कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने से पहले, उन्होंने बेंगलुरु में कैबिनेट की अपनी आखिरी मीटिंग ली, जहाँ वे भावुक हो गए। सिद्धारमैया ने अपने कैबिनेट सहयोगियों से कहा कि पिछले 20 सालों में वे उन सब पर चिल्लाए और गुस्सा हुए हैं, लेकिन यह सब उन्होंने पार्टी और सरकार के हित में किया है, न कि व्यक्तिगत रूप से। उन्होंने अपने सहयोगियों को समर्थन देने के लिए धन्यवाद भी दिया और कहा कि वे उनकी बातों को दिल पर न लें और भूल जाएं। इस्तीफे के बाद बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सिद्धारमैया ने बताया कि उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा लोक भवन में गवर्नर के दफ़्तर में जमा कर दिया है, क्योंकि गवर्नर उस समय वहां नहीं थे और उन्हें बताया गया था कि वे आज रात लौटेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने पहले ही कहा था कि जब हाईकमान उनसे इस्तीफा देने को कहेगा तो वह दे देंगे, और ठीक दो दिन पहले हाईकमान ने उन्हें पद छोड़ने को कहा था, जिसके बाद उन्होंने आज इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया दिल्ली जाएंगे, जहाँ वे राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे। उनके साथ राज्य के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला भी होंगे, और राहुल गांधी के साथ उनकी एक अलग से भी बैठक होगी। इस दौरान सिद्धारमैया के लिए आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी और पार्टी नेतृत्व उनकी भूमिका तय करेगा। पहले की रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी के साथ 50 मिनट की बातचीत में सिद्धारमैया को कर्नाटक से आगामी राज्यसभा सीट और 2029 के लोकसभा चुनावों की तैयारी के दौरान केंद्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका का प्रस्ताव दिया गया था, हालांकि, सिद्धारमैया ने राज्यसभा की सीट ठुकरा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, सिद्धारमैया ने सुरजेवाला से यह मांग भी की है कि कैबिनेट में उनके बेटे सहित 15 समर्थकों को जगह दी जाए और उनके समर्थकों को बोर्ड और निगमों में चेयरमैन के पद दिए जाएं।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने से पहले, उन्होंने बेंगलुरु में कैबिनेट की अपनी आखिरी मीटिंग ली, जहाँ वे भावुक हो गए। सिद्धारमैया ने अपने कैबिनेट सहयोगियों से कहा कि पिछले 20 सालों में वे उन सब पर चिल्लाए और गुस्सा हुए हैं, लेकिन यह सब उन्होंने पार्टी और सरकार के हित में किया है, न कि व्यक्तिगत रूप से। उन्होंने अपने सहयोगियों को समर्थन देने के लिए धन्यवाद भी दिया और कहा कि वे उनकी बातों को दिल पर न लें और भूल जाएं। इस्तीफे के बाद बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सिद्धारमैया ने बताया कि उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से अपना इस्तीफा लोक भवन में गवर्नर के दफ़्तर में जमा कर दिया है, क्योंकि गवर्नर उस समय वहां नहीं थे और उन्हें बताया गया था कि वे आज रात लौटेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने पहले ही कहा था कि जब हाईकमान उनसे इस्तीफा देने को कहेगा तो वह दे देंगे, और ठीक दो दिन पहले हाईकमान ने उन्हें पद छोड़ने को कहा था, जिसके बाद उन्होंने आज इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने के बाद सिद्धारमैया दिल्ली जाएंगे, जहाँ वे राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे। उनके साथ राज्य के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला भी होंगे, और राहुल गांधी के साथ उनकी एक अलग से भी बैठक होगी। इस दौरान सिद्धारमैया के लिए आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी और पार्टी नेतृत्व उनकी भूमिका तय करेगा। पहले की रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी के साथ 50 मिनट की बातचीत में सिद्धारमैया को कर्नाटक से आगामी राज्यसभा सीट और 2029 के लोकसभा चुनावों की तैयारी के दौरान केंद्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका का प्रस्ताव दिया गया था, हालांकि, सिद्धारमैया ने राज्यसभा की सीट ठुकरा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, सिद्धारमैया ने सुरजेवाला से यह मांग भी की है कि कैबिनेट में उनके बेटे सहित 15 समर्थकों को जगह दी जाए और उनके समर्थकों को बोर्ड और निगमों में चेयरमैन के पद दिए जाएं।
- न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी ने ईद की नमाज़ अदा की है।1
- संभल कलेक्ट्रेट में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने महंगाई और NEET परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान डीएम ऑफिस के बाहर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई और जमकर धक्का-मुक्की हुई, जिससे पूरा माहौल गरमा गया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर लगातार नारेबाजी की। सपा सांसद जियाउर रहमान बर्क की मौजूदगी में प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ता चला गया, जिसके चलते कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। हालांकि, बाद में अतिरिक्त जिलाधिकारी (एडीएम) के समझाने के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और मामला समाप्त हुआ।1
- बरेली में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार पर कड़ी कार्रवाई करते हुए देर रात एक बड़ी छापेमारी की है। बहेड़ी पुलिस द्वारा की गई इस विशेष कार्रवाई के दौरान 200 ग्राम अवैध अफीम बरामद की गई, और इस मामले में एक आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई नशे के कारोबार पर एक बड़ा प्रहार मानी जा रही है। पुलिस अब इस बात की गहनता से जाँच कर रही है कि आखिर कौन है वह तस्कर जो अफीम बेचकर अपना पूरा नेटवर्क चला रहा था।1
- गुरुवार को संभल जिले में ईद-उल-अजहा का पर्व पूरे धार्मिक उत्साह, भाईचारे और शांतिपूर्ण माहौल में मनाया गया। जिले भर में कुल 828 स्थानों पर बकरीद की नमाज अदा की गई, जहाँ लोगों ने देश और प्रदेश में अमन-चैन व खुशहाली के लिए दुआएं मांगीं। इस अवसर पर, जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण विश्नोई सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ विभिन्न ईदगाहों और मस्जिदों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पूरे जनपद में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पुलिस तथा प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी करती रहीं, जिससे पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रशासन ने साफ-सफाई, यातायात और कानून व्यवस्था को लेकर भी विशेष इंतजाम किए थे। अधिकारियों ने सभी लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने और शांति के साथ त्योहार मनाने की अपील की।1
- संभल जिले के बहजोई कलेक्टरेट पर समाजवादी पार्टी (सपा) के पदाधिकारियों ने बढ़ती महंगाई के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान वे जिलाधिकारी (डीएम) संभल को ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे, लेकिन उनकी पुलिस से झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों ने 'हाय-हाय' के नारे लगाए और धक्का-मुक्की भी हुई।1
- संभल जिले में शासन की गाइडलाइन के तहत बकरीद की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से अदा की गई, जिसके बाद लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी। जिलाधिकारी (डीएम) अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण कुमार विश्नोई की मौजूदगी में कड़ी सुरक्षा के बीच ईदगाह में बकरीद की नमाज संपन्न हुई। पूरे जिले में कुल 828 मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा की गई। बकरीद की नमाज को देखते हुए प्रशासन कई दिनों से अलर्ट पर था, और सुबह से ही जिले भर के ईदगाहों व मस्जिदों पर पुलिस बल तैनात रहा। संभल के ईदगाह में जिले की प्रमुख नमाज अदा की गई, जिसे मौलाना जहीरुल इस्लाम ने पढ़ाया। नमाजियों ने इस दौरान मुल्क और कौम की तरक्की के लिए दुआ की। लोगों ने बकरीद पर प्रशासन द्वारा किए गए सुरक्षा और साफ-सफाई के इंतजामों की सराहना की है।4
- राजधानी दिल्ली में ईद की नमाज़ के बाद, कुछ मुस्लिम भाइयों ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की माँग उठाई है। उन्होंने हाथों में बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर लेकर अपनी बात रखी, जिसमें कहा गया कि गाय भारतीय संस्कृति और आस्था का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। इस मांग के माध्यम से उनका कहना है कि गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा मिलना चाहिए।1
- बरेली के मीरगंज में नेशनल हाईवे पर सिंधौली चौराहे के पास एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। यह दुर्घटना तब हुई जब सड़क किनारे खड़ी एक खराब आर्टिगा कार में पीछे से एक तेज रफ्तार कार ने जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया जा रहा है कि इनमें से कार की मरम्मत कर रहे मिस्त्री की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।1
- संभल जिले में ईद-उल-अज़हा की नमाज़ मस्जिदों और ईदगाह में बड़े ही अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई। विशेष रूप से संभल के मऊ भूड़ स्थित जामा मस्जिद में सुबह से ही लोगों में खुशी और रौनक का माहौल था। छोटे बच्चे, नौजवान और बुज़ुर्ग सभी नए कपड़े पहनकर मस्जिद पहुंचे और अल्लाह तआला की बारगाह में सज्दा रेज़ हुए। ईद-उल-अज़हा का यह पावन पर्व हमें कुर्बानी, भाईचारे, मोहब्बत और इंसानियत का पैगाम देता है। हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की सुन्नत को याद करते हुए, मुसलमान अल्लाह की राह में कुर्बानी पेश करते हैं। इस अवसर पर यह संदेश दिया जाता है कि इंसान को अपनी चाहतों से ऊपर उठकर अल्लाह की रज़ा को अहमियत देनी चाहिए। नमाज़ के बाद मुल्क में अमन-चैन, तरक्की और भाईचारे के लिए खास दुआएं की गईं। दुआ की गई कि देश हमेशा तरक्की करता रहे, लोगों के दिलों में मोहब्बत बनी रहे और समाज में आपसी एकता मजबूत हो। इस दिन यह भी सीख मिलती है कि हमें गरीबों, जरूरतमंदों और बेसहारा लोगों का खास ख्याल रखना चाहिए, क्योंकि ईद की असली खुशी तभी मुकम्मल होती है जब दूसरों को भी अपनी खुशियों में शामिल किया जाए। जामा मस्जिद मऊ भूड़, संभल से हजरत नफीस अहमद ने तमाम अहल-ए-वतन और खास तौर पर संभल जिले के लोगों को ईद-उल-अज़हा की दिली मुबारकबाद पेश की। उन्होंने अल्लाह तआला से सबकी इबादत और कुर्बानी कबूल फरमाने और मुल्क में हमेशा अमन और भाईचारा कायम रखने की दुआ की।4