दिल्ली के एक सजग नागरिक ने 19 जून, 2026 की रात सड़कों पर कानून के “तमाशे” और दिल्ली पुलिस की “जीरो टॉलरेंस” के खोखले दावों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। नागरिक के अनुसार, उन्होंने GTB थाने के बाहर एक दिल्ली सरकार की 'कैट्स एम्बुलेंस' को अपनी चपेट में लेते देखा, जिसके आगे की नंबर प्लेट गायब थी और पीछे 'TO925MP903C' जैसा रहस्यमयी कोड लिखा था। आरोप है कि शराब के नशे में धुत ड्राइवर ने इस जीवनदायिनी गाड़ी को “अपराध का रथ” बनाकर आम जनता को सड़कों पर ठोका और जब शिकायतकर्ता ने जान जोखिम में डालकर उसका पीछा किया, तो ताहिरपुर रेडलाइट, सीमापुरी गोलचक्कर से लेकर वजीराबाद रोड और गोकलपुरी तक, यह “सरकारी गुंडा-वाहिनी” पूरी दिल्ली को ठेंगा दिखाते हुए गलत दिशा में मौत बनकर दौड़ती रही। इतना ही नहीं, पकड़ने पर एम्बुलेंस में सवार लोगों ने शिकायतकर्ता को “सरकारी गालियां” दीं और मोटरसाइकिल सवार गुंडों के “सुरक्षा कवच” के साथ भाग निकले। शिकायतकर्ता ने अपने नंबर (9136592411) से दो बार 112 पर गुहार लगाई, लेकिन दिल्ली पुलिस पर अपराधियों को पकड़ने के बजाय शिकायतकर्ता को “फुटबॉल” बनाकर “क्षेत्राधिकार-महोत्सव” खेलने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि दयालपुर थाने ने कहा कि सड़क उनके इलाके में नहीं आती और गोकलपुरी जाने को कहा। गोकलपुरी थाने ने पार्किंग और अंधेरे जंगल को ज्योति नगर थाने के अंतर्गत बताया, जबकि ज्योति नगर थाने के एएसआई गजराज जी ने घटना की शुरुआत GTB थाने से होने का हवाला देकर वहीं जाने की सलाह दी। शिकायतकर्ता ने वजीराबाद रोड पर आंबेडकर कॉलेज के पास एक अंधेरी पार्किंग में PCR की मदद से गाड़ी ढूंढ भी ली थी, फिर भी अधिकारियों का ध्यान क्षेत्र के निर्धारण पर ही रहा। नागरिक का मानना है कि पुलिस तंत्र की इस सुस्ती और “बॉर्डर-बॉर्डर” के खेल के कारण ही दिल्ली में अपराधी बेखौफ घूमते हैं। नागरिक ने इस घटना को कोई साधारण दुर्घटना नहीं, बल्कि एक “सुसंगठित गैंग” द्वारा सरकारी एम्बुलेंस के वेश में, बिना नंबर प्लेट के और बाइकर-गुंडों की सुरक्षा के साथ “किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने” की तैयारी बताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि वे मूकदर्शक नहीं बैठेंगे और इस मामले को देश के सर्वोच्च प्रशासनिक व पुलिसिया मंचों तक ले जाएंगे। शिकायतकर्ता ने आगामी दिनों में सूचना का अधिकार (RTI) के तहत दिल्ली पुलिस से जवाब तलब करने की घोषणा की, जिसमें उनकी 112 कॉल का आधिकारिक इवेंट लॉग, कॉल्स के ट्रांसफर का आधार व आदेश, PCR की मौजूदगी में गाड़ी बरामद होने के बावजूद जांच अधिकारी की रिपोर्ट न मिलने का कारण, और बिना नंबर प्लेट वाली इस 'कैट्स एम्बुलेंस' व एस्कॉर्ट गैंग पर FIR दर्ज न होने जैसे प्रश्न शामिल होंगे। उन्होंने साफ किया कि यदि उन्हें थानों के चक्कर काटने वाली “फुटबॉल” बनाया गया, तो यह “फुटबॉल” सीधे आला दफ्तरों के शीशों से टकराएगी, और दिल्ली पुलिस से इस गंभीर सुरक्षा चूक पर वास्तविक “जीरो टॉलरेंस” दिखाने की उम्मीद जताई है।
दिल्ली के एक सजग नागरिक ने 19 जून, 2026 की रात सड़कों पर कानून के “तमाशे” और दिल्ली पुलिस की “जीरो टॉलरेंस” के खोखले दावों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। नागरिक के अनुसार, उन्होंने GTB थाने के बाहर एक दिल्ली सरकार की 'कैट्स एम्बुलेंस' को अपनी चपेट में लेते देखा, जिसके आगे की नंबर प्लेट गायब थी और पीछे 'TO925MP903C' जैसा रहस्यमयी कोड लिखा था। आरोप है कि शराब के नशे में धुत ड्राइवर ने इस जीवनदायिनी गाड़ी को “अपराध का रथ” बनाकर आम जनता को सड़कों पर ठोका और जब शिकायतकर्ता ने जान जोखिम में डालकर उसका पीछा किया, तो ताहिरपुर रेडलाइट, सीमापुरी गोलचक्कर से लेकर वजीराबाद रोड और गोकलपुरी तक, यह “सरकारी गुंडा-वाहिनी” पूरी दिल्ली को ठेंगा दिखाते हुए गलत दिशा में मौत बनकर दौड़ती रही। इतना ही नहीं, पकड़ने पर एम्बुलेंस में सवार लोगों ने शिकायतकर्ता को “सरकारी गालियां” दीं और मोटरसाइकिल सवार गुंडों के “सुरक्षा कवच” के साथ भाग निकले। शिकायतकर्ता ने अपने नंबर
(9136592411) से दो बार 112 पर गुहार लगाई, लेकिन दिल्ली पुलिस पर अपराधियों को पकड़ने के बजाय शिकायतकर्ता को “फुटबॉल” बनाकर “क्षेत्राधिकार-महोत्सव” खेलने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि दयालपुर थाने ने कहा कि सड़क उनके इलाके में नहीं आती और गोकलपुरी जाने को कहा। गोकलपुरी थाने ने पार्किंग और अंधेरे जंगल को ज्योति नगर थाने के अंतर्गत बताया, जबकि ज्योति नगर थाने के एएसआई गजराज जी ने घटना की शुरुआत GTB थाने से होने का हवाला देकर वहीं जाने की सलाह दी। शिकायतकर्ता ने वजीराबाद रोड पर आंबेडकर कॉलेज के पास एक अंधेरी पार्किंग में PCR की मदद से गाड़ी ढूंढ भी ली थी, फिर भी अधिकारियों का ध्यान क्षेत्र के निर्धारण पर ही रहा। नागरिक का मानना है कि पुलिस तंत्र की इस सुस्ती और “बॉर्डर-बॉर्डर” के खेल के कारण ही दिल्ली में अपराधी बेखौफ घूमते हैं। नागरिक ने इस घटना को कोई साधारण दुर्घटना नहीं, बल्कि एक “सुसंगठित गैंग” द्वारा सरकारी एम्बुलेंस के वेश में,
बिना नंबर प्लेट के और बाइकर-गुंडों की सुरक्षा के साथ “किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने” की तैयारी बताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि वे मूकदर्शक नहीं बैठेंगे और इस मामले को देश के सर्वोच्च प्रशासनिक व पुलिसिया मंचों तक ले जाएंगे। शिकायतकर्ता ने आगामी दिनों में सूचना का अधिकार (RTI) के तहत दिल्ली पुलिस से जवाब तलब करने की घोषणा की, जिसमें उनकी 112 कॉल का आधिकारिक इवेंट लॉग, कॉल्स के ट्रांसफर का आधार व आदेश, PCR की मौजूदगी में गाड़ी बरामद होने के बावजूद जांच अधिकारी की रिपोर्ट न मिलने का कारण, और बिना नंबर प्लेट वाली इस 'कैट्स एम्बुलेंस' व एस्कॉर्ट गैंग पर FIR दर्ज न होने जैसे प्रश्न शामिल होंगे। उन्होंने साफ किया कि यदि उन्हें थानों के चक्कर काटने वाली “फुटबॉल” बनाया गया, तो यह “फुटबॉल” सीधे आला दफ्तरों के शीशों से टकराएगी, और दिल्ली पुलिस से इस गंभीर सुरक्षा चूक पर वास्तविक “जीरो टॉलरेंस” दिखाने की उम्मीद जताई है।
- एक संदेश में हिंदू मुस्लिम एकता को बनाए रखने पर ज़ोर दिया गया है, जहाँ 'हिंदू मुस्लिम एकता जिंदाबाद' का नारा बुलंद किया गया। इसमें स्पष्ट रूप से मांग की गई है कि धर्म के नाम पर हिंदू और मुसलमानों के बीच नफरत और लड़ाई फैलाने वाले लोगों को अपनी इन गतिविधियों को तुरंत बंद कर देना चाहिए।1
- दिल्ली के जंतर मंतर पर CJP ने जोरदार हुंकार भरी है, जहाँ आरोप लगाया गया कि "चंदा चोर चौथी पास प्रधानमंत्री मोदी" से प्रेरणा लेकर युवा थाली बजाने पर उतर आए हैं। यह थाली "धर्मेंद्र प्रधान नाम के वायरस" को देश से भगाने के लिए बजाई जा रही है। CJP ने "चंदा चोर अनपढ़ भाजपाइयों" पर देश को बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए यह भी दोहराया कि अब देश का "GEN Z" इन "दलालों" को देश से बाहर भगाकर ही रहेगा।1
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- यूजर आलम मलिक (alam_malik143143) ने लोगों से अपने YouTube, Instagram और Facebook चैनलों को फॉलो करने का आग्रह किया है।1
- दिल्ली के चांदनीमहल थाना पुलिस ने एक सराहनीय कार्य करते हुए साइबर धोखाधड़ी करने वाले लोगों की मदद करने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई कर उन लोगों पर शिकंजा कसा है जो साइबर अपराधियों को उनकी गतिविधियों में सहयोग प्रदान कर रहे थे।1
- गुरुग्राम में 20 जून 2026 को सोहना रोड से राजीव चौक की ओर जा रहे एक व्यक्ति की गाड़ी को साइड न देने पर हुई कहासुनी के बाद दो युवकों ने उसकी गाड़ी में तोड़फोड़ की और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने शिकायत मिलने के कुछ ही घंटों के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और वारदात में इस्तेमाल की गई गाड़ी भी बरामद कर ली। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि 20 जून 2026 को जब वह सोहना रोड से राजीव चौक की तरफ जा रहा था, तो एक स्कॉर्पियो में सवार दो युवक लापरवाही से और जिगजैग तरीके से गाड़ी चला रहे थे, जिससे उसकी गाड़ी टकराने से बाल-बाल बची। इसके बाद उन युवकों ने उसकी गाड़ी का रास्ता रोककर गाली दी, जिसके बाद शिकायतकर्ता वहां से निकल गया। लेकिन, राजीव चौक के पास उन युवकों ने फिर उसकी गाड़ी के आगे अपनी गाड़ी लगा दी। उन्होंने डंडे से शिकायतकर्ता की गाड़ी के शीशे तोड़ दिए, डंडा उसके कंधे पर भी लगा और शीशे टूटकर उसके चेहरे पर लगे। इस दौरान युवकों ने उसे गाली दी और जान से मारने की धमकी भी दी। शिकायत पर थाना सदर, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस चौकी नाहरपुर रूपा थाना सदर, गुरुग्राम की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 20 जून 2026 को ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान पार्थ और पारस के रूप में हुई है, जो विपुल वर्ल्ड सेक्टर-48, फाजिलपुर, गुरुग्राम के निवासी हैं। दोनों की उम्र 22 वर्ष है और दोनों ने बीबीए की शिक्षा प्राप्त की है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि शिकायतकर्ता द्वारा गाड़ी को साइड न देने पर दोनों के बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद आरोपियों ने इस घटना को अंजाम दिया। वारदात में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो गाड़ी भी आरोपियों के कब्जे से बरामद कर ली गई है। पुलिस मामले में नियमानुसार आगामी कार्यवाही कर रही है और अनुसंधान जारी है।1
- हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में स्थित 'दियोटसिद्ध' का बाबा बालक नाथ मंदिर, अपनी अलौकिक आध्यात्मिक शक्ति के कारण उत्तर भारत में बेहद प्रसिद्ध है। इस पवित्र स्थान पर पूजा करने का मुख्य महत्व संतान प्राप्ति, भक्तों के कष्टों के निवारण और उनकी सभी मनोकामनाओं की पूर्ति से जुड़ा हुआ है।1
- दिल्ली का परिवहन सिस्टम पूरी तरह ठप हो चुका है, जिससे भीषण गर्मी में जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों का तापमान 60 डिग्री सेल्सियस से ऊपर होने के बावजूद, दिल्ली के बस स्टॉप्स पर यात्रियों के लिए न तो छांव की व्यवस्था है और न ही पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध है। घंटों इंतज़ार के बाद जब बसें आती भी हैं, तो वे बस स्टॉप्स पर रुकती नहीं हैं। यह स्थिति इस बात को दर्शाती है कि दिल्ली में केवल "दिखावे की चार इंजन सरकार" चल रही है, जबकि हकीकत में आम जनता का दम निकल रहा है और उन्हें रोज़मर्रा की परिवहन सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।1