खबर जिला सागर से। कृषक कल्याण वर्ष 2026 अंतर्गत विकासखंड बंडा में खंड स्तरीय बैठक का आयोजन सागर 18 फरवरी 2026 कृषक कल्याण वर्ष 2026 अंतर्गत विकासखंड बंडा में खंड स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी व कर्मचारी, किसान संघ के पदाधिकारी,उर्वरक विक्रेता, क्षेत्र के किसान बंधु, कृषि सखियां, उन्नतशील कृषक आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य धरती माता बचाओ अभियान, जैविक प्राकृतिक खेती, पराली प्रबंधन, प्रति बूंद अधिक फसल, ई उर्वरक टोकन प्रणाली आदि के बारे में कृषकों को जानकारी देना है। कार्यक्रम में प्रशिक्षक के रूप वरिष्ठ वैज्ञानिक और प्रमुख कृषि विज्ञान केंद्र, देवरी डॉ.आशीष त्रिपाठी जी ने जैविक प्राकृतिक खेती, पराली प्रबंधन, प्रति बूंद अधिक फसल बिषयों पर विस्तार से जानकारी दी। धरती माता बचाओ अभियान को उपसंचालक कृषि श्री राजेश त्रिपाठी जी द्वारा विस्तार से समझाया गया। श्री यू.एस. अहिरवार ने ई उर्वरक टोकन प्रणाली के बारे से सभी कृषकों को जानकारी दी। कार्यक्रम में उपसंचालक कृषि श्री राजेश त्रिपाठी, वरिष्ठ वैज्ञानिक और प्रमुख कृषि विज्ञान केंद्र, देवरी डॉ.आशीष त्रिपाठी, जनपद अध्यक्ष श्री लोकेंद्र सिंह, किसान संघ से श्री मुन्ना सिंह, उपाध्यक्ष श्री जागेश्वर चौबे, सहायक संचालक कृषि श्री अनिल राय, अनुभागीय अधिकारी कृषि श्रीमती कुमुद बुनकर, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बंडा श्री यू.एस.अहिरवार, विकासखंड तकनीकी प्रबंधक श्रीमती निधि पाण्डेय तथा कृषि विभाग बंडा के कृषि विस्तार अधिकारी सुश्री मोहिता, श्री राजेंद्र मालवीय, श्री सजल जैन, श्री भरत वंशवर्ती, श्री रीतेश रोहितास के अलावा प्रगतिशील कृषक श्री गोविंद पटेल (गणेशगंज), श्री वीरेंद्र सिंह सिमरिया, श्री राजू जैन सहित बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन यू. एस. अहिरवार तथा आभार निधि पाण्डेय के द्वारा किया गया।
खबर जिला सागर से। कृषक कल्याण वर्ष 2026 अंतर्गत विकासखंड बंडा में खंड स्तरीय बैठक का आयोजन सागर 18 फरवरी 2026 कृषक कल्याण वर्ष 2026 अंतर्गत विकासखंड बंडा में खंड स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी व कर्मचारी, किसान संघ के पदाधिकारी,उर्वरक विक्रेता, क्षेत्र के किसान बंधु, कृषि सखियां, उन्नतशील कृषक आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य धरती माता बचाओ अभियान, जैविक प्राकृतिक खेती, पराली प्रबंधन, प्रति बूंद अधिक फसल, ई उर्वरक टोकन प्रणाली आदि के बारे में कृषकों को जानकारी देना है। कार्यक्रम में प्रशिक्षक के रूप वरिष्ठ वैज्ञानिक और प्रमुख कृषि विज्ञान केंद्र, देवरी डॉ.आशीष त्रिपाठी जी ने जैविक प्राकृतिक खेती, पराली प्रबंधन, प्रति बूंद अधिक फसल बिषयों पर विस्तार से जानकारी दी। धरती माता बचाओ अभियान को उपसंचालक कृषि श्री राजेश त्रिपाठी जी द्वारा विस्तार से समझाया गया। श्री यू.एस. अहिरवार ने ई उर्वरक टोकन प्रणाली के बारे से सभी कृषकों को जानकारी दी। कार्यक्रम में उपसंचालक कृषि श्री राजेश त्रिपाठी, वरिष्ठ वैज्ञानिक और प्रमुख कृषि विज्ञान केंद्र, देवरी डॉ.आशीष त्रिपाठी, जनपद अध्यक्ष श्री लोकेंद्र सिंह, किसान संघ से श्री मुन्ना सिंह, उपाध्यक्ष श्री जागेश्वर चौबे, सहायक संचालक कृषि श्री अनिल राय, अनुभागीय अधिकारी कृषि श्रीमती कुमुद बुनकर, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बंडा श्री यू.एस.अहिरवार, विकासखंड तकनीकी प्रबंधक श्रीमती निधि पाण्डेय तथा कृषि विभाग बंडा के कृषि विस्तार अधिकारी सुश्री मोहिता, श्री राजेंद्र मालवीय, श्री सजल जैन, श्री भरत वंशवर्ती, श्री रीतेश रोहितास के अलावा प्रगतिशील कृषक श्री गोविंद पटेल (गणेशगंज), श्री वीरेंद्र सिंह सिमरिया, श्री राजू जैन सहित बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन यू. एस. अहिरवार तथा आभार निधि पाण्डेय के द्वारा किया गया।
- खबर जिला सागर के शाहगढ़ से है। फर्जी, डीएसपी बन l नौकरी दिलाने के नाम पर लगा रहे लोगों को चूना।जब, लोगों को शक हुआ तो पुलिस को दी सूचना, धरा गए नक़ली डीएसपी,और उनकी बुलेरो।1
- .. तहसील में अधिकारी नदारद, बुजुर्ग महिलाएं होती रही परेशान1
- मंदिर की राशि पर डाका?” बेरखेड़ी में संत रविदास मंदिर फंड घोटाले का आरोप, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी1
- मां जानकी करीला मंदिर पर अग्नि सुरक्षा की दृष्टि से वालंटियरों,नगर परिषद कर्मचारियों,पुलिस विभाग आदि को एसडीआरएफ अशोकनगर द्वारा अग्नि सुरक्षा का दिया गया प्रशिक्षण। मां जानकी करीला मंदिर प्रांगण में बुधवार को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मुंगावली इसरार खान के निर्देश पर एसडीआरएफ अशोकनगर टीम एवं मुंगावली नगर परिषद सीएमओ विनय कुमार भट्ट के द्वारा भेजी गई फायर ब्रिगेड प्रभारी नवेद काज़ी की टीम द्वारा करीला धाम ट्रस्ट के सभी वालंटियरों को अग्नि सुरक्षा की दृष्टि से अग्निशमन यंत्र द्वारा आग़ पर काबू पाने की प्रक्रिया समझाई गई एवं फायर उपकरण चलाकर आग नियंत्रण करने की विधि बताई गईं। बता दें कि मां जानकी करीला धाम एक प्रसिद्ध स्थान है जहां श्रद्धालुओं का प्रतिदिन आवागमन बना रहता है इसके साथ ही विशेष त्योहार पर भी अधिक संख्या में श्रद्धालुओं का करीला धाम पर आगमन होता है जिसको मद्दे नजर रखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से अग्निशमन सुरक्षा का प्रशिक्षण आयोजित किया गया प्रशिक्षण में करीला ट्रस्ट अध्यक्ष महेंद्र सिंह यादव तहसीलदार मुंगावली सुश्री सोनम शर्मा बहादुरपुर तहसीलदार कैलाशचंद्र मालवीय राजस्व विभाग से रईस खान एसडीआरएफ टीम से ट्रेनर आशीष ऋषिश्वर सब इंस्पेक्टर एसडीआरएफ के जवान विवेक राहुल अरविंद कपिल देवेंद्र नीरज आदि जवान उपस्थित रहे।नगर परिषद से फायर ब्रिगेड प्रभारी नवेद काजी फायर ड्राइवर प्रेमनारायण नरवरिया भगवत कुशवाह एवं समस्त पटवारी, ट्रस्ट कर्मचारी वालेंटियर पुलिस जवान आदि उपस्थित रहे।4
- पूर्व मंत्री एवं विधायक खुरई भूपेंद्र सिंह के विशेष निर्देशों के परिपालन में संपूर्ण प्रक्रियाएं पूर्ण - कार्ययोजना हुई तैयार1
- हंसते गाते 🙏💞💕😄🥰1
- मध्य प्रदेश जिला सागर शहर 💯💯💯💯सागर जिला 🌹🌹🌹🌹🇮🇳🇮🇳🇮🇳1
- खबर जिला सागर से। जिला पुलिस सागर दिनांक: ___ *Dial 112 की साहसिक कार्यवाही से कुएं में गिरे हिरण के शावक को मिला नया जीवन* *Dial 112 को भोपाल स्थित राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम से सूचना प्राप्त हुई कि देवलचौरी–सेमरा घाट रोड, खेरई, जैसिनगर क्षेत्र में एक कुएं में हिरण का शावक गिर गया है। सूचना के अनुसार शावक जीवित था तथा कुएं में पानी भरा होने से उसकी जान को गंभीर खतरा था। सूचना इवेंट नंबर 26020441747 के माध्यम से मिलते ही सागर कंट्रोल रूम द्वारा तत्काल थाना मोतीनगर क्षेत्र की Dial 112 एफआरवी को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर बिना समय गंवाए रेस्क्यू ऑपरेशन प्रारंभ किया। जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में अदम्य साहस का परिचय देते हुए पायलट साजिद खान स्वयं कुएं में उतरे और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से हिरण के शावक को सुरक्षित बाहर निकाला। तत्पश्चात वन विभाग को सूचना देकर शावक को सुरक्षित सुपुर्द किया गया। चिकित्सकीय परीक्षण उपरांत शावक पूर्णतः स्वस्थ पाया गया। इस सराहनीय रेस्क्यू ऑपरेशन में प्रभारी 112 आर.के.एस. चौहान, आरक्षक महेंद्र, आरक्षक पवन दीपक एवं पायलट साजिद खान का विशेष योगदान रहा। टीम की त्वरित निर्णय क्षमता, तकनीकी समन्वय एवं मानवीय संवेदनशीलता के कारण एक बेजुबान वन्यजीव का जीवन सुरक्षित किया जा सका। यह घटना पुनः सिद्ध करती है कि Dial 112 सेवा न केवल मानव जीवन की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि पशु-पक्षियों एवं वन्यजीवों की रक्षा में भी समान रूप से सजग और संवेदनशील है। सागर पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल 112 पर सूचना दें। आपकी सजगता और हमारी तत्परता मिलकर हर जीवन की रक्षा कर सकती है। सागर डायल 112 — सेवा, संवेदना और साहस का प्रतीक।1