नर्मदापुरम के पिपरिया में पिपरिया-पचमढ़ी स्टेट हाईवे पर झिरिया के पास गुरुवार सुबह एक बार फिर बाघ दिखाई देने से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। हाईवे से गुजर रहे वाहन चालकों ने जब सड़क के बिल्कुल किनारे बाघ की मौजूदगी देखी, तो सुरक्षा के लिहाज से लोग कुछ देर के लिए वहीं रुक गए, जिससे इस मार्ग पर आवाजाही भी प्रभावित हुई। यह मार्ग पचमढ़ी आने-जाने का प्रमुख रास्ता है, जहां से रोजाना बड़ी संख्या में पर्यटक, स्थानीय नागरिक और भारी वाहन गुजरते हैं। ऐसे में वन क्षेत्र के इतने करीब बाघ का बार-बार दिखाई देना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है और लगातार हो रही इस मूवमेंट ने राहगीरों की चिंता को बेहद बढ़ा दिया है। इस स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने वाहन चालकों से जंगल क्षेत्र से गुजरते समय विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। विभाग ने निर्देश दिया है कि लोग रास्ते में अनावश्यक रूप से वाहन न रोकें, हॉर्न और तेज आवाज करने से बचें और बाघ दिखाई देने पर उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए हाईवे पर तुरंत निगरानी और सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए जाने की सख्त आवश्यकता है।
नर्मदापुरम के पिपरिया में पिपरिया-पचमढ़ी स्टेट हाईवे पर झिरिया के पास गुरुवार सुबह एक बार फिर बाघ दिखाई देने से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया। हाईवे से गुजर रहे वाहन चालकों ने जब सड़क के बिल्कुल किनारे बाघ की मौजूदगी देखी, तो सुरक्षा के लिहाज से लोग कुछ देर के लिए वहीं रुक गए, जिससे इस मार्ग पर आवाजाही भी प्रभावित हुई। यह मार्ग पचमढ़ी आने-जाने का प्रमुख रास्ता है, जहां से रोजाना बड़ी संख्या में पर्यटक, स्थानीय नागरिक और भारी वाहन गुजरते हैं। ऐसे में वन क्षेत्र के इतने करीब बाघ का बार-बार दिखाई देना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है और लगातार हो रही इस मूवमेंट ने राहगीरों की चिंता को बेहद बढ़ा दिया है। इस स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने वाहन चालकों से जंगल क्षेत्र से गुजरते समय विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। विभाग ने निर्देश दिया है कि लोग रास्ते में अनावश्यक रूप से वाहन न रोकें, हॉर्न और तेज आवाज करने से बचें और बाघ दिखाई देने पर उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए हाईवे पर तुरंत निगरानी और सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए जाने की सख्त आवश्यकता है।
- नर्मदापुरम पुलिस द्वारा युवाओं और समाज को नशे के चंगुल से बचाने के लिए "नशे से दूरी है ज़रूरी–2.0" अभियान की शुरुआत की गई है। पुलिस अधीक्षक (SP) श्री साई कृष्णा एस. थोटा (IPS) की यह अपील जिले को पूरी तरह से नशामुक्त और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बेहद सराहनीय और महत्वपूर्ण कदम है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वस्थ युवा व सशक्त भारत का निर्माण करना, युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में मोड़ना और अपराधियों पर नकेल कसना है। इस मुहिम को सफल बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। लोग अपने परिवार और दोस्तों के बीच नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाकर और सोशल मीडिया पर #NasheSeDooriHaiZaroori2_0, #mppolice व #SayNoToDrugs का उपयोग कर अपनी आवाज उठा सकते हैं। इसके साथ ही, आस-पास अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत नर्मदापुरम पुलिस को देकर इस सामाजिक सुधार में अपना बहुमूल्य योगदान दिया जा सकता है।1
- नर्मदापुरम जिले के इटारसी शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। चाकूबाजी, मारपीट और असामाजिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस पूरी सख्ती के साथ मैदान में उतर चुकी है। एसपी ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि शहर की शांति और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अराजक तत्व को छोड़ा नहीं जाएगा, चाहे उसका अपराध छोटा हो या बड़ा। इस सख्त रुख के तहत पुलिस ने अपराधियों और संदिग्धों पर अपनी निगरानी तेज कर दी है। संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है और सूचना तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। एसपी के इन कड़े तेवरों के चलते अपराधियों में खलबली मची हुई है, वहीं पुलिस पुराने रिकॉर्ड वाले अपराधियों की हर गतिविधि पर नजर रख रही है। स्थानीय नागरिक भी उम्मीद जता रहे हैं कि पुलिस की यह सख्ती जमीनी स्तर पर दिखे ताकि अपराधियों में कानून का खौफ पैदा हो सके।1
- मध्यप्रदेश की सियासत में एक बड़ा झटका लगा है, जहां पशुपालन एवं डेयरी विभाग की अहम जिम्मेदारी अब सीधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास आ गई है। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल से यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वापस ले ली गई है। इस बदलाव को लेकर राजपत्र की अधिसूचना जारी की जा चुकी है। राजपत्र की इस आधिकारिक अधिसूचना के सामने आने के बाद से ही राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर बेहद तेज हो गया है।1
- मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की घोड़ाडोंगरी तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत शोभापुर के ग्राम शोभापुर (मोहल्ला बिच्छूवा, पिन कोड 460449) में बारिश के पानी के कारण बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। जंगलों से होते हुए बारिश का पानी सीधे गांव के अंदर आ जाता है, जिसके कारण ग्रामीणों को गांव में आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। गांव में बारिश के पानी की इस समस्या से लोग जूझ रहे हैं।1
- आज इटारसी सिटी पुलिस ने थाने से एक फ्लैग मार्च निकाला। इस फ्लैग मार्च के बाद पुलिस अधीक्षक, एसडीएम, एसडीओपी, टीआई और जीआरपी टीआई से निवेदन किया गया है कि इटारसी शहर में हर 15 दिन या फिर एक महीने की एक निश्चित तारीख को इसी तरह का या इससे भी बड़ा फ्लैग मार्च निकाला जाना चाहिए। इस नियमित फ्लैग मार्च को इटारसी शहर के विभिन्न क्षेत्रों जैसे मालवीगंज, सूरजगंज, सोना सावरी नाका, नाला मोहल्ला क्षेत्र, जुझारपुर रोड, पुरानी इटारसी क्षेत्र, न्यास कॉलोनी पेट्रोल पंप क्षेत्र, गरीबी लाइन, बूढ़ी माता क्षेत्र और गांधी नगर सहित प्रमुख मार्गों से निकालने की मांग की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य अपराधियों, उनके द्वारा किए जाने वाले अनैतिक कार्यों और बड़े अपराधों पर नियंत्रण पाना है ताकि इटारसी शहर में पहले की तरह सुख, शांति और अमन-चैन का माहौल बनाया जा सके।1
- नर्मदापुरम में नशा मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में एक और मजबूत कदम उठाया गया है। जिले के पुलिस अधीक्षक श्री साई कृष्णा एस. थोटा (भा.पु.से.) ने समस्त नागरिकों से "नशे से दूरी है ज़रूरी-2.0" अभियान से जुड़ने की एक विशेष अपील की है। उन्होंने सभी लोगों से इस मुहिम का हिस्सा बनकर एक जिम्मेदार नागरिक का फर्ज निभाने का आह्वान किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नर्मदापुरम को पूरी तरह से नशा मुक्त, स्वस्थ और सुरक्षित बनाना है। इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि नशा न केवल किसी एक व्यक्ति को, बल्कि उसके पूरे परिवार और समाज को पूरी तरह से खोखला कर देता है। इसीलिए सभी नागरिकों को मिलकर इस मुहिम का हिस्सा बनना चाहिए और 'नशे को कहें ना, जिंदगी को कहें हाँ' का संकल्प लेना चाहिए।1
- नर्मदापुरम के इटारसी ओवरब्रिज पर आज रात लगभग 10 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। यहाँ दो बाइकों के बीच आमने-सामने की ज़ोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भयानक थी कि एक पल्सर बाइक का अगला पहिया टूटकर दूर जा गिरा। यह घटना याद दिलाती है कि सड़क पर एक पल की भी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट पहनने, गति सीमा का ध्यान रखने और सुरक्षित सफर के लिए यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करने की अपील की गई है।1