआ था, और उनकी असमय मौत से पत्नी तथा परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में इस समय शोक और मातम का माहौल बना हुआ है।1
- मुजफ्फरनगर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम आदमपुर में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ कथित तौर पर 21 वर्षीय अदीबा की उसके भाई द्वारा गला रेतकर हत्या कर दी गई। इस घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी संजय कुमार वर्मा, एसपी ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक और अन्य पुलिस अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे और घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया। पुलिस के अनुसार, यह वारदात इसलिए अंजाम दी गई क्योंकि युवती किसी युवक से बातचीत करती थी, जिससे उसका भाई नाराज था। इसी नाराजगी के चलते भाई ने इस घटना को अंजाम दिया। फॉरेंसिक टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं, और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। एसएसपी ने बताया है कि आरोपी भाई घटना के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं, और अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।1
- निरंकरपुर हैबतपुर स्थित राणा पाली चौकी के तहत एक किसान की भूमि पर पुलिस और राजस्व प्रशासन की मिलीभगत से कब्जा करा दिया गया है। इस घटनाक्रम के दौरान, पीड़ित किसान लगातार रोता रहा और न्याय की गुहार लगाता रहा, परंतु उसकी एक भी नहीं सुनी गई।3
- लखनऊ के चारबाग रेलवे प्लेटफॉर्म पर 'स्वच्छ भारत अभियान' का स्पष्ट प्रभाव दिखाई दे रहा है, जिसके चलते यह प्लेटफॉर्म बेहद सुंदर और आकर्षक नज़र आ रहा है। लाल चंद सोनी ने 'आज सुबह टाइम्स टीम लखनऊ' के लिए यह रिपोर्ट तैयार की है, जिसमें प्लेटफॉर्म की स्वच्छता और सुंदरता की सराहना की गई है।1
- अयोध्या को मुख्यमंत्री योगी की ओर से एक और नई और बड़ी सौगात मिली है, जहाँ अब एक भव्य "लवकुश पार्क" का निर्माण किया जाएगा। यह पार्क 17.72 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा, जिसमें "वेस्ट टू आर्ट" की थीम पर रामायण के विभिन्न प्रसंगों को 3D और लाइट-साउंड तकनीक के माध्यम से जीवंत किया जाएगा। इस "लवकुश पार्क" को अयोध्या के मऊशिवाला क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा। इस पहल से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और संस्कृति को एक नया आयाम मिलने की उम्मीद है।1
- जनपद अयोध्या के बीकापुर तहसील में किसान मस्त राम वर्मा का चार दिनों से चल रहा अनशन प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर ही तुड़वा दिया। शुक्रवार की रात करीब 11 बजे नायब तहसीलदार राम खेलावन ने तारुन और बीकापुर के कोतवाल के साथ मिलकर शहीद स्मारक पर किसान से वार्ता की। इस वार्ता के बाद किसान मस्त राम वर्मा को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया गया, जिसके बाद किसान अपने गांव लौट गया। किसान का आरोप था कि SDM और नायब उन्हें पुराने घर के स्थान पर नया घर बनाने नहीं दे रहे थे, क्योंकि इस संबंध में कोई मुकदमा चल रहा है। प्रशासन के हरकत में आने से पहले बकरीद के दिन LIU ने भी अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी थी, जिसके बाद SDM बीकापुर ने इस प्रकरण का संज्ञान लिया था। इसी पृष्ठभूमि में किसान और प्रशासन के बीच सौहार्दपूर्ण बातचीत हुई, जिसके परिणामस्वरूप यह मामला निपट गया।1
- अयोध्या जनपद के मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र स्थित अमानीगंज ब्लॉक का श्री राम जानकी महाविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है, जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक संसाधनों से अपनी पहचान बना रहा है। महाविद्यालय के प्राचार्य अवधेश कुमार शुक्ला के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी सोच के कारण छात्रों को आधुनिक एवं तकनीकी शिक्षा देने के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशाला स्थापित की गई है। इस प्रयोगशाला में लगे आधुनिक और उन्नत मशीन उपकरण किसी बड़े संस्थान से कम नहीं हैं, जो छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। महाविद्यालय प्रबंधन ने छात्रों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसी उद्देश्य से संस्थान में एक एमबीबीएस डॉक्टर की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में विद्यार्थियों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सके। यहां केवल परीक्षा पास करने की तैयारी ही नहीं कराई जाती, बल्कि शिक्षा, अनुशासन, तकनीकी दक्षता और संस्कारों के अनूठे समन्वय के माध्यम से छात्रों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने योग्य भी बनाया जाता है। प्राचार्य अवधेश कुमार शुक्ला की पहल से महाविद्यालय आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हुआ है, जिसमें बेहतर वातावरण, आधुनिक प्रयोगशाला, स्वास्थ्य सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा शामिल है। अनुभवी शिक्षकों की टीम के साथ ये सभी प्रयास इस बात का प्रमाण हैं कि ग्रामीण क्षेत्र में भी विश्वस्तरीय शिक्षा का सपना साकार किया जा सकता है। यही कारण है कि यह महाविद्यालय क्षेत्र के अभिभावकों और विद्यार्थियों के बीच तेजी से विश्वास का केंद्र बनता जा रहा है, और यह बच्चों को बेहतर शिक्षा, आधुनिक प्रयोगात्मक ज्ञान, सुरक्षित वातावरण और उज्ज्वल भविष्य देने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान करता है।1