बालाघाट में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग की कार्रवाई बालाघाट,। जिले में अवैध शराब के विनिर्माण, संग्रहण और विक्रय के खिलाफ आबकारी विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर कुमार सत्यम के निर्देश एवं जिला आबकारी अधिकारी अजीत एक्का के मार्गदर्शन में 15 सितंबर को आबकारी विभाग की टीमों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में लाहन और हाथभट्टी मदिरा जब्त की। आबकारी वृत्त बालाघाट, लांजी एवं वारासिवनी की टीमों ने ग्राम जोधीटोला और पायली के जंगल क्षेत्र तथा घरों में दबिश देकर अवैध रूप से रखी गई सामग्री की जांच की। कार्रवाई के दौरान करीब 690 किलोग्राम लाहन तथा 22 लीटर हाथभट्टी मदिरा बरामद कर जब्त की गई। जब्त सामग्री का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 72 हजार रुपये बताया गया है। मामले में मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 के तहत दो प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिए गए हैं। विभाग द्वारा अवैध शराब के निर्माण एवं बिक्री में संलिप्त लोगों के विरुद्ध आगे भी इसी तरह कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है। कार्रवाई में वृत्त प्रभारी मनोज अंजलेकर, आबकारी उपनिरीक्षक संदीप श्रीवास एवं कौस्तुभ नेताम सहित आरक्षक विशाल धुर्वे, भूपेंद्र, अनीता और भानुप्रताप शामिल रहे।आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध मदिरा के विनिर्माण, संग्रहण और विक्रय के खिलाफ कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
बालाघाट में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग की कार्रवाई बालाघाट,। जिले में अवैध शराब के विनिर्माण, संग्रहण और विक्रय के खिलाफ आबकारी विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। कलेक्टर कुमार सत्यम के निर्देश एवं जिला आबकारी अधिकारी अजीत एक्का के मार्गदर्शन में 15 सितंबर को आबकारी विभाग की टीमों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में लाहन और हाथभट्टी मदिरा जब्त की। आबकारी वृत्त बालाघाट, लांजी एवं वारासिवनी की टीमों ने ग्राम जोधीटोला और पायली के जंगल क्षेत्र तथा घरों में दबिश देकर अवैध रूप से रखी गई सामग्री की जांच की। कार्रवाई के दौरान करीब 690 किलोग्राम लाहन तथा 22 लीटर हाथभट्टी मदिरा
बरामद कर जब्त की गई। जब्त सामग्री का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 72 हजार रुपये बताया गया है। मामले में मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 के तहत दो प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिए गए हैं। विभाग द्वारा अवैध शराब के निर्माण एवं बिक्री में संलिप्त लोगों के विरुद्ध आगे भी इसी तरह कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है। कार्रवाई में वृत्त प्रभारी मनोज अंजलेकर, आबकारी उपनिरीक्षक संदीप श्रीवास एवं कौस्तुभ नेताम सहित आरक्षक विशाल धुर्वे, भूपेंद्र, अनीता और भानुप्रताप शामिल रहे।आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध मदिरा के विनिर्माण, संग्रहण और विक्रय के खिलाफ कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
- *किरनापुर में उफना जनआक्रोश, हजारों की भीड़ ने घेरा थाना गर्भवती महिला से कथित मारपीट के विरोध में मरार समाज का प्रदर्शन, पुलिस ने भांजी लाठियां और छोड़े आंसू गैस के गोले; झड़प में पुलिसकर्मियों को भी चोट* किरनापुर। बालाघाट जिले के किरनापुर में एक महिला से कथित मारपीट और अभद्रता के मामले ने मंगलवार को बड़ा रूप ले लिया। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर मरार समाज के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। देखते ही देखते प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और भीड़ ने किरनापुर थाने का घेराव कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। घटनाक्रम के दौरान पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। शिकायत से शुरू हुआ विवाद, कार्रवाई की मांग पर जुटी भीड़ मामला किरनापुर थाना क्षेत्र में गर्भवती महिला सावित्री चौधरी और उसके पति कैलाश चौधरी से कथित तौर पर कपड़े उतरवाकर मारपीट एवं अभद्रता किए जाने से जुड़ा बताया गया है। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस से शिकायत कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। बताया जाता है कि कार्रवाई को लेकर नाराजगी बढ़ती गई और मंगलवार को बड़ी संख्या में मरार समाज के लोग किरनापुर पहुंच गए। धरने से थाने के घेराव तक पहुंचा मामला प्रदर्शनकारियों ने पहले धरना-प्रदर्शन कर पुलिस प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखीं। इसके बाद भीड़ थाने की ओर बढ़ गई और किरनापुर थाना चारों तरफ से लोगों से घिर गया। बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति तनावपूर्ण होती चली गई। लाठीचार्ज और आंसू गैस से मची अफरा-तफरी थाने के बाहर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। इसके साथ ही आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। अचानक हुई कार्रवाई से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, इस दौरान पुलिस की ओर भी पथराव हुआ और कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। एसपी ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा हालात बिगड़ने की सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से घटनाक्रम की जानकारी ली और स्थिति को नियंत्रित करने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की गई। समाज की दो टूक—न्याय मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष मरार समाज के जिला अध्यक्ष रमेश पंचे ने कहा कि समाज का उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है। उनका कहना है कि मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई में देरी के कारण समाज के लोगों में आक्रोश बढ़ा। किरनापुर में एक शिकायत से शुरू हुआ विवाद अब कानून-व्यवस्था के बड़े सवाल तक पहुंच गया है। एक ओर पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग है, तो दूसरी ओर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुए टकराव ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। अब सबकी निगाहें पुलिस की आगामी कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम की जांच पर टिकी हैं।1
- सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर 1.77 करोड़ के लेनदेन का आरोप सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर 1.77 करोड़ के लेनदेन का आरोप वारासिवनी थाने में शिकायतकर्ता के बयान दर्ज, दस्तावेज और लेनदेन के साक्ष्य पुलिस को सौंपे वारासिवनी क्षेत्र में शासकीय एवं आउटसोर्स नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से कथित रूप से मोटी रकम लेने और करोड़ों रुपए के लेनदेन का मामला सामने आया है। मामले में करीब ढाई सैकड़ा लोगों के प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। इस संबंध में शिकायतकर्ता ब्रजकिशोर ठाकरे के द्वारा थाना वारासिवनी में शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस के द्वारा मामले की जांच की जा रही है। जिसमें शिकायतकर्ता के द्वारा १६ सितंबर को जांच अधिकारी के समक्ष अपने बयान दर्ज करवारकर दस्तावेज उपलब्ध कराये गये हैं। शासकीय और आऊटसोर्स की नौकरी लगाने लिया रूपये प्राप्त जानकारी के अनुसार लालबर्रा निवासी सुमित वृषिक नामक युवक पर लोगों को सीधे शासकीय नौकरी अथवा आउटसोर्स के माध्यम से नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाकर उनसे दस्तावेज एवं मोटी रकम लेने के आरोप लगाए गए हैं। नौकरी मिलने की उम्मीद में संबंधित लोगों द्वारा अपने आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के साथ राशि भी दी गई। शिकायतकर्ता ब्रजकिशोर ठाकरे के अनुसार उनकी पहचान भी उक्त व्यक्ति से हुई थी जिसके बाद उन्हें नौकरी लगवाने का भरोसा दिया गया और उनसे राशि ली गई। इसके बाद सुमित वृषिक के द्वारा ब्रजकिशोर ठाकरे के परिचितों, रिश्तेदारों एवं दोस्तों से भी संपर्क बढ़ाया गया तथा नौकरी लगवाने की बात कही गई। इसके चलते कई लोगों द्वारा अपने दस्तावेज ब्रजकिशोर के माध्यम से उपलब्ध कराते हुए कुछ राशि बैंक ट्रांसफर के माध्यम से तथा कुछ राशि नगदी रूप में दिए जाने की बात शिकायत में सामने आई है। समय बीतने के बाद संबंधित लोगों का चयन नहीं होने तथा लंबे समय तक नौकरी नहीं लगने पर उन्होंने अपनी दी गई राशि वापस मांगना शुरू किया। शिकायतकर्ता ने संबंधित लोगों की राशि वापस दिलाने के लिए सुमित वृषिक से संपर्क किया और राशि लौटाने की मांग की। इसके बाद संबंधित व्यक्ति द्वारा लगातार टालमटोल कर मोबाइल फोन बंद कर दिया गया। तो ब्रजकिशोर ठाकरे द्वारा २९ अगस्त को थाना वारासिवनी में शिकायत प्रस्तुत कर पुलिस प्रशासन से मामले की जांच कर उचित एवं कठोर कार्यवाही किए जाने की मांग की गई थी। शिकायत के बाद पुलिस के द्वारा मामले की जांच प्रारंभ की गई। जांच अधिकारी ने शिकायतकर्ता को थाने बुलाकर मामले के संबंध में विस्तृत पूछताछ की तथा घटना से जुड़े दस्तावेज और लेनदेन से संबंधित साक्ष्य उपलब्ध कराने को कहा। एसआईटी की टीम गठित कर पूरे मामले की जांच किया जाये-ब्रजकिशोर ठाकरे ब्रजकिशोर ठाकरे ने बताया कि २९ अगस्त को मेरे द्वारा वारासिवनी थाने में शिकायत की गई थी। उसमें अपने बयान दर्ज करवाने के लिए पुलिस के बुलावे पर आए हुए थे। हमने अपनी पूरी बात रख दी है यह मामला सरकारी नौकरी या आउट सोर्स में नौकरी लगने का है,जिसमें मेरी पहचान दोस्तों एवं अन्य लोगों से जुडा हुआ है। एक व्यक्ति सुमित वृषिक लालबर्रा का रहने वाला है वह स्वयं को महिला बाल विकास विभाग का अधिकारी बताता है उसने मेरे पहचान एवं मुझे सरकारी नौकरी लगने के लिए दस्तावेज और रुपए लिए हुए हैं। प्रत्येक व्यक्ति की राशि अलग.अलग है परंतु संयुक्त रूप से जोड़ा गया है तो लगभग १ करोड़ ७७ लाख रुपए का २५१ लोगों से लेनदेन हुआ है। रक्षाबंधन के बाद मैंने फ ोन किया तो फ ोन बंद हो गया वह मिल भी नहीं रहा था तो परेशान होकर हमने एक शिकायत की थी। क्योंकि वह टालमटोल कर रहा था यह काम वह वर्ष २०२२ से चला रहा है मेरी पहचान तभी हुई थी फिर २०२५ में मैंने उसका साथ छोड़ दिया था। जब लोगों का काम नहीं हुआ तो वह रुपए वापस मांग रहे हैं मेरे ऊपर भी दबाव बना रहे हैं। कुल १ करोड़ ७७ लाख रुपए लोगों का है जबकि मैंने अपनी सभी चीज बेचकर और गिरवी रखकर करीब ५८ लाख रुपए वापस दिया है फि र भी एक करोड़ ७७ लाख रुपए बचा है। आज मेरे बयान दर्ज हुए हैं सुमित वृषिक बहुत समय से गायब चल रहा है इसमें जांच हो रही है। पुलिस अधीक्षक बालाघाट से हमारी अपील है कि वह इस मामले में एसआईटी गठित कर पूरे मामले को ऊपर तक खोलें। क्योंकि उन्होंने लोगों को सरकारी नौकरी लगने का दावा किया था सभी पु्रफ हमारे पास हैं। मैं खुद इस मामले में शिकायत करता हूं अब मुझे भी बहुत परेशानी हो रही है। बाइट ब्रजकिशोर ठाकरे शिकायतकर्ता1
- प्राचार्यों की बैठक में एसडीएम ने दिए शैक्षणिक सुधार के निर्देश, डबल लॉक खाद गोदाम का किया औचक निरीक्षण अनुभागीय दंडाधिकारी विजय सिंह यादव ने सांदीपनी विद्यालय हाल में कटंगी अनुभाग के शासकीय विद्यालयों के संकुल प्राचार्यों एवं निजी विद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक ली। बैठक में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले सेवा संकल्प अभियान सहित विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर बनाने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।बैठक के बाद एसडीएम विजय सिंह यादव ने डबल लॉक खाद वेयरहाउस का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मौके पर 1490 बैग डीएपी, 11,397 बैग यूरिया, 1335 बैग अमोनियम फास्फेट, 644 बैग अमोनियम सल्फेट तथा 2701 बैग एनपीके उपलब्ध पाए गए।1
- पेंच टाइगर रिजर्व के 350 से अधिक वनकर्मियों को मिला “सुरक्षा कवच” विशेष वेतन पैकेज से दुर्घटना एवं मृत्यु की स्थिति में वित्तीय सुरक्षा, एक करोड़ तक का कवर #सिवनी/ #पेंच_टाइगर_रिजर्व प्रबंधन द्वारा वन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सामाजिक एवं वित्तीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कर्मचारी कल्याण पहल की गई है। पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन एवं भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के अधिकारियों के संयुक्त प्रयास से वनकर्मियों के वेतन खातों को विशेष वेतन पैकेज में अपग्रेड कराया गया है। वन एवं वन्यजीव संरक्षण के लिए नियमित गश्ती, वन्यजीव रेस्क्यू तथा अन्य मैदानी कार्यों के दौरान वनकर्मियों एवं हाथी महावतों को वन्यजीवों के साथ-साथ अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों एवं अपराधियों का भी सामना करना पड़ता है। ऐसे जोखिमपूर्ण कार्यों को ध्यान में रखते हुए विशेष वेतन पैकेज के माध्यम से कर्मचारियों को अतिरिक्त वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने का प्रयास किया गया है। प्रबंधन के अनुसार, विशेष वेतन पैकेज के अंतर्गत पात्रता एवं निर्धारित शर्तों के अनुसार कर्मचारियों को दुर्घटना बीमा एवं जीवन सुरक्षा के रूप में एक करोड़ तक का कवर प्राप्त हो सकेगा। इसके अतिरिक्त पैकेज में उपलब्ध अन्य बैंकिंग सुविधाओं के साथ दुर्घटना की स्थिति में एयर एम्बुलेंस, आयातित दवाइयों, आकस्मिक कोमा एवं मृत्यु जैसी परिस्थितियों में निर्धारित अतिरिक्त लाभ भी उपलब्ध हो सकते हैं। पहल के प्रथम चरण में 350 से अधिक वनकर्मियों को इस सुविधा से जोड़ा गया है। आगामी चरणों में पेंच टाइगर रिजर्व के अन्य पात्र अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी इस सुविधा के दायरे में लाने का प्रयास किया जाएगा। पेंच टाइगर रिजर्व प्रबंधन का कहना है कि जोखिमपूर्ण एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कार्यरत वनकर्मियों को वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराने की यह पहल उनके मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ उनके परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।1
- कोटकासा में ग्रामीणों ने चलाया नशामुक्ति अभियान पुलिस प्रशासन ने किया सहयोग *कोटकासा में ग्रामीणों ने चलाया नशामुक्ति अभियान* _महुआ की कच्ची शराब बनाने वालों को दी सख्त हिदायत, महिलाओं ने नारेबाजी कर ग्रामीणों को किया जागरूक_ सी टाइम्स कुरई - बादलपार चौकी क्षेत्र के ग्राम कोटकासा में ग्रामीणों ने एकजुट होकर नशे के खिलाफ अभियान चलाया। गांव को शराब एवं अन्य नशीले पदार्थों से मुक्त करने के उद्देश्य से आयोजित इस अभियान में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ महिलाओं ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि गांव में किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों के सेवन, निर्माण और बिक्री को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। अभियान के दौरान ग्रामीणों ने विशेष रूप से कच्ची महुआ शराब बनाने वालों को सख्त हिदायत दी कि भविष्य में गांव में शराब का निर्माण नहीं किया जाए। ग्रामीणों ने कहा कि नशे की आदत से परिवारों और समाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए गांव को नशामुक्त बनाने के लिए सभी ग्रामीणों को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी। इस दौरान ग्रामीण महिलाओं ने नशे के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोगों को जागरूक किया। महिलाओं ने कहा कि गांव में नशे का चलन समाप्त होने से परिवारों में शांति और बच्चों के भविष्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि नशे से दूर रहें और अन्य लोगों को भी नशामुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करें। नशामुक्ति अभियान के दौरान बादलपार चौकी प्रभारी इंजन सिंह मार्सकोले सहित पुलिस स्टाफ भी मौजूद रहा। पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों ने गांव को नशामुक्त रखने के लिए सामूहिक संकल्प लिया। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि आगे भी गांव में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान जारी रखा जाएगा और नशे से जुड़ी गतिविधियों को रोकने के लिए प्रशासन एवं पुलिस का सहयोग किया जाएगा। ग्राम कोटकासा में ग्रामीणों की इस सामूहिक पहल को गांव को नशामुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अभियान के दौरान ग्रामीणों ने एकजुटता दिखाते हुए संदेश दिया कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।1
- *सिवनी विधायक मुनमुन राय ने कल 17 सितंबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित ब्लड डोनेशन कैंप मे सभी से भाग लेने आग्रह है*1
- Seoni News: खाद्य सुरक्षा टीम की अचानक एंट्री, होटल-रेस्टोरेंट में मचा हड़कंप1
- मुंडीवाड़ा में अवैध शराब के खिलाफ महिलाओं का मोर्चा वार्ड 10-11 के रहवासी हुए लामबंद, शहर के वार्ड क्रमांक 10 और 11 मुंडीवाड़ा क्षेत्र में कथित अवैध शराब बिक्री के खिलाफ अब रहवासी लामबंद हो गए हैं। क्षेत्र में देसी-विदेशी शराब के साथ कच्ची शराब की बिक्री को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। रहवासियों का कहना है कि अवैध शराब की उपलब्धता से क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो रहा है और शाम होते ही महिलाओं एवं परिवारों को असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। वहीं युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर भी अभिभावकों में चिंता है।1