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वाराणसी के नगर आयुक्त और मेयर पर लगा आरोप बेहद गंभीर जांच कब समाजवादी नेता जीशान अंसारी ने नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल और मेयर अशोक तिवारी द्वारा कार्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि निगम अब लुट का नया हब बन गया है। रिपोर्ट Varanasi Breking News

1 hr ago
user_आवाज News
आवाज News
Nurse सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

वाराणसी के नगर आयुक्त और मेयर पर लगा आरोप बेहद गंभीर जांच कब समाजवादी नेता जीशान अंसारी ने नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल और मेयर अशोक तिवारी द्वारा कार्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि निगम अब लुट का नया हब बन गया है। रिपोर्ट Varanasi Breking News

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  • काशी व्यूरो रिपोर्ट काशी में श्रद्धालुओं की 3 किलोमीटर लंबी लाइन लगी है लोलार्क कुंड की आठो गलियां फूल
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    काशी व्यूरो रिपोर्ट काशी में श्रद्धालुओं की 3 किलोमीटर लंबी लाइन लगी है लोलार्क कुंड की आठो गलियां फूल
    user_द कहर न्यूज़ एजेंसी
    द कहर न्यूज़ एजेंसी
    Journalist Sadar, Varanasi•
    8 hrs ago
  • बारिश मेरी गूंज रहे चंद्रशेखर पर हमले के विरोध के नारे न्यूज़ टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट वाराणसी। बाराबंकी में आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर पर हुए हमले के विरोध में बुधवार को वाराणसी में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। बारिश के बावजूद कार्यकर्ताओं के हौसले नहीं टूटे। जिलाधिकारी कार्यालय के गेट पर कार्यकर्ताओं ने बाराबंकी जमकर नारेबाजी की और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।इस दौरान बारिश में भी एक दरोगा और सिपाही जिलाधिकारी कार्यालय के गेट पर सुरक्षा की कमान संभाले रहे।
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    बारिश मेरी गूंज रहे चंद्रशेखर पर हमले के विरोध के नारे

न्यूज़ टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट 
वाराणसी। बाराबंकी में आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना से सांसद चंद्रशेखर पर हुए हमले के विरोध में बुधवार को वाराणसी में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया।
बारिश के बावजूद कार्यकर्ताओं के हौसले नहीं टूटे। जिलाधिकारी कार्यालय के गेट पर कार्यकर्ताओं ने बाराबंकी जमकर नारेबाजी की और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।इस दौरान बारिश में भी एक दरोगा और सिपाही जिलाधिकारी कार्यालय के गेट पर सुरक्षा की कमान संभाले रहे।
    user_NEWS 2 INDIA (NTI)
    NEWS 2 INDIA (NTI)
    Court reporter सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • समाजवादी नेता जीशान अंसारी ने लगाया नगर आयुक्त पर गंभीर आरोप वाराणसी शहर मे नगर निगम द्वारा विकास कार्य को लेकर समाजवादी नेता जीशान अंसारी ने नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल और नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाया। उनका कहना है कि निगम के अधिकारी जब चाहे जहां चाहे ध्वस्तीकरण कर रहे। उन्होंने कोर्ट में जाने की बात कही। Varanasi Breking News
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    समाजवादी नेता जीशान अंसारी ने लगाया नगर आयुक्त पर गंभीर आरोप
वाराणसी शहर मे नगर निगम द्वारा विकास कार्य को लेकर समाजवादी नेता जीशान अंसारी ने नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल और नगर निगम पर गंभीर आरोप लगाया।
उनका कहना है कि निगम के अधिकारी जब चाहे जहां चाहे ध्वस्तीकरण कर रहे।
उन्होंने कोर्ट में जाने की बात कही।
Varanasi Breking News
    user_आवाज News
    आवाज News
    Nurse सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • रथयात्रा में बंद मकान में जुए के अड्डे का भंडाफोड़, 47 गिरफ्तार न्यूज टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट वाराणसी। सिगरा थाना क्षेत्र के रथयात्रा इलाके में बंद मकान में चल रहे जुए के अड्डे का पुलिस और एसओजी-2 की संयुक्त टीम ने बुधवार को भंडाफोड़ किया। छापेमारी में 47 जुआरियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि मौके से 19 लाख 53 हजार रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस ने कई वाहन, मोबाइल फोन और अन्य सामान भी जब्त किया है पुलिस के अनुसार मकान विशाल सिंह ने लीज पर लिया था, जिसमें जुए का अड्डा संचालित किया जा रहा था। सूचना मिलने के बाद पुलिस और एसओजी-2 की टीम पिछले 3-4 दिनों से निगरानी कर रही थी। पुख्ता जानकारी मिलने पर बुधवार को छापेमारी की गई।गिरफ्तार आरोपितों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है। पुलिस गैंगस्टर एक्ट समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
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    रथयात्रा में बंद मकान में जुए के अड्डे का भंडाफोड़, 47 गिरफ्तार
न्यूज टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट 
वाराणसी। सिगरा थाना क्षेत्र के रथयात्रा इलाके में बंद मकान में चल रहे जुए के अड्डे का पुलिस और एसओजी-2 की संयुक्त टीम ने बुधवार को भंडाफोड़ किया। छापेमारी में 47 जुआरियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि मौके से 19 लाख 53 हजार रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस ने कई वाहन, मोबाइल फोन और अन्य सामान भी जब्त किया है पुलिस के अनुसार मकान विशाल सिंह ने लीज पर लिया था, जिसमें जुए का अड्डा संचालित किया जा रहा था। सूचना मिलने के बाद पुलिस और एसओजी-2 की टीम पिछले 3-4 दिनों से निगरानी कर रही थी। पुख्ता जानकारी मिलने पर बुधवार को छापेमारी की गई।गिरफ्तार आरोपितों के आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है। पुलिस गैंगस्टर एक्ट समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
    user_NEWS 2 INDIA
    NEWS 2 INDIA
    TV News Anchor सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • वाराणसी में जुआकांड का खुलासा, SOG-2 और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 47 गिरफ्तार
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    वाराणसी में जुआकांड का खुलासा, SOG-2 और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 47 गिरफ्तार
    user_Laik AFTAB
    Laik AFTAB
    Local News Reporter सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • बालक नरेंद्र मोदी का वडनगर की तंग गलियों से उठकर भारत के प्रधानमंत्री बनने तक का सफर पूरी कहानी केशव की जुबानी में देखे बालक नरेंद्र मोदी का वडनगर की तंग गलियों से उठकर भारत के प्रधानमंत्री बनने तक का सफर कड़े संघर्ष, अटूट देशभक्ति और असाधारण नेतृत्व की एक प्रेरणादायक कहानी है। 17 सितंबर 1950 को गुजरात के एक छोटे से कस्बे वडनगर में जन्मे नरेंद्र दामोदरदास मोदी स्वतंत्र भारत में पैदा होने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री हैं। उनके इस ऐतिहासिक सफर को हम कुछ मुख्य पड़ावों के माध्यम से समझ सकते हैं: 1. बचपन और संघर्ष के दिन (1950 - 1967) चाय की दुकान पर हाथ बंटाना: नरेंद्र मोदी का जन्म एक बेहद साधारण और सीमित साधनों वाले परिवार में हुआ था। उनके पिता दामोदरदास मोदी वडनगर रेलवे स्टेशन पर चाय की दुकान चलाते थे, जहाँ बालक नरेंद्र भी स्कूल के बाद अपने पिता का हाथ बंटाते थे।
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    बालक नरेंद्र मोदी का वडनगर की तंग गलियों से उठकर भारत के प्रधानमंत्री बनने तक का सफर  पूरी कहानी केशव की जुबानी में देखे 
बालक नरेंद्र मोदी का वडनगर की तंग गलियों से उठकर भारत के प्रधानमंत्री बनने तक का सफर कड़े संघर्ष, अटूट देशभक्ति और असाधारण नेतृत्व की एक प्रेरणादायक कहानी है। 17 सितंबर 1950 को गुजरात के एक छोटे से कस्बे वडनगर में जन्मे नरेंद्र दामोदरदास मोदी स्वतंत्र भारत में पैदा होने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री हैं। 
उनके इस ऐतिहासिक सफर को हम कुछ मुख्य पड़ावों के माध्यम से समझ सकते हैं:
1. बचपन और संघर्ष के दिन (1950 - 1967)
चाय की दुकान पर हाथ बंटाना: नरेंद्र मोदी का जन्म एक बेहद साधारण और सीमित साधनों वाले परिवार में हुआ था। उनके पिता दामोदरदास मोदी वडनगर रेलवे स्टेशन पर चाय की दुकान चलाते थे, जहाँ बालक नरेंद्र भी स्कूल के बाद अपने पिता का हाथ बंटाते थे।
    user_Keshav Choudhary
    Keshav Choudhary
    सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • वाराणसी में ऐतिहासिक दंगल,पहलवानों के दांव-पेंच देख झूमे दर्शक न्यूज़ टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट वाराणसी। तीज़ के अवसर पर ककरमत्ता एवं बजरडीहा क्षेत्र में बहुरा मेले के मौके पर ऐतिहासिक दंगल का आयोजन किया गया।तीज़ के अवसर पर बहुरा मेले में उमड़ा जनसैलाब, सदियों पुरानी कुश्ती परंपरा ने बटोरी वाहवाही।दंगल में दूर-दराज के क्षेत्रों से आए पहलवानों ने अखाड़े में अपनी ताकत, फुर्ती और कुश्ती के हुनर का शानदार प्रदर्शन किया। पहलवानों के दांव-पेंच देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक अखाड़े के चारों ओर जुटे रहे और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा माहौल गूंजता रहा।बहुरा मेले के अवसर पर आयोजित यह दंगल केवल कुश्ती का मुकाबला नहीं, बल्कि बनारस की पुरानी लोक परंपरा, संस्कृति और आपसी भाईचारे की जीवंत मिसाल भी रहा। अखाड़े में उतरे पहलवानों ने एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी और शानदार मुकाबलों से दर्शकों का उत्साह बढ़ाया।मोहम्मद वसीम, पूर्व मीडिया प्रभारी उत्तर प्रदेश, ने कहा कि ककरमत्ता और बजरडीहा में होने वाला पारंपरिक दंगल हमारी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसी परंपराओं को आगे बढ़ाने की जरूरत है, ताकि नई पीढ़ी भी कुश्ती और अखाड़े की इस पुरानी संस्कृति से जुड़ सके।उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक दौर में जब पारंपरिक खेल और लोक संस्कृतियां धीरे-धीरे पीछे छूट रही हैं, ऐसे आयोजनों का महत्व और भी बढ़ जाता है। दंगल जैसे आयोजन युवाओं को खेलों से जोड़ने के साथ-साथ आपसी भाईचारा, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का संदेश भी देते हैं।दंगल के दौरान विजेता पहलवानों का उत्साहवर्धन किया गया। आयोजन में मौजूद लोगों ने मांग की कि बहुरा मेले और दंगल की इस ऐतिहासिक परंपरा को हर वर्ष और भव्य रूप से आयोजित किया जाए, ताकि वाराणसी की यह पहचान आने वाली पीढ़ियों तक कायम रहे।ककरमत्ता और बजरडीहा का यह दंगल एक बार फिर साबित कर गया कि बनारस की मिट्टी में आज भी अखाड़े की परंपरा, पहलवानों का जुनून और लोक संस्कृति की मजबूत जड़ें मौजूद हैं।
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    वाराणसी में ऐतिहासिक दंगल,पहलवानों के दांव-पेंच देख झूमे दर्शक

न्यूज़ टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट 
वाराणसी। तीज़ के अवसर पर ककरमत्ता एवं बजरडीहा क्षेत्र में बहुरा मेले के मौके पर ऐतिहासिक दंगल का आयोजन किया गया।तीज़ के अवसर पर बहुरा मेले में उमड़ा जनसैलाब, सदियों पुरानी कुश्ती परंपरा ने बटोरी वाहवाही।दंगल में दूर-दराज के क्षेत्रों से आए पहलवानों ने अखाड़े में अपनी ताकत, फुर्ती और कुश्ती के हुनर का शानदार प्रदर्शन किया। पहलवानों के दांव-पेंच देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक अखाड़े के चारों ओर जुटे रहे और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा माहौल गूंजता रहा।बहुरा मेले के अवसर पर आयोजित यह दंगल केवल कुश्ती का मुकाबला नहीं, बल्कि बनारस की पुरानी लोक परंपरा, संस्कृति और आपसी भाईचारे की जीवंत मिसाल भी रहा। अखाड़े में उतरे पहलवानों ने एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी और शानदार मुकाबलों से दर्शकों का उत्साह बढ़ाया।मोहम्मद वसीम, पूर्व मीडिया प्रभारी उत्तर प्रदेश, ने कहा कि ककरमत्ता और बजरडीहा में होने वाला पारंपरिक दंगल हमारी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसी परंपराओं को आगे बढ़ाने की जरूरत है, ताकि नई पीढ़ी भी कुश्ती और अखाड़े की इस पुरानी संस्कृति से जुड़ सके।उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक दौर में जब पारंपरिक खेल और लोक संस्कृतियां धीरे-धीरे पीछे छूट रही हैं, ऐसे आयोजनों का महत्व और भी बढ़ जाता है। दंगल जैसे आयोजन युवाओं को खेलों से जोड़ने के साथ-साथ आपसी भाईचारा, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का संदेश भी देते हैं।दंगल के दौरान विजेता पहलवानों का उत्साहवर्धन किया गया। आयोजन में मौजूद लोगों ने मांग की कि बहुरा मेले और दंगल की इस ऐतिहासिक परंपरा को हर वर्ष और भव्य रूप से आयोजित किया जाए, ताकि वाराणसी की यह पहचान आने वाली पीढ़ियों तक कायम रहे।ककरमत्ता और बजरडीहा का यह दंगल एक बार फिर साबित कर गया कि बनारस की मिट्टी में आज भी अखाड़े की परंपरा, पहलवानों का जुनून और लोक संस्कृति की मजबूत जड़ें मौजूद हैं।
    user_NEWS 2 INDIA (NTI)
    NEWS 2 INDIA (NTI)
    Court reporter सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • खबर का असर दिखा और अब केदारनाथ संस्कृत महाविद्यालय में वित्तीय मामलों को लेकर मचा हुआ बवाल को देखते हुए जांच शुरू होने वाली है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने आदेश दिया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी। Varanasi Breking News
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    खबर का असर दिखा और अब केदारनाथ संस्कृत महाविद्यालय में वित्तीय मामलों को लेकर मचा हुआ बवाल को देखते हुए जांच शुरू होने वाली है।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने आदेश दिया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी।
Varanasi Breking News
    user_आवाज News
    आवाज News
    Nurse सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • वाराणसी: ककरमत्ता और बजरडीहा में ऐतिहासिक दंगल,पहलवानों के दांव-पेंच देख झूमे दर्शक न्यूज टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट वाराणसी। तीज़ के अवसर पर ककरमत्ता एवं बजरडीहा क्षेत्र में बहुरा मेले के मौके पर ऐतिहासिक दंगल का आयोजन किया गया।तीज़ के अवसर पर बहुरा मेले में उमड़ा जनसैलाब, सदियों पुरानी कुश्ती परंपरा ने बटोरी वाहवाही।दंगल में दूर-दराज के क्षेत्रों से आए पहलवानों ने अखाड़े में अपनी ताकत, फुर्ती और कुश्ती के हुनर का शानदार प्रदर्शन किया। पहलवानों के दांव-पेंच देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक अखाड़े के चारों ओर जुटे रहे और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा माहौल गूंजता रहा।बहुरा मेले के अवसर पर आयोजित यह दंगल केवल कुश्ती का मुकाबला नहीं, बल्कि बनारस की पुरानी लोक परंपरा, संस्कृति और आपसी भाईचारे की जीवंत मिसाल भी रहा। अखाड़े में उतरे पहलवानों ने एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी और शानदार मुकाबलों से दर्शकों का उत्साह बढ़ाया।मोहम्मद वसीम, पूर्व मीडिया प्रभारी उत्तर प्रदेश, ने कहा कि ककरमत्ता और बजरडीहा में होने वाला पारंपरिक दंगल हमारी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसी परंपराओं को आगे बढ़ाने की जरूरत है, ताकि नई पीढ़ी भी कुश्ती और अखाड़े की इस पुरानी संस्कृति से जुड़ सके।उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक दौर में जब पारंपरिक खेल और लोक संस्कृतियां धीरे-धीरे पीछे छूट रही हैं, ऐसे आयोजनों का महत्व और भी बढ़ जाता है। दंगल जैसे आयोजन युवाओं को खेलों से जोड़ने के साथ-साथ आपसी भाईचारा, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का संदेश भी देते हैं।दंगल के दौरान विजेता पहलवानों का उत्साहवर्धन किया गया। आयोजन में मौजूद लोगों ने मांग की कि बहुरा मेले और दंगल की इस ऐतिहासिक परंपरा को हर वर्ष और भव्य रूप से आयोजित किया जाए, ताकि वाराणसी की यह पहचान आने वाली पीढ़ियों तक कायम रहे।ककरमत्ता और बजरडीहा का यह दंगल एक बार फिर साबित कर गया कि बनारस की मिट्टी में आज भी अखाड़े की परंपरा, पहलवानों का जुनून और लोक संस्कृति की मजबूत जड़ें मौजूद हैं।
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    वाराणसी: ककरमत्ता और बजरडीहा में ऐतिहासिक दंगल,पहलवानों के दांव-पेंच देख झूमे दर्शक

न्यूज टू इंडिया से उप संपादक प्रदीप कुमार वर्मा उर्फ राजन की खास रिपोर्ट 
वाराणसी। तीज़ के अवसर पर ककरमत्ता एवं बजरडीहा क्षेत्र में बहुरा मेले के मौके पर ऐतिहासिक दंगल का आयोजन किया गया।तीज़ के अवसर पर बहुरा मेले में उमड़ा जनसैलाब, सदियों पुरानी कुश्ती परंपरा ने बटोरी वाहवाही।दंगल में दूर-दराज के क्षेत्रों से आए पहलवानों ने अखाड़े में अपनी ताकत, फुर्ती और कुश्ती के हुनर का शानदार प्रदर्शन किया। पहलवानों के दांव-पेंच देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक अखाड़े के चारों ओर जुटे रहे और तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा माहौल गूंजता रहा।बहुरा मेले के अवसर पर आयोजित यह दंगल केवल कुश्ती का मुकाबला नहीं, बल्कि बनारस की पुरानी लोक परंपरा, संस्कृति और आपसी भाईचारे की जीवंत मिसाल भी रहा। अखाड़े में उतरे पहलवानों ने एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी और शानदार मुकाबलों से दर्शकों का उत्साह बढ़ाया।मोहम्मद वसीम, पूर्व मीडिया प्रभारी उत्तर प्रदेश, ने कहा कि ककरमत्ता और बजरडीहा में होने वाला पारंपरिक दंगल हमारी सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसी परंपराओं को आगे बढ़ाने की जरूरत है, ताकि नई पीढ़ी भी कुश्ती और अखाड़े की इस पुरानी संस्कृति से जुड़ सके।उन्होंने कहा कि आज के आधुनिक दौर में जब पारंपरिक खेल और लोक संस्कृतियां धीरे-धीरे पीछे छूट रही हैं, ऐसे आयोजनों का महत्व और भी बढ़ जाता है। दंगल जैसे आयोजन युवाओं को खेलों से जोड़ने के साथ-साथ आपसी भाईचारा, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का संदेश भी देते हैं।दंगल के दौरान विजेता पहलवानों का उत्साहवर्धन किया गया। आयोजन में मौजूद लोगों ने मांग की कि बहुरा मेले और दंगल की इस ऐतिहासिक परंपरा को हर वर्ष और भव्य रूप से आयोजित किया जाए, ताकि वाराणसी की यह पहचान आने वाली पीढ़ियों तक कायम रहे।ककरमत्ता और बजरडीहा का यह दंगल एक बार फिर साबित कर गया कि बनारस की मिट्टी में आज भी अखाड़े की परंपरा, पहलवानों का जुनून और लोक संस्कृति की मजबूत जड़ें मौजूद हैं।
    user_NEWS 2 INDIA
    NEWS 2 INDIA
    TV News Anchor सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
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