लखीमपुर खीरी के नीमगांव थाना क्षेत्र के देवरी गांव में सालों से चल रहे जमीनी विवाद में कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने के बाद भी न्याय न मिलने से परेशान होकर एक युवक 50 फुट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गया है। हाथ में कोई पोस्टर लिए बिना, उसके मुंह पर सिर्फ एक ही जिद है कि अगर न्याय नहीं मिला तो वह टंकी से कूद जाएगा। मौके पर पुलिस, गांव के लोग और एम्बुलेंस मौजूद हैं और पिछले 4 घंटे से उसे समझाने-बुझाने की कोशिशें की जा रही हैं। यह घटना कोई आम जमीन का झगड़ा नहीं, बल्कि उस थकाऊ सिस्टम का नतीजा है जहां तारीख पर तारीख और पेशी पर पेशी के बाद भी कोई फैसला नहीं आता और थक-हारकर इंसान कानून से भरोसा खोकर आत्महत्या को ही आखिरी रास्ता मान लेता है। इस लाचारी के लिए सीधे तौर पर हमारी राजस्व और न्याय व्यवस्था जिम्मेदार है, जहां जमीनी विवाद 10-15 सालों तक खिंचते रहते हैं और गवाहों की मौत हो जाती है पर मुकदमा खत्म नहीं होता। अगर स्थानीय स्तर पर ग्राम प्रधान, लेखपाल और पुलिस थाना समय पर बीच-बचाव कर देते, तो आज यह नौबत ही न आती। इस गंभीर स्थिति को सुलझाने के लिए तुरंत एसडीएम, सीओ, लेखपाल और दोनों पक्षों को एक साथ बिठाकर बातचीत करनी चाहिए और जमीनी विवादों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन कर 6 महीने की समय-सीमा तय होनी चाहिए। प्रशासन से हाथ जोड़कर विनती है कि फाइलों को इंसान से बड़ा न बनाएं और देवरी गांव की इस टंकी से किसी की मौत की खबर न आने दें, क्योंकि न्याय में देरी करना वास्तव में अन्याय करने के ही बराबर है। युवक से भी अपील है कि जान देना कोई हल नहीं बल्कि लड़ना ही इसका समाधान है, इसलिए वह टंकी से नीचे उतर आए।
लखीमपुर खीरी के नीमगांव थाना क्षेत्र के देवरी गांव में सालों से चल रहे जमीनी विवाद में कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने के बाद भी न्याय न मिलने से परेशान होकर एक युवक 50 फुट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गया है। हाथ में कोई पोस्टर लिए बिना, उसके मुंह पर सिर्फ एक ही जिद है कि अगर न्याय नहीं मिला तो वह टंकी से कूद जाएगा। मौके पर पुलिस, गांव के लोग और एम्बुलेंस मौजूद हैं और पिछले 4 घंटे से उसे समझाने-बुझाने की कोशिशें की जा रही हैं। यह घटना कोई आम जमीन का झगड़ा नहीं, बल्कि उस थकाऊ सिस्टम का नतीजा है जहां तारीख पर तारीख और पेशी पर पेशी के बाद भी कोई फैसला नहीं आता और थक-हारकर इंसान कानून से भरोसा खोकर आत्महत्या को ही आखिरी रास्ता मान लेता है। इस लाचारी के लिए सीधे तौर पर हमारी राजस्व और न्याय व्यवस्था जिम्मेदार है, जहां जमीनी विवाद 10-15 सालों तक खिंचते रहते हैं और गवाहों की मौत हो जाती है पर मुकदमा खत्म नहीं होता। अगर स्थानीय स्तर पर ग्राम प्रधान, लेखपाल और पुलिस थाना समय पर बीच-बचाव कर देते, तो आज यह नौबत ही न आती। इस गंभीर स्थिति को सुलझाने के लिए तुरंत एसडीएम, सीओ, लेखपाल और दोनों पक्षों को एक साथ बिठाकर बातचीत करनी चाहिए और जमीनी विवादों के त्वरित निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन कर 6 महीने की समय-सीमा तय होनी चाहिए। प्रशासन से हाथ जोड़कर विनती है कि फाइलों को इंसान से बड़ा न बनाएं और देवरी गांव की इस टंकी से किसी की मौत की खबर न आने दें, क्योंकि न्याय में देरी करना वास्तव में अन्याय करने के ही बराबर है। युवक से भी अपील है कि जान देना कोई हल नहीं बल्कि लड़ना ही इसका समाधान है, इसलिए वह टंकी से नीचे उतर आए।
- लखीमपुर खीरी में सूचना विभाग और पीआरओ सेल द्वारा जारी किए जाने वाले डीएम-एसपी के कार्यों के वीडियो म्यूट होने पर सीधे सवाल खड़े किए गए हैं। सिनेमा ऑपरेटर से पूछा गया है कि जब प्रशासनिक काम अच्छे हैं, तो फिर वीडियो में आवाज़ से परहेज़ क्यों किया जा रहा है? यदि इन वीडियो का असली मकसद जनता तक संदेश पहुंचाना है, तो आवाज़ बंद रखने का क्या औचित्य है? इस रवैये पर तंज कसते हुए पूछा गया है कि क्या वे खुद को बहुत होशियार और बाकी सबको नासमझ समझते हैं? इस मुद्दे पर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथियों से सहमत होने पर खुलकर समर्थन करने की अपील की गई है।2
- लखीमपुर खीरी जिले के हैदराबाद थाना क्षेत्र के सेमरई गांव में हुई चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक वांछित महिला आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक खीरी, डॉ. ख्याति गर्ग के निर्देशन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी गोला के कुशल मार्गदर्शन में हैदराबाद के थानाध्यक्ष सुनील मलिक के नेतृत्व में पुलिस टीम को यह सफलता मिली है। हैदराबाद पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार की गई वांछित महिला आरोपी का नाम शिवानी (उम्र लगभग 42 वर्ष) है, जो धौरहरा थाना क्षेत्र के ग्राम गुधरिया की निवासी और मनीराम गौतम उर्फ मन्नी की पत्नी है। यह चोरी वादी चंद्रप्रकाश मिश्रा के घर पर हुई थी। पुलिस ने गिरफ्तार महिला के कब्जे से चोरी का एक पीली धातु का लॉकेट मय माला, एक जोड़ी सफेद धातु के हाथ फूल और कुल ₹800 की नकदी बरामद की है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी महिला की 'यक्ष ऐप' पर आईडी जनरेट की गई और आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए उसे खीरी न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया। इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली हैदराबाद थाने की पुलिस टीम में उप-निरीक्षक जयनारायण यादव, कांस्टेबल सचिन कुमार, कांस्टेबल कुलदीप, महिला आरक्षी नीतू यादव और महिला आरक्षी अंशिका शामिल रहीं।1
- लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ में मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। यहाँ नेता लोग सिर्फ वोट लेने के लिए ही जाते हैं और उसके बाद इन बस्तियों के लोगों की सुध नहीं लेते। वोट पाने के बाद नेताओं द्वारा यहाँ रहने वाले लोगों को पूरी तरह से अनदेखा कर दिया जाता है।1
- एक छोटे बंदर ने आखिर ट्रेन ड्राइवर की जान क्यों बचाई? यह नफरत से दोस्ती की सबसे भावुक और दिल छू लेने वाली कहानी है, जिसे दर्शकों से अंत तक देखने की अपील की जा रही है।1
- बिहार के हाजीपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उस समय हड़कंप मच गया जब उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का हेलीकॉप्टर निर्धारित स्थान पर तुरंत उतरने के बजाय करीब 7 मिनट तक हवा में चक्कर लगाता रहा। हेलीकॉप्टर के इस तरह लगातार हवा में मंडराने से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों में भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हेलीकॉप्टर के देर तक हवा में रहने के दौरान अधिकारी सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेने और आवश्यक समन्वय स्थापित करने के लिए इधर-उधर दौड़ते नजर आए। हालांकि, स्थिति सामान्य होने के बाद हेलीकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई और कार्यक्रम आगे बढ़ सका। फिलहाल हेलीकॉप्टर के हवा में रहने के कारणों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर इसे सुरक्षा व्यवस्था, लैंडिंग स्थल की तैयारी या तकनीकी एवं परिचालन संबंधी कारणों से जोड़कर देखा जा रहा है और इस संबंध में प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में सड़क चौड़ीकरण के दौरान मंदिर तोड़े जाने के समय हादसा हुआ है। यहाँ सड़क चौड़ीकरण के लिए मंदिर को तोड़ा जा रहा था, तभी अचानक मंदिर का पूरा गुंबद नीचे गिर गया। इस गुंबद के गिरने से उसकी चपेट में आकर एक PWD कर्मचारी की मौत हो गई। इस हादसे के बाद फिलहाल ध्वस्तीकरण का कार्य रोक दिया गया है।1