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Chandpur Fateh Chandpur Fateh patepur vaishali ward 4
Dinesh Kumar
Chandpur Fateh Chandpur Fateh patepur vaishali ward 4
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- अनुमंडल पदाधिकारी के नेतृत्व में भरण-पोषण मामलों की सुनवाई सम्पन्न दिनांक 30/04/2026 को अनुमंडल पदाधिकारी श्री दिलीप कुमार के नेतृत्व में अनुमंडल कार्यालय में भरण-पोषण से संबंधित मामलों की सुनवाई सुव्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से संपन्न हुई। इस अवसर पर भरण-पोषण से जुड़ी समस्याओं को लेकर आए आवेदनों की क्रमवार समीक्षा करते हुए प्रत्येक मामले की गंभीरतापूर्वक सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान कुल 12 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 5 मामलों का निष्पादन दोनों पक्षों की उपस्थिति एवं आपसी सहमति के आधार पर त्वरित रूप से कर दिया गया। शेष आवेदनों पर आवश्यक प्रक्रिया जारी रखते हुए उन्हें आगामी सुनवाई हेतु अगले आदेश तक सुरक्षित रखा गया है। अनुमंडल पदाधिकारी ने सभी संबंधित पक्षों को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही, उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि भरण-पोषण से जुड़े मामलों का संवेदनशीलता, प्राथमिकता एवं समयबद्धता के साथ निष्पादन सुनिश्चित करें। प्रशासन की इस जनोन्मुखी पहल से उपस्थित आवेदकों में संतोष देखा गया तथा उन्होंने अपनी समस्याओं के समाधान हेतु प्रशासन के प्रति विश्वास व्यक्त किया1
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- मुजफ्फरपुर, बिहार: मुजफ्फरपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिले के कुख्यात अपराधी प्रेम शंकर सिंह उर्फ टाइगर उर्फ भाई जी ने पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण अंततः आत्मसमर्पण कर दिया है। कुर्की जब्ती अभियान के दौरान आत्मसमर्पण अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (पूर्वी-01) श्री अजय वत्स ने बताया कि 30 अप्रैल 2026 को वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले भर में वांछित अपराधियों के विरुद्ध कुर्की जब्ती का अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में जब पुलिस और मजिस्ट्रेट की टीम हथौड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम बधई स्थित प्रेम शंकर सिंह के घर कुर्की करने पहुँची, तो पुलिस की घेराबंदी और बढ़ते दबाव को देख आरोपी ने सरेंडर कर दिया। आपराधिक इतिहास पुलिस के अनुसार, प्रेम शंकर सिंह एक शातिर अपराधी है जिस पर हत्या और रंगदारी के कई गंभीर मामले दर्ज हैं: सीतामढ़ी जिला: विभिन्न थानों में रंगदारी के 12 मामले दर्ज हैं (पुपरी-1, नगर-1, डुमरा-2, रुन्नीसैदपुर-3 और सुरसंड-3)। मुजफ्फरपुर (हथौड़ी): यहाँ हत्या और रंगदारी के 2 मामले दर्ज हैं। ताजा मामला: अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय द्वारा कांड संख्या 208/14 (धारा 307, 384 और 27 आर्म्स एक्ट) के तहत आरोपी के विरुद्ध कुर्की वारंट निर्गत किया गया था। पुलिस की कार्रवाई SDPO अजय वत्स ने पुष्टि की कि अभियुक्त को हथौड़ी पुलिस द्वारा विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस इसे अपनी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रही है, क्योंकि यह अपराधी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर था और क्षेत्र में इसका काफी भय था।1
- वैशाली जिले के पातेपुर थाना क्षेत्र में एक शादी समारोह उस वक्त मातम में बदल गया, जब बारात में शामिल युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई। जंगदीशपुर निवासी लाल बाबू राम अपने साले की शादी में पीपरी गांव से बारात के साथ पातेपुर गए थे। घटना बजरंगी चौक स्थित महारानी मैरेज हॉल के पास हुई। बताया जाता है कि जयमाल और भोजन के बाद जब लोग बाहर निकले, तभी तेज रफ्तार बाइक ने लाल बाबू राम को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद शादी की खुशियां गम में बदल गईं और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मृतक अपने पीछे एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं। घटना की सूचना मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।2
- दिल्ली में बिहारी युवा डिलीवरी ब्वॉय की दिल्ली पुलिस द्वारा हत्या के खिलाफ राज्यव्यापी PM नरेंद्र मोदी का पुतला दहन* *#बिहार निवासी डिलीवरी ब्वॉय पांडव कुमार की दिल्ली पुलिस द्वारा हत्या क्यों, मोदी-शाह जबाव दो:- आरवाईए* *#बिहारी पहचान बताने पर पांडव कुमार की हत्या, बिहारियों के प्रति भाजपाई नफरत को दिखाता है।:- रौशन कुमार* समस्तीपुर 30 अप्रैल 2026 राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में खगड़िया बिहार के युवा पांडव कुमार जो डिलीवरी बॉय के रूप में कार्य करते थे। उनको बिहारी पहचान बताने की वजह से दिल्ली पुलिस के एक कंस्टेबल द्वारा गोली मारकर हत्या कर दिये जाने की घटना के विरोध में शहर में स्थित भाकपा-माले जिला कार्यालय से विभिन्न मार्ग होते हुए मालगोदाम चौक पर इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के झंडा-बैनर तले प्रतिरोध मार्च निकालकर प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया गया। तत्पश्चात सभा का आयोजन किया गया सभा की अध्यक्षता आरवाईए जिला कार्यालय सचिव राहुल राय व संचालन आरवाईए जिला सचिव रौशन कुमार ने किया। सभा को संबोधित करते हुए आरवाईए जिला सचिव रौशन कुमार ने कहा कि बिहार निवासी डिलीवरी ब्वॉय पांडव कुमार की दिल्ली पुलिस द्वारा हत्या क्यों, मोदी-साह को जवाब देना होगा, बिहार से लेकर दिल्ली तक भाजपा का राज है इसके बावजूद राष्ट्रीय राजधानी में बिहारी सुरक्षित नहीं है। पिछले दो दसको से बिहार की सत्ता एन.डी.ए के हाथों में है। लेकिन इनकी सरकार ने ना पलायन रोका, ना बिहार में किसी तरह का रोजगार सृजन करने का काम किया। आज हर जगह बिहारियों को मजबूर और बेबस के रूप में देखा जाता है। आगे उन्होंने कहा कि बिहारी होने का नाम पर युवक को गोली मारने की घटना गंभीर है, बिहारी पहचान बताने पर पांडव कुमार की हत्या, बिहारियों के प्रति भाजपाई नफरत को दिखाता है। और इसकी निष्पक्ष जांच कर बिहार में दोषी पुलिस पर एफआईआर दर्ज करने एवं स्पीडी ट्रायल चलाकर बिहार में सजा देने, मृतक के परिजनों को सरकारी नौकरी एवं 20 लख रुपए मुआवजा देने काम सरकार अभिलंब करें। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा-माले जिला सचिव उमेश कुमार ने कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा बिहारी युवक की गोली मार का हत्या करने की घटना बहुत ही दुखद घटना है। संपूर्ण देश में काम के सिलसिले से गए बिहारी की रक्षा करने एवं बिहार में ही कल-कारखाने उद्योग धंधे का जाल बेचकर बिहारी को नौकरी पैसा रोजगार देने की मांग की। आगे उन्होंने कहा कि "मार दिया तो क्या हुआ" बोल वाले जीतन मांझी एवं बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट का नारा देने वाले चिराग पासवान का भी आलोचना किया। अंत में आक्रोषपूर्ण नारे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया गया। मौके पर आरवाईए नगर सचिव कुंदन, राहुल रॉय, रोहित कुमार, राजीव कुमार, कमलेश कुमार, रोहित कुमार, नवीन कुमार, संजय कुमार, आइसा जिला उपाध्यक्ष दीपक यदुवंशी समेत दर्जनों नौजवान उपस्थित थे। भवदीय रौशन कुमार आरवाईए जिला सचिव, समस्तीपुर1
- पूरी खबर: मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर जिले के बोचहां थाना क्षेत्र अंतर्गत कर्णपुर दक्षिणी पंचायत के एक गांव से नौ साल पहले अपहृत बताई गई एक महिला को पुलिस ने बरामद कर लिया है। पुलिस ने महिला को बुधवार को उसके घर से ही बरामद किया। पूछताछ के दौरान महिला ने अपहरण की घटना से इनकार कर दिया और न्यायालय में अपने दूसरे पति के साथ रहने की इच्छा जताई। महिला की शादी वर्ष 2010 में हुई थी। आपसी मतभेद के चलते वह प्रेम प्रसंग में फंसकर वर्ष 2017 में दूसरी शादी कर अरुणाचल प्रदेश चली गई थी और वहीं रहने लगी थी। इस बीच उसके भाई ने थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। न्यायालय के आदेश पर अनुसंधानकर्ता सह सब इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार पांडे ने महिला को उसके परिजनों को सौंप दिया। बोचहां थानाध्यक्ष यशवंत कुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपी पर लगातार दबाव बनाया गया, जिसके बाद आरोपी महिला को अरुणाचल प्रदेश से लेकर घर पहुंचा। पुलिस को महिला की भनक लगते ही उसे अभिरक्षा में लेकर न्यायालय में पेश किया गया, जहां उसने अपना बयान दर्ज कराया। यह मामला स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा में है, क्योंकि महिला ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह अपने दूसरे पति के साथ ही रहना चाहती है।1