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सिस्टम के 'ठेकेदार' या ठेकेदार का 'सिस्टम'? निर्दलीय विधायक की मांग पर क्यों मौन है सरकार ?" बाड़मेर: गिरल गांव के धरने पर बैठे लोगों से दूरभाष पर बात हो रही थी उन्होंने बताया कि हमें आज 32 वा दिन है धरने पर .. और विधायक जी को धरने पर बैठे आज 7 वाँ दिन, सरकार और प्रशासन के द्वारा निर्दलीय विधायक को इग्नोर किया जा रहा है एक स्थानीय जनप्रतिनिधि ( विधायक) आवाम की मांग को लेकर धरने पर बैठना सरकार की संवेदनशीलता पर हजारों सवाल खड़े करती हैं जब सरकार में एक विधायक की नहीं सुनी जा रही तो आम जनता तो क्या उम्मीद रखेंगी, वर्तमान सरकार पूरे जोर से तानाशाही पर उतर चुकी है वर्तमान सरकार में केवल उसी की चवनी चलेगी जो सरकार के गुणगान करेगा.. आप अगर बगावत का विचार रखते है जनता की बात करते है इसी तरीके से कुचले दबाए जाओगे.. विधायक अपनी जनता के साथ धरने पर है ओर उनकी बात नहीं सुनना संसदीय गरिमा का उल्लंघन है सवाल ये है लोकतंत्र में जब 'माननीय' की सुनवाई नहीं हो रही, तो आम आदमी की बिसात क्या? क्या प्रशासन निर्वाचित प्रतिनिधि से ऊपर हो गया है ? अब बात करते है धरने पर मांगो की बात करूं उससे पहले ये सुन लो इस धरने पर बैठे है गवा के बुजुर्ग कान जी बा.. बा जिनकी उम्र करीब 94 साल के आस पास है वो लगातार धरने पर मौजूद है अपनी खाट ओर उस पर रखे दवाई की थैलियां कपड़े में बंधी पानी की बोतल.. बा धरने पर मौजूद हैं और बड़ी बात तो ये है कि बा के कोई औलाद नहीं है यानि कि उन्हें कोई रोजगार नहीं चाहिए उन्हें अपने बेटों की नौकरी नहीं चाहिए उन्हें चाहिए न्याय वो बैठे है गांव के लोगों की आवाज बनने धरने को मजबूत करने अपने बेटे रविंद्र भाटी की हिम्मत बनने इस 45° लू के थपेड़ों में पेड़ो की छांव में बैठे हैं शायद भाटी ने इन्हीं लोगों की मजबूती देखकर ही कहा होगा चुनावों में मैं लाठा हा .. लोग लाठे है मजबूत है पक्के है लेकिन इन लोगों पर क्या बितती होगी जब इन लोगों ने भाजपा को जनसंघ से भाजपा तक और डबल इंजन की सरकार तक बनने में भैरों सिंह शेखावत के साथ ऊंटों पर प्रचार कर मजबूत किया था.. जवानी खपाई जिस पार्टी के लिए आज 94 साल की उम्र में कान जी बा उसी पार्टी के राज में अपने बेटों की उस मांग के लिए धरने पर बैठे जिसकी मांग अमेरिका के शिकागो में 1886 में ओर भारत में 1983 में उठी भी और मानी भी गईं.. लेकिन बाड़मेर के मजदूर इस खदान में जमीन देने के बाद अपने रोजगार के लिए लिए बस 12 घण्ट की बजाय 8 घंटे करने की मांग पर अड़े हो .. इस धरने में अधिकतर ट्रैक चालक मजदूर है जो कहते है हमे स्किल्ड वेतन दिया जाए एक बात बताइएगा की ड्राईवर स्किल्ड और अन्सकिल्ड क्या होता है जो अन्सकिल्ड होगा वो तो ड्राइव कर ही नहीं सकता उसे तो लगाना ही नहीं चाहिए और वाहन चला सकते है उन्हें पूरा वेतन मिलना चाहिए.. लेकिन यहाँ बात आती है ठेकेदार की हठधर्मिता और विधायक जी का धरने पर बैठना और प्रशासन का अनदेखा करना .. सरकारी कंपनी का मौन यह सवाल खड़ा करता है कि क्या ठेकेदार नियमों से ऊपर है? सरकारी संरक्षण के बिना इतनी 'हठधर्मिता' संभव नहीं।"विधायक 7 दिन से धरने पर, जनता के संघर्ष का 32वां दिन; क्या ठेकेदार सरकार से बड़ा है?"यह धरना केवल एक ठेकेदार के खिलाफ नहीं, बल्कि उस पूरी व्यवस्था के खिलाफ है जो चंद मुनाफेखोरों के सामने घुटने टेक चुकी है। सरकार को जागना होगा, इससे पहले कि जनता का व्यवस्था पर से विश्वास पूरी तरह उठ जाए।

5 hrs ago
user_पत्रकार खेत सिंह राजपुरोहित
पत्रकार खेत सिंह राजपुरोहित
शेओ, बाड़मेर, राजस्थान•
5 hrs ago
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सिस्टम के 'ठेकेदार' या ठेकेदार का 'सिस्टम'? निर्दलीय विधायक की मांग पर क्यों मौन है सरकार ?" बाड़मेर: गिरल गांव के धरने पर बैठे लोगों से दूरभाष पर बात हो रही थी उन्होंने बताया कि हमें आज 32 वा दिन है धरने पर .. और विधायक जी को धरने पर बैठे आज 7 वाँ दिन, सरकार और प्रशासन के द्वारा निर्दलीय विधायक को इग्नोर किया जा रहा है एक स्थानीय जनप्रतिनिधि ( विधायक) आवाम की मांग को लेकर धरने पर बैठना सरकार की संवेदनशीलता पर हजारों सवाल खड़े करती हैं जब सरकार में एक विधायक की नहीं सुनी जा रही तो आम जनता तो क्या उम्मीद रखेंगी, वर्तमान सरकार पूरे जोर से तानाशाही पर उतर चुकी है वर्तमान सरकार में केवल उसी की चवनी चलेगी जो सरकार के गुणगान करेगा.. आप अगर बगावत का विचार रखते है जनता की बात करते है इसी तरीके से कुचले दबाए जाओगे.. विधायक अपनी जनता के साथ धरने पर है ओर उनकी बात नहीं सुनना संसदीय गरिमा का उल्लंघन है सवाल ये है लोकतंत्र में जब 'माननीय' की सुनवाई नहीं हो रही, तो आम आदमी की बिसात क्या? क्या प्रशासन निर्वाचित प्रतिनिधि से ऊपर हो गया है ? अब बात करते है धरने पर मांगो की बात करूं उससे पहले ये सुन लो इस धरने पर बैठे है गवा के बुजुर्ग कान जी बा.. बा जिनकी उम्र करीब 94 साल के आस पास है वो लगातार धरने पर मौजूद है अपनी खाट ओर उस पर रखे दवाई की थैलियां कपड़े में बंधी पानी की बोतल.. बा धरने पर मौजूद हैं और बड़ी बात तो ये है कि बा के कोई औलाद नहीं है यानि कि उन्हें कोई रोजगार नहीं चाहिए उन्हें अपने बेटों की नौकरी नहीं चाहिए उन्हें चाहिए न्याय वो बैठे है गांव के लोगों की आवाज बनने धरने को मजबूत करने अपने बेटे रविंद्र भाटी की हिम्मत बनने इस

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45° लू के थपेड़ों में पेड़ो की छांव में बैठे हैं शायद भाटी ने इन्हीं लोगों की मजबूती देखकर ही कहा होगा चुनावों में मैं लाठा हा .. लोग लाठे है मजबूत है पक्के है लेकिन इन लोगों पर क्या बितती होगी जब इन लोगों ने भाजपा को जनसंघ से भाजपा तक और डबल इंजन की सरकार तक बनने में भैरों सिंह शेखावत के साथ ऊंटों पर प्रचार कर मजबूत किया था.. जवानी खपाई जिस पार्टी के लिए आज 94 साल की उम्र में कान जी बा उसी पार्टी के राज में अपने बेटों की उस मांग के लिए धरने पर बैठे जिसकी मांग अमेरिका के शिकागो में 1886 में ओर भारत में 1983 में उठी भी और मानी भी गईं.. लेकिन बाड़मेर के मजदूर इस खदान में जमीन देने के बाद अपने रोजगार के लिए लिए बस 12 घण्ट की बजाय 8 घंटे करने की मांग पर अड़े हो .. इस धरने में अधिकतर ट्रैक चालक मजदूर है जो कहते है हमे स्किल्ड वेतन दिया जाए एक बात बताइएगा की ड्राईवर स्किल्ड और अन्सकिल्ड क्या होता है जो अन्सकिल्ड होगा वो तो ड्राइव कर ही नहीं सकता उसे तो लगाना ही नहीं चाहिए और वाहन चला सकते है उन्हें पूरा वेतन मिलना चाहिए.. लेकिन यहाँ बात आती है ठेकेदार की हठधर्मिता और विधायक जी का धरने पर बैठना और प्रशासन का अनदेखा करना .. सरकारी कंपनी का मौन यह सवाल खड़ा करता है कि क्या ठेकेदार नियमों से ऊपर है? सरकारी संरक्षण के बिना इतनी 'हठधर्मिता' संभव नहीं।"विधायक 7 दिन से धरने पर, जनता के संघर्ष का 32वां दिन; क्या ठेकेदार सरकार से बड़ा है?"यह धरना केवल एक ठेकेदार के खिलाफ नहीं, बल्कि उस पूरी व्यवस्था के खिलाफ है जो चंद मुनाफेखोरों के सामने घुटने टेक चुकी है। सरकार को जागना होगा, इससे पहले कि जनता का व्यवस्था पर से विश्वास पूरी तरह उठ जाए।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • बाड़मेर भाजपा नेता स्वरूप सिंह खारा ने अपने निजी कार्यालय (आशापूर्णा क्राउन प्लाजा,बाड़मेर) पर विधानसभा क्षेत्र शिव के गंगापुरा (गिराब) गाँव से पधारे वरिष्ठ ग्रामीणजनों से मुलाकात कर सुनी समस्याएं। इस दौरान उन्होंने मुख्य गिराब से गंगापुरा तक सड़क निर्माण कार्य की समस्या से अवगत करवाया। उनकी बात को गंभीरता से सुनते हुए जल्द से जल्द समाधान हेतु हरसंभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। साथ ही कार्यालय में उपस्थित जिले के अन्य गणमान्यजनों एवं आमजन से भी संवाद कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों को सुना।
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    बाड़मेर भाजपा नेता स्वरूप सिंह खारा ने अपने निजी कार्यालय (आशापूर्णा क्राउन प्लाजा,बाड़मेर) पर विधानसभा क्षेत्र शिव के गंगापुरा (गिराब) गाँव से पधारे वरिष्ठ ग्रामीणजनों से मुलाकात कर सुनी समस्याएं। 
इस दौरान उन्होंने मुख्य गिराब से गंगापुरा तक सड़क निर्माण कार्य की समस्या से अवगत करवाया। उनकी बात को गंभीरता से सुनते हुए जल्द से जल्द समाधान हेतु हरसंभव प्रयास करने का आश्वासन दिया।
साथ ही कार्यालय में उपस्थित जिले के अन्य गणमान्यजनों एवं आमजन से भी संवाद कर उनकी समस्याओं एवं सुझावों को सुना।
    user_पत्रकार खेत सिंह राजपुरोहित
    पत्रकार खेत सिंह राजपुरोहित
    शेओ, बाड़मेर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • Post by दिना नाथ राठोड़
    1
    Post by दिना नाथ राठोड़
    user_दिना नाथ राठोड़
    दिना नाथ राठोड़
    बाड़मेर, बाड़मेर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • बाड़मेर में होमगार्ड इंदिरानगर बाड़मेर का कार्य निर्माण चल रहा है बाड़मेर
    1
    बाड़मेर में होमगार्ड इंदिरानगर बाड़मेर का कार्य निर्माण चल रहा है
बाड़मेर
    user_@sawai parihar 🆔 youtub chena
    @sawai parihar 🆔 youtub chena
    Taxi Driver बाड़मेर ग्रामीण, बाड़मेर, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • दुर्गम रास्तों से ट्रैक्टर में पहुंचकर अधिकारियों ने सुनी ग्रामीणों की पेयजल समस्या, मौके पर किया समाधान दुर्गम रास्तों से ट्रैक्टर में पहुंचकर अधिकारियों ने सुनी ग्रामीणों की पेयजल समस्या, मौके पर किया समाधान बायतु भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत निम्बाणियों की ढाणी के राजस्व ग्राम भैराज की ढाणी में पेयजल समस्या का जायजा लिया गया। दुर्गम मार्ग होने के कारण ग्रामीणों के सहयोग से ट्रैक्टर के माध्यम से सहायक अभियंता बायतु के द्वारा मौके पर पहुंचकर हालात का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों की पेयजल संबंधी समस्याएं सुनी गईं तथा मौके पर ही समाधान करवाया गया। भैराज की ढाणी स्थित स्कूल परिसर में बने सार्वजनिक टांके में पेयजल आपूर्ति सुचारू करवाई गई, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली। इस दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद कर पेयजल व्यवस्था की जानकारी ली तथा भविष्य में पेयजल आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए संबंधित कार्मिकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ग्रामीणों ने समस्या के त्वरित समाधान पर संतोष जताया।
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    दुर्गम रास्तों से ट्रैक्टर में पहुंचकर अधिकारियों ने सुनी ग्रामीणों की पेयजल समस्या, मौके पर किया समाधान 
दुर्गम रास्तों से ट्रैक्टर में पहुंचकर अधिकारियों ने सुनी ग्रामीणों की पेयजल समस्या, मौके पर किया समाधान 
बायतु 
भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत निम्बाणियों की ढाणी के राजस्व ग्राम भैराज की ढाणी में पेयजल समस्या का जायजा लिया गया। दुर्गम मार्ग होने के कारण ग्रामीणों के सहयोग से ट्रैक्टर के माध्यम से सहायक अभियंता बायतु के द्वारा मौके पर पहुंचकर हालात का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों की पेयजल संबंधी समस्याएं सुनी गईं तथा मौके पर ही समाधान करवाया गया। भैराज की ढाणी स्थित स्कूल परिसर में बने सार्वजनिक टांके में पेयजल आपूर्ति सुचारू करवाई गई, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली।
इस दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद कर पेयजल व्यवस्था की जानकारी ली तथा भविष्य में पेयजल आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए संबंधित कार्मिकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। ग्रामीणों ने समस्या के त्वरित समाधान पर संतोष जताया।
    user_Ghamanda Ram
    Ghamanda Ram
    पत्रकार बायतू, बाड़मेर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • बाड़मेर के चैनपुरा चाड़ी की सुथारों की बस्ती में पिछले 40 दिनों से पीने का पानी पाइपलाइन से नहीं मिल रहा है। स्थानीय लोगों को हर हफ्ते पानी मिलने की उम्मीद थी, लेकिन एक महीने से भी अधिक समय से वे गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं।
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    बाड़मेर के चैनपुरा चाड़ी की सुथारों की बस्ती में पिछले 40 दिनों से पीने का पानी पाइपलाइन से नहीं मिल रहा है। स्थानीय लोगों को हर हफ्ते पानी मिलने की उम्मीद थी, लेकिन एक महीने से भी अधिक समय से वे गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं।
    user_Ashoo ram
    Ashoo ram
    रामसर, बाड़मेर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • राजस्थान के काणोद गांव में ग्रामीणों ने विकास रथ का विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी गंभीर पानी की समस्या को लेकर एक ज्ञापन सौंपा और तत्काल समाधान की मांग की।
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    राजस्थान के काणोद गांव में ग्रामीणों ने विकास रथ का विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी गंभीर पानी की समस्या को लेकर एक ज्ञापन सौंपा और तत्काल समाधान की मांग की।
    user_Swaroop Singh
    Swaroop Singh
    Taxi Driver फतेहगढ़, जैसलमेर, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • राजस्थान के जैसलमेर स्थित सोनू रेलवे स्टेशन की छत अचानक ढह गई, जिसमें स्टेशन मास्टर गंभीर रूप से घायल हो गए। मात्र 6 साल पहले बने इस स्टेशन की छत गिरने को भ्रष्टाचार और लापरवाही का परिणाम बताया जा रहा है। घायल स्टेशन मास्टर का जैसलमेर के राजकीय अस्पताल में इलाज जारी है।
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    राजस्थान के जैसलमेर स्थित सोनू रेलवे स्टेशन की छत अचानक ढह गई, जिसमें स्टेशन मास्टर गंभीर रूप से घायल हो गए। मात्र 6 साल पहले बने इस स्टेशन की छत गिरने को भ्रष्टाचार और लापरवाही का परिणाम बताया जा रहा है। घायल स्टेशन मास्टर का जैसलमेर के राजकीय अस्पताल में इलाज जारी है।
    user_Chandrabhan Solanki Journalist
    Chandrabhan Solanki Journalist
    Local News Reporter जैसलमेर, जैसलमेर, राजस्थान•
    22 hrs ago
  • बाड़मेर सर्किट हाउस से शहर की तीन अहम दिशाओं में सड़कों का विकास किया जा रहा है। ये रास्ते मोती नगर, जैसलमेर रोड और शिव शक्ति धाम को जोड़ेंगे, जिससे पूरे बाड़मेर के विकास को गति मिलेगी।
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    बाड़मेर सर्किट हाउस से शहर की तीन अहम दिशाओं में सड़कों का विकास किया जा रहा है। ये रास्ते मोती नगर, जैसलमेर रोड और शिव शक्ति धाम को जोड़ेंगे, जिससे पूरे बाड़मेर के विकास को गति मिलेगी।
    user_@sawai parihar 🆔 youtub chena
    @sawai parihar 🆔 youtub chena
    Taxi Driver बाड़मेर ग्रामीण, बाड़मेर, राजस्थान•
    7 hrs ago
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