Shuru
Apke Nagar Ki App…
राखी सिर्फ रिश्तों की डोर नहीं आत्मनिर्भरता का संकल्प भी है।
Muddin Press
राखी सिर्फ रिश्तों की डोर नहीं आत्मनिर्भरता का संकल्प भी है।
More news from झारखंड and nearby areas
- फिर गरजे MLA जयराम महतो पुलिस एसोसिएशन को दिया चुनौती1
- कृपया ध्यान दें वीडियो का शेयर करने का कष्ट करें और प्लीज से वीडियो में कमेंट करें जरूर से जरूर1
- अगर लाठी चलेगा तो पहला लाठी हम खाएँगे, गोली भी खाएँगे जेल जाना पड़े तो जेल जाएँगे” पटना में चल रहे BPSC आंदोलन में आए हुए इस बच्चे को सुनिए लेकिन इस भ्रष्टाचारी सरकार के ख़िलाफ़ लड़ेंगे ताकि जब मैं बड़ा होऊ तब शिक्षा में भ्रष्टाचार ना हो ! सरकार का डर अब युवाओ के मन से निकल चुका है, अब होगी क्रांति 🔥 🔥1
- Godda एंटी क्राइम एवं वाहन जांच अभियान चलाया गया। यह अभियान बलबड्डा थाना प्रभारी पंकज कुमार सिंह के नेतृत्व में चलाया गया।1
- रोशना थाना में श्रावणी मेला व ईद ए मिलाद उन नबी को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित कटिहार जिले के रोशना थाना प्रांगण में थाना प्रभारी मासूम कुमारी एवं सीओ इस्माइल अंसारी के संयुक्त अध्यक्षता में श्रावणी मेला व ईद ए मिलाद उन नबी को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। उक्त बैठक में दोनों समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया। श्रावणी मेला व ईद ए मिलाद उन नबी शांति सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने बाते कही।1
- “जेल जाना पड़े तो जाएंगे!” BPSC Protest में Gen Alpha का जोश, बयान सुनकर गूंज उठी तालियां1
- जहां मरीज और उनके परिजन मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए घुटने तक पानी में लाइन लगाकर खड़े होने को मजबूर हैं। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय का परिसर है BJP सरकार के दावे तो बड़े-बड़े हैं, लेकिन धरातल पर फ़ैली कुव्यवस्था का खामियाजा जनता भुगत रही है। हालात बदतर हैं, लेकिन ?1
- पाकुड़: सामूहिक दुष्कर्म मामले में 9 दोषियों को अंतिम सांस तक उम्रकैद, 50-50 हजार का जुर्माना पाकुड़:जिले की एक अदालत ने हिरणपुर थाना क्षेत्र में हुए एक खौफनाक सामूहिक दुष्कर्म के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश-प्रथम , पाकुड़, कुमार क्रांति प्रसाद की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए 9 दोषियों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376-D के तहत अंतिम सांस तक (प्राकृतिक जीवन के शेष रहने तक) कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। पति को बंधक बनाकर दिया था वारदात को अंजाम प्राथमिकी के अनुसार, यह घटना 1 जून 2024 की शाम लगभग 6:30 बजे की है। पीड़िता (19 वर्ष) अपने पति के साथ हिरणपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सहरपुर स्थित काजू बागान में टहलने गई थी। इसी दौरान अचानक कुछ युवक वहां पहुंचे और उन्होंने पीड़िता के पति को पकड़कर बंधक बना लिया। इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता के साथ जबरदस्ती की, उसके कपड़े फाड़ दिए और झाड़ियों में ले जाकर बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। इस मामले में हिरणपुर थाना में कांड संख्या 35/2024, दिनांक 02.06.2024 दर्ज किया गया था। अदालत में पेश हुए 6 अहम गवाह सत्र वाद संख्या 143/2024 के तहत चली इस सुनवाई में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 6 गवाह अदालत में पेश किए गए। न्यायालय ने अपराध को माना मानवता के खिलाफ अदालत ने अपने फैसले में टिप्पणी की कि इस घटना ने न केवल पीड़िता को गहरी पीड़ा दी है, बल्कि मानवता और सामाजिक मान्यताओं की नींव को भी हिलाकर रख दिया है। बचाव पक्ष द्वारा दोषियों की कम उम्र का हवाला देकर नरमी बरतने की अपील को अदालत ने खारिज कर दिया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि एक सभ्य समाज में महिलाओं की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है और ऐसे जघन्य अपराधों में कड़ी सजा भविष्य के लिए एक नजीर बननी चाहिए। मानवेन मरांडी (28) चंदन सोरेन उर्फ चांद सोरेन (29) विवेक सोरेन (22) लखीराम मृधा उर्फ बाबूलाल मरांडी (22)जेने हांसदा (27)विश्वनाथ हेम्ब्रम (24)पांडु हेम्ब्रम (30)मिस्त्री हेम्ब्रम (30)सकल हांसदा (34) अदालत ने उक्त 9 अभियुक्तों (सभी निवासी- ग्राम कस्तूरी, थाना हिरणपुर, पाकुड़) को दोषी करार दिया है। जुर्माने की राशि पीड़िता को देने का निर्देश अदालत ने भा०द०वि की धारा 376- डी के तहत सभी 9 दोषियों को प्राकृतिक जीवन के अंत तक कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा, प्रत्येक दोषी पर 50,000 रुपये (पचास हजार रुपये) का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषियों को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। न्यायाधीश ने निर्देश दिया है कि जुर्माने से प्राप्त शत-प्रतिशत राशि पीड़िता को उसकी मानसिक और शारीरिक पीड़ा के मुआवजे के रूप में दी जाए। साथ ही, अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) पाकुड़ को 'विक्टिम कंपनसेशन स्कीम' के तहत पीड़िता के लिए अतिरिक्त उचित मुआवजे का निर्धारण करने का भी आदेश दिया है।1