बिना आंगनबाड़ी सेविका के चल रहा है सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र चमोथा ₹500 महीने की राशि पर 13 वर्षों से केंद्र में बच्चों को पढ़ा रही एक दिव्यांग लड़की महीने में दो-चार दिन ही आती है आंगनबाड़ी सेविका, केंद्र में नहीं बनता है बच्चों का पोषाहार, रसोई में दिखा ताला लटका ढाई साल पहले केंद्र की आंगनबाड़ी सहायिका भी हो गई है रिटायर, तब से सहायिका के पद हैं खाली भूपतपुर की रहने वाली है आंगनबाड़ी सेविका, मकान बनाकर स्थाई रूप से रहती है नवादा में महीने में दो-चार दिन आकर बैंक से लेती है टीएचआर की राशि, करती है एफआरएस और उसी दिन बनता है बच्चों का पोषाहार रजौली। प्रफुल्ल कुमार सुमन छोटे-छोटे मासूम बच्चों के लिए केंद्र सरकार प्रायोजित आईसीडीएस के तहत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में सेविका-सहायिकाओं के द्वारा भारी अनियमितता बरती जा रही है। प्रखंड स्तर पर सीडीपीओ और महिला पर्यवेक्षिका के द्वारा जांच में लापरवाही बरते जाने के कारण रजौली प्रखंड क्षेत्र में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों का यह हाल बना है। मीडियाकर्मियों के द्वारा सोमवार को जब रजौली प्रखंड के मुरहेना पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्रों की पड़ताल की गई तो सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा कर दिया। ऐसे में प्रखंड क्षेत्र में संचालित सामान्य आंगनबाड़ी केंद्रों की क्या स्थिति होगी इसे समझा जा सकता है। पड़ताल के क्रम में मीडिया कर्मियों की टीम रजौली प्रखंड के मुरहेना पंचायत के सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र चमोथा द्वितीय पर पहुंची। टीम ने देखा कि सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र चमोथा द्वितीय बिना आंगनबाड़ी सेविका के ही चल रहा है। आंगनवाड़ी सहायिका भी ढाई साल पहले रिटायर हो चुकी है। एक दिव्यांग लड़की केंद्र चला रही थी। केंद्र में लगे बोर्ड पर ना तो सेविका का नाम लिखा था और ना ही सहायिका का नाम लिखा था। रसोई घर में ताला लगा था। जब दिव्यांग लड़की से जानकारी ली गई कि सेविका कहां है और उसका नाम क्या है तो उक्त दिव्यांग लड़की शबाना खातुन ने पहले बोली कि सेविका उस पर आंगनबाड़ी केंद्र छोड़कर कुछ काम से बगल में गई है। लेकिन जब उससे और भी जानकारी ली गई तो उन्होंने अपनी बात से पलटते हुए सच्चाई बताते हुए कहा कि सेविका भूपतपुर गांव की रहने वाली है। नवादा में अपना पक्का का स्थाई मकान बना कर रहती है। आंगनबाड़ी सेविका इंदु कुमारी महीने में दो-चार दिन ही आती है। इसी दौरान ही वह बच्चों व महिलाओं का एफआरएस भी करती है। वह केवल टीएचआर यानि टेक होम राशन का बैंक से पैसा निकालने के लिए चमोथा रजौली आती है। केन्द्र की सहायिका भी रिटायर हो चुकी है। जिसके कारण प्रतिदिन वही आंगनबाड़ी केंद्र चलाती है। जब सेविका केंद्र आती है तभी केंद्र में बच्चों को सुबह का नाश्ता और पोषाहार भी मिलता है। जब सेविका नहीं आती है तो बच्चों को ना सुबह का नाश्ता मिलता और ना पोषाहार। अभी दो-तीन दिनों पहले सेविका सीडीपीओ कार्यालय रजौली से बच्चों का स्कूल ड्रेस लाकर केंद्र में दी है। दिव्यांग लड़की शबाना खातुन ने बताया कि वह 13 वर्षों से इस केंद्र में आ रही है और ₹ 500 महीने की मेहनताने पर केंद्र में बच्चों को पढ़ा रही है। उसने बताया कि सेविका द्वारा आश्वासन दिया गया है कि ढाई साल पहले सहायिका के रिटायर हो जाने के बाद सहायिका का पद खाली है और अगर वह ₹500 महीने पर केंद्र चला देगी तो वह सहायिका के पद पर वह उसकी बहाली करवा देगी। इसी उम्मीद के सहारे वह उस सेविका की आंगनबाड़ी केंद्र चला रही है कि आज नहीं तो कल सहायिका में उसकी नौकरी हो जाएगी। आंगनबाड़ी की इस खराब स्थिति को लेकर जब रजौली सीडीपीओ सीता कुजूर से मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने मोबाइल रिसीव नहीं किया। इसके बाद आईसीडीएस की नवादा डीपीओ से भी मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई पर उन्होंने भी मोबाइल रिसीव नहीं किया। जिसके कारण संबंधित अधिकारियों से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
बिना आंगनबाड़ी सेविका के चल रहा है सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र चमोथा ₹500 महीने की राशि पर 13 वर्षों से केंद्र में बच्चों को पढ़ा रही एक दिव्यांग लड़की महीने में दो-चार दिन ही आती है आंगनबाड़ी सेविका, केंद्र में नहीं बनता है बच्चों का पोषाहार, रसोई में दिखा ताला लटका ढाई साल पहले केंद्र की आंगनबाड़ी सहायिका भी हो गई है रिटायर, तब से सहायिका के पद हैं खाली भूपतपुर की रहने वाली है आंगनबाड़ी सेविका, मकान बनाकर स्थाई रूप से रहती है नवादा में महीने में दो-चार दिन आकर बैंक से लेती है टीएचआर की राशि, करती है एफआरएस और उसी दिन बनता है बच्चों का पोषाहार रजौली। प्रफुल्ल कुमार सुमन छोटे-छोटे मासूम बच्चों के लिए केंद्र सरकार प्रायोजित आईसीडीएस के तहत संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन में सेविका-सहायिकाओं के द्वारा भारी अनियमितता बरती जा रही है। प्रखंड स्तर पर सीडीपीओ और महिला पर्यवेक्षिका के द्वारा जांच में लापरवाही बरते जाने के कारण रजौली प्रखंड क्षेत्र में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों का यह
हाल बना है। मीडियाकर्मियों के द्वारा सोमवार को जब रजौली प्रखंड के मुरहेना पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्रों की पड़ताल की गई तो सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र की स्थिति ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा कर दिया। ऐसे में प्रखंड क्षेत्र में संचालित सामान्य आंगनबाड़ी केंद्रों की क्या स्थिति होगी इसे समझा जा सकता है। पड़ताल के क्रम में मीडिया कर्मियों की टीम रजौली प्रखंड के मुरहेना पंचायत के सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र चमोथा द्वितीय पर पहुंची। टीम ने देखा कि सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र चमोथा द्वितीय बिना आंगनबाड़ी सेविका के ही चल रहा है। आंगनवाड़ी सहायिका भी ढाई साल पहले रिटायर हो चुकी है। एक दिव्यांग लड़की केंद्र चला रही थी। केंद्र में लगे बोर्ड पर ना तो सेविका का नाम लिखा था और ना ही सहायिका का नाम लिखा था। रसोई घर में ताला लगा था। जब दिव्यांग लड़की से जानकारी ली गई कि सेविका कहां है और उसका नाम क्या है तो उक्त दिव्यांग लड़की शबाना खातुन ने पहले बोली कि सेविका
उस पर आंगनबाड़ी केंद्र छोड़कर कुछ काम से बगल में गई है। लेकिन जब उससे और भी जानकारी ली गई तो उन्होंने अपनी बात से पलटते हुए सच्चाई बताते हुए कहा कि सेविका भूपतपुर गांव की रहने वाली है। नवादा में अपना पक्का का स्थाई मकान बना कर रहती है। आंगनबाड़ी सेविका इंदु कुमारी महीने में दो-चार दिन ही आती है। इसी दौरान ही वह बच्चों व महिलाओं का एफआरएस भी करती है। वह केवल टीएचआर यानि टेक होम राशन का बैंक से पैसा निकालने के लिए चमोथा रजौली आती है। केन्द्र की सहायिका भी रिटायर हो चुकी है। जिसके कारण प्रतिदिन वही आंगनबाड़ी केंद्र चलाती है। जब सेविका केंद्र आती है तभी केंद्र में बच्चों को सुबह का नाश्ता और पोषाहार भी मिलता है। जब सेविका नहीं आती है तो बच्चों को ना सुबह का नाश्ता मिलता और ना पोषाहार। अभी दो-तीन दिनों पहले सेविका सीडीपीओ कार्यालय रजौली से बच्चों का स्कूल ड्रेस लाकर केंद्र में दी है। दिव्यांग
लड़की शबाना खातुन ने बताया कि वह 13 वर्षों से इस केंद्र में आ रही है और ₹ 500 महीने की मेहनताने पर केंद्र में बच्चों को पढ़ा रही है। उसने बताया कि सेविका द्वारा आश्वासन दिया गया है कि ढाई साल पहले सहायिका के रिटायर हो जाने के बाद सहायिका का पद खाली है और अगर वह ₹500 महीने पर केंद्र चला देगी तो वह सहायिका के पद पर वह उसकी बहाली करवा देगी। इसी उम्मीद के सहारे वह उस सेविका की आंगनबाड़ी केंद्र चला रही है कि आज नहीं तो कल सहायिका में उसकी नौकरी हो जाएगी। आंगनबाड़ी की इस खराब स्थिति को लेकर जब रजौली सीडीपीओ सीता कुजूर से मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने मोबाइल रिसीव नहीं किया। इसके बाद आईसीडीएस की नवादा डीपीओ से भी मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई पर उन्होंने भी मोबाइल रिसीव नहीं किया। जिसके कारण संबंधित अधिकारियों से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
- बिहार में भाजपा सरकार पर 'जंगल राज' चलाने और बहू-बेटियों की सुरक्षा में चूक के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन दावों के साथ, राज्य की कानून-व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।1
- थाली थाना के एक गांव मे महादलित युवती से छेड़छाड़, पीड़िता ने विधायक प्रतिनिधि से लगाई न्याय की गुहार महादलित युवती से छेड़छाड़ का आरोप, पीड़िता ने विधायक प्रतिनिधि से लगाई न्याय की गुहार, नवादा/गोविंदपुर: गोविंदपुर प्रखंड अंतर्गत थाली थाना क्षेत्र के एक गांव से एक महादलित युवती के साथ कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। पीड़िता ने गांव के ही दो युवकों पर दुष्कर्म की नियत से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते हुए थाली थाना में आवेदन दिया है। घटना 7 मई 2026 की शाम की बताई जा रही है। पीड़िता द्वारा थाने में दिए गए आवेदन के अनुसार, उसके दो घर हैं जिनके बीच एक छोटा नदी पड़ता है। युवती ने बताया कि वह खाना खाने के बाद दूसरे घर में सोने जा रही थी, तभी पहले से घात लगाए बैठे दो युवकों ने उसे पकड़ लिया। आरोप है कि दोनों युवक उसका मुंह बंद कर उसे घसीटते हुए नदी की ओर ले जाने लगे। विरोध करने पर उसके गाल पर दांत से काट लिया गया। पीड़िता के अनुसार, किसी तरह उसने अपना मुंह छुड़ाकर शोर मचाया, जिसके बाद गांव और परिवार के लोग दौड़े। लोगों को आता देख दोनों आरोपी वहां से फरार हो गए। सोमवार को पीड़िता अपने परिजनों के साथ गोविंदपुर विधायक प्रतिनिधि सह बीजेपी जिला अध्यक्ष अनिल मेहता से मिली और उचित न्याय की गुहार लगाई। वहीं विधायक प्रतिनिधि अनील मेहता ने पीड़िता की बातो को सुनकर उचित कार्रवाई और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। इस मामले मे थानाध्यक्ष दिपक कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि पीड़िता के आवेदन के अनुसार प्राथमिकी दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा दिया गया है, फरार आरोपी को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा, फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। यह जानकारी सोमवार 5 बजे प्राप्त हुई1
- *ब्रेकिंग न्यूज़* *कोडरमा। नवलशाही थाना क्षेत्र के नीमाडीह स्थित अधूरा पड़े डैम मे एक महिला का शव बरामद होने की सूचना।* *ब्रेकिंग न्यूज़* *कोडरमा। नवलशाही थाना क्षेत्र के नीमाडीह स्थित अधूरा पड़े डैम मे एक महिला का शव बरामद होने की सूचना।*1
- कोडरमा से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह ने सदर अस्पताल कोडरमा का औचक निरीक्षण किया। बताया जा रहा है कि जिले में बन रहे मेडिकल कॉलेज को ध्यान में रखते हुए अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की साफ-सफाई, मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं, डॉक्टरों की उपस्थिति और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की गहन जांच की गई। अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए, ताकि आने वाले समय में मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था और बेहतर हो सके। श्री अजय कुमार सिंह ने अस्पताल परिसर के विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य कर्मियों से भी जानकारी ली। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। अब देखना होगा कि इस निरीक्षण के बाद सदर अस्पताल कोडरमा की स्वास्थ्य सेवाओं में कितना सुधार देखने को मिलता है।1
- झुमरी तिलैया के मॉडर्न पब्लिक स्कूल में 'स्वस्थ बालिका, सशक्त कल' विषय पर एक जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शिल्पी काजल ने 200 से अधिक छात्राओं को किशोरावस्था के बदलावों, मासिक धर्म स्वच्छता और एनीमिया से बचाव की महत्वपूर्ण जानकारी दी। इस दौरान मासिक धर्म से जुड़ी कई भ्रांतियों को दूर किया गया, जिसे विद्यालय प्रबंधन ने आगे भी जारी रखने का आश्वासन दिया।1
- गोविंदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रविवार रात बिजली गुल होने से पूरा अस्पताल घंटों अंधेरे में डूबा रहा। हैरानी की बात यह है कि घंटों तक जनरेटर भी चालू नहीं किया गया और इलाज एक बल्ब व मोबाइल टॉर्च के सहारे चलता रहा।1
- कोडरमा के बेकोबार उत्तरी पंचायत के मुखिया पति किशोर साव का बाइक चालक को धमकाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में वे बाइक चालक को जबरन रोककर लाइसेंस मांगते और धमकाते दिख रहे हैं। इससे उन पर गुंडागर्दी और रंगदारी के आरोप फिर से लगने लगे हैं।1
- नवादा के पहाड़पुर गांव में ग्रामीणों ने एक प्रेमी जोड़े को पकड़ लिया। इसके बाद बिना किसी देरी के ग्रामीणों ने पास के मंदिर में ही दोनों की शादी करवा दी। इस अनोखी घटना की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है।1