राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद में सारथल ग्राम सेवा शिविर 2026 के तहत प्रशासन ने 50 साल पुरानी चारागाह भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाकर गौशाला निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। यह कार्रवाई सारथल ग्राम पंचायत में की गई, जहाँ 5 बीघा जमीन गौशाला हेतु प्रस्तावित की गई है। इस प्रक्रिया की शुरुआत सारथल गौ सेवा समिति के एक प्रार्थना पत्र से हुई, जिसमें उन्होंने ग्राम पंचायत से गौशाला निर्माण के लिए भूमि आवंटन का अनुरोध किया था। ग्राम पंचायत ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शिविर में उपस्थित तहसीलदार सुरेंद्र सिंह गुर्जर को पत्र लिखा, जिसके बाद चारागाह भूमि में से 5 बीघा भूमि को गौशाला के लिए प्रस्तावित किया गया। तहसीलदार द्वारा भूमि की जानकारी लेने पर पटवारी ने बताया कि खसरा नंबर 565 की कुल 24 बीघा चारागाह भूमि पर अतिक्रमण है। इसके उपरांत, तहसीलदार ने मौके पर ही पटवारी बलराम जाट, भू-अभिलेख निरीक्षक देवेंद्र सिंह हाड़ा, और अतिरिक्त ऑफिस कानूनगो जगदीश नामदेव को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। विकास अधिकारी रामबिलास मीणा ने ग्राम विकास अधिकारी को जेसीबी उपलब्ध कराने का आदेश दिया। प्रशासन, ग्राम विकास अधिकारी ने तत्काल जेसीबी और पुलिस जाब्ता मंगवाया। विकास अधिकारी, नायब तहसीलदार, पटवारी, कानूनगो और प्रशासक की पूरी टीम मौके पर पहुँची और खसरा नंबर 565 से 5 बीघा प्रस्तावित गौशाला भूमि पर जेसीबी का उपयोग कर अतिक्रमण को ध्वस्त किया। अतिक्रमण हटने से उत्साहित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा चलाए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर 2026 की सराहना की और गौशाला निर्माण में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
राजस्थान के बारां जिले के छीपाबड़ौद में सारथल ग्राम सेवा शिविर 2026 के तहत प्रशासन ने 50 साल पुरानी चारागाह भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाकर गौशाला निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। यह कार्रवाई सारथल ग्राम पंचायत में की गई, जहाँ 5 बीघा जमीन गौशाला हेतु प्रस्तावित की गई है। इस प्रक्रिया की शुरुआत सारथल गौ सेवा समिति के एक प्रार्थना पत्र से हुई, जिसमें उन्होंने ग्राम पंचायत से गौशाला निर्माण के लिए भूमि आवंटन का अनुरोध किया था। ग्राम पंचायत ने
त्वरित कार्रवाई करते हुए शिविर में उपस्थित तहसीलदार सुरेंद्र सिंह गुर्जर को पत्र लिखा, जिसके बाद चारागाह भूमि में से 5 बीघा भूमि को गौशाला के लिए प्रस्तावित किया गया। तहसीलदार द्वारा भूमि की जानकारी लेने पर पटवारी ने बताया कि खसरा नंबर 565 की कुल 24 बीघा चारागाह भूमि पर अतिक्रमण है। इसके उपरांत, तहसीलदार ने मौके पर ही पटवारी बलराम जाट, भू-अभिलेख निरीक्षक देवेंद्र सिंह हाड़ा, और अतिरिक्त ऑफिस कानूनगो जगदीश नामदेव को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। विकास अधिकारी रामबिलास मीणा
ने ग्राम विकास अधिकारी को जेसीबी उपलब्ध कराने का आदेश दिया। प्रशासन, ग्राम विकास अधिकारी ने तत्काल जेसीबी और पुलिस जाब्ता मंगवाया। विकास अधिकारी, नायब तहसीलदार, पटवारी, कानूनगो और प्रशासक की पूरी टीम मौके पर पहुँची और खसरा नंबर 565 से 5 बीघा प्रस्तावित गौशाला भूमि पर जेसीबी का उपयोग कर अतिक्रमण को ध्वस्त किया। अतिक्रमण हटने से उत्साहित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा चलाए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर 2026 की सराहना की और गौशाला निर्माण में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
- सरकार की जन-कल्याणकारी और फ्लैगशिप योजनाओं को आम जनता तक पहुँचाने के उद्देश्य से हरनावदाशाहजी के ग्राम पंचायत सारथल और देवरीजोध में ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में उपस्थित अधिकारियों ने लोगों को योजनाओं की जानकारी दी, मौके पर ही प्राप्त शिकायतों का निस्तारण किया और पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाया। शिविर में राजस्व विभाग के अतिरिक्त 21 अन्य विभागों, कुल 22 विभागों, से संबंधित कार्य किए गए। इनमें खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, पंचायती राज, आयोजना, ग्रामीण विकास, पशुपालन, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भूजल, श्रम, कृषि, आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति, जनजाति क्षेत्रीय विकास, शिक्षा, ऊर्जा, सार्वजनिक निर्माण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, सहकारिता, सैनिक कल्याण, वन, महिला एवं बाल विकास, जल संसाधन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण, और परिवहन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। देवरीजोध शिविर में उपखंड अधिकारी अभिमन्यु सिंह कुन्तल, तहसीलदार सुरेन्द्र सिंह गुर्जर, कानूनगो सुरेन्द्र शर्मा और ग्राम विकास अधिकारी ओमप्रकाश पारेता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। वहीं, सारथल में प्रशासक लोकेन्द्र सिंह, विकास अधिकारी रामबिलास मीणा, तहसीलदार सुरेन्द्र सिंह गुर्जर, नायब तहसीलदार राधेश्याम लववंशी, भू-अभिलेख निरीक्षक देवेन्द्र सिंह हाड़ा, अतिरिक्त ऑफिस कानूनगो जगदीश नामदेव, पटवारी बलराम जाट और ग्राम विकास अधिकारी दुर्गाप्रसाद गौत्तम के साथ कंप्यूटर सहायक राकेश शर्मा आदि मौजूद थे। सारथल शिविर में गौशाला हेतु भूमि आवंटन का एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया। सारथल गौ सेवा समिति ने ग्राम पंचायत को प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर गौशाला के लिए भूमि आवंटन की मांग की। ग्राम पंचायत ने तुरंत शिविर में उपस्थित तहसीलदार सुरेन्द्र सिंह गुर्जर को पत्र लिखकर चारागाह भूमि में से 5 बीघा भूमि गौशाला हेतु आवंटित करने का प्रस्ताव तैयार किया। तहसीलदार द्वारा भूमि की जानकारी लेने पर पटवारी ने बताया कि खसरा नंबर 565 में 24 बीघा भूमि अतिक्रमित है। तहसीलदार ने मौके पर ही पटवारी बलराम जाट, भू-अभिलेख निरीक्षक देवेन्द्र सिंह हाड़ा और अतिरिक्त ऑफिस कानूनगो जगदीश नामदेव को तत्काल चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया। विकास अधिकारी रामबिला मीणा ने ग्राम विकास अधिकारी को अतिक्रमण हटवाने के लिए जेसीबी जैसे आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिसके बाद प्रशासक/ग्राम विकास अधिकारी ने तुरंत जेसीबी और अन्य संसाधन उपलब्ध कराकर पुलिस बल भी बुलाया। विकास अधिकारी, नायब तहसीलदार, पटवारी, कानूनगो और प्रशासक स्वयं पूरी टीम के साथ मौके पर पहुँचे और खसरा नंबर 565 में प्रस्तावित गौशाला हेतु 5 बीघा चारागाह भूमि पर हुए अतिक्रमण को जेसीबी के माध्यम से ध्वस्त किया। इस कार्रवाई से गाँव में गौशाला निर्माण का रास्ता साफ हो गया, जिस पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा चलाए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर 2026 की सराहना की। देवरीजोध तहसील छीपाबड़ौद में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर की एक अन्य सफलता में, एक दशक पुरानी राजस्व रिकॉर्ड की त्रुटि को मौके पर ही सुधारा गया। ग्राम भगवतपुरा निवासी कालू की पुत्रियां नंदू बाई और जुल्फी बाई (जाति कैथोडिया) के नाम सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में पिछले 20-25 वर्षों से गलत दर्ज थे। शिविर में उपस्थित न्यायालय उपखंड अधिकारी ने मामले की सुनवाई करते हुए मौके पर ही नाम शुद्धिकरण का निर्णय पारित किया। इसमें नंदू बाई का नाम बदलकर नंदू उर्फ मोतिया और चम्पा बाई का नाम बदलकर जुल्फी उर्फ चम्पा बाई किया गया। न्यायालय के आदेश के बाद पटवारी राजस्व टीम द्वारा नामांतरण तुरंत दर्ज कर रिकॉर्ड को अपडेट कर दिया गया। इसी तरह, सारथल शिविर में भवानीपुरा निवासी गिरराज सिंह पुत्र रामसिंह (जाति राजपूत) की 20-22 वर्ष पुरानी कृषि भूमि के खाते में दर्ज गलत नाम का संशोधन किया गया। उन्होंने बताया कि ग्राम भवानीपुरा में खाता संख्या 07 में उनकी माताजी का नाम फूॅलकंवर की जगह मूलकंवर दर्ज हो गया था, जिसके कारण उन्हें बैंकों से केसीसी और मुआवजे में परेशानी हो रही थी। गिरराज सिंह द्वारा सारथल में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में नाम संशोधन हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने पर, शिविर प्रभारी ने मौके पर उपस्थित राजस्व टीम को नाम संशोधन करने के निर्देश दिए। राजस्व विभाग ने आवश्यक दस्तावेजों की जांच के उपरांत उनके खाते में नाम संशोधित कर दिया। यह ग्रामीण सेवा शिविर 2026 के तहत आयोजित हुआ।4
- छबड़ा में किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने की मांग को लेकर कांग्रेस ने प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। पूर्व विधायक करण सिंह राठौड़ के निर्देश पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी छबड़ा ने उपखंड अधिकारी छबड़ा को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें चेतावनी दी गई है कि यदि आगामी दो दिनों में खाद की व्यवस्था सुचारू नहीं की गई, तो ब्लॉक कांग्रेस कमेटी व नगर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। कांग्रेस नेताओं ने इस दौरान प्रशासन पर आरोप लगाया कि बुवाई का समय होने के बावजूद किसान खाद के लिए घंटों सड़कों और केंद्रों पर भटक रहे हैं, जिससे उन्हें भीषण गर्मी में परेशान होना पड़ रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस ने यह भी दोहराया कि वह किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगी और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार संघर्ष करेगी। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मनोज भार्गव, नगर कांग्रेस अध्यक्ष हरीश महेश्वरी, जिला परिषद सदस्य रामदयाल लोधा, संगठन महासचिव सतीश मालव, मंडल अध्यक्ष नंदकिशोर लोधा, पार्षद नवीन उपाध्याय, खालिद राणा, मानसिंह गुर्जर और एनएसयूआई ब्लॉक अध्यक्ष रवि लोधा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।4
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियों के तहत छिपाबड़ौद के स्टेडियम में UNJYAE प्राणायाम का आयोजन किया गया। यह आयोजन आगामी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के लिए एक महत्वपूर्ण तैयारी अभ्यास के रूप में देखा जा रहा है।1
- बारां जिले के छबड़ा-छीपाबड़ौद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बरावदा में मूलभूत समस्याओं के समाधान और समाज में वैचारिक चेतना जगाने के उद्देश्य से एक विशेष सेमिनार का शानदार आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सामाजिक युवा मंच बारां और राजीव गांधी पंचायत राज संगठन, जिला बारां के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। सेमिनार में जिले और ब्लॉक स्तर के प्रमुख पदाधिकारियों ने शिरकत कर अपने ओजस्वी विचार व्यक्त किए। इनमें छीपाबड़ौद तहसील अध्यक्ष अमृतलाल बागड़ी, सामाजिक युवा मंच जिला बारां अध्यक्ष कमल बेरवा, जिला प्रभारी रामप्रसाद मेघवाल, संरक्षक धर्मवीर साहब, जिला महामंत्री राधेश्याम बदरिया, जिला महासचिव बृजमोहन आचार्य व आसाराम बेरवा, जिला सचिव दयाराम, जिला मीडिया प्रभारी योगेंद्र बेरवा, मांगरोल ब्लॉक अध्यक्ष लाल सिंह रेगर, अंता ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र बेरवा, राजीव गांधी पंचायत राज संगठन के तहसील अध्यक्ष पप्पू लाल बेरवा, छबड़ा ब्लॉक अध्यक्ष हरिराम मीना और महासचिव बनवारी लाल बेरवा प्रमुख रूप से शामिल रहे। वक्ताओं ने क्षेत्र की जनता से जुड़े कई संवेदनशील और मूलभूत मुद्दों पर बेबाकी से अपनी बात रखी। बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, बिजली, पानी, किसानों के लिए खाद की उपलब्धता, प्रधानमंत्री आवास और शौचालय की कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए इनके समाधान के लिए रणनीति बनाई गई। इसके साथ ही, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित भारत के संविधान को अक्षुण्ण बनाए रखने और समाज को एकजुट रहने का आह्वान किया गया। सेमिनार में बाबा साहेब के ऐतिहासिक संदेश "शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पियेगा वह दहाड़ेगा" को दोहराते हुए कहा गया कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं है और हमें जाति-धर्म से ऊपर उठकर मानव कल्याण के लिए काम करना होगा। कार्यक्रम के अंत में, उपस्थित सभी पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रगतिशील विचारों को जन-जन तक पहुँचाने और सामाजिक सुधार के लिए निरंतर संघर्ष करने का सामूहिक संकल्प लिया। यह संकल्प सैकड़ों युवाओं और ग्रामीणों की उपस्थिति में लिया गया।4
- कोटा में गर्भवती महिलाओं की मौत के मामले में चल रही जांच के दौरान, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, संबंधित इंजेक्शन का पूरा स्टॉक जब्त कर लिया गया है और अधिकारियों ने इससे जुड़े संस्थानों में गहन जांच शुरू कर दी है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, गर्भवती महिलाओं की मौत के बाद उपयोग में लिए गए इंजेक्शन को जांच के दायरे में लाया गया है। एहतियातन, इस इंजेक्शन का पूरा स्टॉक जब्त करके उसके नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम इस मामले की विस्तृत जांच में सक्रिय रूप से जुटी हुई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मौतों के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले पर विशेष नजर बनाए हुए है और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।1
- झालावाड़ जिले के पनवाड़ क्षेत्र में प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 20 बीघा सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है। इस अभियान के दौरान, तीन हिस्ट्रीशीटर अपराधियों द्वारा किए गए अवैध कब्जों को जेसीबी की मदद से ध्वस्त कर दिया गया। सरकारी भूमि पर किए गए इन अवैध निर्माणों और कब्जों को हटाने के लिए प्रशासन, पुलिस और राजस्व विभाग की एक संयुक्त टीम मौजूद रही। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया था। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद विस्तृत जांच की गई थी, जिसके आधार पर यह सख्त कार्रवाई अमल में लाई गई। प्रशासन ने कड़े शब्दों में यह भी कहा कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस व्यापक अभियान से क्षेत्र में सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों पर प्रभावी अंकुश लगाने का एक स्पष्ट संदेश गया है।1
- प्रशासन ने हिस्ट्रीशीटरों द्वारा अवैध रूप से कब्जाई गई 20 बीघा जमीन पर कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत अवैध कब्जों को हटाने के लिए बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया।1
- छीपाबड़ौद के देवरी जोध ग्राम पंचायत में आयोजित ग्राम सेवा शिविर 2026 में एक महत्वपूर्ण सफलता सामने आई है, जहाँ उपखंड अधिकारी ने मौके पर ही एक 25 साल पुरानी राजस्व रिकॉर्ड त्रुटि को सुधारने का आदेश पारित किया। यह मामला ग्राम भगवतपुरा निवासी दो बहनों, नंदू बाई और जुल्फी बाई, पुत्रियां कालू (जाति कैथोडिया) से जुड़ा था, जिनके सरकारी राजस्व रिकॉर्ड में पिछले 20-25 वर्षों से नाम गलत दर्ज थे। शिविर में मौजूद उपखंड अधिकारी की अदालत ने मामले की सुनवाई की और तत्काल नाम शुद्धिकरण का निर्णय लिया। आदेश के अनुसार, नंदू बाई का नाम 'नंदू उर्फ मोतिया' और जुल्फी बाई का नाम 'जुल्फी उर्फ चम्पा बाई' के रूप में दर्ज किया गया। प्रशासनिक तत्परता दिखाते हुए, न्यायालय के आदेश के बाद पटवारी और राजस्व टीम ने तुरंत नामांतरण (म्यूटेशन) दर्ज कर रिकॉर्ड को अपडेट कर दिया। इस त्वरित कार्रवाई से दोनों बहनों को कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाए बिना मौके पर ही न्याय मिल गया। ग्रामीणों ने इस ग्रामीण सेवा शिविर और 'प्रशासन गांवों के संग' अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इससे आम आदमी को त्वरित राहत मिलती है।2