प्रयागराज की कमिश्नर सौम्या अग्रवाल द्वारा मेजा क्षेत्र का व्यापक दौरा प्रयागराज की कमिश्नर सौम्या अग्रवाल द्वारा मेजा क्षेत्र का व्यापक दौरा विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने न केवल प्रशासनिक व्यवस्थाओं को परखा, बल्कि मेजा के विशिष्ट चाँद खमरिया मृग क्षेत्र (Blackbuck Area) के संरक्षण को लेकर एक स्पष्ट विजन साझा किया। चाँद खमरिया: वन्यजीव संरक्षण का केंद्र मेजा का चाँद खमरिया क्षेत्र अपने काले हिरणों (कृष्णमृग) के लिए जाना जाता है। संयुक्त निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने इस बात पर जोर दिया कि विकास का अर्थ केवल बुनियादी ढांचा खड़ा करना नहीं, बल्कि पारिस्थितिक संतुलन (Ecological Balance) बनाए रखना भी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मृगों के प्राकृतिक आवास के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संरक्षण के लिए मुख्य निर्देश निरीक्षण के दौरान संरक्षण हेतु निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष बल दिया गया: * पेयजल की व्यवस्था: गर्मी के मौसम को देखते हुए मृग क्षेत्र में वाटर होल्स और तालाबों की खुदाई व सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि वन्यजीवों को पानी के लिए आबादी वाले क्षेत्रों में न भटकना पड़े। * अवैध अतिक्रमण पर रोक: वन विभाग और राजस्व टीम को सख्त हिदायत दी गई कि मृग संरक्षण क्षेत्र की सीमाओं का सीमांकन किया जाए और किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को तुरंत हटाया जाए। * सुरक्षा और फेंसिंग: जंगली कुत्तों और शिकारियों से सुरक्षा के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में फेंसिंग और निगरानी बढ़ाने की बात कही गई। इको-टूरिज्म की संभावनाएँ कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने सुझाव दिया कि चाँद खमरिया को इको-टूरिज्म के रूप में विकसित किया जा सकता है। इससे न केवल वन्यजीवों का संरक्षण होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने अधिकारियों से एक ऐसा रोडमैप तैयार करने को कहा जहाँ मृगों के संरक्षण और पर्यटकों की सुविधा के बीच सामंजस्य हो। निष्कर्ष: कमिश्नर का यह दौरा यह स्पष्ट करता है कि प्रशासन अब मेजा के पिछड़े इलाकों के साथ-साथ वहां की जैव-विविधता को लेकर भी गंभीर है। यदि चाँद खमरिया में मृग संरक्षण की इन योजनाओं पर धरातल पर काम होता है, तो यह क्षेत्र उत्तर प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर अपनी एक अलग पहचान बनाएगा।
प्रयागराज की कमिश्नर सौम्या अग्रवाल द्वारा मेजा क्षेत्र का व्यापक दौरा प्रयागराज की कमिश्नर सौम्या अग्रवाल द्वारा मेजा क्षेत्र का व्यापक दौरा विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने न केवल प्रशासनिक व्यवस्थाओं को परखा, बल्कि मेजा के विशिष्ट चाँद खमरिया मृग क्षेत्र (Blackbuck Area) के संरक्षण को लेकर एक स्पष्ट विजन साझा किया। चाँद खमरिया: वन्यजीव संरक्षण का केंद्र मेजा का चाँद खमरिया क्षेत्र अपने काले हिरणों (कृष्णमृग) के लिए जाना जाता है। संयुक्त निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने इस बात पर जोर दिया कि विकास का अर्थ केवल बुनियादी ढांचा खड़ा करना नहीं, बल्कि पारिस्थितिक संतुलन (Ecological Balance) बनाए रखना भी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मृगों के प्राकृतिक आवास के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संरक्षण के लिए मुख्य निर्देश निरीक्षण के दौरान संरक्षण हेतु निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष बल दिया गया: * पेयजल की व्यवस्था: गर्मी के मौसम को देखते हुए मृग क्षेत्र में वाटर होल्स और तालाबों की खुदाई व सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि वन्यजीवों को पानी के लिए आबादी वाले क्षेत्रों में न भटकना पड़े। * अवैध अतिक्रमण पर रोक: वन विभाग और राजस्व टीम को सख्त हिदायत दी गई कि मृग संरक्षण क्षेत्र की सीमाओं का सीमांकन किया जाए और किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को तुरंत हटाया जाए। * सुरक्षा और फेंसिंग: जंगली कुत्तों और शिकारियों से सुरक्षा के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में फेंसिंग और निगरानी बढ़ाने की बात कही गई। इको-टूरिज्म की संभावनाएँ कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने सुझाव दिया कि चाँद खमरिया को इको-टूरिज्म के रूप में विकसित किया जा सकता है। इससे न केवल वन्यजीवों का संरक्षण होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने अधिकारियों से एक ऐसा रोडमैप तैयार करने को कहा जहाँ मृगों के संरक्षण और पर्यटकों की सुविधा के बीच सामंजस्य हो। निष्कर्ष: कमिश्नर का यह दौरा यह स्पष्ट करता है कि प्रशासन अब मेजा के पिछड़े इलाकों के साथ-साथ वहां की जैव-विविधता को लेकर भी गंभीर है। यदि चाँद खमरिया में मृग संरक्षण की इन योजनाओं पर धरातल पर काम होता है, तो यह क्षेत्र उत्तर प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर अपनी एक अलग पहचान बनाएगा।
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- कौशांबी। के निवर्तमान जिला मंत्री एवं ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि ने कम समय में जनसेवा और विकास कार्यों के जरिए क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। चौमुखा विकास और आमजन से सीधा जुड़ाव उनकी कार्यशैली की खास पहचान बन चुकी है। संदीप मिश्रा हर वर्ग के लोगों के सुख-दुख में खड़े रहकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत रहते हैं। क्षेत्र के लोग उन्हें एक कर्मठ, ईमानदार और सरल स्वभाव के जनप्रतिनिधि के रूप में देखते हैं, जो बिना भेदभाव के जनता की सेवा को अपना कर्तव्य मानते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क, बिजली, पानी और जनसुविधाओं से जुड़े कई कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। जरूरतमंदों की मदद और सामाजिक कार्यों में उनकी भागीदारी ने उन्हें जनता के बीच लोकप्रिय बनाया है। गरीब और वंचित वर्ग के लोग विशेष रूप से उनके सहयोग और संवेदनशील व्यवहार की सराहना करते हैं। क्षेत्रवासियों का मानना है कि ऐसे जिम्मेदार और जनहितैषी व्यक्तित्व पर जनता को गर्व है।1
- *बालू लदे ट्रक ने कार में मारी जोरदार टक्कर कार अनियंत्रित हो कर रोड के किनारे गड्ढे में जा कर पलटी* *विनय कुमार रिपोर्टर हिन्दी दैनिक समाचार पत्र नेजा 8174801662* जनपद कौशाम्बी जिले के थाना करारी क्षेत्र अन्तर्गत म्योहर गांव के पास 18 2 2026 को दोपहर करीब 12:30 बजे ओवरलोड ट्रक ने सामने से आ रही कार में मारी जोरदार टक्कर जिससे कार अनियंत्रित हो कर सड़क के किनारे गड्ढे में जा कर पलट गई कार सवार डॉ०अलीम प्रयागराज एक बच्चे को लेकर जा रही थीं हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचे और कार में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकल लिए और मामले कि सूचना पुलिस दे दिया गया मौके पर पहुंची करारी थाना पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दिया है1
- एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है इस वीडियो को आप देख करके जान सकते हैं कि क्या सही है क्या गलत है1
- प्रयागराज: थाना उतराव अंतर्गत 2 दिन पहले हुई मारपीट में दर्ज हुयी एफआईआर में वादी मुकदमा अपनी गाड़ी से घटनास्थल दिखाने जा रहे थे,फिर से घटनास्थल पर दबंगों द्वारा पहले से घेराबंदी करके वादी मुकदमा व उनके साथ आए 4 लोगों को फिर से मारा पीटा गया,उनकी गाड़ी तोड़ी गई,उसके बाद उनको दबाव बनाया गया कि,मुकदमा वापस ले लो!1