टीकमगढ़ जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ है, जहां कलेक्टर के लगातार निरीक्षण के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं आ रहा है। सिविल सर्जन और अस्पताल प्रबंधक के अपने एसी कमरों से बाहर न निकलने के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इमरजेंसी वार्ड में आने वाले मरीजों को टूटी स्ट्रेचर पर ही ओपीडी तक ले जाया जा रहा है, जिससे उन्हें और उनके परिजनों को भी चोटिल होने का खतरा बना रहता है। मीडिया को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन अस्पताल प्रबंधन इस गंभीर मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। अस्पताल के आईसीयू जैसे अति संवेदनशील वार्ड में भी बदहाली है, जहां लाइट जाने पर जनरेटर तक चालू नहीं होता। ऐसे में मरीजों के परिजन मोबाइल की रोशनी में इलाज कराने और हाथ से पंखा झलकर गर्मी से राहत देने को मजबूर हैं, जिससे गंभीर मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है। इसके अलावा, जयपुर की वास्को हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, जो सीटी स्कैन की 24 घंटे सेवा का दावा करती है, समय से पहले बंद हो जाती है। इसके चलते गंभीर मरीजों को भी जांच के लिए 2-2 घंटे तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। अस्पताल की इस बदहाल स्थिति को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। मरीजों और उनके परिजनों ने जिला प्रशासन से तत्काल व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की है। एक परिजन ने बताया कि स्ट्रेचर टूटी होने के कारण मरीज को ले जाते समय वे खुद गिरते-गिरते बचे थे, और आईसीयू में लाइट जाने पर जनरेटर भी बंद था। आईसीयू में भर्ती एक मरीज ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि रात में गर्मी से उनकी हालत खराब हो जाती है और परिजन हाथ से हवा करते हैं, लेकिन कोई भी उन्हें देखने नहीं आता। लोगों का कहना है कि कलेक्टर के निरीक्षण का जमीन पर कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है।
टीकमगढ़ जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ है, जहां कलेक्टर के लगातार निरीक्षण के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं आ रहा है। सिविल सर्जन और अस्पताल प्रबंधक के अपने एसी कमरों से बाहर न निकलने के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इमरजेंसी वार्ड में आने वाले मरीजों को टूटी स्ट्रेचर पर ही ओपीडी तक ले जाया जा रहा है, जिससे उन्हें और उनके परिजनों को भी चोटिल होने का खतरा बना
रहता है। मीडिया को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन अस्पताल प्रबंधन इस गंभीर मुद्दे पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। अस्पताल के आईसीयू जैसे अति संवेदनशील वार्ड में भी बदहाली है, जहां लाइट जाने पर जनरेटर तक चालू नहीं होता। ऐसे में मरीजों के परिजन मोबाइल की रोशनी में इलाज कराने और हाथ से पंखा झलकर गर्मी से राहत देने को मजबूर हैं, जिससे गंभीर मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है। इसके अलावा, जयपुर की
वास्को हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, जो सीटी स्कैन की 24 घंटे सेवा का दावा करती है, समय से पहले बंद हो जाती है। इसके चलते गंभीर मरीजों को भी जांच के लिए 2-2 घंटे तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। अस्पताल की इस बदहाल स्थिति को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। मरीजों और उनके परिजनों ने जिला प्रशासन से तत्काल व्यवस्थाएं सुधारने की मांग की है। एक परिजन ने बताया कि स्ट्रेचर
टूटी होने के कारण मरीज को ले जाते समय वे खुद गिरते-गिरते बचे थे, और आईसीयू में लाइट जाने पर जनरेटर भी बंद था। आईसीयू में भर्ती एक मरीज ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि रात में गर्मी से उनकी हालत खराब हो जाती है और परिजन हाथ से हवा करते हैं, लेकिन कोई भी उन्हें देखने नहीं आता। लोगों का कहना है कि कलेक्टर के निरीक्षण का जमीन पर कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है।
- मध्य प्रदेश के सीहोर से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में एक ड्राइवर के साथ चप्पलों से मारपीट की जा रही है।1
- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में शासकीय लॉ कॉलेज के प्राचार्य का कॉलेज परिसर के अंदर शराब पीते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस घटना के सामने आने के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।1
- टीकमगढ़ स्थित शासकीय लॉ कॉलेज के प्राचार्य का कॉलेज परिसर के भीतर शराब पीने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की है।1
- टीकमगढ़ में 25/5/26 को भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय का घेराव किया। यह प्रदर्शन थाना देहात पुलिस के कुछ कर्मियों द्वारा भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष भाई रोहित चौधरी जी के साथ कथित दुर्व्यवहार और मारपीट के विरोध में किया गया। प्रदर्शनकारियों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए पुलिस अधीक्षक महोदय से मांग की है कि दोषी पुलिसकर्मियों को तुरंत निलंबित किया जाए और उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए।3
- प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना के तहत असंगठित क्षेत्र के कामगारों को 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद हर महीने 3000 रुपये की पेंशन प्रदान की जाती है। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों को प्रति माह 55 रुपये का योगदान करना होता है।1
- जतारा में आगामी ईद-उल-अज़हा (बकरीद) के त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस एवं प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना प्रभारी एनएस ठाकुर और तहसीलदार ने संयुक्त रूप से क्षेत्र का निरीक्षण किया, साथ ही आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और पुलिस बल को सतर्कता से ड्यूटी करने के निर्देश दिए हैं। त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाह, विवाद या असामाजिक गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था स्थापित की गई है। थाना प्रभारी एनएस ठाकुर ने नागरिकों से आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ त्योहार मनाने की अपील की है, साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने को कहा है। वहीं, तहसीलदार नितिन गोड़ ने बताया कि प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं ताकि त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। इस बैठक में नगर परिषद अध्यक्ष रामजी नायक, मुकेश तिवारी, नगर परिषद उपाध्यक्ष फिरोज खान और विधायक प्रतिनिधि नाथूराम घोष आदि प्रमुख लोग उपस्थित रहे। प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भ्रामक संदेश प्रसारित न करने की भी विशेष अपील की है।4
- अजयगढ़ में कुआं की खोदाई में हुई लापरवाही के मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। यह मामला तीन नामजद लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया है। पुलिस जांच के बाद इस मामले में और भी नाम बढ़ सकते हैं।1
- टीकमगढ़ शहर के चकरा क्षेत्र में बधाई मांगने को लेकर किन्नरों के बीच हुए विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। इस घटना में दीपा किन्नर पर हमला किया गया, जिन्होंने आरोप लगाया है कि सपना, तनु, सुनेना और उनके अन्य साथियों ने लाठी-डंडों से मारपीट की। दीपा किन्नर के अनुसार, हमले के दौरान चाकू से भी वार किया गया, जिससे चाकू उनके गाल पर लगा। यह मामला कोतवाली थाने पहुंचा है, जहां पुलिस ने घटना की जानकारी लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।1