जोधपुर के बोरानाड़ा थाना क्षेत्र में स्थित पाल गांव की RIICO 9 नंबर नई बस्ती में रिहायशी कॉलोनी के बीचों-बीच मोबाइल टावर लगाए गए हैं। इन टावरों की दूरी कई मकानों से मात्र लगभग 1 मीटर बताई जा रही है, जिससे स्थानीय निवासियों में स्वास्थ्य और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ और भय व्याप्त है। कॉलोनी में बड़ी संख्या में परिवार निवास करते हैं, जो इस स्थिति से सीधे तौर पर प्रभावित हैं। ट्विटर पर इस मामले की शिकायत के बाद, जियो कंपनी के एक प्रबंधक ने मौके का दौरा किया। उन्होंने बताया कि यह टावर उनकी कंपनी का नहीं है, हालांकि जियो की दूरसंचार सेवाएँ इसी टावर से संचालित हो रही हैं। मौके पर मौजूद कॉलोनी की महिलाओं और अन्य स्थानीय निवासियों ने इस पर कड़ा विरोध जताते हुए आशंका व्यक्त की कि टावरों से उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। इसके अलावा, लोगों का कहना है कि तेज आंधी-तूफान के दौरान टावर गिरने का खतरा बना रहता है, जिससे बड़े पैमाने पर जनहानि और संपत्ति को नुकसान पहुँच सकता है, और इसी कारण पूरे क्षेत्र में भय एवं असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित मोबाइल कंपनियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी प्रमुख मांग है कि इन मोबाइल टावरों की वैधानिक स्थिति, स्थापित सुरक्षा मानकों का अनुपालन और उनकी संरचनात्मक मजबूती की तुरंत गहन जांच की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी प्रकार के नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई करते हुए इन टावरों को तत्काल प्रभाव से हटाया जाना चाहिए ताकि सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
जोधपुर के बोरानाड़ा थाना क्षेत्र में स्थित पाल गांव की RIICO 9 नंबर नई बस्ती में रिहायशी कॉलोनी के बीचों-बीच मोबाइल टावर लगाए गए हैं। इन टावरों की दूरी कई मकानों से मात्र लगभग 1 मीटर बताई जा रही है, जिससे स्थानीय निवासियों में स्वास्थ्य और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ और भय व्याप्त है। कॉलोनी में बड़ी संख्या में परिवार निवास करते हैं, जो इस स्थिति से सीधे तौर पर प्रभावित हैं। ट्विटर पर इस मामले की शिकायत के बाद, जियो कंपनी के एक प्रबंधक ने मौके का दौरा किया। उन्होंने बताया कि यह टावर उनकी कंपनी का नहीं है, हालांकि जियो की दूरसंचार सेवाएँ इसी टावर से संचालित हो रही हैं। मौके पर मौजूद कॉलोनी की महिलाओं और अन्य स्थानीय निवासियों ने इस पर कड़ा विरोध जताते हुए आशंका व्यक्त की कि टावरों से उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। इसके अलावा, लोगों का कहना है कि तेज आंधी-तूफान के दौरान टावर गिरने का खतरा बना रहता है, जिससे बड़े पैमाने पर जनहानि और संपत्ति को नुकसान पहुँच सकता है, और इसी कारण पूरे क्षेत्र में भय एवं असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित मोबाइल कंपनियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी प्रमुख मांग है कि इन मोबाइल टावरों की वैधानिक स्थिति, स्थापित सुरक्षा मानकों का अनुपालन और उनकी संरचनात्मक मजबूती की तुरंत गहन जांच की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी प्रकार के नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई करते हुए इन टावरों को तत्काल प्रभाव से हटाया जाना चाहिए ताकि सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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- पाली के बांगड़ हॉस्पिटल में शुक्रवार सुबह 21 वर्षीय नदीम की जांघ में फंसी गोली का सफल ऑपरेशन किया गया। करीब आधे घंटे तक चले इस ऑपरेशन में डॉक्टर्स ने जांघ की हड्डी में फंसी गोली को बाहर निकाला। डॉक्टरों कैलाश परिहार और ईश्वर पटेल ने अत्याधुनिक मशीनों की मदद से लगभग 5 सेंटीमीटर अंदर तक घुसी गोली को सफलतापूर्वक निकाला। गोली लगने से युवक के स्क्रोटम में भी चोट आई थी, जिसका उपचार डॉ. जेपी रांगी ने टांके लगाकर किया। फिलहाल, युवक की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। वहीं, पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि युवक को गोली कैसे लगी। ऑपरेशन के बाद निकाली गई गोली को फोरेंसिक जांच के लिए पुलिस को सौंप दिया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, यह गोली करीब एक सेंटीमीटर से कुछ ज्यादा लंबी है और प्रारंभिक तौर पर इसे देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह देशी कट्टे या देशी पिस्टल की हो सकती है। पुलिस गोली चलाने वाले की तलाश में जुट गई है।2
- मेड़ता सिटी में रिया बड़ी बजरी मामले में पकड़े गए 16 व्यक्तियों को आज जमानत मिल गई है। पुलिस ने इन लोगों को 11 महीने पहले बजरी काटते समय हुई तोड़फोड़ और जेसीबी मशीन जलाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के 11 दिन बाद आज इन सभी को जमानत मिली है।1
- अपने घर का रंग-रोगन करवाने के लिए आप 9079495805 पर संपर्क कर सकते हैं। सेवा प्रदाता आपके घर पर आकर रंग-रोगन का काम करेगा, जिससे आपके घर को एक नया रूप मिल सकेगा।2
- मारवाड़ जंक्शन, पाली के राणावास में शुक्रवार को मोहर्रम का त्योहार पूरे शांति और सौहार्द के साथ मनाया गया। इस दौरान मोहर्रम पर ताजिया जुलूस निकाला गया और युवाओं द्वारा अखाड़े के आकर्षक करतब भी दिखाए गए। आयोजन के तहत, मुस्लिम समाज सदर मोहम्मद साबिर खैरादी ने लाइसेंसदार हाजी दिलदार खां, पुलिस प्रशासन के राणावास चौकी प्रभारी एएसआई मोहनलाल मीना, कांस्टेबल सुरेश इंद्रराज और प्यारेलाल का साफा पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर मौलाना साहब गुलाम रसूल अकबरी, हाजी शकुर खां, हाजी निजामुद्दीन, अल्पसंख्यक विभाग ब्लॉक अध्यक्ष सफी गौरी, रमजान, फिरोज खान जफ्फर अली, सलीम खां इंसाफ अली, पीर मोहम्मद, उप सरपंच अमीन पठान, अनवर अली, आसिफ, हकीम भाई शरीफ शा, अहमद कुरैशी सहित मुस्लिम समाज के तमाम लोग और महिलाएं उपस्थित रहीं।1
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- मारवाड़ जंक्शन, पाली के सिरियारी में शुक्रवार को मुहर्रम के अवसर पर ताजिया का एक भव्य जुलूस निकाला गया। यह जुलूस मस्जिद से शुरू होकर मेन बाजार से होते हुए दोपहर करीब 5 बजे बस स्टैंड पहुंचा। ढोल-ताशों की मातमी धुनों के बीच निकले इस जुलूस में मुस्लिम समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में शिरकत की। जुलूस के दौरान युवाओं ने पारंपरिक और हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिन्हें देखने के लिए मेन बाजार में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जुलूस मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिसमें एसआई लक्ष्मणलाल अपने पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। मार्ग में कई स्थानों पर छबीलें लगाई गई थीं, जहाँ राहगीरों और जुलूस में शामिल लोगों को ठंडा पानी और शर्बत पिलाया गया। इस जुलूस में अल्लाह बख्श पठान, इस्माल खान, अनार खा, मुराद हुसैन, शेरू, निजाम पठान, आरिफ पठान, शाहिद खान, शाहरुख खान सहित मुस्लिम समाज के कई अन्य प्रमुख लोग उपस्थित थे। शाम को धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार ताजिया को कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक (दफन) कर दिया गया।3
- जयपुर के सांगानेर में एक शर्मनाक घटना सामने आई है, जहाँ एक कलयुगी बेटे ने कथित घरेलू विवाद के चलते अपने 67 वर्षीय बुजुर्ग पिता के साथ मारपीट की। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। पुलिस ने जानकारी दी है कि आरोपी पुत्र के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ न्यायालय ने उसकी जमानत याचिका को मंजूर कर उसे रिहा कर दिया। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने बुजुर्गों के सम्मान और उनकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पोस्ट में शासन-प्रशासन से मांग की गई है कि इस विषय पर गंभीरता से विचार किया जाए और बुजुर्गों के हितों की रक्षा के लिए कठोर कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी शर्मनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।1